CBSE Class 6 Hindi Chapter 5: अक्षरों का महत्व NCERT Solutions
This chapter, 'अक्षरों का महत्व' (The Importance of Letters), delves into the profound impact of the invention of letters on human civilization. It explores how the transition from pictorial representations to abstract symbols marked a new era, enabling the recording of history and the transmission of knowledge across generations. The solutions explain the gradual evolution from cave paintings and symbols to alphabets, highlighting the significance of letters in preserving and disseminating information. Understanding this chapter helps students appreciate the development of written language and its role in societal progress. These NCERT Solutions provide clear, step-by-step explanations to help students grasp the concepts and prepare effectively for their exams.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | वसंत |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 5. अक्षरों का महत्व |
Chapter summary
Chapter 5, 'अक्षरों का महत्व', focuses on the historical significance of the invention of letters. It traces the journey from early human communication through pictures and symbols to the development of alphabets. The solutions explain how letters revolutionized the recording of history, facilitated the transfer of knowledge, and propelled human civilization forward. Key concepts covered include the evolution of writing systems and the fundamental role of letters in language and progress.
Learning outcomes
- Understand the historical significance of the invention of letters.
- Trace the evolution of writing from pictures to alphabets.
- Explain how letters enabled the recording of history and knowledge transfer.
- Appreciate the role of letters in the progress of human civilization.
- Identify prefixes and their role in changing word meanings.
Topics covered
Paper topics
- Evolution of writing
- Importance of letters
- History of communication
- Pictorial representation
- Symbolic representation
- Development of alphabets
- Knowledge transfer
- Human civilization progress
- Prefixes (उपसर्ग)
- Word formation
Important topics
- The transition from pictures to letters
- How letters enabled history recording
- The role of letters in knowledge transmission
- Understanding prefixes and their impact on meaning
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Questions and Solutions
1. पाठ में ऐसा क्यों कहा गया है कि अक्षरों के साथ एक नए युग की शुरुआत हुई?
पाठ में ऐसा इसलिए कहा गया है क्योंकि अक्षरों की खोज ने मानव सभ्यता में एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाया। अक्षरों की खोज से पहले, मनुष्य अपने विचारों और घटनाओं को केवल चित्रों या संकेतों के माध्यम से व्यक्त कर पाता था, जिसका कोई स्थायी लिखित रिकॉर्ड नहीं होता था। अक्षरों की खोज के बाद, मनुष्य अपने ज्ञान, इतिहास, और विचारों को लिखकर सहेजने लगा। इससे ज्ञान का एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हस्तांतरण संभव हुआ, जिससे मानव सभ्यता ने तेजी से प्रगति की और एक लिखित इतिहास का युग प्रारंभ हुआ।
2. अक्षरों की खोज का सिलसिला कब और कैसे शुरू हुआ? पाठ पढ़कर उत्तर लिखो।
पाठ के अनुसार, अक्षरों की खोज का सिलसिला बहुत बाद में शुरू हुआ। इससे पहले, प्रागैतिहासिक मानव अपने भावों को व्यक्त करने के लिए चित्रों का सहारा लेता था। उदाहरण के लिए, वह पशुओं, पक्षियों या मनुष्यों के चित्र बनाता था। इन चित्र-संकेतों के बाद, भाव-संकेत विकसित हुए, जहाँ एक चित्र किसी विशेष भाव या विचार को दर्शाता था (जैसे, सूर्य का चित्र 'ताप' या 'धूप' का प्रतीक बन गया)। काफी समय बीतने और इन संकेतों के विकास के बाद ही मनुष्य ने अक्षरों की खोज की, जिससे लिखित भाषा का आधार बना।
3. अक्षरों के ज्ञान से पूर्व मनुष्य अपनी बात को दूर-दराज़ के इलाकों तक पहुँचाने के लिए किन-किन माध्यमों का सहारा लेता था?
