कक्षा 6 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 12 - संसार पुस्तक है

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यह पृष्ठ कक्षा 6 हिंदी की पाठ्यपुस्तक के पाठ 12, 'संसार पुस्तक है' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ दुनिया की उत्पत्ति, पृथ्वी के इतिहास और प्राकृतिक तत्वों जैसे चट्टानों, पहाड़ों, नदियों और जानवरों के जीवाश्मों के माध्यम से अतीत को समझने की प्रक्रिया पर केंद्रित है। समाधानों में लेखक द्वारा प्रकृति को एक खुली किताब के रूप में देखने के विचार की व्याख्या की गई है, जिसमें चट्टानों के टुकड़े, पेड़, नदियाँ और जानवरों की हड्डियाँ जैसी चीजें पृथ्वी के पुराने रहस्यों को उजागर करती हैं। इसमें गोल चमकीले रोड़े की यात्रा का वर्णन भी शामिल है, जो बताता है कि कैसे एक चट्टान का टुकड़ा पानी के बहाव से घिसटकर एक चिकना रोड़ा बन जाता है। अनुमान और कल्पना खंड छात्रों को सृष्टि के रचयिता और प्राचीन काल में पत्थरों के उपयोग जैसे विषयों पर सोचने के लिए प्रोत्साहित करता है। भाषा की बात खंड में क्रियाओं और विशेषणों के प्रयोग पर अभ्यास शामिल है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 6
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter12. संसार पुस्तक है

Chapter summary

कक्षा 6 हिंदी के पाठ 12, 'संसार पुस्तक है' के लिए NCERT समाधानों का यह संग्रह छात्रों को पृथ्वी के इतिहास और प्राकृतिक दुनिया के बारे में सिखाता है। इसमें लेखक के दृष्टिकोण को समझाया गया है कि कैसे प्रकृति स्वयं एक पुस्तक है, जिसके पन्ने चट्टानें, नदियाँ और जीवाश्म हैं। समाधान पाठ के मुख्य प्रश्नों का उत्तर देते हैं, जिसमें पृथ्वी की प्रारंभिक अवस्था, गोल चमकीले रोड़े की कहानी और प्राचीन काल में पत्थरों के उपयोग शामिल हैं। यह खंड छात्रों को कल्पनाशील ढंग से सोचने और भाषा के विभिन्न पहलुओं को समझने में भी मदद करता है।

Learning outcomes

  • पृथ्वी के इतिहास और उत्पत्ति को समझना।
  • प्रकृति को एक 'पुस्तक' के रूप में देखने के लेखक के दृष्टिकोण को समझना।
  • चट्टानों, नदियों और जीवाश्मों से प्राप्त जानकारी का विश्लेषण करना।
  • एक गोल चमकीले रोड़े की यात्रा के माध्यम से परिवर्तन की प्रक्रिया को समझना।
  • प्राचीन काल में पत्थरों के विभिन्न उपयोगों की कल्पना करना।
  • दिए गए वाक्यों में क्रियाओं और विशेषणों का सही प्रयोग करना।

Topics covered

Paper topics

  • संसार पुस्तक है
  • पृथ्वी का इतिहास
  • प्रकृति के रहस्य
  • चट्टानें और रोड़े
  • नदियों का महत्व
  • जानवरों के जीवाश्म
  • सृष्टि की उत्पत्ति
  • प्राचीन काल में पत्थरों का उपयोग
  • क्रियाओं का प्रयोग
  • विशेषणों का प्रयोग
  • वाक्य निर्माण
  • भाषा की बात

Important topics

  • प्रकृति को पुस्तक के रूप में समझना
  • पृथ्वी की उत्पत्ति और विकास
  • गोल चमकीले रोड़े की यात्रा
  • प्राचीन काल में पत्थरों का उपयोग
  • क्रिया और विशेषण का प्रयोग

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

लेखक ने प्रकृति के किन तत्वों को 'संसार रूपी पुस्तक' के अक्षर कहा है?
Solution: लेखक के अनुसार, प्रकृति स्वयं एक पुस्तक की तरह है जिसके अक्षर चट्टानों के टुकड़े, वृक्ष, पहाड़, नदियाँ, समुद्र और जानवरों की हड्डियाँ हैं। ये सभी तत्व हमें पृथ्वी के प्राचीन इतिहास और उसके रहस्यों को समझने में मदद करते हैं।

