कक्षा 9 हिंदी संचयन पाठ 5: हामिद खाँ - एस. के. पोट्टेकाट NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 9 की हिंदी संचयन पुस्तक के पाठ 5, 'हामिद खाँ' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ एस. के. पोट्टेकाट द्वारा लिखा गया है और भारत में विभिन्न समुदायों के बीच सद्भाव और आपसी समझ के महत्व पर प्रकाश डालता है। समाधान लेखक और हामिद खाँ के बीच हुई पहली मुलाकात, उनकी बातचीत और विचारों के आदान-प्रदान का गहन विश्लेषण प्रदान करते हैं। इसमें हामिद खाँ के उन विचारों को भी समझाया गया है जो भारत में हिंदू-मुस्लिम एकता को लेकर थे, और लेखक के स्वभाव की विशेषताओं को भी उजागर किया गया है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectसंचयन
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter5. हामिद खॉ - एस. के. पोट्टेकाट

Chapter summary

कक्षा 9 हिंदी संचयन पुस्तक के अध्याय 5, 'हामिद खाँ' के ये NCERT समाधान, लेखक एस. के. पोट्टेकाट और हामिद खाँ के बीच हुई एक महत्वपूर्ण मुलाकात पर केंद्रित हैं। समाधान पाठ के मुख्य प्रश्नों का उत्तर देते हैं, जिसमें लेखक की हामिद से पहली मुलाकात की परिस्थितियाँ, हामिद के विश्वास न करने के कारण, और उसके द्वारा पैसे लेने से इनकार करने की वजह शामिल है। यह अध्याय भारत में हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी सम्मान के महत्व को दर्शाता है, जिसे समाधानों में स्पष्ट किया गया है।

Learning outcomes

  • लेखक और हामिद खाँ के बीच हुई पहली मुलाकात की परिस्थितियों को समझना।
  • हामिद खाँ के विचारों और लेखक की बातों पर उसके अविश्वास के कारणों का विश्लेषण करना।
  • मालाबार में हिंदू-मुस्लिमों के बीच परस्पर संबंधों की प्रकृति को समझना।
  • लेखक के स्वभाव की धार्मिक एकता और मानवतावादी दृष्टिकोण जैसी विशेषताओं को पहचानना।
  • पाठ के माध्यम से भारत में सांप्रदायिक सद्भाव के महत्व को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • लेखक और हामिद खाँ का परिचय
  • पहली मुलाकात की परिस्थितियाँ
  • हिंदू-मुस्लिम एकता
  • सांप्रदायिक सद्भाव
  • विश्वास और अविश्वास
  • मेहमान नवाजी
  • मालाबार के संबंध
  • लेखक के स्वभाव की विशेषताएँ
  • धर्म के नाम पर झगड़े
  • एस. के. पोट्टेकाट का लेखन

Important topics

  • लेखक और हामिद खाँ के बीच पहली मुलाकात
  • भारत में हिंदू-मुस्लिम एकता का चित्रण
  • हामिद खाँ का अविश्वास और उसका कारण
  • मालाबार में सांप्रदायिक सद्भाव के उदाहरण
  • लेखक का मानवतावादी दृष्टिकोण

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

लेखक का परिचय हामिद खाँ से किन परिस्थितियों में हुआ?
Solution: लेखक भारत के निवासी थे और गर्मियों की छुट्टियों में तक्षशिला के खंडहर देखने गए थे। अत्यधिक गर्मी और यात्रा की थकान के कारण लेखक को भूख और प्यास लग रही थी। खाने की तलाश में वे रेलवे स्टेशन से आगे एक गाँव की ओर बढ़े। वहाँ का बाज़ार तंग और गंदी गलियों वाला था, और उन्हें खाने-पीने की कोई दुकान या होटल नहीं मिला। तभी उन्हें एक दुकान से आती रोटियों की खुशबू आई, जिससे उनकी भूख और बढ़ गई। वे उस दुकान में गए और खाने के लिए माँगा। इसी दुकान पर उनकी मुलाकात हामिद खाँ से हुई, जहाँ से उनके परिचय की शुरुआत हुई।

