कक्षा 8 दूर्वा: पाठ 16 - बूढ़ी अम्मा की बात NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 8 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 8 की दूर्वा पुस्तक के पाठ 16, 'बूढ़ी अम्मा की बात' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह लोककथा वर्षा की कमी और उसके कारण उत्पन्न निराशा के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें गोमा नामक किसान का सामना एक बुद्धिमान बूढ़ी अम्मा से होता है। समाधान पाठ के विभिन्न प्रश्नों का उत्तर देते हैं, जिसमें गोमा के घर लौटने का कारण, बूढ़ी अम्मा की सलाह, और खेतों को तैयार करने का महत्व शामिल है। यह 'क्या होता अगर' खंड विभिन्न परिदृश्यों पर विचार करता है, जैसे कि गोमा का खेतों को तैयार न करना या बूढ़ी अम्मा से न मिलना। अंत में, यह वर्षा न होने के कारणों और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डालता है। ये समाधान छात्रों को कहानी के पात्रों, कथानक और निहित संदेशों को गहराई से समझने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
Subjectदूर्वा
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter16. बूढी अम्मा की बात (लोककथा)

Chapter summary

कक्षा 8 की दूर्वा पुस्तक के पाठ 16, 'बूढ़ी अम्मा की बात' के ये NCERT समाधान, एक लोककथा के माध्यम से वर्षा की कमी और मानवीय प्रतिक्रियाओं का अन्वेषण करते हैं। समाधान गोमा के निराशावाद, बूढ़ी अम्मा के ज्ञान और आशावाद, और प्रकृति के साथ मनुष्य के संबंध जैसे विषयों पर केंद्रित हैं। यह अभ्यास छात्रों को कहानी के पात्रों के कार्यों के पीछे के कारणों को समझने, वैकल्पिक परिदृश्यों पर विचार करने और पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर अपनी राय बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।

Learning outcomes

  • लोककथा 'बूढ़ी अम्मा की बात' के मुख्य पात्रों और कथानक को समझना।
  • वर्षा की कमी के कारण उत्पन्न सामाजिक और व्यक्तिगत चुनौतियों का विश्लेषण करना।
  • बूढ़ी अम्मा की सलाह के महत्व और उसके पीछे के तर्कों को समझना।
  • 'क्या होता अगर' प्रश्नों के माध्यम से विभिन्न परिदृश्यों के परिणामों का अनुमान लगाना।
  • पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के महत्व पर विचार करना।
  • कहानी के माध्यम से आशावाद और कर्मठता का संदेश ग्रहण करना।

Topics covered

Paper topics

  • लोककथा का विश्लेषण
  • गोमा का चरित्र चित्रण
  • बूढ़ी अम्मा का चरित्र चित्रण
  • वर्षा की कमी के प्रभाव
  • निराशा और आशावाद
  • कर्मठता का महत्व
  • प्रकृति और मनुष्य का संबंध
  • पर्यावरण संरक्षण
  • वृक्षारोपण का महत्व
  • कठिन परिस्थितियों में प्रेरणा

Important topics

  • बूढ़ी अम्मा की सलाह और उसका महत्व
  • वर्षा न होने के कारण और समाधान
  • कर्मठता और आशावाद का संदेश
  • पर्यावरण संरक्षण का महत्व

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्रश्न कः

पाठ से: लोककथा में गोमा बिना खेत जोते अपने बैलों को हाँककर घर की ओर क्यों चल पड़ा?
Solution: लोककथा में गोमा बिना खेत जोते अपने बैलों को हाँककर घर की ओर इसलिए चल पड़ा क्योंकि पिछले तीन वर्षों से वर्षा बहुत कम हो रही थी। न तो फसलें उग पा रही थीं और न ही पशुओं के लिए चारा उपलब्ध था। इस वर्ष भी आषाढ़ का महीना बीत जाने के बाद भी वर्षा की कोई आशा नहीं थी। इस निराशा के कारण गोमा ने सोचा कि खेत जोतने का कोई फायदा नहीं है, और इसी सोच के साथ वह बैलों को लेकर घर लौट आया।

प्रश्न खः

पाठ से: गोमा को पेड़ के नीचे बैठा देखकर बूढ़ी अम्मा ने उससे क्या कहा?
Solution: जब बूढ़ी अम्मा ने गोमा को पेड़ के नीचे उदास बैठा देखा, तो उन्होंने उससे पूछा कि यह तो खेत में हल चलाने का समय है, फिर वह यहाँ आराम क्यों कर रहा है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए पूछा कि क्या वह बीमार है, या उसके बैल बीमार हैं, या शायद उसका हल टूट गया है। बूढ़ी अम्मा ने गोमा को समझाया कि वर्षा प्रकृति के नियंत्रण में है और जब बादल बनेंगे तो वर्षा अवश्य होगी। उन्होंने उसे अपना काम, यानी खेत जोतकर तैयार करना, समय पर करते रहने की सलाह दी, क्योंकि प्रकृति अपना काम अवश्य करेगी और वर्षा भी होगी।