प्रश्न 2

लाखों-करोड़ों वर्ष पहले हमारी धरती कैसी थी और उस समय मनुष्यों का अस्तित्व क्यों नहीं था?
Solution: लाखों-करोड़ों वर्ष पहले हमारी धरती बहुत गर्म थी। उस समय की अत्यधिक गर्मी के कारण उस पर कोई भी जीवधारी या जानदार चीज जीवित नहीं रह सकती थी। इसी कारण उस अत्यंत गर्म और निर्जीव अवस्था में मनुष्यों का अस्तित्व संभव नहीं था। धीरे-धीरे समय के साथ पृथ्वी में परिवर्तन हुए, तापमान कम हुआ और जीवन का विकास संभव हुआ।

प्रश्न 3

दुनिया का पुराना हाल किन चीज़ों से जाना जाता है?
Solution: दुनिया का पुराना हाल या इतिहास हमें प्रकृति में मौजूद विभिन्न चीजों से पता चलता है। इनमें चट्टानों के टुकड़े, पुराने वृक्ष, ऊँचे पहाड़, बहती हुई नदियाँ, विशाल समुद्र और जानवरों की प्राचीन हड्डियाँ (जीवाश्म) शामिल हैं। ये सभी चीजें हमें अतीत की घटनाओं और जीवन के विकास के बारे में जानकारी देती हैं।

प्रश्न 4

गोल चमकीला रोड़ा अपनी यात्रा के बारे में क्या बताता है?
Solution: गोल चमकीला रोड़ा अपनी कहानी बताते हुए कहता है कि वह कभी एक बड़ी चट्टान का हिस्सा था। एक दिन, पहाड़ों से बहते हुए पानी ने उसे बहाकर नीचे घाटी में ला दिया। वहाँ से, एक पहाड़ी नाले ने उसे आगे धकेल दिया और वह एक बड़ी नदी (दरिया) में पहुँच गया। इस लंबी यात्रा के दौरान, पानी और अन्य कंकड़ों से लगातार रगड़ खाते-घिसते रहने के कारण वह अपनी नुकीली धारियाँ खो बैठा और एक गोल, चिकना और चमकदार रोड़ा बन गया।

प्रश्न 5

गोल चमकीले रोड़े को यदि दरिया और आगे ले जाता तो क्या होता?
Solution: यदि दरिया गोल चमकीले रोड़े को और आगे बहाकर ले जाता, तो वह अपनी यात्रा जारी रखता। लगातार घिसते-घिसते वह और भी छोटा होता जाता। अंततः, वह इतना छोटा हो जाता कि बालू के एक छोटे से कण (जर्रा) के समान बन जाता। फिर वह समुद्र के किनारे पहुँचकर अपने जैसे अन्य बालू के कणों से मिल जाता, जिससे एक सुंदर और विस्तृत बालू का किनारा बन जाता। इस किनारे पर बच्चे खेलकर आनंद मनाते और बालू के घरौंदे बनाते।

प्रश्न 6

नेहरूजी ने दुनिया कैसे शुरू हुई के बारे में क्या बताया है?
Solution: नेहरूजी ने दुनिया की शुरुआत के बारे में बताया है कि हमारी पृथ्वी लाखों-करोड़ों वर्ष पुरानी है। बहुत लंबे समय तक इस पृथ्वी पर कोई मनुष्य नहीं था। मनुष्यों के आने से पहले, यहाँ केवल जानवर मौजूद थे। और जानवरों से भी पहले, एक ऐसा समय था जब यह पृथ्वी अत्यधिक गर्म थी और इस पर किसी भी प्रकार का जीवन संभव नहीं था।

