कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 4: परमाणु की संरचना - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 9 विज्ञान के अध्याय 4, 'परमाणु की संरचना' के लिए व्यापक NCERT समाधान प्रदान करता है। यह अध्याय परमाणु के मूलभूत कणों जैसे प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन की विस्तृत व्याख्या करता है, जिसमें उनके आवेश, स्थान और भूमिका पर प्रकाश डाला गया है। समाधानों में टॉमसन और रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की भी पड़ताल की गई है, जो परमाणु की संरचना की हमारी समझ के विकास को दर्शाते हैं। इसके अतिरिक्त, यह अध्याय बोर के परमाणु मॉडल, कक्षाओं, ऊर्जा स्तरों, इलेक्ट्रॉनिक विन्यास, संयोजकता, परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या, समस्थानिकों और समभारिकों जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करता है। प्रत्येक प्रश्न का समाधान स्पष्टीकरण और चरण-दर-चरण मार्गदर्शन प्रदान करता है, जिससे छात्रों को इन जटिल विषयों को आसानी से समझने में मदद मिलती है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में सहायता करने और परमाणु संरचना की उनकी समझ को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectविज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter4. परमाणु की संरचना

Chapter summary

कक्षा 9 विज्ञान के अध्याय 4, 'परमाणु की संरचना' के लिए NCERT समाधान, परमाणु के मूलभूत घटकों - प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन - की गहन समझ प्रदान करते हैं। यह अध्याय विभिन्न परमाणु मॉडलों, जैसे टॉमसन और रदरफोर्ड के मॉडल की पड़ताल करता है, और बोर के मॉडल के माध्यम से कक्षाओं और ऊर्जा स्तरों की अवधारणा को स्पष्ट करता है। समाधान इलेक्ट्रॉनिक विन्यास, संयोजकता, परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या और समस्थानिकों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी कवर करते हैं। यह खंड छात्रों को परमाणु की संरचना और उसके गुणों को समझने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

Learning outcomes

  • परमाणु के तीन मुख्य अवपरमाणुक कणों (प्रोटॉन, न्यूट्रॉन, इलेक्ट्रॉन) की पहचान और वर्णन करना।
  • विभिन्न परमाणु मॉडलों (टॉमसन, रदरफोर्ड, बोर) की व्याख्या करना।
  • परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या और संयोजकता की अवधारणाओं को समझना।
  • समस्थानिकों और समभारिकों के बीच अंतर करना।
  • परमाणुओं में इलेक्ट्रॉनों के वितरण (इलेक्ट्रॉनिक विन्यास) को समझना।
  • परमाणु की उदासीन प्रकृति को स्पष्ट करना।

Topics covered

Paper topics

  • परमाणु की संरचना
  • अवपरमाणुक कण (प्रोटॉन, न्यूट्रॉन, इलेक्ट्रॉन)
  • टॉमसन का परमाणु मॉडल
  • रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल
  • बोर का परमाणु मॉडल
  • कक्षाएँ और ऊर्जा स्तर
  • इलेक्ट्रॉनिक विन्यास
  • संयोजकता
  • परमाणु संख्या
  • द्रव्यमान संख्या
  • समस्थानिक
  • समभारिक

Important topics

  • अवपरमाणुक कणों के गुणधर्म
  • परमाणु मॉडलों का विकास
  • परमाणु संख्या और द्रव्यमान संख्या
  • समस्थानिकों की अवधारणा
  • इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और संयोजकता

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Questions and Solutions

प्रश्न 1: केनाल किरणें क्या हैं?

केनाल किरणें क्या हैं?
Solution: केनाल किरणें विसर्जन नलिका में बहुत कम दाब पर विद्युत विसर्जन के दौरान एनोड से निकलने वाले धनावेशित कणों की धारा होती हैं। इन किरणों की खोज ई. गोल्डस्टीन ने की थी। ये किरणें धनावेशित होती हैं और इनका व्यवहार कैथोड किरणों के विपरीत होता है।

प्रश्न 2: यदि किसी परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन और एक प्रोटॉन है, तो क्या इसमें कोई आवेश होगा या नहीं? स्पष्ट करें।

यदि किसी परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन और एक प्रोटॉन है, तो इसमें कोई आवेश होगा या नहीं?
Solution: यदि किसी परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन और एक प्रोटॉन होता है, तो उस पर कोई कुल आवेश नहीं होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि इलेक्ट्रॉन पर एक इकाई ऋणात्मक आवेश होता है (मान लीजिए -e) और प्रोटॉन पर एक इकाई धनात्मक आवेश होता है (मान लीजिए +e)। चूँकि इन दोनों आवेशों का परिमाण बराबर है लेकिन चिन्ह विपरीत है, वे एक-दूसरे को उदासीन कर देते हैं। इसलिए, परमाणु विद्युत रूप से उदासीन होता है।

प्रश्न 1 (पृष्ठ 56): टॉमसन के परमाणु मॉडल के आधार पर स्पष्ट करें कि परमाणु उदासीन क्यों होता है।

परमाणु उदासीन है, इस तथ्य को टॉमसन के मॉडल के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Solution: जे. जे. टॉमसन के परमाणु मॉडल के अनुसार, परमाणु एक धनावेशित गोला होता है जिसमें ऋणावेशित इलेक्ट्रॉन क्रिसमस केक में लगे सूखे मेवों की तरह धंसे होते हैं। मॉडल यह प्रस्तावित करता है कि धनावेश और ऋणावेश का परिमाण बराबर होता है। चूँकि धनावेश और ऋणावेश की मात्रा बराबर और विपरीत होती है, वे एक-दूसरे को संतुलित करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप परमाणु विद्युत रूप से उदासीन होता है।

प्रश्न 2 (पृष्ठ 56): रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के अनुसार, परमाणु के नाभिक में कौन सा अवपरमाणुक कण विद्यमान है?

रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के अनुसार, परमाणु के नाभिक में कौन सा अवपरमाणुक कण विद्यमान है?
Solution: रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के अनुसार, परमाणु का धनावेशित भाग, जिसे नाभिक कहा जाता है, में प्रोटॉन नामक अवपरमाणुक कण विद्यमान होते हैं। प्रोटॉन धनावेशित कण होते हैं और ये परमाणु के नाभिक में केंद्रित होते हैं।

प्रश्न 3 (पृष्ठ 56): तीन कक्षाओं वाले बोर के परमाणु मॉडल का चित्र बनाइए।

तीन कक्षाओं वाले बोर के परमाणु मॉडल का चित्र बनाइए।
Solution: बोर के परमाणु मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर निश्चित वृत्ताकार पथों में घूमते हैं जिन्हें कक्षाएँ या ऊर्जा स्तर कहा जाता है। इन कक्षाओं को K, L, M, N... या n=1, n=2, n=3, n=4... से दर्शाया जाता है। तीन कक्षाओं (K, L, M) वाले बोर मॉडल का एक योजनाबद्ध चित्र इस प्रकार है:

बोर का परमाणु मॉडल तीन कक्षाओं के साथ

इस चित्र में, नाभिक केंद्र में दिखाया गया है, और तीन संकेंद्रित वृत्त क्रमशः K (n=1), L (n=2), और M (n=3) कक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनमें इलेक्ट्रॉन परिक्रमा करते हैं।

Common mistakes

  • प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन के आवेशों और स्थानों को भ्रमित करना।
  • विभिन्न परमाणु मॉडलों की विशेषताओं को गलत तरीके से याद रखना।
  • परमाणु संख्या और द्रव्यमान संख्या के बीच अंतर करने में कठिनाई।
  • समस्थानिकों और समभारिकों के बीच अंतर करने में त्रुटियाँ।

Revision tips

  • परमाणु के प्रत्येक कण (प्रोटॉन, न्यूट्रॉन, इलेक्ट्रॉन) के गुणधर्मों की एक तालिका बनाएं।
  • विभिन्न परमाणु मॉडलों के विकास को समझने के लिए एक समयरेखा बनाएं।
  • परमाणु संख्या और द्रव्यमान संख्या का उपयोग करके विभिन्न तत्वों के समस्थानिकों के उदाहरणों का अभ्यास करें।
  • बोर के मॉडल के चित्र का अभ्यास करें और विभिन्न कक्षाओं में इलेक्ट्रॉनों की संख्या को समझें।

Practice MCQs

Q1. परमाणु के नाभिक में कौन से दो कण पाए जाते हैं?

Q2. किस वैज्ञानिक ने परमाणु के नाभिक की खोज की थी?

Q3. परमाणु संख्या (Z) क्या दर्शाती है?

Q4. समस्थानिकों के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?

Q5. एक परमाणु विद्युत रूप से उदासीन क्यों होता है?

Frequently asked questions

कक्षा 9 विज्ञान के अध्याय 4 में मुख्य रूप से किन विषयों को शामिल किया गया है?

अध्याय 4, 'परमाणु की संरचना', परमाणु के मूलभूत कणों (प्रोटॉन, न्यूट्रॉन, इलेक्ट्रॉन), विभिन्न परमाणु मॉडलों (टॉमसन, रदरफोर्ड, बोर), परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या, इलेक्ट्रॉनिक विन्यास, संयोजकता और समस्थानिकों जैसे विषयों को शामिल करता है।

परमाणु की संरचना को समझने के लिए ये NCERT समाधान कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए विस्तृत, चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को परमाणु के विभिन्न घटकों और उनके व्यवहार को समझने में मदद मिलती है। वे जटिल अवधारणाओं को सरल बनाते हैं।

क्या इन समाधानों में परमाणु संख्या और द्रव्यमान संख्या के बीच अंतर समझाया गया है?

हाँ, समाधानों में परमाणु संख्या (प्रोटॉनों की संख्या) और द्रव्यमान संख्या (प्रोटॉन + न्यूट्रॉन की संख्या) के बीच स्पष्ट अंतर समझाया गया है।

समस्थानिक क्या होते हैं और क्या यह समाधान उन्हें कवर करते हैं?

समस्थानिक एक ही तत्व के परमाणु होते हैं जिनकी परमाणु संख्या समान होती है लेकिन द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है। यह समाधान समस्थानिकों की अवधारणा को स्पष्ट करता है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी हैं?

हाँ, ये समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी हैं क्योंकि वे NCERT पाठ्यक्रम के अनुसार सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों और अवधारणाओं को कवर करते हैं, जिससे छात्रों को अभ्यास करने और अपनी समझ को मजबूत करने में मदद मिलती है।

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