Class 7 Hindi Vasant Chapter 9: चिड़िया की बच्ची NCERT Solutions

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CBSE Class 7 Hindi Vasant chapter 9, 'Chidiya ki Bachchi' (The Bird's Child), presents a touching story that contrasts material wealth with the simple joys of freedom and family. The narrative centers around Madhavdas, a rich man who, despite his possessions, feels an emptiness and desires companionship. He encounters a small bird and attempts to lure it into his luxurious cage, believing he can offer it a life of comfort. However, the bird yearns for its mother and the freedom of its natural habitat. The NCERT Solutions for this chapter guide students through analyzing Madhavdas's character, understanding the bird's perspective, and exploring the story's central theme: the irreplaceable value of freedom and maternal love over material possessions. These solutions help students grasp the chapter's deeper meanings and prepare for their examinations by focusing on character analysis and thematic understanding.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectवसंत
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter9. चिड़िया की बच्ची

Chapter summary

Chapter 9, 'Chidiya ki Bachchi', focuses on the contrast between material possessions and true happiness. The NCERT Solutions analyze the character of Madhavdas, a rich man seeking solace, and a little bird who values freedom and her mother above all else. The solutions explain the bird's refusal of luxurious comforts, the importance of maternal bonds, and the concept of natural discipline in the world. They encourage students to reflect on the meaning of freedom versus comfort and the significance of a mother's presence in life.

Learning outcomes

  • Understand the contrast between material wealth and emotional happiness.
  • Analyze the motivations and desires of different characters.
  • Appreciate the value of freedom and natural instincts.
  • Recognize the importance of a mother's love and presence.
  • Identify examples of natural discipline in the environment.
  • Reflect on the meaning of freedom versus comfortable captivity.

Topics covered

Paper topics

  • Madhavdas's character and lifestyle
  • The bird's longing for freedom
  • Materialism vs. emotional well-being
  • The significance of mother's love
  • Natural discipline in the environment
  • The concept of freedom versus captivity
  • Character analysis
  • The value of true happiness

Important topics

  • Freedom vs. Material Comfort
  • Mother's Love and Importance
  • Character Motivations
  • The True Meaning of Happiness
  • Natural Order and Discipline

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

किन बातों से ज्ञात होता है कि माधवदास का जीवन संपन्नता से भरा था और किन बातों से ज्ञात होता है कि वह सुखी नहीं था?
Solution: माधवदास के जीवन की संपन्नता का पता निम्नलिखित बातों से चलता है:
  • उन्होंने अपनी कोठी संगमरमर की बनवाई थी।
  • उनके पास धन की कोई कमी नहीं थी।
  • उनके पास एक सुंदर बगीचा था जिसमें एक फव्वारा भी लगा था।
  • वे चिड़िया को सोने और मोतियों से बना घर देने का प्रलोभन दे रहे थे।
इसके विपरीत, माधवदास के सुखी न होने के कारण निम्नलिखित थे:
  • उनकी शामें स्वप्न की तरह व्यर्थ गुजरती थीं।
  • सब कुछ होते हुए भी उनका महल सूना था और उन्हें अकेलापन महसूस होता था।
  • उनका मन अक्सर उदास रहता था और कोई ऐसा नहीं था जिससे वे अपने मन की बात कह सकें।
  • वे चिड़िया को अपने पास रोकने के लिए तरह-तरह के प्रलोभन दे रहे थे, जो उनके अकेलेपन को दर्शाता है।

प्रश्न 2

माधवदास क्यों बार-बार चिड़िया से कहता है कि यह बगीचा तुम्हारा ही है? क्या माधवदास निःस्वार्थ मन से ऐसा कह रहा था? स्पष्ट कीजिए।
Solution:माधवदास बार-बार चिड़िया से यह कहता है कि यह बगीचा तुम्हारा ही है क्योंकि वह उस नन्ही चिड़िया से बहुत प्रभावित हो गया था और उसे अपने पास ही रखना चाहता था। वह चाहता था कि चिड़िया उसके बगीचे में खेले और उसका अकेलापन दूर करे। नहीं, माधवदास यह कथन पूरी तरह से निःस्वार्थ मन से नहीं कह रहा था। वह चिड़िया को अपने बगीचे में इसलिए रखना चाहता था ताकि वह उसका मन बहला सके और उसे अपने अकेलेपन में कुछ खुशी मिल सके। वह चिड़िया को अपनी संपत्ति का हिस्सा बनाकर उसे अपने पास कैद करना चाहता था, जो कि स्वार्थ की भावना को दर्शाता है।