अनुमान और कल्पना - प्रश्न 1

हमारे यहाँ तो यही कहानी प्रचलित है कि दुनिया और सृष्टि के रचयिता ईश्वर हैं। इस बारे में अपने विचार लिखो।
Solution: हमारे देश और समाज में यह मान्यता बहुत प्रचलित है कि ईश्वर ने ही इस पूरी दुनिया और सृष्टि की रचना की है। यह एक गहरी आस्था का विषय है। ईश्वर को सर्वशक्तिमान और सर्वज्ञ माना जाता है, जो अपनी इच्छा से सब कुछ बना सकता है। हालाँकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पृथ्वी के विकास की अपनी व्याख्याएँ हैं, जो लाखों-करोड़ों वर्षों की प्रक्रिया पर आधारित हैं, पर धार्मिक और दार्शनिक मान्यताओं के अनुसार ईश्वर ही सृष्टि का मूल कारण है। यह विश्वास लोगों को जीवन का अर्थ और उद्देश्य समझने में मदद करता है।

अनुमान और कल्पना - प्रश्न 3

मसूरी और इलाहाबाद के बारे में कुछ बातें लिखो।
Solution: मसूरी उत्तराखंड राज्य का एक प्रसिद्ध पर्वतीय पर्यटन स्थल है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ठंडी जलवायु और मनोरम दृश्यों के लिए जाना जाता है। यह हिमालय की तलहटी में स्थित है। दूसरी ओर, इलाहाबाद (अब प्रयागराज) उत्तर प्रदेश राज्य का एक प्रमुख शहर है, जो विशेष रूप से गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के संगम (त्रिवेणी संगम) के लिए प्रसिद्ध है। यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल भी है।

अनुमान और कल्पना - प्रश्न 4

उस युग में पत्थरों का उपयोग किन-किन कामों के लिए होता होगा?
Solution: उस प्राचीन युग में, जब मनुष्य ने औजारों और हथियारों का विकास करना शुरू ही किया था, पत्थरों का उपयोग कई महत्वपूर्ण कामों के लिए होता था। पत्थरों का इस्तेमाल मुख्य रूप से जानवरों को डराने या उनसे बचाव के लिए, शिकार करने के लिए, और आत्मरक्षा के लिए हथियार के रूप में किया जाता था। इसके अतिरिक्त, पत्थरों को तराश कर खेती के औजार जैसे कुल्हाड़ी, खुरपी आदि बनाए जाते थे। कुछ बड़े पत्थरों का उपयोग आश्रय या मकान बनाने के लिए भी किया जाता होगा। इस प्रकार, पत्थर उस समय के मानव जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा थे।

भाषा की बात - प्रश्न

नीचे दिए गए शब्दों का अर्थ समझो और फिर उनका वाक्यों में प्रयोग करो।

ढकेलना: इतना भारी पत्थर ढकेलना तो मुश्किल है।

सरकना: आदत न होने के कारण नई दुल्हन का घूँघट सरकने लगा।

खिसकना: बॉस के आने से पहले ही रोहन ऑफिस से खिसक लिया।

Solution:

ढकेलना: हमें मिलकर इस भारी अलमारी को कमरे के कोने तक ढकेलना होगा।

सरकना: चलते समय उसका पैर फिसला और वह धीरे से ज़मीन पर सरक गया।

खिसकना: जैसे ही शिक्षक ने प्रश्न पूछा, शरारती बच्चा अपनी सीट से खिसकने लगा।

भाषा की बात - प्रश्न 2

नीचे दिए गए शब्दों से विशेषण बनाओ:

पत्थर - पथरीला रास्ता

काँटा - कँटीला मार्ग

रस - रसीला फल

जहर - जहरीला शरबत

Solution:

पत्थर से बना विशेषण: पथरीला (जैसे: पथरीला रास्ता)

काँटा से बना विशेषण: कँटीला (जैसे: कँटीला झाड़)

रस से बना विशेषण: रसीला (जैसे: रसीला आम)

जहर से बना विशेषण: जहरीला (जैसे: जहरीला साँप)

भाषा की बात - प्रश्न 3

नीचे दिए गए वाक्यों में मोटे छपे शब्दों के सही रूप पर गोला लगाओ या सही शब्द लिखो।

