कक्षा 9 विज्ञान: खाद्य संसाधनों में सुधार NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 9 विज्ञान के अध्याय 15, 'खाद्य संसाधनों में सुधार' के लिए विस्तृत समाधान प्रदान करता है। इसमें अनाज, दालों, फलों और सब्जियों जैसे विभिन्न खाद्य स्रोतों से प्राप्त पोषक तत्वों की व्याख्या की गई है। समाधान बताते हैं कि कैसे जैविक कारक (जैसे कीट और रोग) और अजैविक कारक (जैसे सूखा और अत्यधिक गर्मी) फसल की पैदावार को प्रभावित करते हैं। इसके अतिरिक्त, यह अध्याय फसल सुधार के लिए वांछनीय सस्य-विज्ञान संबंधी गुणों पर प्रकाश डालता है, जैसे कि चारे वाली फसलों के लिए लंबी शाखाएँ और अनाज के लिए बौने पौधे, जो बेहतर उपज प्राप्त करने में मदद करते हैं। ये समाधान छात्रों को खाद्य उत्पादन को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण कारकों और फसल की पैदावार बढ़ाने के तरीकों को समझने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 15. खाद्य संसाधनों में सुधार |
Chapter summary
कक्षा 9 विज्ञान के अध्याय 15 के ये NCERT समाधान खाद्य संसाधनों में सुधार पर केंद्रित हैं। यह अध्याय बताता है कि अनाज, दालों, फलों और सब्जियों से कौन से पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। इसमें फसल उत्पादन पर जैविक (कीट, रोग) और अजैविक (सूखा, पाला) कारकों के प्रभाव की भी व्याख्या की गई है। समाधान फसल सुधार के लिए वांछनीय सस्य-विज्ञान संबंधी गुणों पर भी चर्चा करते हैं, जैसे कि चारे वाली फसलों के लिए सघन शाखाएँ और अनाज के लिए बौने पौधे, जो उच्च उपज प्राप्त करने में सहायता करते हैं।
Learning outcomes
- अनाज, दालों, फलों और सब्जियों से प्राप्त होने वाले प्रमुख पोषक तत्वों को पहचानना।
- फसल उत्पादन को प्रभावित करने वाले जैविक कारकों के प्रभावों को समझना।
- फसल उत्पादन को प्रभावित करने वाले अजैविक कारकों के प्रभावों को समझना।
- फसल सुधार के लिए महत्वपूर्ण सस्य-विज्ञान संबंधी गुणों का वर्णन करना।
- बौनी किस्मों और सघन शाखाओं वाले पौधों के महत्व को समझना।
Topics covered
Paper topics
- खाद्य संसाधनों में सुधार
- पोषक तत्व (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन)
- खाद्य स्रोत (अनाज, दालें, फल, सब्जियाँ)
- जैविक कारक (रोग, कीट, निमेटोड्स)
- अजैविक कारक (सूखा, पाला, क्षारता, गर्मी)
- फसल उत्पादन पर कारकों का प्रभाव
- सस्य-विज्ञान गुण
- फसल सुधार
- वांछनीय गुण (बौने पौधे, सघन शाखाएँ)
- अधिक उत्पादन
Important topics
- जैविक और अजैविक कारकों का फसल उत्पादन पर प्रभाव
- अनाज और दालों से प्राप्त होने वाले मुख्य पोषक तत्व
- फसल सुधार के लिए सस्य-विज्ञान संबंधी वांछनीय गुण
- बौनी किस्मों का महत्व
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
विभिन्न खाद्य पदार्थों से हमें आवश्यक पोषक तत्व प्राप्त होते हैं:
- अनाज: गेहूँ, बाजरा, ज्वार, चावल, मक्का जैसे अनाजों से हमें मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट्स प्राप्त होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं।
