कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान: समानता के लिए संघर्ष NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 7 के लिए सामाजिक विज्ञान के 'समानता के लिए संघर्ष' अध्याय पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें मताधिकार की शक्ति, समुदाय में न्याय और समानता के लिए लड़ने वाले व्यक्तियों की भूमिका, और 'तवा मत्स्य संघ' जैसे संगठनों के संघर्षों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधान बताते हैं कि कैसे लोगों ने अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर लड़ाई लड़ी, जैसे कि मछली पकड़ने के अधिकार को पुनः प्राप्त करना। यह अध्याय यह भी बताता है कि कैसे भारतीय संविधान समानता के लिए लोगों के संघर्षों का समर्थन करता है, यह सुनिश्चित करता है कि सभी नागरिकों के साथ कानून के तहत समान व्यवहार किया जाए। ये समाधान छात्रों को समानता के महत्व और इसे प्राप्त करने के लिए सामूहिक कार्रवाई की शक्ति को समझने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectसामाजिक एवं राजनीतिक जीवन
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter10. समानता के लिए संघष्

Chapter summary

कक्षा 7 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 10, 'समानता के लिए संघर्ष' के लिए NCERT समाधान, समानता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हैं। यह अध्याय मताधिकार के महत्व, व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर न्याय के लिए संघर्षों के उदाहरणों, और 'तवा मत्स्य संघ' जैसे लोगों के संगठनों द्वारा अपने अधिकारों के लिए की गई लड़ाई का विवरण देता है। समाधान यह भी स्पष्ट करते हैं कि कैसे भारतीय संविधान समानता के सिद्धांतों को बनाए रखने और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Learning outcomes

  • मताधिकार की शक्ति और लोकतंत्र में इसकी भूमिका को समझना।
  • न्याय और समानता के लिए व्यक्तिगत और सामुदायिक संघर्षों के उदाहरणों की पहचान करना।
  • 'तवा मत्स्य संघ' जैसे जन आंदोलनों के कारणों और सफलता की रणनीतियों का विश्लेषण करना।
  • समानता के लिए संघर्षों में भारतीय संविधान की भूमिका और महत्व को समझना।
  • नागरिकों के अधिकारों और सामूहिक कार्रवाई के महत्व को पहचानना।

Topics covered

Paper topics

  • मताधिकार की शक्ति
  • लोकतंत्र में नागरिक अधिकार
  • न्याय और समानता के लिए संघर्ष
  • जन आंदोलन: तवा मत्स्य संघ
  • सामूहिक कार्रवाई का महत्व
  • भारतीय संविधान और समानता
  • संवैधानिक अधिकार
  • भेदभाव के विरुद्ध लड़ाई
  • नागरिकों की भागीदारी
  • सामाजिक न्याय

Important topics

  • मताधिकार की शक्ति और महत्व
  • तवा मत्स्य संघ का संघर्ष और उसकी सफलता के कारण
  • समानता के लिए संघर्षों में संविधान की भूमिका
  • सामुदायिक भागीदारी का महत्व

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

'मताधिकार की ताकत' से आप क्या समझते हैं? इस पर आपस में विचार कीजिए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-115)
Solution: मताधिकार की ताकत का अर्थ है वोट देने का अधिकार। भारतीय संविधान के अनुसार, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वयस्क नागरिकों को गुप्त मतदान द्वारा अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार है। ये चुने हुए प्रतिनिधि मिलकर सरकार का गठन करते हैं। इसी मताधिकार के कारण भारत में लोकतंत्र की सर्वोच्च शक्ति जनता में निहित है, जो अपने वोट से सरकार को चुनती और बदलती है।