प्रश्न 2

'काश मैं आपके मुल्क में आकर यह सब अपनी आँखों से देख सकता।' - हामिद ने ऐसा क्यों कहा?
Solution: हामिद खाँ ने यह बात तब कही जब लेखक ने उसे बताया कि भारत में हिंदू और मुसलमान एक साथ मिलजुलकर रहते हैं और किसी भी होटल में बिना किसी भेदभाव के खाना खा सकते हैं। लेखक ने यह भी बताया कि भारत में पहला मस्जिद कोडुंगल्लूर में बना था और वहाँ हिंदू-मुसलमानों के बीच दंगे न के बराबर होते हैं। हामिद खाँ को यह सुनकर आश्चर्य हुआ क्योंकि उसके देश (पाकिस्तान) में ऐसी स्थिति नहीं थी। वह भारत की इस एकता और भाईचारे को अपनी आँखों से देखना चाहता था, इसलिए उसने कहा, 'काश मैं आपके मुल्क में आकर यह सब अपनी आँखों से देख सकता।'

प्रश्न 3

हामिद को लेखक की किन बातों पर विश्वास नहीं हो रहा था?
Solution: हामिद को लेखक की उन बातों पर विश्वास नहीं हो रहा था जिनमें लेखक ने बताया कि भारत में हिंदू और मुसलमान आपस में भाईचारे से रहते हैं। विशेष रूप से, लेखक की यह बात कि वे बढ़िया पुलाव खाने के लिए मुसलमानी होटलों में भी जाते हैं और वहाँ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता, हामिद के लिए अविश्वसनीय थी। उसने यह भी सुना था कि भारत में पहली मस्जिद कोडुंगल्लूर में बनी है और वहाँ हिंदू-मुसलमानों के बीच दंगे बहुत कम होते हैं। पाकिस्तान में सांप्रदायिक संबंधों में आई दूरी के कारण हामिद को इन बातों पर यकीन करना मुश्किल लग रहा था, और वह स्वयं इन सब को देखना चाहता था।

प्रश्न 4

हामिद खाँ ने खाने का पैसा लेने से इंकार क्यों किया?
Solution: हामिद खाँ ने खाने का पैसा लेने से इसलिए इंकार कर दिया क्योंकि उसे इस बात का गर्व था कि एक हिंदू व्यक्ति ने उसके होटल में आकर खाना खाया था। वह लेखक को एक मेहमान के रूप में देख रहा था और उसकी मेहमान नवाजी करना चाहता था। साथ ही, लेखक द्वारा बताई गई भारत की हिंदू-मुस्लिम एकता की बात से वह बहुत प्रभावित हुआ था। वह चाहता था कि लेखक भारत पहुँचकर भी उसे और उनके बीच हुए इस भाईचारे को याद रखे।

प्रश्न 5

मालाबार में हिंदू-मुसलमानों के परस्पर संबंधो को अपने शब्दों में लिखिए।
Solution: पाठ के अनुसार, मालाबार क्षेत्र में हिंदू और मुसलमानों के बीच बहुत अच्छे और सौहार्दपूर्ण संबंध हैं। वहाँ किसी भी प्रकार का आपसी भेदभाव या वैमनस्य नहीं है। लोग बिना किसी झिझक के एक-दूसरे के साथ घुलते-मिलते हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी को बढ़िया चाय या पुलाव खाना हो, तो वे बिना सोचे-समझे हिंदू या मुसलमान के होटल में जा सकते हैं। वहाँ आपसी मेलजोल का माहौल है और धार्मिक सहिष्णुता का स्तर काफी ऊँचा है, यहाँ तक कि हिंदू इलाकों में भी मस्जिदें स्थित हैं।

प्रश्न 6

तक्षशिला में आगजनी की खबर पढ़कर लेखक के मन में कौन-सा विचार कौंधा? इससे लेखक के स्वभाव की किस विशेषता का परिचय मिलता है?
Solution: जब लेखक ने तक्षशिला में धर्म के नाम पर हो रही आगजनी और झगड़ों की खबर पढ़ी, तो उसे तुरंत हामिद खाँ का ध्यान आया, जहाँ उसने बड़े अपनेपन और आदर के साथ खाना खाया था। लेखक के मन में यह विचार कौंधा कि 'भगवान करे हामिद खाँ सुरक्षित हो'। उसने हामिद की सुरक्षा के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की। इस विचार और प्रार्थना से लेखक के स्वभाव की धार्मिक एकता की भावना, मानवतावाद और दूसरों के प्रति गहरी सहानुभूति का पता चलता है। वह किसी भी व्यक्ति को धर्म के आधार पर नहीं देखता, बल्कि एक इंसान के तौर पर उसकी भलाई चाहता है।