प्रश्न 3

माधवदास के बार-बार समझाने पर भी चिड़िया सोने के पिंजरे और सुख-सुविधाओं को कोई महत्त्व नहीं दे रही थी। दूसरी तरफ़ माधवदास की नज़र में चिड़िया की ज़िद का कोई तुक न था। माधवदास और चिड़िया के मनोभावों के अंतर क्या-क्या थे? अपने शब्दों में लिखिए।
Solution:माधवदास और चिड़िया के मनोभावों में मुख्य अंतर भौतिक सुख और भावनात्मक सुख को लेकर था:
  • माधवदास का दृष्टिकोण: माधवदास के लिए धन-संपत्ति और भौतिक सुख-सुविधाएँ ही जीवन का सब कुछ थीं। उन्हें विश्वास था कि धन से वे कुछ भी खरीद सकते हैं, यहाँ तक कि खुशी और साथ भी। इसलिए, चिड़िया का अपनी माँ के पास जाने की ज़िद उन्हें बेतुकी लग रही थी, क्योंकि वे उसे दुनिया की सारी सुख-सुविधाएँ देने को तैयार थे।
  • चिड़िया का दृष्टिकोण: चिड़िया के लिए ये सारी भौतिक सुख-सुविधाएँ व्यर्थ थीं। उसके लिए सबसे बढ़कर उसकी माँ का प्यार, उसकी गोद और उसकी आज़ादी थी। वह जानती थी कि माँ के बिना ये सारी चीज़ें उसे खुशी नहीं दे सकतीं। इसलिए, वह सोने के पिंजरे और माधवदास के प्रलोभनों को कोई महत्व नहीं दे रही थी और अपनी माँ के पास वापस जाना चाहती थी।
इस प्रकार, एक तरफ़ जहाँ माधवदास भौतिक सुख को महत्व देते थे, वहीं दूसरी तरफ़ चिड़िया भावनात्मक सुख और स्वतंत्रता को सर्वोपरि मानती थी।

प्रश्न 4

कहानी के अंत में नन्हीं चिड़िया का सेठ के नौकर के पंजे से भाग निकलने की बात पढ़कर तुम्हें कैसा लगा? चालीस-पचास या इससे कुछ अधिक शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया लिखिए।
Solution:कहानी के अंत में नन्हीं चिड़िया का अपनी बुद्धिमानी से सेठ के नौकर के पंजे से भाग निकलना और सुरक्षित अपनी माँ की गोद में पहुँचना पढ़कर मुझे अत्यंत प्रसन्नता और संतोष का अनुभव हुआ। यह देखकर अच्छा लगा कि चिड़िया लालच में नहीं फँसी और अपनी स्वतंत्रता को बनाए रखा। यदि वह पकड़ी जाती, तो उसे पिंजरे में रहकर अपनी माँ से बिछड़ना पड़ता और वह कभी आज़ादी से उड़ नहीं पाती। यह घटना सिखाती है कि स्वतंत्रता अनमोल है और किसी भी प्रलोभन के आगे उसे नहीं खोना चाहिए।

प्रश्न 5

'माँ मेरी बाट देखती होगी' - नन्ही चिड़िया बार-बार इसी बात को कहती है। आप अपने अनुभव के आधार पर बताइए कि हमारी ज़िंदगी में माँ का क्या महत्त्व है?
Solution:माँ का हमारे जीवन में स्थान अनुपम और अतुलनीय होता है। माँ केवल जन्मदात्री ही नहीं, बल्कि हमारी पहली गुरु, दोस्त और रक्षक भी होती है। वह बिना कुछ कहे हमारे मन की हर बात समझ जाती है और हर मुश्किल घड़ी में हमारा सहारा बनती है। माँ का प्यार निस्वार्थ होता है और उसकी गोद में जो सुकून मिलता है, वह दुनिया में कहीं और नहीं मिल सकता। चाहे हम कितने भी बड़े हो जाएँ, माँ का स्नेह और मार्गदर्शन हमारे लिए हमेशा आवश्यक रहता है। माँ का होना ईश्वर का दिया हुआ एक अनमोल वरदान है, जो जीवन को पूर्णता और सुरक्षा का एहसास कराता है।