अक्षरों के ज्ञान से पहले, मनुष्य अपनी बात को दूर-दराज़ के इलाकों तक पहुँचाने के लिए मुख्य रूप से चित्रों और भाव-संकेतों का सहारा लेता था। वह विभिन्न वस्तुओं, पशुओं, पक्षियों या मनुष्यों के चित्र बनाकर अपने संदेशों को व्यक्त करता था। इन चित्र-संकेतों के माध्यम से वह अपनी भावनाओं और विचारों को दूसरों तक पहुँचाने का प्रयास करता था।
4. अक्षरों के महत्त्व की तरह ध्विन के महत्त्व के बारे में जितना जानते हो, उसे लिखो।
ध्वनि भाषा की सबसे मौलिक इकाई है। ध्वनियों के संगठित रूप से ही अक्षर बनते हैं और अक्षरों से शब्द व वाक्य। ध्वनि के माध्यम से हम बोलकर अपने विचारों और भावों को तुरंत व्यक्त करते हैं। यह मौखिक संचार का आधार है। जैसे अक्षर लिखित भाषा को स्थायी बनाते हैं, वैसे ही ध्वनियाँ मौखिक भाषा को जीवंत रखती हैं। ध्वनि के बिना बोलने की कल्पना नहीं की जा सकती, और ध्वनि के माध्यम से ही हम एक-दूसरे से संवाद स्थापित करते हैं। इसलिए, जिस प्रकार अक्षर लिखित संचार के लिए महत्वपूर्ण हैं, उसी प्रकार ध्वनि मौखिक संचार और भाषा के अस्तित्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
5. पुराने ज़माने में लोग यह क्यों सोचते थे कि अक्षर और भाषा की खोज ईश्वर ने की थी? अनुमान लगाओ और बताओ।
पुराने ज़माने में लोग यह सोचते थे कि अक्षर और भाषा की खोज ईश्वर ने की थी, इसके कई कारण हो सकते हैं। पहला, उस समय के लोगों के पास अक्षरों और भाषा के विकास के ऐतिहासिक प्रमाण या ज्ञान नहीं था। वे यह नहीं जानते थे कि इनका विकास धीरे-धीरे हुआ है। दूसरा, वे ईश्वर को सर्वशक्तिमान मानते थे और मानते थे कि सृष्टि की हर चीज़ उसी की देन है। इसलिए, जिस चीज़ के बारे में वे नहीं जानते थे या जिसकी उत्पत्ति का कारण उन्हें अज्ञात था, उसे वे ईश्वर की रचना मान लेते थे। यह उनकी अज्ञानता और ईश्वर के प्रति गहरी आस्था का परिणाम था।
6. कल्पना करो कि यदि हमें अक्षरों का ज्ञान न होता तो क्या होता? लिखो।
यदि हमें अक्षरों का ज्ञान न होता, तो मानव सभ्यता का विकास आज जैसा नहीं होता। इसके कुछ प्रमुख परिणाम इस प्रकार होते:
- हम अपने पूर्वजों के इतिहास, ज्ञान और अनुभवों से अनभिज्ञ रहते, क्योंकि उन्हें लिखकर सहेजा नहीं जा सकता था।
- ज्ञान का हस्तांतरण केवल मौखिक रूप से होता, जो कि सीमित और अविश्वसनीय होता। इससे ज्ञान का संचय और प्रसार संभव नहीं हो पाता।
- विज्ञान, साहित्य, कला और अन्य क्षेत्रों में प्रगति बहुत धीमी होती या रुक जाती।
- हम अपनी संस्कृति और परंपराओं को स्थायी रूप से अगली पीढ़ियों तक नहीं पहुँचा पाते।
- आधुनिक संचार और सूचना प्रणाली का विकास असंभव होता।
- कुल मिलाकर, मानव सभ्यता आज की तुलना में बहुत आदिम अवस्था में होती।
7. अनादि काल में रेखांकित शब्द का अर्थ है जिसकी कोई शुरुआत या अंत न हो। नीचे दिए गए शब्द भी मूल शब्द के शुरू में कुछ जोड़ने से बने हैं, जिसे उपसर्ग कहते हैं। इन उपसर्गों को अलग करके लिखो और मूल शब्दों को लिखकर उनका अर्थ समझो।
असफल
अदृश्य
अनुचित
अनावश्यक
अपरिचित
अनिच्छा
यहाँ दिए गए शब्दों में उपसर्गों को अलग करके मूल शब्द और उनके अर्थ दिए गए हैं:
- असफल: उपसर्ग 'अ' + मूल शब्द 'सफल'। 'सफल' का अर्थ है कामयाब होना। 'असफल' का अर्थ है कामयाब न होना।
- अदृश्य: उपसर्ग 'अ' + मूल शब्द 'दृश्य'। 'दृश्य' का अर्थ है दिखाई देने वाला। 'अदृश्य' का अर्थ है जो दिखाई न दे।
- अनुचित: उपसर्ग 'अनु' + मूल शब्द 'चित'। 'चित' का अर्थ है उचित या सही। 'अनुचित' का अर्थ है जो उचित न हो, गलत।
- अनावश्यक: उपसर्ग 'अ' + मूल शब्द 'आवश्यक'। 'आवश्यक' का अर्थ है जरूरी। 'अनावश्यक' का अर्थ है जो जरूरी न हो।
- अपरिचित: उपसर्ग 'अ' + मूल शब्द 'परिचित'। 'परिचित' का अर्थ है जाना हुआ। 'अपरिचित' का अर्थ है जो जाना हुआ न हो।
- अनिच्छा: उपसर्ग 'अन्' + मूल शब्द 'इच्छा'। 'इच्छा' का अर्थ है चाहत। 'अनिच्छा' का अर्थ है चाहत न होना।
8. (क) अब बताओ कि ये उपसर्ग जिन शब्दों के साथ जुड़ रहे हैं, क्या उनमें कोई अंतर है?
(क) हाँ, इन उपसर्गों के जुड़ने से मूल शब्दों के अर्थ में अंतर आ रहा है। अधिकतर मामलों में, उपसर्ग मूल शब्द के अर्थ को विपरीत या निषेधात्मक बना देता है। उदाहरण के लिए, 'सफल' का अर्थ है कामयाब, लेकिन 'अ' उपसर्ग लगने से 'असफल' का अर्थ हो जाता है कामयाब न होना। इसी तरह, 'दृश्य' (दिखाई देने वाला) के साथ 'अ' लगने पर 'अदृश्य' (जो दिखाई न दे) बन जाता है। 'अनु' उपसर्ग 'अनुचित' में 'उचित' के विपरीत अर्थ देता है।
9. (ख) उपर्युक्त शब्दों से वाक्य बनाओ और समझो कि ये संज्ञा हैं या विशेषण।
(ख) यहाँ उपर्युक्त शब्दों से बने वाक्य और उनका विश्लेषण दिया गया है कि वे संज्ञा हैं या विशेषण:
- असफल: वह अपनी परीक्षा में असफल रहा। (यहाँ 'असफल' शब्द 'रहा' क्रिया की विशेषता बता रहा है, इसलिए यह क्रियाविशेषण की तरह प्रयुक्त हुआ है, लेकिन यह मूलतः एक विशेषण है जो 'वह' (सर्वनाम) के बारे में बता रहा है कि वह कैसा रहा।)
- अदृश्य: जादूगर ने खुद को अदृश्य कर लिया। (यहाँ 'अदृश्य' शब्द 'कर लिया' क्रिया की विशेषता बता रहा है, यह भी क्रियाविशेषण की तरह प्रयुक्त है, पर मूलतः यह 'खुद को' (सर्वनाम) की विशेषता बता रहा है, इसलिए विशेषण है।)
- अनुचित: इस तरह बात करना अनुचित है। (यहाँ 'अनुचित' शब्द 'बात करना' (क्रिया) के बारे में बता रहा है कि वह कैसी है, इसलिए यह विशेषण है।)
- अनावश्यक: कृपया ऐसी अनावश्यक बातें न करें। (यहाँ 'अनावश्यक' शब्द 'बातें' (संज्ञा) की विशेषता बता रहा है, इसलिए यह विशेषण है।)
- अपरिचित: वह एक अपरिचित व्यक्ति था। (यहाँ 'अपरिचित' शब्द 'व्यक्ति' (संज्ञा) की विशेषता बता रहा है, इसलिए यह विशेषण है।)
- अनिच्छा: उसने मेरी बात को अनिच्छा से सुना। (यहाँ 'अनिच्छा' शब्द 'सुना' (क्रिया) के तरीके को बता रहा है, इसलिए यह क्रियाविशेषण है। 'अनिच्छा' स्वयं एक भाववाचक संज्ञा है, लेकिन यहाँ वाक्य में क्रियाविशेषण की तरह प्रयुक्त हुई है।)
निष्कर्ष: उपरोक्त सभी शब्द (असफल, अदृश्य, अनुचित, अनावश्यक, अपरिचित) मूल रूप से विशेषण हैं क्योंकि वे संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं। 'अनिच्छा' एक भाववाचक संज्ञा है, लेकिन यहाँ वाक्य में क्रियाविशेषण के रूप में प्रयुक्त हुई है।
Common mistakes
- Confusing picture-signs with early alphabets.
