कक्षा 7 वसंत NCERT समाधान: पाठ 12 कंचा

NCERT Solutions PDF Class 7 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 7 की हिंदी पुस्तक 'वसंत' के पाठ 12 'कंचा' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ अप्पू नामक लड़के के कंचों के प्रति गहरे आकर्षण और उसकी कल्पनाओं की उड़ान का वर्णन करता है। समाधानों में अप्पू की कंचों के प्रति सम्मोहन, दुकानदार और ड्राइवर के साथ उसकी बातचीत, और स्कूल में मास्टर जी के पाठ के दौरान भी कंचों के बारे में सोचते रहने का विस्तृत विश्लेषण शामिल है। यह पाठ बच्चों की मासूमियत, उनकी कल्पनाशीलता और खेल के प्रति उनके लगाव को दर्शाता है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहराई को समझने, पात्रों के मनोविज्ञान का विश्लेषण करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectवसंत
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter12. कंचा

Chapter summary

कक्षा 7 की हिंदी पुस्तक 'वसंत' के पाठ 12 'कंचा' के ये NCERT समाधान अप्पू के कंचों के प्रति दीवानगी पर केंद्रित हैं। समाधान पाठ के मुख्य प्रसंगों की व्याख्या करते हैं, जैसे कि कंचों का अप्पू की कल्पना में समा जाना, दुकानदार और ड्राइवर के साथ उसकी मुलाकातें, और स्कूल में उसका कंचों में खोए रहना। यह पाठ बच्चों की दुनिया, उनकी मासूमियत और कल्पनाओं को दर्शाता है। समाधान छात्रों को पाठ के अर्थ, पात्रों के व्यवहार और भाषा की बारीकियों को समझने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • अप्पू के कंचों के प्रति आकर्षण के कारणों को समझना।
  • पाठ में वर्णित विभिन्न पात्रों के दृष्टिकोण का विश्लेषण करना।
  • बच्चों की कल्पनाशीलता और खेल के महत्व को पहचानना।
  • पाठ में प्रयुक्त मुहावरों और विशेषणों के प्रयोग को समझना।
  • कक्षा में ध्यान केंद्रित करने और बाहरी विचारों के प्रभाव का मूल्यांकन करना।

Topics covered

Paper topics

  • कंचों का आकर्षण
  • बच्चों की कल्पनाशीलता
  • मासूमियत और शरारत
  • दुकानदार और ड्राइवर का दृष्टिकोण
  • कक्षा में ध्यान केंद्रित करना
  • पाठ का विश्लेषण
  • मुहावरों का प्रयोग
  • विशेषणों का प्रयोग
  • स्थानीय खेल
  • कहानी का शीर्षक

Important topics

  • अप्पू का कंचों के प्रति सम्मोहन
  • बच्चों की दुनिया और कल्पना
  • पात्रों के व्यवहार का विश्लेषण
  • मुहावरों और विशेषणों का प्रयोग

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्रश्न 1

कंचे जब जार से निकलकर अप्पू के मन की कल्पना में समा जाते हैं, तब क्या होता है?
Solution:

जब कंचे जार से निकलकर अप्पू के मन की कल्पना में समा जाते हैं, तो वह पूरी तरह से उनमें खो जाता है। उसे ऐसा प्रतीत होता है मानो कंचों का जार बहुत बड़ा हो गया हो और वह स्वयं उस जार के अंदर चला गया हो। वहाँ वह अकेला ही कंचों को चारों ओर बिखेरते हुए आनंद से खेल रहा होता है। हरी लकीर वाले, सफ़ेद और गोल कंचे उसके विचारों पर पूरी तरह हावी हो जाते हैं। यहाँ तक कि जब मास्टर जी कक्षा में 'रेलगाड़ी' पाठ पढ़ा रहे होते हैं, तब भी अप्पू का ध्यान कंचों के खेल पर ही केंद्रित रहता है। उसे मास्टर जी द्वारा बनाया गया बॉयलर भी कंचे के जार जैसा ही दिखाई देता है। कंचों के इसी ख्यालों में खोए रहने के कारण उसे मास्टर जी से डाँट भी पड़ती है, लेकिन उसका मन पूरी तरह से कंचों के खेल में ही रमा रहता है।