प्रश्न 6

इस कहानी का कोई और शीर्षक देना हो तो आप क्या देना चाहेंगे और क्यों?
Solution:इस कहानी के लिए एक और उपयुक्त शीर्षक "सच्चा सुख" हो सकता है। इसका कारण यह है कि कहानी के माध्यम से यह दर्शाया गया है कि सच्चा सुख धन-संपत्ति या भौतिक सुख-सुविधाओं में नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, माँ के प्यार और अपनेपन में निहित है, जैसा कि नन्ही चिड़िया ने अनुभव किया। एक अन्य शीर्षक "बुद्धिमान चिड़िया" भी दिया जा सकता है, क्योंकि चिड़िया ने अपनी चतुराई और समझदारी से माधवदास के प्रलोभनों को ठुकराया और नौकर के पंजे से खुद को बचाया।

प्रश्न 7

इस कहानी में आपने देखा कि वह चिड़िया अपने घर से दूर आकर भी फिर अपने घोंसले तक वापस पहुँच जाती है। मधुमक्खियों, चींटियों, ग्रह-नक्षत्रों तथा प्रकृति की अन्य विभिन्न चीज़ों में हमें एक अनुशासनबद्धता देखने को मिलती है। इस तरह के स्वाभाविक अनुशासन का रूप आपको कहाँ-कहाँ देखने को मिलता है? उदाहरण देकर बताइए।
Solution:प्रकृति में स्वाभाविक अनुशासन का रूप हमें अनेक स्थानों पर देखने को मिलता है, जैसे:
  • ऋतु चक्र: मौसमों का एक निश्चित क्रम में आना और जाना, जैसे वसंत के बाद गर्मी, फिर सर्दी का आना।
  • सूर्य और चंद्रमा: सूर्य का प्रतिदिन पूर्व से उदय होना और पश्चिम में अस्त होना, तथा चंद्रमा का नियमित रूप से बढ़ना और घटना।
  • तारों का क्रम: रात में तारों का एक निश्चित दिशा में दिखाई देना और उनका एक व्यवस्थित ढंग से चमकना।
  • पृथ्वी का भ्रमण: पृथ्वी का अपनी धुरी पर घूमना और सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाना, जिससे दिन और रात तथा वर्ष बनते हैं।
  • पशुओं का व्यवहार: जंगली और पालतू पशुओं का भी दिनभर घूमने-फिरने के बाद शाम को अपने घर या बसेरे की ओर लौट आना।
  • चींटियों और मधुमक्खियों का कार्य: चींटियों का कतार में चलना और अपने भोजन को व्यवस्थित ढंग से भंडारित करना, तथा मधुमक्खियों का छत्ते में रहकर शहद बनाना और रानी मक्खी का अनुसरण करना।
ये सभी उदाहरण प्रकृति में व्याप्त एक अदृश्य और स्वाभाविक अनुशासन को दर्शाते हैं।