प्रश्न गः

पाठ से: गोमा ने अपने खेतों को क्यों जीता?
Solution: यहाँ 'जीता' शब्द का प्रयोग संभवतः 'जोता' के अर्थ में हुआ है, जिसका अर्थ है खेत की जुताई करना। बूढ़ी अम्मा की बातों से प्रेरित होकर गोमा ने अपने खेतों को जोतना शुरू किया। बूढ़ी अम्मा ने उसे समझाया था कि वर्षा का इंतजार करने के बजाय उसे अपना काम करते रहना चाहिए और खेत को बोने के लिए तैयार रखना चाहिए। उनकी बातों से गोमा की निराशा कुछ कम हुई और अगले दिन उसने पूरे उत्साह के साथ अपना खेत जोतना शुरू कर दिया, इस उम्मीद में कि कभी न कभी तो वर्षा अवश्य होगी।

प्रश्न कः

क्या होता अगर: गोमा खेतों को तैयार न करता?
Solution: यदि गोमा खेतों को तैयार न करता, तो तीन साल बाद जब बारिश होती, तो वह बारिश उसके लिए बेकार जाती। उसके खेत बिना जुते-बोए रह जाते और वह उस वर्षा का लाभ उठाकर फसल नहीं उगा पाता। इस प्रकार, बारिश होने के बावजूद उसे खाली हाथ ही रहना पड़ता।

प्रश्न खः

क्या होता अगर: गोमा को बूढ़ी अम्मा नहीं मिलती?
Solution: यदि गोमा को बूढ़ी अम्मा नहीं मिलतीं, तो शायद उसकी निराशा और बढ़ जाती। बूढ़ी अम्मा की बातों ने उसे प्रेरित किया और हिम्मत दी, जिससे उसने खेत जोतना शुरू किया। यदि वह न मिलतीं, तो गोमा शायद अपनी निराशा में डूबा रहता और खेत तैयार करने का प्रयास नहीं करता, जिससे बारिश होने पर भी वह फसल से वंचित रह जाता।

प्रश्न गः

क्या होता अगर: बूढ़ी अम्मा की बात पर गोमा ध्यान न देता?
Solution: यदि बूढ़ी अम्मा की बात पर गोमा ध्यान नहीं देता, तो वह शायद खेत जोतने का काम शुरू नहीं करता। इसके परिणामस्वरूप, जब वर्षा होती, तो उसके खेत तैयार नहीं होते और वह फसल नहीं उगा पाता। इस प्रकार, बारिश का पूरा लाभ उठाने से वह चूक जाता और उसकी निराशा बनी रहती।

प्रश्न घः

क्या होता अगर: इस साल भी वर्षा न होती?
Solution: यदि इस साल भी वर्षा न होती, तो गोमा पूरी तरह से टूट जाता और शायद खेती की उम्मीद ही छोड़ देता। न केवल उसकी फसलें बर्बाद होतीं, बल्कि उसके पशुओं के लिए भी चारे की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती, जिससे उनकी जान को भी खतरा हो सकता था। ऐसी स्थिति में उसका जीवन अत्यंत कठिन हो जाता।

प्रश्न कः

वर्षा कैसे हो!: बूढ़ी अम्मा ने वर्षा न होने का क्या कारण बताया था?
Solution: बूढ़ी अम्मा ने वर्षा न होने का एक महत्वपूर्ण कारण पेड़ों की कटाई को बताया था। उन्होंने कहा कि जब पेड़ ही नहीं रहेंगे तो पत्तियाँ कहाँ से आएँगी, और यदि पेड़ अधिक होते तो वर्षा भी अवश्य होती। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जंगलों से पेड़ों की लगातार कटाई के कारण हरियाली कम हो रही है, और हरियाली के बिना वर्षा का होना मुश्किल है।

प्रश्न खः

वर्षा कैसे हो!: क्या तुम बूढ़ी अम्मा की बात से सहमत होते? अपने उत्तर का कारण भी बताओ।
Solution: हाँ, हम बूढ़ी अम्मा की बात से पूरी तरह सहमत हैं। पेड़ों की कटाई से पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे वर्षा चक्र बाधित होता है और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। प्रकृति की रक्षा और पर्यावरण को बचाने के लिए पेड़ों की कटाई को रोकना और अधिक से अधिक पेड़ लगाना अत्यंत आवश्यक है। यह हमारे भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।

