कक्षा 6 विज्ञान: अध्याय 11 प्रकाश-छायाएँ एवं परावर्तन NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 6 के विज्ञान के अध्याय 11, 'प्रकाश-छायाएँ एवं परावर्तन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें प्रकाश, छाया और परावर्तन की अवधारणाओं को स्पष्ट किया गया है। समाधानों में अपारदर्शी, पारदर्शी और पारभासी वस्तुओं के बीच अंतर, दीप्त और अदीप्त पिंडों की पहचान, और छाया बनने की प्रक्रिया को समझाया गया है। यह छात्रों को विभिन्न वस्तुओं को वर्गीकृत करने और प्रकाश के गुणों को समझने में मदद करता है। समतल और गोलीय दर्पणों के प्रकारों पर भी चर्चा की गई है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और संक्षिप्त मार्गदर्शिका प्रदान करते हैं, जिससे वे इन महत्वपूर्ण अवधारणाओं को आसानी से समझ सकें।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 11. प्रकाश- छायाएँ एवं परावर्तन |
Chapter summary
कक्षा 6 विज्ञान के अध्याय 11 'प्रकाश-छायाएँ एवं परावर्तन' के ये NCERT समाधान प्रकाश के मूल सिद्धांतों पर केंद्रित हैं। छात्र अपारदर्शी, पारदर्शी और पारभासी वस्तुओं के बीच अंतर करना सीखेंगे, साथ ही दीप्त और अदीप्त वस्तुओं को पहचानना सीखेंगे। समाधान छाया बनने की प्रक्रिया और प्रकाश के सीधे पथ के बारे में भी बताते हैं। इसमें समतल और गोलीय दर्पणों के प्रकारों का भी संक्षिप्त परिचय शामिल है। यह अध्याय छात्रों को प्रकाश के व्यवहार और उससे संबंधित घटनाओं को समझने में मदद करता है।
Learning outcomes
- अपारदर्शी, पारदर्शी और पारभासी वस्तुओं को परिभाषित करना और वर्गीकृत करना।
- दीप्त और अदीप्त वस्तुओं के बीच अंतर स्पष्ट करना।
- छाया बनने की प्रक्रिया को समझना।
- प्रकाश के सीधे गमन के गुण को समझना।
- समतल और गोलीय दर्पणों के प्रकारों को पहचानना।
- दर्पण में परावर्तन की मूल अवधारणा को समझना।
Topics covered
Paper topics
- प्रकाश
- छाया
- परावर्तन
- अपारदर्शी वस्तुएँ
- पारदर्शी वस्तुएँ
- पारभासी वस्तुएँ
- दीप्त पिंड
- अदीप्त पिंड
- समतल दर्पण
- गोलीय दर्पण
- प्रकाश का सीधा गमन
- प्रतिबिम्ब
Important topics
- वस्तुओं का वर्गीकरण (पारदर्शी, अपारदर्शी, पारभासी)
- दीप्त और अदीप्त पिंड
- छाया का निर्माण
- प्रकाश का सीधा गमन
- दर्पण के प्रकार
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
वस्तुऍ
दिए गए अक्षरों को सही क्रम में रखने पर एक सार्थक वाक्य बनता है जो अपारदर्शी वस्तुओं के गुण को बताता है।
पुनर्व्यवस्थित वाक्य है: अपारदर्शी वस्तुएँ छाया बनाती हैं।
यह वाक्य स्पष्ट करता है कि जो वस्तुएँ प्रकाश को अपने से होकर नहीं जाने देतीं (अपारदर्शी वस्तुएँ), वे अपने पीछे छाया का निर्माण करती हैं।
प्रश्न 2
नीचे दी गई तालिका में वस्तुओं को उनके प्रकाश संचरण गुण (पारदर्शी, अपारदर्शी, पारभासी) और प्रकाश उत्सर्जन क्षमता (दीप्त, अदीप्त) के आधार पर वर्गीकृत किया गया है:
| वस्तु/पदार्थ | वर्गीकरण (प्रकाश संचरण) | वर्गीकरण (प्रकाश उत्सर्जन) |
|---|---|---|
| वायु | पारदर्शी | अदीप्त |
