कक्षा 9 गणित: संख्या पद्धति NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 9 के गणित विषय के अध्याय 1, 'संख्या पद्धति' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें परिमेय संख्याओं की परिभाषा, दो परिमेय संख्याओं के बीच अन्य परिमेय संख्याएँ ज्ञात करना, और प्राकृत, पूर्ण, पूर्णांक तथा परिमेय संख्याओं के बीच संबंधों की गहन समझ शामिल है। समाधानों में प्रत्येक प्रश्न के लिए चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण दिया गया है, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने और अभ्यास करने में मदद मिलती है। यह अध्याय वास्तविक संख्याओं के आधार को मजबूत करता है, जो आगे की गणितीय शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जिससे वे जटिल समस्याओं को आत्मविश्वास से हल कर सकें।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | गणित |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 1. संख्या पद्धति |
Chapter summary
कक्षा 9 के गणित के अध्याय 1 'संख्या पद्धति' के ये NCERT समाधान छात्रों को परिमेय और अपरिमेय संख्याओं की अवधारणाओं को स्पष्ट करने में मदद करते हैं। इसमें शून्य की परिमेयता, दो दी गई संख्याओं के बीच अनेक परिमेय संख्याएँ ज्ञात करने की विधियाँ, और प्राकृत, पूर्ण, पूर्णांक व परिमेय संख्याओं के बीच के संबंधों का विश्लेषण शामिल है। समाधानों में प्रत्येक प्रश्न के लिए विस्तृत व्याख्या दी गई है, जो छात्रों को इन मूलभूत गणितीय अवधारणाओं में महारत हासिल करने में सहायता करती है।
Learning outcomes
- परिमेय संख्या की परिभाषा को समझना और शून्य की परिमेयता का विश्लेषण करना।
- दो दी गई संख्याओं के बीच छः या पाँच परिमेय संख्याएँ ज्ञात करने की विधि को लागू करना।
- प्राकृत, पूर्ण, पूर्णांक और परिमेय संख्याओं के बीच संबंधों को पहचानना और उनका औचित्य सिद्ध करना।
Topics covered
Paper topics
- परिमेय संख्याएँ
- शून्य की परिमेयता
- दो संख्याओं के बीच परिमेय संख्याएँ ज्ञात करना
- प्राकृत संख्याएँ
- पूर्ण संख्याएँ
- पूर्णांक
- संख्या रेखा
- परिमेय संख्याओं का निरूपण
Important topics
- परिमेय संख्या की परिभाषा
- दो परिमेय संख्याओं के बीच परिमेय संख्याएँ ज्ञात करना
- प्राकृत, पूर्ण, पूर्णांक और परिमेय संख्याओं के बीच संबंध
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
हाँ, शून्य (0) एक परिमेय संख्या है। ऐसा इसलिए है क्योंकि किसी भी संख्या को, जिसे <math>\frac{p}{q}</math> के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जहाँ p और q पूर्णांक हैं और q शून्य के बराबर नहीं है, उसे परिमेय संख्या कहा जाता है।
शून्य को <math>\frac{0}{1}</math> के रूप में लिखा जा सकता है। यहाँ, p = 0 (जो एक पूर्णांक है) और q = 1 (जो एक पूर्णांक है और शून्य के बराबर नहीं है)। चूँकि यह परिभाषा को संतुष्ट करता है, शून्य एक परिमेय संख्या है।
प्रश्न 2
हमें 3 और 4 के बीच छः परिमेय संख्याएँ ज्ञात करनी हैं।
किसी भी दो संख्याओं के बीच n परिमेय संख्याएँ ज्ञात करने के लिए, हम उन संख्याओं को <math>\frac{p}{q}</math> के रूप में व्यक्त करते हैं जहाँ हर (denominator) n+1 का गुणज हो। यहाँ, हमें 6 संख्याएँ चाहिए, इसलिए हम n+1 = 6+1 = 7 का उपयोग करेंगे।
हम 3 और 4 को इस प्रकार लिख सकते हैं:
<math>3 = \frac{3}{1}</math>
<math>4 = \frac{4}{1}</math>
अब, अंश और हर दोनों को 7 से गुणा करने पर:
<math>3 = \frac{3 \times 7}{1 \times 7} = \frac{21}{7}</math>