प्रश्न 2

क्या आप अपने परिवार, समुदाय, गाँव या शहर में किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में सोच सकते हैं, जिनका आप इसलिए सम्मान करते हैं, क्योंकि उन्होंने न्याय और समानता के लिए लड़ाई लड़ी? (एन॰सी॰ई॰आर॰टी॰ पाठ्यपुस्तक, पेज-116)
Solution: हाँ, हमारे समुदाय में श्री रमेश वर्मा जी हैं, जो एक सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। उन्होंने वर्षों तक अपने मोहल्ले में पानी की आपूर्ति की समस्या के खिलाफ आवाज उठाई। जब स्थानीय प्रशासन ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया, तो उन्होंने अन्य निवासियों को संगठित किया और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का नेतृत्व किया। उनके अथक प्रयासों और दृढ़ संकल्प के कारण, अंततः प्रशासन को उनकी मांगों पर ध्यान देना पड़ा और क्षेत्र में पानी की आपूर्ति में सुधार हुआ। उनके इसी न्यायपूर्ण संघर्ष के कारण हम सभी उनका बहुत सम्मान करते हैं।

प्रश्न 3

'तवा मत्स्य संघ' के संघर्ष का मुद्दा क्या था? ( एन॰सी॰ई॰आर॰टी॰ पाठ्यपुस्तक, पेज-118)
Solution: 'तवा मत्स्य संघ' के संघर्ष का मुख्य मुद्दा यह था कि 1994 में सरकार ने तवा बाँध के निर्माण के कारण विस्थापित हुए लोगों के पारंपरिक व्यवसाय, यानी बाँध में मछली पकड़ने के काम को निजी ठेकेदारों को सौंप दिया था। इससे स्थानीय मछुआरों की आजीविका छिन गई थी। संघ सरकार से यह माँग कर रहा था कि उनके जीवन-निर्वाह के लिए मछली पकड़ने के काम को जारी रखने की अनुमति दी जाए।

प्रश्न 4

गाँव वालों ने यह संगठन बनाने की जरूरत क्यों महसूस की? (एन॰सी॰ई॰आर॰टी॰ पाठ्यपुस्तक, पेज-118)
Solution: गाँव वालों ने 'तवा मत्स्य संघ' नामक संगठन बनाने की जरूरत इसलिए महसूस की क्योंकि 1994 में जब सरकार ने तवा बाँध क्षेत्र में मछली पकड़ने का काम निजी ठेकेदारों को सौंपा, तो उन ठेकेदारों ने स्थानीय लोगों को काम से निकाल दिया। ठेकेदारों ने बाहरी श्रमिकों को काम पर रखा और स्थानीय लोगों को धमकाने के लिए गुंडों का इस्तेमाल भी किया। इन अन्यायपूर्ण और खतरनाक परिस्थितियों का सामना करने के लिए, गाँव वालों ने अपने अधिकारों की रक्षा करने और एकजुट होकर लड़ने के लिए इस संगठन को बनाने का निर्णय लिया।

प्रश्न 5

क्या आप सोचते हैं कि 'तवा मत्स्य संघ' की सफलता का कारण था, ग्रामीणों की बड़ी संख्या में भागीदारी? इस संबंध में दो पंक्तियाँ लिखिए। (एन॰सी॰ई॰आर॰टी॰ पाठ्यपुस्तक, पेज-118)
Solution: हाँ, यह बिल्कुल सही है कि 'तवा मत्स्य संघ' की सफलता का एक प्रमुख कारण ग्रामीणों की बड़ी संख्या में भागीदारी थी। जब ग्रामीणों ने एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए चक्का जाम जैसे अभियान चलाए, तो उनकी एकता और संख्या बल ने सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने के लिए मजबूर किया। इस सामूहिक भागीदारी ने उनके प्रतिरोध को मजबूत बनाया और अंततः उन्हें अपने अधिकार वापस दिलाने में मदद की।

प्रश्न 6

समानता के लिए लोगों के संघर्ष में हमारे संविधान की क्या भूमिका हो सकती है? (एन॰सी॰ई॰आर॰टी॰ पाठ्यपुस्तक, पेज-121)
Solution: भारतीय संविधान समानता के लिए लोगों के संघर्षों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संविधान सभी नागरिकों को, चाहे उनकी जाति, धर्म, भाषा या लिंग कुछ भी हो, समान मानता है और किसी भी प्रकार के भेदभाव को प्रतिबंधित करता है। जब लोग समानता के लिए संघर्ष करते हैं, तो वे अपने संवैधानिक अधिकारों का दावा करते हैं। यदि मामला न्यायालय तक पहुँचता है, तो न्यायालय संविधान के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए निर्णय देता है, जो अक्सर संघर्ष करने वालों के पक्ष में होता है। इस प्रकार, संविधान समानता के संघर्षों के लिए एक कानूनी आधार और समर्थन प्रदान करता है।