- दालें: चना, अरहर, मटर, मसूर, उड़द जैसी दालें प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत हैं। प्रोटीन शरीर के निर्माण और मरम्मत के लिए आवश्यक है।
- फल: आम, केला, संतरा जैसे फल विटामिन, खनिज और फाइबर प्रदान करते हैं।
- सब्जियाँ: विभिन्न प्रकार की सब्जियाँ भी विटामिन, खनिज और फाइबर का महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
प्रश्न 1
फसल उत्पादन विभिन्न जैविक और अजैविक कारकों से प्रभावित होता है:
- जैविक कारक: ये जीवित जीव होते हैं जो फसल को नुकसान पहुँचाते हैं। इनमें प्रमुख हैं:
- कीट: ये फसलों को खाते हैं या नुकसान पहुँचाते हैं, जिससे उपज कम हो जाती है।
- रोग: विभिन्न प्रकार के रोग (जीवाणु, कवक, विषाणु जनित) पौधों को कमजोर करते हैं और उत्पादन क्षमता घटाते हैं।
- निमेटोड्स: ये सूक्ष्म कृमि होते हैं जो पौधों की जड़ों को संक्रमित कर नुकसान पहुँचाते हैं।
- अजैविक कारक: ये निर्जीव पर्यावरणीय स्थितियाँ होती हैं जो फसल को प्रभावित करती हैं। इनमें शामिल हैं:
- सूखा: पानी की कमी से पौधे मुरझा जाते हैं और मर जाते हैं।
- पाला: अत्यधिक ठंड से पौधों के ऊतक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।
- क्षारता: मिट्टी में लवणों की अधिकता पौधों के विकास को रोकती है।
- गर्मी: अत्यधिक तापमान पौधों के लिए हानिकारक हो सकता है और फसल को आंशिक या पूर्णतः नष्ट कर सकता है।
ये दोनों प्रकार के कारक मिलकर फसल की गुणवत्ता और मात्रा को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करते हैं।
प्रश्न 2
फसल सुधार के लिए ऐच्छिक सस्य-विज्ञान गुण वे विशेषताएँ हैं जो फसल की पैदावार और गुणवत्ता को बढ़ाती हैं। ये गुण फसल के प्रकार के आधार पर भिन्न हो सकते हैं:
- चारे वाली फसलों के लिए: लंबी, सघन शाखाएँ और अधिक पत्तियाँ होना ऐच्छिक गुण हैं, क्योंकि इससे चारे की मात्रा बढ़ती है।
- अनाज वाली फसलों के लिए: बौने पौधे (Dwarf plants) उपयुक्त माने जाते हैं। इसके कई फायदे हैं:
- बौने पौधे कम पोषक तत्वों का उपयोग करते हैं।
- ये हवा और तूफान जैसी पर्यावरणीय परिस्थितियों के प्रति अधिक सहनशील होते हैं, जिससे फसल गिरने की संभावना कम होती है।
- कम पोषक तत्वों की आवश्यकता के कारण, अधिक पौधे प्रति इकाई क्षेत्र में उगाए जा सकते हैं, जिससे कुल उपज बढ़ती है।
इस प्रकार, सस्य-विज्ञान की दृष्टि से उन्नत किस्में (जैसे बौनी किस्में) अधिक उत्पादन प्राप्त करने में सहायक होती हैं।
Common mistakes
- विभिन्न खाद्य पदार्थों से प्राप्त होने वाले पोषक तत्वों को गलत मिलाना।
- जैविक और अजैविक कारकों के बीच अंतर करने में भ्रमित होना।
- फसल सुधार के लिए आवश्यक सस्य-विज्ञान संबंधी गुणों को ठीक से न समझना।
Revision tips
- प्रत्येक खाद्य समूह (अनाज, दालें, फल, सब्जियाँ) से प्राप्त होने वाले पोषक तत्वों की सूची बनाएँ।
- जैविक और अजैविक कारकों के उदाहरणों को याद करें और समझें कि वे फसल को कैसे नुकसान पहुँचाते हैं।
- फसल सुधार के लिए वांछनीय गुणों को विशिष्ट फसलों के संदर्भ में समझें।
Practice MCQs
Q1. गेहूँ और चावल जैसे अनाजों से मुख्य रूप से कौन सा पोषक तत्व प्राप्त होता है?