Common mistakes

  • लेखक और हामिद खाँ के बीच हुई बातचीत के संदर्भ को समझने में गलती करना।
  • हामिद के अविश्वास के कारणों को केवल धार्मिक मतभेदों तक सीमित समझना।
  • मालाबार में हिंदू-मुस्लिम संबंधों की व्याख्या करते समय पाठ के मुख्य संदेश को छोड़ देना।

Revision tips

  • पाठ के मुख्य पात्रों - लेखक और हामिद खाँ - के बीच हुई बातचीत पर विशेष ध्यान दें।
  • हामिद के अविश्वास और उसके बाद के विश्वास के कारणों को समझें।
  • मालाबार में सांप्रदायिक सद्भाव के उदाहरणों को याद करें।
  • लेखक के स्वभाव की उन विशेषताओं को रेखांकित करें जो पाठ में उभर कर आती हैं।

Practice MCQs

Q1. लेखक का हामिद खाँ से पहली बार परिचय कहाँ और किन परिस्थितियों में हुआ?

Q2. हामिद खाँ ने लेखक की किन बातों पर विश्वास करने में हिचकिचाहट दिखाई?

Q3. हामिद खाँ ने लेखक से खाने का पैसा क्यों नहीं लिया?

Q4. मालाबार में हिंदू-मुसलमानों के आपसी संबंधों का वर्णन पाठ के अनुसार कैसा है?

Q5. तक्षशिला में आगजनी की खबर पढ़कर लेखक के मन में पहला विचार किसके बारे में आया?

Frequently asked questions

कक्षा 9 हिंदी संचयन के पाठ 5 'हामिद खाँ' में मुख्य रूप से क्या बताया गया है?

इस पाठ में लेखक एस. के. पोट्टेकाट और एक पठान दुकानदार हामिद खाँ के बीच हुई मुलाकात का वर्णन है। यह पाठ भारत में हिंदू-मुस्लिम एकता, आपसी सद्भाव और विश्वास के महत्व को दर्शाता है।

हामिद खाँ ने लेखक से खाने के पैसे क्यों नहीं लिए?

हामिद खाँ ने लेखक से खाने के पैसे इसलिए नहीं लिए क्योंकि वह एक हिंदू द्वारा उसके होटल में खाना खाने को अपना सौभाग्य मानता था और लेखक को अपना मेहमान समझ रहा था। वह भारत की सांप्रदायिक एकता से भी प्रभावित था।

लेखक को हामिद खाँ की किन बातों पर विश्वास नहीं हुआ?

लेखक ने हामिद खाँ को बताया कि भारत में हिंदू-मुसलमानों के बीच कोई भेद नहीं है, वे एक साथ मिलजुलकर रहते हैं और मुसलमानी होटलों में भी खाना खाते हैं। हामिद खाँ को अपने देश के माहौल के विपरीत यह बात अविश्वसनीय लगी।

मालाबार में हिंदू-मुसलमानों के आपसी संबंध कैसे हैं?

पाठ के अनुसार, मालाबार में हिंदू और मुसलमान आपस में भाईचारे से रहते हैं। उनके बीच कोई भेदभाव नहीं है और वे एक-दूसरे के साथ घुलते-मिलते हैं, यहाँ तक कि हिंदू भी मुसलमानी होटलों में खाना खाने जाते हैं।

तक्षशिला में आगजनी की खबर पढ़कर लेखक के मन में क्या विचार आया?

तक्षशिला में धर्म के नाम पर हो रही आगजनी की खबर पढ़कर लेखक को हामिद खाँ का ख्याल आया और उसने हामिद की सुरक्षा के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इससे लेखक की धार्मिक एकता और मानवतावादी भावना का पता चलता है।

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