(क) कृष्णन फ़िल्म देखना चाहता है <u>परन्त</u> मैं मेले में जाना चाहती हूँ।

(ख) मुनिया ने सपना देखा कि वह चंद्रमा पर बैठी है।

(ग) छुट्टियों में हम सब <u>तो</u> दुर्गापुर जाएँगे <u>निक</u> जालंधर।

(घ) सब्ज़ी कटवा कर रखना <u>ताकि</u> घर आते ही मैं खाना बना लूँ।

(ड) <u>यदि</u> मुझे पता होता कि शमीम बुरा मान जाएगा <u>तो</u> मैं यह बात न कहता।

(च) मालती ने तुम्हारी शिकायत नहीं <u>बल्कि</u> तारीफ़ ही की थी ।

(छ) इस वर्ष फसल अच्छी नहीं हुई है <u>इसलिए</u> अनाज महँगा है।

(ज) विमल जर्मन सीख रहा है <u>या</u> फ्रेंच।

Solution:

(क) कृष्णन फ़िल्म देखना चाहता है परंतु मैं मेले में जाना चाहती हूँ।

(ख) मुनिया ने सपना देखा कि वह चंद्रमा पर बैठी है। (यह वाक्य सही है, इसमें कोई बदलाव की आवश्यकता नहीं है।)

(ग) छुट्टियों में हम सब दुर्गापुर जाएँगे या जालंधर। (यहाँ 'तो' और 'निक' के स्थान पर 'या' का प्रयोग उचित है, यदि दो विकल्पों में से एक चुनना हो। यदि दोनों जगह जाना हो तो 'और' का प्रयोग हो सकता है, पर दिए गए विकल्पों में 'या' अधिक उपयुक्त है।)

(घ) सब्ज़ी कटवा कर रखना ताकि घर आते ही मैं खाना बना लूँ।

(ड) यदि मुझे पता होता कि शमीम बुरा मान जाएगा तो मैं यह बात न कहता।

(च) मालती ने तुम्हारी शिकायत नहीं बल्कि तारीफ़ ही की थी ।

(छ) इस वर्ष फसल अच्छी नहीं हुई है इसलिए अनाज महँगा है।

(ज) विमल जर्मन सीख रहा है या फ्रेंच।

अन्य वाक्य - प्रश्न

दिए गए वाक्यों को ध्यान से पढ़ो और समझो।

1. रीमा शरारती नहीं <u>बल्</u>कि शांत बालिका है।

2. रोहन दुर्घटना में घायल हो गया <u>इसलिए</u> विवाह समारोह में सम्मिलत नहीं हो पाया।

3. सिनेमा जाओ परन्तु अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद।

4. किसी ने सच ही कहा है कि झूठ के पाँव नहीं होते हैं।

5. <u>यदि</u> समय रहते बड़े भाई ने मेरी सहायता नहीं की होती <u>तो</u> आज मैं सफल न होता।

6. हमें दूसरों के गुणों पर ध्यान देना चाहिए <u>निक</u> उनके अवगुणों का बखान करना चाहिए।

7. राम प्रदर्शनी में तुम जाना चाहते हो या मैं रोहन को भेज दूँ।

8. पढ़ाई पर ध्या=न दो तािक अच्छे अंक ला सको।

Solution:

1. रीमा शरारती नहीं बल्कि शांत बालिका है। (यहाँ 'बल्कि' का प्रयोग दो विपरीत बातों को जोड़ने के लिए किया गया है।)

2. रोहन दुर्घटना में घायल हो गया इसलिए विवाह समारोह में सम्मिलित नहीं हो पाया। (यहाँ 'इसलिए' कारण और परिणाम को जोड़ रहा है।)

3. सिनेमा जाओ परंतु अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद। (यहाँ 'परंतु' एक शर्त या समय बता रहा है।)

4. किसी ने सच ही कहा है कि झूठ के पाँव नहीं होते हैं। (यहाँ 'कि' दो वाक्यों को जोड़कर एक आश्रित उपवाक्य बना रहा है।)

5. यदि समय रहते बड़े भाई ने मेरी सहायता नहीं की होती तो आज मैं सफल न होता। (यहाँ 'यदि...तो' का प्रयोग शर्त और उसके परिणाम को दर्शा रहा है।)

6. हमें दूसरों के गुणों पर ध्यान देना चाहिए, न कि उनके अवगुणों का बखान करना चाहिए। (यहाँ 'न कि' का प्रयोग तुलना या विरोध दर्शाने के लिए किया गया है। 'निक' का प्रयोग यहाँ गलत है।)