<math>4 = \frac{4 \times 7}{1 \times 7} = \frac{28}{7}</math>
अब, <math>\frac{21}{7}</math> और <math>\frac{28}{7}</math> के बीच की छः परिमेय संख्याएँ हैं:
<math>\frac{22}{7}, \frac{23}{7}, \frac{24}{7}, \frac{25}{7}, \frac{26}{7}, \frac{27}{7}</math>
अतः, 3 और 4 के बीच छः परिमेय संख्याएँ <math>\frac{22}{7}, \frac{23}{7}, \frac{24}{7}, \frac{25}{7}, \frac{26}{7}, \frac{27}{7}</math> हैं।
प्रश्न 3
हमें <math>\frac{3}{5}</math> और <math>\frac{4}{5}</math> के बीच पाँच परिमेय संख्याएँ ज्ञात करनी हैं।
चूँकि हमें 5 परिमेय संख्याएँ ज्ञात करनी हैं, हम n+1 = 5+1 = 6 का उपयोग करेंगे।
हम दी गई भिन्नों के अंश और हर को 6 से गुणा करेंगे:
<math>\frac{3}{5} = \frac{3 \times 6}{5 \times 6} = \frac{18}{30}</math>
<math>\frac{4}{5} = \frac{4 \times 6}{5 \times 6} = \frac{24}{30}</math>
अब, <math>\frac{18}{30}</math> और <math>\frac{24}{30}</math> के बीच की पाँच परिमेय संख्याएँ हैं:
<math>\frac{19}{30}, \frac{20}{30}, \frac{21}{30}, \frac{22}{30}, \frac{23}{30}</math>
अतः, <math>\frac{3}{5}</math> और <math>\frac{4}{5}</math> के बीच पाँच परिमेय संख्याएँ <math>\frac{19}{30}, \frac{20}{30}, \frac{21}{30}, \frac{22}{30}, \frac{23}{30}</math> हैं।
प्रश्न 4
- प्रत्येक प्राकृत संख्या एक पूर्ण संख्या होती है।
- प्रत्येक पूर्णांक एक पूर्ण संख्या होती है।
- प्रत्येक परिमेय संख्या एक पूर्ण संख्या होती है।
- कथन: प्रत्येक प्राकृत संख्या एक पूर्ण संख्या होती है।
सत्य। कारण: प्राकृत संख्याएँ {1, 2, 3, ...} होती हैं। पूर्ण संख्याएँ {0, 1, 2, 3, ...} होती हैं। चूँकि पूर्ण संख्याओं के समुच्चय में सभी प्राकृत संख्याएँ शामिल हैं, इसलिए प्रत्येक प्राकृत संख्या एक पूर्ण संख्या होती है।
- कथन: प्रत्येक पूर्णांक एक पूर्ण संख्या होती है।
असत्य। कारण: पूर्णांकों के समुच्चय में धनात्मक संख्याएँ, ऋणात्मक संख्याएँ और शून्य शामिल हैं (..., -2, -1, 0, 1, 2, ...)। पूर्ण संख्याओं के समुच्चय में केवल गैर-ऋणात्मक पूर्णांक (0, 1, 2, 3, ...) शामिल हैं। चूँकि पूर्णांकों में ऋणात्मक संख्याएँ होती हैं जो पूर्ण संख्याएँ नहीं हैं, इसलिए यह कथन असत्य है। उदाहरण के लिए, -1 एक पूर्णांक है लेकिन पूर्ण संख्या नहीं है।
- कथन: प्रत्येक परिमेय संख्या एक पूर्ण संख्या होती है।
असत्य। कारण: परिमेय संख्याएँ वे संख्याएँ होती हैं जिन्हें <math>\frac{p}{q}</math> के रूप में व्यक्त किया जा सकता है (जहाँ p, q पूर्णांक हैं और q ≠ 0)। पूर्ण संख्याएँ केवल गैर-ऋणात्मक पूर्णांक (0, 1, 2, 3, ...) हैं। कई परिमेय संख्याएँ पूर्ण संख्याएँ नहीं होती हैं। उदाहरण के लिए, <math>\frac{1}{2}</math>, <math>-\frac{3}{4}</math>, या <math>\frac{7}{3}</math> परिमेय संख्याएँ हैं लेकिन पूर्ण संख्याएँ नहीं हैं।
Common mistakes
- परिमेय संख्याओं को व्यक्त करने के लिए सही हर (denominator) का चयन न कर पाना।
- दो संख्याओं के बीच परिमेय संख्याएँ ज्ञात करते समय गणना में त्रुटि करना।
- संख्याओं के विभिन्न प्रकारों (प्राकृत, पूर्ण, पूर्णांक, परिमेय) के बीच के संबंधों को गलत समझना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के हल को ध्यान से पढ़ें और समझें कि प्रत्येक चरण क्यों आवश्यक है।
- हल की गई विधियों का उपयोग करके स्वयं कुछ अतिरिक्त उदाहरण हल करने का प्रयास करें।
- परिमेय संख्याओं की परिभाषा और उनके गुणों को याद रखें।
Practice MCQs
Q1. क्या शून्य (0) एक परिमेय संख्या है?
