CBSE Class 8 Hindi Vasant Bhag 3 Chapter 6: भगवान के डाकिए - NCERT Solutions

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CBSE Class 8 Hindi Vasant Bhag 3 के पाठ 6, 'भगवान के डाकिए' में रामधारी सिंह 'दिनकर' की एक सुंदर कविता प्रस्तुत की गई है। यह कविता प्रकृति के माध्यम से प्रेम, एकता और समानता का गहरा संदेश देती है। समाधानों में समझाया गया है कि पक्षी और बादल ईश्वर के डाकिया क्यों हैं, जो बिना किसी भेदभाव के सभी देशों तक प्रेम का संदेश पहुंचाते हैं। यह संदेश मनुष्य भले ही न समझ पाएं, पर पेड़-पौधे, जल और पहाड़ इसे सहजता से ग्रहण कर लेते हैं। ये समाधान छात्रों को कविता के मर्म को समझने, पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नों के सटीक उत्तर देने और परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे। यह कविता सार्वभौमिक भाईचारे और प्रकृति की निष्पक्षता जैसे गहन विषयों को उजागर करती है, जिससे छात्रों की समझ और विश्लेषण क्षमता विकसित होती है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
Subjectवसंत
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter6. भगवान के डाकिए - रामधरी ̄सह ‘दिनकर’

Chapter summary

Chapter 6, 'Bhagwan Ke Dakie' by Ramdhari Singh 'Dinkar', explores the idea of birds and clouds as divine messengers. The NCERT Solutions for this chapter focus on understanding the poem's central metaphor, explaining how nature communicates messages of unity and equality. The solutions address questions about who can read these messages, the impartiality of nature, and the symbolic meaning of these natural elements. They also draw comparisons with modern communication methods like the internet, highlighting the timeless relevance of nature's communication. This chapter's solutions aim to enhance students' comprehension of poetic devices and thematic depth.

Learning outcomes

  • Understand the metaphor of birds and clouds as God's postmen.
  • Analyze the messages of unity, love, and equality conveyed by nature.
  • Identify the elements of nature that can 'read' these divine messages.
  • Compare and contrast natural communication with modern digital communication.
  • Appreciate the concept of universal brotherhood as depicted in the poem.
  • Explain the role of nature in transcending national boundaries.

Topics covered

Paper topics

  • Meaning of 'Bhagwan Ke Dakie'
  • Role of birds and clouds as messengers
  • Nature's messages of love and unity
  • Understanding nature's communication
  • Impartiality of nature
  • Comparison with internet communication
  • Universal brotherhood
  • Poetic interpretation
  • Ramdhari Singh 'Dinkar'
  • Class 8 Hindi Vasant Bhag 3

Important topics

  • Metaphor of birds and clouds as God's postmen
  • Nature's messages of unity and equality
  • Impartiality of natural elements
  • Comparison of natural vs. digital communication
  • Theme of universal brotherhood

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

कवि ने पक्षी और बादल को भगवान के डाकिए क्यों बताया है? स्पष्ट कीजिए।
Solution: कवि ने पक्षी और बादल को भगवान के डाकिए इसलिए कहा है क्योंकि जिस प्रकार डाकिए चिट्ठियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाकर संदेश देते हैं, उसी प्रकार पक्षी और बादल भी ईश्वर का संदेश लेकर आते हैं। ये संदेश प्रेम, एकता और सद्भाव के होते हैं, जो किसी एक देश या व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए होते हैं। हालाँकि मनुष्य इन संदेशों को सीधे तौर पर नहीं समझ पाता, पर पेड़-पौधे, पानी और पहाड़ जैसे प्राकृतिक तत्व इन्हें भली-भाँति ग्रहण कर लेते हैं। जिस प्रकार ये प्राकृतिक तत्व बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए उपयोगी होते हैं, उसी प्रकार हमें भी विश्वबंधुत्व की भावना से कार्य करना चाहिए।

प्रश्न 2

पक्षी और बादल द्वारा लाई गई चिड्ठियों को कौन-कौन पढ़ पाते हैं? सोच कर लिखिए।
Solution: पक्षी और बादल द्वारा लाई गई चिट्ठियों को हम मनुष्य भले ही न समझ पाएं, लेकिन पेड़-पौधे, पानी और पहाड़ जैसे प्राकृतिक उपादान इन्हें पढ़ और समझ पाते हैं। ये प्राकृतिक तत्व ईश्वर के संदेश को ग्रहण करते हैं और उसी के अनुसार अपना कार्य करते हैं, जैसे नदियाँ सभी को समान रूप से जल देती हैं और पेड़-पौधे सभी को फल-फूल प्रदान करते हैं।

प्रश्न 3

किन पंक्तियों का भाव है:
  • (क) पक्षी और बादल प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश एक देश से दूसरे देश को भेजते हैं।
  • (ख) प्रकृति देश-देश में भेदभाव नहीं करती। एक देश से उठा बादल दूसरे देश में बरस जाता है।
Solution:

(क) पक्षी और बादल,

ये भगवान के डाकिए हैं,

जो एक महादेश से

दूसरे महादेश को जाते हैं।

हम तो समझ नहीं पाते हैं

मगर उनकी लाई चिट्ठियाँ

पेड़, पौधे, पानी और पहाड़

बाँचते हैं।

(ख) और एक देश का भाप

दूसरे देश में पानी

बनकर गिरता है।

प्रश्न 4

पक्षी और बादल की चिट्ठियों में पेड़-पौधे, पानी और पहाड़ क्या पढ़ पाते हैं?
Solution: कवि के अनुसार, पक्षी और बादल भगवान के डाकिए हैं जो ईश्वर का संदेश लेकर आते हैं। पेड़-पौधे, पानी और पहाड़ इन चिट्ठियों में ईश्वर द्वारा भेजे गए एकता, प्रेम और सद्भावना के संदेश को पढ़ पाते हैं। यह संदेश प्रकृति की ओर से सभी प्राणियों के लिए होता है, जिसमें किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होता। उदाहरण के लिए, नदियाँ सभी को समान रूप से अपना जल बाँटती हैं, पहाड़ सभी के लिए समान रूप से खड़े रहते हैं, और पेड़-पौधे बिना किसी भेद के अपने फल, फूल और सुगंध सभी को देते हैं।

प्रश्न 5

"एक देश की धरती दूसरे देश को सुगंध भेजती है" - कथन का भाव स्पष्ट कीजिए।
Solution: इस कथन का भाव यह है कि प्रकृति अपने विभिन्न माध्यमों से, जैसे हवा और पक्षियों के द्वारा, एक देश की खुशबू और प्रेम को दूसरे देश तक पहुँचाती है। धरती पर उगने वाले फूल अपनी सुगंध हवा में फैलाते हैं, जो हवा के साथ बहकर दूसरे देशों तक पहुँच जाती है। इसी प्रकार, पक्षी भी एक देश से दूसरे देश की यात्रा करते हुए प्रेम और सौहार्द का संदेश ले जाते हैं। यह प्रकृति की ओर से भेजा गया एकता और भाईचारे का संदेश है, जो सीमाओं को पार करता है।

प्रश्न 6

पक्षी और बादल की चिट्ठियों के आदान-प्रदान को आप किस दृष्टि से देख सकते हैं?
Solution: पक्षी और बादल की चिट्ठियों के आदान-प्रदान को हम प्रेम, सौहार्द, आपसी सद्भाव और विश्वबंधुत्व की दृष्टि से देख सकते हैं। ये चिट्ठियाँ ईश्वर का संदेश हैं जो हमें सिखाती हैं कि सभी मनुष्य और सभी देश एक हैं और हमें आपस में प्रेम और समानता का व्यवहार करना चाहिए। यह प्रकृति का वह रूप है जो सीमाओं से परे जाकर सभी को एक सूत्र में पिरोता है।

प्रश्न 7

आज विश्व में कहीं भी संवाद भेजने और पाने का एक बड़ा साधन इंटरनेट है। पक्षी और बादल की चिट्ठियों की तुलना इंटरनेट से करते हुए दस पंक्तियाँ लिखिए।
Solution: पक्षी और बादल की चिट्ठियों और इंटरनेट के बीच कई महत्वपूर्ण अंतर हैं:
  1. पक्षी और बादल प्रकृति के अनुसार कार्य करते हैं, जबकि इंटरनेट मनुष्य द्वारा निर्मित है और उसके अनुसार कार्य करता है।
  2. बादल का कार्य प्रकृति-प्रेमियों को प्रभावित करता है, जबकि इंटरनेट विज्ञान-प्रेमियों को अधिक आकर्षित करता है।
  3. पक्षी और बादल का कार्य धीमी गति से होता है, जो प्रकृति की लय को दर्शाता है, वहीं इंटरनेट का कार्य अत्यंत तीव्र गति से होता है।
  4. इंटरनेट एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक व्यक्तिगत संदेश या सूचना पहुँचाने का एक सरल और तेज़ माध्यम है।
  5. इंटरनेट के माध्यम से हम किसी की व्यक्तिगत राय या जानकारी जान सकते हैं।
  6. इसके विपरीत, पक्षी और बादल की चिट्ठियाँ हमें ईश्वर का संदेश देती हैं, जो सार्वभौमिक और आध्यात्मिक होता है।
  7. पक्षी और बादल बिना किसी भेदभाव के सारी दुनिया में प्रेम और एकता का संदेश देते हैं।
  8. इंटरनेट का उपयोग भी विश्व में प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश फैलाने के लिए किया जा सकता है, यदि इसका सदुपयोग हो।
  9. पक्षी और बादल का संदेश प्रकृति की ओर से होता है, जो हमें जीवन के व्यापक अर्थों से जोड़ता है।
  10. इंटरनेट का संदेश अक्सर तात्कालिक और भौतिक दुनिया से संबंधित होता है।