Explanation: अनाज जैसे गेहूँ, चावल, मक्का आदि कार्बोहाइड्रेट के प्रमुख स्रोत हैं, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं।
Q2. निम्नलिखित में से कौन सा एक जैविक कारक है जो फसल उत्पादन को प्रभावित करता है?
Explanation: जैविक कारक जीवित जीव होते हैं, जैसे कि कीट, जो फसलों को नुकसान पहुँचाकर उत्पादन क्षमता को कम कर देते हैं।
Q3. अनाज की फसलों के लिए किस प्रकार के पौधे को सस्य-विज्ञान की दृष्टि से उपयुक्त माना जाता है?
Explanation: अनाज के लिए बौने पौधे उपयुक्त होते हैं क्योंकि उन्हें कम पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है और वे अधिक उपज देने में सहायक होते हैं।
Q4. दालों से मुख्य रूप से कौन सा पोषक तत्व प्राप्त होता है?
Explanation: दालें जैसे चना, अरहर, मसूर आदि प्रोटीन का एक उत्कृष्ट स्रोत हैं, जो शरीर के निर्माण और मरम्मत के लिए आवश्यक है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सा एक अजैविक कारक है जो फसल उत्पादन को प्रभावित करता है?
Explanation: अजैविक कारक निर्जीव पर्यावरणीय स्थितियाँ होती हैं, जैसे अत्यधिक गर्मी, जो फसल को आंशिक या पूर्ण रूप से नष्ट कर सकती हैं।
Frequently asked questions
कक्षा 9 विज्ञान के अध्याय 15 में किन मुख्य खाद्य पदार्थों पर चर्चा की गई है?
अध्याय 15 में मुख्य रूप से अनाज (जैसे गेहूँ, चावल), दालें (जैसे चना, अरहर), फल और सब्जियों जैसे खाद्य पदार्थों पर चर्चा की गई है और उनसे प्राप्त होने वाले पोषक तत्वों के बारे में बताया गया है।
फसल उत्पादन को प्रभावित करने वाले जैविक और अजैविक कारक क्या हैं?
जैविक कारकों में कीट, रोग और निमेटोड्स शामिल हैं, जबकि अजैविक कारकों में सूखा, पाला, अत्यधिक गर्मी और मिट्टी की क्षारता जैसी पर्यावरणीय स्थितियाँ शामिल हैं।
फसल सुधार के लिए सस्य-विज्ञान संबंधी गुण क्यों महत्वपूर्ण हैं?
सस्य-विज्ञान संबंधी गुण, जैसे अनाज के लिए बौने पौधे और चारे वाली फसलों के लिए सघन शाखाएँ, फसल की पैदावार बढ़ाने और कम संसाधनों में अधिक उत्पादन प्राप्त करने में मदद करते हैं।
ये NCERT समाधान कक्षा 9 के छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान अध्याय के महत्वपूर्ण विषयों को स्पष्ट करते हैं, जैसे कि पोषक तत्व, फसल उत्पादन पर प्रभाव डालने वाले कारक और सुधार के तरीके, जिससे छात्रों को परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों को समझने और हल करने में मदद मिलती है।
अनाज से हमें मुख्य रूप से कौन सा पोषक तत्व मिलता है?
अनाज जैसे गेहूँ, चावल और मक्का से हमें मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट प्राप्त होता है, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।
दालों का सेवन क्यों महत्वपूर्ण है?
दालें प्रोटीन का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं, जो शरीर के विकास, ऊतकों की मरम्मत और विभिन्न शारीरिक कार्यों के लिए आवश्यक है।
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