Common mistakes

  • मताधिकार के महत्व को कम आंकना।
  • सामुदायिक संघर्षों में व्यक्तिगत भागीदारी के महत्व को नजरअंदाज करना।
  • संवैधानिक अधिकारों और उनके संरक्षण के तरीकों को न समझना।
  • जन आंदोलनों के पीछे के कारणों और उनकी रणनीतियों को सतही तौर पर देखना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर में दिए गए उदाहरणों को ध्यान से पढ़ें और समझें।
  • 'तवा मत्स्य संघ' के संघर्ष के कारणों और परिणामों पर विशेष ध्यान दें।
  • समानता के लिए संघर्षों में संविधान की भूमिका को रेखांकित करने वाले बिंदुओं को याद करें।
  • मताधिकार के महत्व को अपने शब्दों में समझाने का अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. भारत में वयस्क नागरिकों को कितने वर्ष की आयु के बाद मताधिकार प्राप्त होता है?

Q2. 'तवा मत्स्य संघ' का मुख्य संघर्ष किस अधिकार को लेकर था?

Q3. सरकार ने तवा बाँध क्षेत्र में मछली पकड़ने का काम कब निजी ठेकेदारों को सौंपा?

Q4. समानता के लिए संघर्षों में भारतीय संविधान की क्या भूमिका है?

Q5. ग्राम प्रधान उदय नारायण सिंह का सम्मान क्यों किया जाता था?

Frequently asked questions

कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान के 'समानता के लिए संघर्ष' अध्याय में मुख्य रूप से किन विषयों पर चर्चा की गई है?

इस अध्याय में मुख्य रूप से मताधिकार की शक्ति, न्याय और समानता के लिए व्यक्तिगत व सामुदायिक संघर्षों के उदाहरण, 'तवा मत्स्य संघ' जैसे जन आंदोलनों के मुद्दे और सफलता, तथा समानता के लिए लोगों के संघर्षों में भारतीय संविधान की भूमिका पर चर्चा की गई है।

मताधिकार की ताकत से क्या तात्पर्य है?

मताधिकार की ताकत से तात्पर्य है कि भारत के वयस्क नागरिक (18 वर्ष या उससे अधिक आयु के) अपने वोट का प्रयोग करके प्रतिनिधियों का चुनाव कर सकते हैं, जो मिलकर सरकार बनाते हैं। इस प्रकार, सर्वोच्च शक्ति जनता में निहित होती है।

तवा मत्स्य संघ ने किस समस्या का सामना किया और उन्होंने क्या समाधान निकाला?

तवा मत्स्य संघ के सदस्यों को 1994 में सरकार द्वारा मछली पकड़ने का काम निजी ठेकेदारों को सौंप दिए जाने के कारण अपनी आजीविका खोने का सामना करना पड़ा। उन्होंने संगठित होकर विरोध किया और अंततः सरकार को उन्हें मछली पकड़ने का अधिकार पुनः देने के लिए मजबूर किया।

समानता के लिए संघर्षों में भारतीय संविधान कैसे मदद करता है?

भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समान मानता है और जाति, धर्म, भाषा या लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं करता। जब लोग समानता के लिए संघर्ष करते हैं, तो संवैधानिक कानून उनके पक्ष में होते हैं और न्यायालय संविधान के आधार पर उनके पक्ष में निर्णय देते हैं।

क्या इन NCERT समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए किया जा सकता है?

हाँ, ये समाधान कक्षा 7 के सामाजिक विज्ञान के 'समानता के लिए संघर्ष' अध्याय के महत्वपूर्ण प्रश्नों और अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, जिससे छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद मिलती है।

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