Explanation: हाँ, शून्य एक परिमेय संख्या है क्योंकि इसे p/q के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जैसे 0/1, जहाँ p=0 (पूर्णांक) और q=1 (पूर्णांक, q≠0)।
Q2. 3 और 4 के बीच छः परिमेय संख्याएँ ज्ञात करने के लिए, हम 3 और 4 को किस हर (denominator) के साथ व्यक्त करेंगे यदि हम 7 से गुणा करते हैं?
Explanation: 3 और 4 के बीच छः परिमेय संख्याएँ ज्ञात करने के लिए, हम 6+1=7 से गुणा करते हैं। इसलिए, 3 को 3/1 * 7/7 = 21/7 और 4 को 4/1 * 7/7 = 28/7 के रूप में व्यक्त किया जाता है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है: 'प्रत्येक प्राकृत संख्या एक पूर्ण संख्या होती है'?
Explanation: यह कथन सत्य है क्योंकि पूर्ण संख्याओं के समुच्चय में सभी प्राकृत संख्याएँ (1, 2, 3,...) शामिल होती हैं, साथ ही शून्य (0) भी होता है।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सा कथन असत्य है: 'प्रत्येक पूर्णांक एक पूर्ण संख्या होती है'?
Explanation: यह कथन असत्य है क्योंकि पूर्णांकों में ऋणात्मक संख्याएँ (-1, -2, आदि) भी शामिल होती हैं, जबकि पूर्ण संख्याओं में केवल गैर-ऋणात्मक पूर्णांक (0, 1, 2,...) होते हैं।
Q5. 3/5 और 4/5 के बीच पाँच परिमेय संख्याएँ ज्ञात करने के लिए, हम किस संख्या से अंश और हर को गुणा करेंगे?
Explanation: पाँच परिमेय संख्याएँ ज्ञात करने के लिए, हम 5+1=6 से गुणा करते हैं। इसलिए, 3/5 को 3/5 * 6/6 = 18/30 और 4/5 को 4/5 * 6/6 = 24/30 के रूप में व्यक्त किया जाता है।
Frequently asked questions
कक्षा 9 के गणित में 'संख्या पद्धति' अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है?
यह अध्याय वास्तविक संख्याओं की नींव रखता है, जो आगे की गणितीय अवधारणाओं जैसे बीजगणित, ज्यामिति और कलन के लिए आवश्यक है। यह छात्रों को संख्याओं के विभिन्न प्रकारों और उनके गुणों को समझने में मदद करता है।
क्या शून्य (0) एक परिमेय संख्या है?
हाँ, शून्य एक परिमेय संख्या है क्योंकि इसे p/q के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ p=0 और q कोई भी गैर-शून्य पूर्णांक हो (जैसे 0/1, 0/2, आदि)।
दो परिमेय संख्याओं के बीच कितनी परिमेय संख्याएँ हो सकती हैं?
दो परिमेय संख्याओं के बीच अनंत (infinitely many) परिमेय संख्याएँ हो सकती हैं। हम उन्हें ज्ञात करने के लिए विभिन्न विधियों का उपयोग कर सकते हैं।
प्राकृत संख्या, पूर्ण संख्या और पूर्णांक में क्या अंतर है?
प्राकृत संख्याएँ 1 से शुरू होती हैं (1, 2, 3,...)। पूर्ण संख्याएँ 0 से शुरू होती हैं (0, 1, 2, 3,...)। पूर्णांक में धनात्मक, ऋणात्मक और शून्य शामिल होते हैं (..., -2, -1, 0, 1, 2,...)।
इन NCERT समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे करें?
इन समाधानों का उपयोग प्रत्येक प्रश्न के हल को समझने, हल करने की विधि सीखने और स्वयं अभ्यास करने के लिए करें। यह सुनिश्चित करेगा कि आप परीक्षा में समान प्रकार के प्रश्नों को हल करने के लिए तैयार हैं।
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