7. राम, प्रदर्शनी में तुम जाना चाहते हो या मैं रोहन को भेज दूँ। (यहाँ 'या' दो विकल्पों में से एक को चुनने का संकेत दे रहा है।)

8. पढ़ाई पर ध्यान दो ताकि अच्छे अंक ला सको। (यहाँ 'ताकि' उद्देश्य बता रहा है। 'ध्या=' को 'ध्यान' और 'तािक' को 'ताकि' लिखा जाएगा।)

Common mistakes

  • प्रकृति को केवल निर्जीव वस्तुएं मानना, न कि इतिहास के स्रोत।
  • चट्टानों और रोड़ों के निर्माण की प्रक्रिया को ठीक से न समझना।
  • भाषा खंड में क्रियाओं और विशेषणों के बीच अंतर करने में कठिनाई।
  • कल्पना और अनुमान वाले प्रश्नों के उत्तर देते समय पाठ के संदर्भ से भटक जाना।

Revision tips

  • पाठ के मुख्य विचारों को समझने के लिए लेखक के दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित करें।
  • चट्टानों, नदियों और जीवाश्मों से मिलने वाली जानकारी को एक साथ जोड़कर देखें।
  • गोल चमकीले रोड़े की यात्रा को एक उदाहरण के रूप में उपयोग करके परिवर्तन की प्रक्रिया को समझें।
  • भाषा खंड में दिए गए उदाहरणों का अभ्यास करें और स्वयं ऐसे वाक्य बनाने का प्रयास करें।
  • अनुमान और कल्पना वाले प्रश्नों के उत्तर देते समय अपनी रचनात्मकता का प्रयोग करें।

Practice MCQs

Q1. लेखक ने प्रकृति के किन तत्वों को 'संसार रूपी पुस्तक' के अक्षर कहा है?

Q2. लाखों-करोड़ों वर्ष पहले पृथ्वी की स्थिति कैसी थी?

Q3. गोल चमकीला रोड़ा अपनी यात्रा के बारे में क्या बताता है?

Q4. यदि गोल चमकीला रोड़ा दरिया में और आगे जाता तो क्या होता?

Q5. प्राचीन काल में पत्थरों का उपयोग किस लिए किया जाता था?

Frequently asked questions

कक्षा 6 हिंदी के पाठ 12 का मुख्य विषय क्या है?

पाठ 12, 'संसार पुस्तक है', का मुख्य विषय यह है कि प्रकृति स्वयं एक पुस्तक की तरह है जिससे हम पृथ्वी के इतिहास और उसके विकास के बारे में जान सकते हैं। इसमें चट्टानों, नदियों और जीवाश्मों के महत्व पर प्रकाश डाला गया है।

लेखक ने 'संसार पुस्तक है' में किन चीजों को 'अक्षर' कहा है?

लेखक ने चट्टानों के टुकड़े, वृक्ष, पहाड़, नदियाँ, समुद्र और जानवरों की हड्डियों जैसी चीजों को 'संसार पुस्तक' के अक्षर कहा है, क्योंकि इनसे हमें पृथ्वी के पुराने रहस्यों का पता चलता है।

गोल चमकीले रोड़े की कहानी क्या सिखाती है?

गोल चमकीले रोड़े की कहानी यह सिखाती है कि कैसे प्राकृतिक शक्तियाँ (जैसे पानी का बहाव) किसी वस्तु को धीरे-धीरे बदल सकती हैं, उसे एक चट्टान के टुकड़े से एक चिकने रोड़े में परिवर्तित कर सकती हैं।

इस पाठ के समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान पाठ के मुख्य प्रश्नों के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को विषय वस्तु को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का उत्तर देने में मदद मिलती है।

भाषा की बात खंड में किस प्रकार के अभ्यास शामिल हैं?

भाषा की बात खंड में क्रियाओं (जैसे ढकेलना, सरकना, खिसकना) और विशेषणों (जैसे पथरीला, कँटीला, रसीला, जहरीला) के प्रयोग से संबंधित अभ्यास शामिल हैं, जो छात्रों की भाषा पर पकड़ मजबूत करते हैं।

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