प्रश्न कः

गाँव और पशु: इस वर्ष भी आषाढ़ सूखा ही रहा। लोककथा से जाहिर होता है कि गोमा के गाँव में तीन साल से वर्षा नहीं हुई थी। वर्षा न होने के कारण उनके गाँव के बैलों, खेतों और पेड़ों में क्या बदलाव आए होंगे?
Solution: वर्षा न होने के कारण गोमा के गाँव में निम्नलिखित बदलाव आए होंगे:
  • खेत: वर्षा के अभाव में धरती सूखकर सख्त हो गई होगी और उसमें गहरी दरारें पड़ गई होंगी। जुताई करना भी मुश्किल हो गया होगा और मिट्टी की उर्वरता भी कम हो गई होगी।
  • पेड़: सूखे के कारण पेड़ मुरझा गए होंगे, उनकी पत्तियाँ झड़ गई होंगी और कई पेड़ सूखकर मर भी गए होंगे।
  • पशु (जैसे बैल): वर्षा न होने से चारागाह सूख गए होंगे, जिससे पशुओं के लिए भोजन की भारी कमी हो गई होगी। वे कमजोर और दुबले-पतले हो गए होंगे और उनकी उत्पादकता (जैसे दूध देना या काम करना) भी कम हो गई होगी।

Common mistakes

  • गोमा के निराशावादी दृष्टिकोण को ही अंतिम सत्य मान लेना।
  • बूढ़ी अम्मा की सलाह के पीछे के वैज्ञानिक या पर्यावरणीय तर्क को अनदेखा करना।
  • 'क्या होता अगर' प्रश्नों में केवल एक ही संभावित परिणाम सोचना।
  • पर्यावरण संरक्षण के महत्व को केवल कहानी तक सीमित समझना।

Revision tips

  • कहानी के मुख्य पात्रों - गोमा और बूढ़ी अम्मा - के विचारों और कार्यों की तुलना करें।
  • 'क्या होता अगर' खंड के सभी संभावित परिणामों पर विचार करें और उनके कारणों को समझें।
  • वर्षा न होने के कारणों और समाधानों पर बूढ़ी अम्मा के विचारों को याद करें।
  • कहानी से मिले आशावाद और कर्मठता के संदेश को अपने जीवन से जोड़कर देखें।

Practice MCQs

Q1. गोमा बिना खेत जोते घर क्यों लौट रहा था?

Q2. बूढ़ी अम्मा ने गोमा को क्या करने की सलाह दी?

Q3. बूढ़ी अम्मा के अनुसार वर्षा न होने का एक मुख्य कारण क्या था?

Q4. अगर गोमा खेतों को तैयार न करता तो क्या होता?

Q5. यह लोककथा मुख्य रूप से किस संदेश पर जोर देती है?

Frequently asked questions

कक्षा 8 की दूर्वा पुस्तक का पाठ 16 किस बारे में है?

पाठ 16, 'बूढ़ी अम्मा की बात', एक लोककथा है जो वर्षा की कमी के कारण उत्पन्न निराशा और एक बुद्धिमान बूढ़ी अम्मा द्वारा दिए गए प्रेरणादायक उपदेश के बारे में है।

इस पाठ के समाधान छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान छात्रों को कहानी के पात्रों, कथानक, मुख्य संदेशों और पर्यावरण संबंधी विषयों को गहराई से समझने में मदद करते हैं, जो परीक्षा में पूछे जा सकने वाले प्रश्नों के उत्तर देने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

गोमा ने खेत जोतना क्यों छोड़ दिया था?

गोमा ने खेत जोतना इसलिए छोड़ दिया था क्योंकि तीन साल से लगातार वर्षा न होने के कारण वह बहुत निराश हो गया था और उसे फसल उगने की कोई उम्मीद नहीं थी।

बूढ़ी अम्मा ने वर्षा न होने का क्या कारण बताया?

बूढ़ी अम्मा ने वर्षा न होने का एक मुख्य कारण पेड़ों की कटाई को बताया। उनके अनुसार, पेड़ कम होने से हरियाली कम होती है और वर्षा भी कम होती है।

क्या यह पाठ केवल कहानी तक सीमित है या इसका कोई गहरा संदेश भी है?

यह पाठ केवल कहानी तक सीमित नहीं है। यह कर्मठता, आशावाद, प्रकृति के साथ सामंजस्य और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण संदेश भी देता है।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.