| जल | पारदर्शी | अदीप्त |
| चट्टान का टुकड़ा | अपारदर्शी | अदीप्त |
| ऐलुमिनियम शीट | अपारदर्शी | अदीप्त |
| दर्पण | अपारदर्शी (परावर्तक) | अदीप्त |
| लकड़ी का तख्ता | अपारदर्शी | अदीप्त |
| पोलीथीन शीट | पारभासी | अदीप्त |
| CD (कॉम्पैक्ट डिस्क) | पारभासी (कुछ हद तक) | अदीप्त |
| धुआं | पारभासी | अदीप्त |
| समतल काँच की शीट | पारदर्शी | अदीप्त |
| कुहरा | पारभासी | अदीप्त |
| लाल तप्त लोहे का टुकड़ा | अपारदर्शी | दीप्त |
| छाता | अपारदर्शी | अदीप्त |
| प्रकाशमान प्रतिदीप्त नलिका | पारदर्शी (प्रकाश के लिए) | दीप्त |
| दीवार | अपारदर्शी | अदीप्त |
| कार्बन पेपर की शीट | पारभासी | अदीप्त |
| गैस बर्नर की ज्वाला | पारभासी (कुछ हद तक) | दीप्त |
| गत्ते की शीट | अपारदर्शी | अदीप्त |
| प्रकाशमान टॉर्च | अपारदर्शी (बॉडी) | दीप्त |
| सेलोफोन शीट | पारभासी | अदीप्त |
| तार की जाली | अपारदर्शी (जाली के कारण) | अदीप्त |
| मिट्टी के तेल का स्टोव | अपारदर्शी (बॉडी) | दीप्त (ज्वाला) |
| सूर्य | पारदर्शी (वायुमंडल के कारण) | दीप्त |
| जुगुनू | अपारदर्शी | दीप्त |
| चंद्रमा | अपारदर्शी | अदीप्त (सूर्य का प्रकाश परावर्तित करता है) |
स्पष्टीकरण:
- पारदर्शी: वे वस्तुएँ जिनसे प्रकाश पूरी तरह से गुजर जाता है (जैसे काँच, जल)।
- अपारदर्शी: वे वस्तुएँ जिनसे प्रकाश बिल्कुल नहीं गुजरता (जैसे लकड़ी, दीवार)।
- पारभासी: वे वस्तुएँ जिनसे प्रकाश का केवल कुछ भाग ही गुजर पाता है (जैसे तेल लगा कागज, धुआं)।
- दीप्त: वे वस्तुएँ जो स्वयं प्रकाश उत्सर्जित करती हैं (जैसे सूर्य, मोमबत्ती)।
- अदीप्त: वे वस्तुएँ जो स्वयं प्रकाश उत्सर्जित नहीं करतीं (जैसे चंद्रमा, पुस्तक)।
प्रश्न 3
हम अंधेरे कमरे में दर्पण में अपना परावर्तन नहीं देख पाएंगे। इसका कारण यह है कि किसी भी वस्तु का प्रतिबिंब या परावर्तन देखने के लिए प्रकाश का होना अत्यंत आवश्यक है। प्रकाश किरणें वस्तु से टकराकर दर्पण पर पड़ती हैं, और फिर दर्पण से परावर्तित होकर हमारी आँखों तक पहुँचती हैं, जिससे हमें वस्तु का प्रतिबिंब दिखाई देता है।
जब कमरे में प्रकाश नहीं होता है, तो प्रकाश किरणें उपलब्ध नहीं होती हैं। इसलिए, दर्पण पर पड़ने वाली कोई प्रकाश किरण नहीं होगी, और परिणामस्वरूप, कोई परावर्तन भी नहीं होगा। अतः, अंधेरे कमरे में दर्पण में अपना चेहरा देखना संभव नहीं है।
प्रश्न 4
यह प्रश्न पिछले प्रश्न के समान ही है और इसका उत्तर भी वही है। अंधेरे कमरे में प्रकाश की अनुपस्थिति के कारण, दर्पण में अपना चेहरा या कोई भी परावर्तन देखना संभव नहीं है। परावर्तन की प्रक्रिया के लिए प्रकाश का स्रोत और प्रकाश किरणों का वस्तु से टकराकर परावर्तित होना अनिवार्य है। बिना प्रकाश के, दर्पण केवल एक काली सतह की तरह प्रतीत होगा और कोई प्रतिबिंब नहीं दिखाएगा।
प्रश्न (अतिरिक्त)
प्रकाश का मार्ग सीधा होता है। इसका अर्थ है कि प्रकाश हमेशा एक सरल रेखा में गमन करता है, जब तक कि वह किसी माध्यम या बाधा से टकराकर अपनी दिशा न बदल ले। इसी गुण के कारण छाया बनती है और पिनहोल कैमरा जैसी युक्तियों द्वारा प्रतिबिंब प्राप्त किए जा सकते हैं।