- Underestimating the impact of written language on historical records.
- Difficulty in identifying prefixes and their function.
Revision tips
- Focus on the timeline of writing development: from pictures to symbols to letters.
- Understand the 'why' behind the importance of letters – history, knowledge, progress.
- Pay attention to the examples of prefixes and their effect on word meanings.
- Discuss the concept of 'new era' with friends to solidify understanding.
Practice MCQs
Q1. पाठ में 'नए युग की शुरुआत' किस खोज से मानी जाती है?
Explanation: अक्षरों की खोज के बाद ही मनुष्य अपने विचारों को लिखकर रखने लगा, जिससे इतिहास का ज्ञान संभव हुआ और एक पीढ़ी का ज्ञान दूसरी पीढ़ी तक पहुँचने लगा, जो एक नए युग की शुरुआत थी।
Q2. प्रागैतिहासिक मानव ने सबसे पहले अपने भाव व्यक्त करने के लिए किसका प्रयोग किया?
Explanation: पाठ के अनुसार, प्रागैतिहासिक मानव ने सबसे पहले चित्रों के माध्यम से अपने भावों को व्यक्त किया, जैसे पशुओं और मनुष्यों के चित्र।
Q3. चित्र-संकेतों के बाद अस्तित्व में क्या आए?
Explanation: चित्र-संकेतों के बाद, भाव-संकेत अस्तित्व में आए, जहाँ एक चित्र किसी भाव या विचार को दर्शाता था, जैसे सूर्य का चित्र ताप या धूप का द्योतक बन गया।
Q4. अक्षरों के ज्ञान से पूर्व मनुष्य अपनी बात दूर तक पहुँचाने के लिए किसका सहारा लेता था?
Explanation: अक्षरों के ज्ञान से पहले, मनुष्य अपनी बात दूर तक पहुँचाने के लिए चित्रों और भाव-संकेतों का उपयोग करता था।
Q5. उपसर्ग 'अ' का प्रयोग किस अर्थ में होता है?
Explanation: दिए गए उदाहरणों जैसे असफल, अदृश्य, अनुचित में उपसर्ग 'अ' का प्रयोग मूल शब्द के अर्थ को विपरीत या निषेध करने के लिए हुआ है।
Frequently asked questions
What is the main theme of Class 6 Hindi Chapter 5, 'अक्षरों का महत्व'?
The main theme is the historical significance of the invention of letters and how it revolutionized human civilization by enabling the recording of history and the transfer of knowledge across generations.
How did humans communicate before the invention of letters?
Before letters, humans communicated using pictures and later through symbol-signs (भाव-संकेत) to express their thoughts and ideas.
Why is the invention of letters considered the start of a 'new era'?
It's considered a new era because for the first time, human knowledge and history could be accurately recorded and passed down, leading to faster progress and development.
What are prefixes (उपसर्ग) as explained in the chapter?
Prefixes are small words added to the beginning of a root word to change its meaning, often making it opposite or indicating negation, as seen in words like 'असफल' (unsuccessful).
How do these NCERT Solutions help students?
These solutions provide clear, rewritten answers to all questions, explaining concepts step-by-step, which aids in better understanding and exam preparation for Class 6 Hindi.
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