प्रश्न 8

सोचकर लिखिए कि यदि सारी सुविधाएँ देकर एक कमरे में आपको सारे दिन बंद रहने को कहा जाए तो क्या आप स्वीकार करेंगे? आपको अधिक प्रिय क्या होगा - 'स्वाधीनता' या 'प्रलोभनोंवाली पराधीनता'? ऐसा क्यों कहा जाता है कि पराधीन व्यक्ति को सपने में भी सुख नहीं मिल पाता? नीचे दिए गए कारणों को पढें और विचार करें -
Solution:यदि सारी सुख-सुविधाएँ देकर एक कमरे में मुझे सारे दिन बंद रहने को कहा जाए, तो मैं इसे स्वीकार नहीं करूँगा। मुझे 'स्वाधीनता' अधिक प्रिय होगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि स्वतंत्रता मनुष्य की मूलभूत आवश्यकता है। भले ही कमरे में सारी सुख-सुविधाएँ हों, लेकिन बाहरी दुनिया से कटा हुआ और अपनी मर्ज़ी से कुछ भी करने की आज़ादी न होना, एक प्रकार की कैद है। यह मानसिक घुटन पैदा करेगा और जीवन नीरस हो जाएगा। यह कहा जाता है कि पराधीन व्यक्ति को सपने में भी सुख नहीं मिल पाता, क्योंकि उसकी आत्मा स्वतंत्रता के लिए तड़पती रहती है। भले ही वह शारीरिक रूप से सुख-सुविधाओं में हो, लेकिन उसका मन हमेशा अपनी बेड़ियों को महसूस करता है। सपने में भी वह आज़ादी के पल तलाशता है या अपनी पराधीनता के दुखों को महसूस करता है। नीचे दिए गए कारण पर विचार करें:
  • क) क्योंकि किसी को पराधीन बनाने की इच्छा रखनेवाला व्यक्ति स्वयं दुखी होता है, वह किसी को सुखी नहीं कर सकता। यह कथन आंशिक रूप से सत्य है। जो व्यक्ति दूसरों को गुलाम बनाना चाहता है, वह स्वयं भी शायद अपनी इच्छाओं या समाज के दबावों के अधीन हो सकता है, और इसलिए वह दूसरों को सच्चा सुख नहीं दे सकता। हालाँकि, यह पूरी तरह से पराधीन व्यक्ति के सपने में सुख न मिलने का कारण नहीं है। मुख्य कारण व्यक्ति की अपनी स्वतंत्रता की चाहत है।

Common mistakes

  • Confusing material comfort with genuine happiness.
  • Underestimating the value of freedom and natural bonds.
  • Failing to understand the bird's perspective on luxury.
  • Not recognizing the deep emotional need for a mother's presence.

Revision tips

  • Focus on the contrasting desires of Madhavdas and the bird.
  • Identify the symbolic meaning of the golden cage versus freedom.
  • Reflect on the importance of motherly love as depicted in the story.
  • Consider the examples of natural discipline mentioned in the text.
  • Think about personal experiences related to freedom and comfort.

Practice MCQs

Q1. माधवदास के जीवन में संपन्नता के बावजूद किस चीज़ की कमी थी?

Q2. चिड़िया माधवदास के सोने के घर को क्यों महत्व नहीं दे रही थी?

Q3. माधवदास चिड़िया को अपने पास क्यों रोकना चाहता था?

Q4. कहानी के अंत में चिड़िया का पंजे से भाग निकलना क्या दर्शाता है?

Q5. कहानी में 'स्वाधीनता' और 'प्रलोभनोंवाली पराधीनता' में से किसे अधिक महत्व दिया गया है?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह समाधान कक्षा 7 के हिंदी (वसंत) विषय के लिए हैं, विशेष रूप से अध्याय 9 'चिड़िया की बच्ची' पर केंद्रित हैं।

इस अध्याय के मुख्य विषय क्या हैं?

इस अध्याय के मुख्य विषय भौतिक सुख-सुविधाओं की तुलना में स्वतंत्रता और माँ के प्यार का महत्व, तथा धनवान होने के बावजूद अकेलेपन और असंतोष की भावना हैं।

माधवदास के चरित्र की क्या विशेषताएँ हैं?

माधवदास एक अत्यंत धनी व्यक्ति हैं जिनके पास संगमरमर का महल और बगीचा है, लेकिन वे अकेले और असंतुष्ट हैं। वे चिड़िया को अपने मन बहलाने के लिए रोकना चाहते हैं।

चिड़िया सोने के पिंजरे को क्यों ठुकरा देती है?

चिड़िया अपनी माँ के प्यार और आज़ादी को सोने के पिंजरे और अन्य सुख-सुविधाओं से अधिक महत्व देती है। उसके लिए स्वतंत्रता अनमोल है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान अध्याय की गहरी समझ प्रदान करते हैं, मुख्य अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों को समझने में मदद करते हैं।

कहानी में प्राकृतिक अनुशासन का क्या उदाहरण दिया गया है?

कहानी में ऋतु चक्र, सूर्य-चंद्र का उदय-अस्त, तारों का चमकना, और पशुओं का शाम को घर लौटना जैसे प्राकृतिक अनुशासन के उदाहरण दिए गए हैं।

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