प्रश्न 8

'हमारे जीवन में डाकिए की भूमिका' क्या है? इस विषय पर दस वाक्य लिखिए।
Solution: हमारे जीवन में डाकिए की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और बहुआयामी है:
  1. डाकिया भारतीय सामाजिक जीवन की एक आधारभूत कड़ी है, जो सूचनाओं और संदेशों को घर-घर तक पहुँचाता है।
  2. वह पत्रों, पार्सलों, मनीऑर्डरों और सरकारी सूचनाओं जैसे महत्वपूर्ण संदेशों का वितरण करता है।
  3. भले ही आज कंप्यूटर और ई-मेल का जमाना है, फिर भी डाकिया का महत्व आज भी बना हुआ है, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में।
  4. डाकिया गर्मी, सर्दी और बरसात जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करते हुए भी अपना कर्तव्य निभाता है।
  5. वह समाज की सेवा अत्यंत परिश्रम, लगन और निष्ठा के साथ करता है।
  6. कई बार डाकिया ही गाँव या कस्बे के लोगों के लिए बाहरी दुनिया से जुड़ने का एकमात्र माध्यम होता है।
  7. वह न केवल संदेश लाता है, बल्कि कई बार लोगों के लिए जवाब लिखने में भी सहायता करता है।
  8. भारतीय डाक प्रणाली की अच्छी छवि बनाने में डाकिए का योगदान सर्वाधिक है।
  9. वह एक भरोसेमंद व्यक्ति होता है, जिसका लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं।
  10. डाकिया समाज में सूचना के प्रवाह को बनाए रखकर एक महत्वपूर्ण सामाजिक सेवा प्रदान करता है।

Common mistakes

  • Confusing the literal meaning of 'postmen' with the metaphorical one.
  • Failing to grasp that nature's messages are understood by natural elements, not necessarily humans.
  • Overlooking the theme of impartiality and universal brotherhood in nature's actions.
  • Not fully appreciating the contrast drawn between natural and internet communication.

Revision tips

  • Read the poem 'Bhagwan Ke Dakie' aloud to feel its rhythm and meaning.
  • Focus on the explanation of why birds and clouds are called 'postmen'.
  • Understand the comparison between nature's messages and human communication.
  • Note down the specific examples of nature's impartiality (e.g., clouds raining everywhere).
  • Practice answering the questions by referring to the poem's lines and the provided solutions.

Practice MCQs

Q1. कवि ने पक्षी और बादल को भगवान के डाकिए क्यों कहा है?

Q2. पक्षी और बादल द्वारा लाई गई चिट्ठियों को कौन पढ़ पाते हैं?

Q3. प्रकृति देश-देश में भेदभाव नहीं करती, इस बात का क्या उदाहरण दिया गया है?

Q4. इंटरनेट की तुलना पक्षी और बादल की चिट्ठियों से करते हुए क्या अंतर बताया गया है?

Q5. 'एक देश की धरती दूसरे देश को सुगंध भेजती है' - इस कथन का क्या भाव है?

Frequently asked questions

यह पाठ 'भगवान के डाकिए' किस कक्षा के हिंदी पाठ्यक्रम का हिस्सा है?

यह पाठ CBSE कक्षा 8 की हिंदी पुस्तक 'वसंत भाग 3' के अध्याय 6 के रूप में शामिल है।

इस कविता में पक्षी और बादल को 'भगवान के डाकिए' क्यों कहा गया है?

कवि ने पक्षी और बादल को भगवान के डाकिए इसलिए कहा है क्योंकि वे बिना किसी भेदभाव के पूरी दुनिया में प्रेम, एकता और सद्भाव का संदेश फैलाते हैं, जो ईश्वर का संदेश माना जाता है।

प्रकृति के संदेशों को कौन समझ पाता है?

कवि के अनुसार, पक्षी और बादल द्वारा लाए गए संदेशों को मनुष्य भले ही न समझ पाएं, लेकिन पेड़-पौधे, पानी और पहाड़ उन्हें भली-भाँति पढ़ और समझ लेते हैं।

क्या प्रकृति में कोई भेदभाव होता है?

नहीं, कविता के अनुसार प्रकृति देश-देश में भेदभाव नहीं करती। जैसे एक देश का बादल दूसरे देश में बरस जाता है, उसी प्रकार नदियाँ, पहाड़ और पेड़-पौधे सभी के साथ समान व्यवहार करते हैं।

कविता में इंटरनेट की तुलना पक्षी और बादल से कैसे की गई है?

कविता में बताया गया है कि पक्षी और बादल प्रकृति के अनुसार धीमी गति से काम करते हैं और ईश्वर का संदेश देते हैं, जबकि इंटरनेट मनुष्य के अनुसार तीव्र गति से काम करता है और व्यक्तिगत राय या सूचनाएँ पहुँचाता है।

इस कविता का मुख्य संदेश क्या है?

इस कविता का मुख्य संदेश यह है कि प्रकृति हमें प्रेम, एकता, समानता और विश्वबंधुत्व का संदेश देती है, और हमें भी प्रकृति की तरह बिना भेदभाव के सभी के साथ प्रेमपूर्ण व्यवहार करना चाहिए।

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