प्रश्न (अतिरिक्त)
एक दीप्त वस्तु का उदाहरण मोमबत्ती है। दीप्त वस्तुएँ वे होती हैं जो स्वयं अपना प्रकाश उत्पन्न करती हैं। मोमबत्ती जलने पर प्रकाश उत्सर्जित करती है, इसलिए यह एक दीप्त वस्तु है। सूर्य, टॉर्च और विद्युत बल्ब भी दीप्त वस्तुओं के अन्य उदाहरण हैं।
प्रश्न (अतिरिक्त)
जब प्रकाश नहीं होगा, तो हम अपने आसपास की किसी भी वस्तु को देख नहीं पाएँगे। प्रकाश वह माध्यम है जो वस्तुओं से टकराकर हमारी आँखों तक पहुँचता है, जिससे हमें वे दिखाई देती हैं। प्रकाश की अनुपस्थिति में, दृष्टि संभव नहीं है।
प्रश्न (अतिरिक्त)
हमें अंधेरे कमरे में रखी कोई वस्तु इसलिए दिखाई नहीं देती है क्योंकि वहाँ प्रकाश उपलब्ध नहीं होता है। किसी वस्तु को देखने के लिए, उस पर प्रकाश पड़ना चाहिए और फिर वह प्रकाश हमारी आँखों तक पहुँचना चाहिए। अंधेरे कमरे में प्रकाश की कमी के कारण, वस्तु से कोई प्रकाश परावर्तित होकर हमारी आँखों तक नहीं पहुँच पाता, जिससे वह अदृश्य रहती है।
प्रश्न (अतिरिक्त)
छाया हमेशा अपारदर्शी वस्तुओं की बनती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अपारदर्शी वस्तुएँ प्रकाश को अपने से होकर गुजरने नहीं देतीं। जब प्रकाश के मार्ग में कोई अपारदर्शी वस्तु आती है, तो वह प्रकाश को अवरुद्ध कर देती है, जिससे वस्तु के पीछे एक क्षेत्र बन जाता है जहाँ प्रकाश नहीं पहुँच पाता, और इसी क्षेत्र को छाया कहते हैं।
प्रश्न (अतिरिक्त)
सूची छिद्र (Pinhole) कैमरा का मुख्य उपयोग किसी वस्तु का प्रतिबिंब (image) देखना है। यह कैमरा प्रकाश के सीधे गमन के सिद्धांत पर कार्य करता है। एक छोटे से छिद्र से प्रकाश गुजरता है और विपरीत सतह पर वस्तु का उल्टा प्रतिबिंब बनाता है। यह प्रकाशिकी के मूल सिद्धांतों को समझने में सहायक होता है।
प्रश्न (अतिरिक्त)
हमें सूर्य या सूर्य के प्रतिबिंब को सीधे अपनी आँखों से नहीं देखना चाहिए क्योंकि सूर्य से आने वाला प्रकाश अत्यंत तीव्र होता है और इसमें हानिकारक विकिरण (जैसे पराबैंगनी किरणें) भी शामिल होती हैं। सीधे सूर्य को देखने से हमारी आँखों की नाजुक रेटिना को गंभीर और स्थायी क्षति पहुँच सकती है, जिससे दृष्टि कमजोर हो सकती है या अंधापन भी हो सकता है।
Common mistakes
- वस्तुओं को गलत तरीके से पारदर्शी, अपारदर्शी या पारभासी के रूप में वर्गीकृत करना।
- दीप्त और अदीप्त वस्तुओं के बीच भ्रमित होना।
- छाया बनने के लिए प्रकाश की आवश्यकता को अनदेखा करना।
- दर्पण में प्रतिबिंब देखने के लिए प्रकाश की भूमिका को न समझना।
Revision tips
- सभी वस्तुओं को उनकी प्रकाश संचरण क्षमता के आधार पर वर्गीकृत करने का अभ्यास करें।
- छाया बनने के उदाहरणों पर ध्यान दें और समझें कि अपारदर्शी वस्तुएँ क्यों छाया बनाती हैं।
- दीप्त वस्तुओं के उदाहरणों को याद करें और समझें कि वे स्वयं प्रकाश क्यों उत्सर्जित करती हैं।
- दर्पणों के प्रकारों और उनके उपयोगों की समीक्षा करें।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सी वस्तु प्रकाश को अपने से होकर जाने देती है?