प्रश्न 2

दुकानदार और ड्राइवर के सामने अप्पू की क्या स्थिति है? वे दोनों उसको देखकर पहले परेशान होते हैं, फिर हँसते हैं। कारण बताइए।
Solution:

दुकानदार और ड्राइवर के सामने अप्पू एक छोटा, नादान और अपनी ही दुनिया में मगन रहने वाला बच्चा है।

दुकानदार के सामने: दुकानदार अप्पू को बड़े ध्यान से कंचे देखते हुए देखकर पहले थोड़ा परेशान होता है। उसे चिंता होती है कि कहीं यह बच्चा जार को गिराकर तोड़ न दे, और वह केवल कंचों को देख रहा है, खरीद नहीं रहा। लेकिन जैसे ही अप्पू कंचे खरीदता है, दुकानदार उसकी इस बालसुलभ उत्सुकता पर हँस पड़ता है।

ड्राइवर के सामने: इसी तरह, जब अप्पू के कंचे सड़क पर बिखर जाते हैं और वह तेज़ी से आ रही कार की परवाह किए बिना उन्हें बीनने लगता है, तो कार का ड्राइवर पहले तो परेशान हो जाता है। लेकिन जब अप्पू उसे इशारा करके अपना कंचा दिखाता है, तो ड्राइवर उसकी बचपन की मासूम शरारत को समझ जाता है और उसकी इस हरकत पर हँस पड़ता है।

इस प्रकार, दोनों ही स्थितियों में, दुकानदार और ड्राइवर पहले अप्पू की हरकतों से थोड़ी खीझ या परेशानी महसूस करते हैं, लेकिन बाद में उसकी बालसुलभ चंचलता और मासूमियत को देखकर हँस पड़ते हैं।

प्रश्न 3

'मास्टर जी की आवाज़ अब कम ऊँची थी। वे रेलगाड़ी के बारे में बता रहे थे।' मास्टर जी की आवाज़ धीमी क्यों हो गई होगी? लिखिए।
Solution:

पाठ के आरम्भ में, मास्टर जी संभवतः सभी बच्चों का ध्यान अपनी ओर खींचने और कक्षा में अनुशासन बनाए रखने के लिए थोड़ी ऊँची आवाज़ में बोल रहे होंगे। जब उन्हें यह एहसास हुआ कि सभी बच्चे अब उनकी बात ध्यान से सुन रहे हैं और पाठ में रुचि ले रहे हैं, तो उन्होंने अपनी आवाज़ को धीमा कर लिया। आवाज़ धीमी करने का उद्देश्य यह हो सकता है कि वे पाठ को अधिक सहजता और स्पष्टता से समझा सकें, ताकि हर बच्चा उनकी बातों को आसानी से समझ सके। यह एक सामान्य शिक्षण पद्धति है जहाँ शिक्षक छात्रों की प्रतिक्रिया के अनुसार अपनी आवाज़ और पढ़ाने के तरीके में बदलाव करते हैं।

प्रश्न 4

कंचे, गिल्ली-डंडा, गेंदतड़ी (पिठ्ठ) जैसे गली-मोहल्लों के कई ऐसे खेल हैं जो बच्चों में बहुत लोकप्रिय हैं। आपके इलाके में ऐसे कौन-कौन से खेल खेले जाते हैं? उनकी सूची बनाइए।
Solution:

हमारे इलाके में बच्चों द्वारा खेले जाने वाले कुछ लोकप्रिय खेल इस प्रकार हैं:

  • क्रिकेट
  • कबड्डी
  • खो-खो
  • पतंग उड़ाना
  • लंगड़ी टाँग (एक प्रकार का दौड़ खेल)
  • छुपन-छुपाई (लुका-छिपी)
  • गिल्ली-डंडा
  • कंचे खेलना

प्रश्न 5

किसी एक खेल को खेले जाने की विधि को अपने शब्दों में लिखिए।
Solution:

गिल्ली-डंडा खेलने की विधि:

इस खेल में दो मुख्य वस्तुएँ होती हैं: एक नुकीली डंडी (डंडा) और एक छोटी लकड़ी की गिल्ली। गिल्ली का आकार बीच में मोटा और सिरों पर पतला होता है।