Explanation: काँच की शीट एक पारदर्शी वस्तु है जो अपने से होकर प्रकाश को जाने देती है, जबकि दीवार और लकड़ी अपारदर्शी हैं और पोलीथीन पारभासी है।
Q2. छाया बनने के लिए आवश्यक है:
Explanation: छाया बनने के लिए प्रकाश के स्रोत का होना आवश्यक है, जिसके मार्ग में अपारदर्शी वस्तु आने पर छाया बनती है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सी वस्तु दीप्त पिंड का उदाहरण है?
Explanation: मोमबत्ती स्वयं प्रकाश उत्सर्जित करती है, इसलिए यह एक दीप्त पिंड है। चंद्रमा प्रकाश परावर्तित करता है, और दीवार व पुस्तक अदीप्त हैं।
Q4. तेल लगा कागज किस प्रकार की वस्तु का उदाहरण है?
Explanation: तेल लगा कागज प्रकाश के केवल कुछ भाग को ही अपने से होकर गुजरने देता है, इसलिए यह एक पारभासी वस्तु है।
Q5. प्रकाश का मार्ग कैसा होता है?
Explanation: प्रकाश सरल रेखाओं में गमन करता है, अर्थात इसका मार्ग सीधा होता है।
Frequently asked questions
कक्षा 6 विज्ञान के अध्याय 11 में मुख्य रूप से किन विषयों को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में प्रकाश, छाया, परावर्तन, और विभिन्न प्रकार की वस्तुओं (पारदर्शी, अपारदर्शी, पारभासी) तथा दीप्त एवं अदीप्त पिंडों के बारे में विस्तार से बताया गया है।
छाया कैसे बनती है?
जब प्रकाश के मार्ग में कोई अपारदर्शी वस्तु आती है, तो वह प्रकाश को रोक लेती है, जिससे वस्तु के पीछे एक अंधेरा क्षेत्र बनता है जिसे छाया कहते हैं।
दीप्त पिंड और अदीप्त पिंड में क्या अंतर है?
दीप्त पिंड वे होते हैं जो स्वयं प्रकाश उत्सर्जित करते हैं, जैसे सूर्य या मोमबत्ती। अदीप्त पिंड वे होते हैं जो स्वयं प्रकाश उत्सर्जित नहीं करते, जैसे चंद्रमा या पुस्तक।
क्या ये समाधान कक्षा 6 के छात्रों के लिए उपयोगी हैं?
हाँ, ये समाधान विशेष रूप से कक्षा 6 के छात्रों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं ताकि वे 'प्रकाश-छायाएँ एवं परावर्तन' अध्याय की अवधारणाओं को आसानी से समझ सकें और परीक्षा की तैयारी कर सकें।
समतल दर्पण और गोलीय दर्पण में क्या अंतर है?
समतल दर्पण का परावर्तक पृष्ठ समतल होता है, जबकि गोलीय दर्पण का परावर्तक पृष्ठ वक्र या गोलीय होता है।
हमें अंधेरे कमरे में वस्तुएँ क्यों दिखाई नहीं देती हैं?
हमें अंधेरे कमरे में वस्तुएँ इसलिए दिखाई नहीं देती हैं क्योंकि वहाँ प्रकाश का स्रोत नहीं होता है, और प्रकाश के बिना हम किसी भी वस्तु को देख नहीं सकते।
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