  1. खेल की शुरुआत: खेल शुरू करने के लिए, ज़मीन पर एक छोटा सा गड्ढा बनाया जाता है। गिल्ली को इस गड्ढे के ऊपर या उसके पास रखा जाता है।
  2. गिल्ली उछालना: एक खिलाड़ी (जिसकी बारी होती है) डंडे को गिल्ली के नीचे फँसाकर उसे ज़ोर से ऊपर की ओर उछालता है।
  3. डंडे से मारना: जैसे ही गिल्ली हवा में उछलती है, वही खिलाड़ी डंडे से उस पर वार करके उसे दूर फेंकने की कोशिश करता है।
  4. विरोधी खिलाड़ी का प्रयास: विरोधी टीम के खिलाड़ी हवा में उड़ती हुई गिल्ली को डंडे से मारने के बाद लपकने (कैच करने) का प्रयास करते हैं।
  5. आउट होना: यदि विरोधी खिलाड़ी गिल्ली को हवा में ही लपक लेता है, तो गिल्ली मारने वाला खिलाड़ी आउट माना जाता है।
  6. स्कोरिंग: यदि गिल्ली लपक नहीं पाती और ज़मीन पर गिर जाती है, तो मारने वाला खिलाड़ी डंडे को गिल्ली के स्थान पर रखकर, डंडे को गिल्ली के सिरे से छूने की दूरी तक नापता है। इस दूरी को वह डंडे से मापकर अंक प्राप्त करता है। खेल के नियम और अंक गणना के तरीके अलग-अलग क्षेत्रों में थोड़े भिन्न हो सकते हैं।

प्रश्न 6

आप कहानी को क्या शीर्षक देना चाहेंगे?
Solution:

इस कहानी के लिए एक उपयुक्त शीर्षक 'सफ़ेद बड़े आँवले से कंचे' हो सकता है, क्योंकि यह शीर्षक कंचों के रंग, आकार और अप्पू के मन पर उनके प्रभाव को दर्शाता है। अन्य संभावित शीर्षक हो सकते हैं: 'अप्पू का कंचा', 'कंचों की दुनिया', या 'बचपन का खेल'।

भाषा की बात - प्रश्न 1

नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित मुहावरे किन भावों को प्रकट करते हैं? इन भावों से जुड़े दो-दो मुहावरे बताइए और उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए।

1. माँ ने दाँतों तले उँगली दबाई।

2. सारी कक्षा <u>साँस रोके हुए</u> उसी तरफ़ देख रही है।

Solution:

1. दाँतों तले उँगली दबाना:

भाव: आश्चर्य या हैरानी व्यक्त करना।

इस भाव से जुड़े अन्य मुहावरे:

  • आश्चर्यचकित होना: कारीगरों की अद्भुत नक्काशी देखकर मैं आश्चर्यचकित रह गया।
  • विस्मित होना: रानी लक्ष्मीबाई की वीरता देखकर अंग्रेज भी विस्मित हो उठे।

2. साँस रोके हुए:

भाव: डर के मारे या अत्यधिक उत्सुकता के कारण चुपचाप और स्थिर हो जाना।

इस भाव से जुड़े अन्य मुहावरे:

  • दम साधे खड़े रहना: ख़तरनाक जानवर को देखते ही सब दम साधे खड़े रह गए।
  • प्राण सूख जाना: पिताजी को गुस्से में देखते ही मेरे प्राण सूख गए।

भाषा की बात - प्रश्न 2

विशेषण कभी-कभी एक से अधिक शब्दों के भी होते हैं। नीचे लिखे वाक्यों में रेखांकित हिस्से क्रमशः रकम और कंचे के बारे में बताते हैं, इसलिए वे विशेषण हैं।

1. पहले कभी किसी ने <u>इतनी बड़ी रकम</u> से कंचे नहीं खरीदे।

2. बढ़िया सफ़ेद गोल कंचे ।

इसी प्रकार कुछ विशेषण नीचे दिए गए हैं, इनका प्रयोग कर वाक्य बनाएँ:

  1. ठंडी अँधेरी रात
  2. खट्टी-मीठी गोलियाँ
  3. ताज़ा स्वादिष्ट भोजन
  4. स्वच्छ रंगीन कपड़े
Solution:

नीचे दिए गए विशेषणों का प्रयोग करके वाक्य इस प्रकार हैं:

  1. ठंडी अँधेरी रात: उफ़! आज की रात बड़ी <u>ठंडी अँधेरी रात</u> है, बाहर निकलना मुश्किल है।
  2. खट्टी-मीठी गोलियाँ: माँ बाज़ार से मेरे लिए ढेर सारी <u>खट्टी-मीठी गोलियाँ</u> ले आईं।
  3. ताज़ा स्वादिष्ट भोजन: चलो बच्चों, <u>'ताज़ा स्वादिष्ट भोजन'</u> आपकी प्रतीक्षा कर रहा है, जल्दी हाथ-मुँह धो लो।
  4. स्वच्छ रंगीन कपड़े: हमारी प्यारी बेटी <u>स्वच्छ रंगीन कपड़े</u> पहनेगी।

Common mistakes

  • कक्षा में ध्यान भटकने के कारणों को केवल बाहरी गतिविधियों से जोड़ना।
  • पात्रों के व्यवहार के पीछे छिपी भावनाओं को अनदेखा करना।
  • मुहावरों के शाब्दिक अर्थ पर ध्यान देना, लाक्षणिक अर्थ को छोड़ देना।
  • विशेषणों के प्रयोग को केवल एक शब्द तक सीमित समझना।

Revision tips

  • अप्पू के चरित्र और उसकी कंचों के प्रति दीवानगी के कारणों पर ध्यान केंद्रित करें।
  • दुकानदार और ड्राइवर के साथ अप्पू की बातचीत के पीछे के भावों को समझें।
  • भाषा की बात खंड में दिए गए मुहावरों और विशेषणों का अभ्यास करें।
  • पाठ के मुख्य संदेश - बच्चों की कल्पनाशीलता और मासूमियत - को याद रखें।

Practice MCQs

Q1. कंचे जब जार से निकलकर अप्पू के मन की कल्पना में समा जाते हैं, तो उसे कैसा महसूस होता है?

Q2. दुकानदार अप्पू को कंचे देखते हुए देखकर पहले क्यों परेशान होता है?

Q3. ड्राइवर अप्पू को सड़क पर कंचे बीनते हुए देखकर क्यों हँसता है?

Q4. मास्टर जी की आवाज़ रेलगाड़ी के बारे में बताते समय धीमी क्यों हो गई?

Q5. पाठ में 'दाँतों तले उँगली दबाना' मुहावरे का क्या भाव है?

Frequently asked questions

कक्षा 7 के पाठ 12 'कंचा' में मुख्य रूप से क्या दर्शाया गया है?

यह पाठ अप्पू नामक लड़के के कंचों के प्रति गहरे आकर्षण, उसकी कल्पनाओं और बचपन की मासूमियत को दर्शाता है।

NCERT समाधान छात्रों की मदद कैसे करते हैं?

ये समाधान छात्रों को पाठ की गहराई से समझने, पात्रों के मनोविज्ञान का विश्लेषण करने और भाषा के अभ्यासों को हल करने में मदद करते हैं, जिससे परीक्षा की तैयारी बेहतर होती है।

पाठ में 'दाँतों तले उँगली दबाना' मुहावरे का क्या अर्थ है?

इस मुहावरे का अर्थ है आश्चर्य या हैरानी व्यक्त करना। पाठ में यह तब प्रयोग होता है जब कोई व्यक्ति किसी असाधारण बात को देखता है।

क्या इन समाधानों में पाठ के सभी प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं?

हाँ, ये समाधान पाठ 12 'कंचा' के सभी प्रश्नों के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं।

यह पाठ बच्चों के किस पहलू पर प्रकाश डालता है?

यह पाठ बच्चों की कल्पनाशील दुनिया, खेल के प्रति उनके लगाव और उनकी मासूमियत पर प्रकाश डालता है, जो अक्सर वयस्कों की दुनिया से अलग होती है।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.