कक्षा 6 गणित: अध्याय 14 प्रायोगिक ज्यामिति के लिए NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 6 के गणित के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से अध्याय 14 'प्रायोगिक ज्यामिति' पर केंद्रित है। छात्र वृत्त बनाने, विभिन्न त्रिज्याओं के साथ वृत्त खींचने, व्यास की अवधारणा को समझने और वृत्त पर, उसके अंदर और बाहर बिंदुओं को चिह्नित करने के तरीके सीखेंगे। समाधान रेखाखंडों को मापने और बनाने, उनकी लंबाई को संयोजित करने और घटाने और दिए गए रेखाखंडों के आधार पर नए रेखाखंड बनाने की प्रक्रिया का भी मार्गदर्शन करते हैं। ये विस्तृत समाधान छात्रों को ज्यामितीय अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से अभ्यास करने में सहायता करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | गणित |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 14. प्रायोगिक ज्यामिति |
Chapter summary
कक्षा 6 के गणित के अध्याय 14 'प्रायोगिक ज्यामिति' के लिए ये NCERT समाधान छात्रों को ज्यामितीय आकृतियों की मूल बातें सिखाते हैं। इसमें वृत्त खींचना, समान केंद्र वाले वृत्त बनाना, व्यास और समकोण की समझ, और वृत्त के विभिन्न भागों में बिंदुओं को चिह्नित करना शामिल है। समाधान रेखाखंडों के निर्माण और मापन पर भी ध्यान केंद्रित करते हैं, जिसमें दिए गए मापों को जोड़ना और घटाना शामिल है। ये अभ्यास छात्रों को ज्यामितीय उपकरणों का उपयोग करने और सटीक रचनाएँ करने में कुशल बनाते हैं।
Learning outcomes
- 3.2 सेमी त्रिज्या का वृत्त बनाना सीखें।
- एक ही केंद्र से विभिन्न त्रिज्याओं के दो वृत्त खींचना समझें।
- वृत्त के व्यास और समकोण के बीच संबंध की जाँच करें।
- वृत्त पर, अभ्यंतर में और बहिर्भाग में बिंदुओं को पहचानें और अंकित करें।
- दिए गए मापों के अनुसार रेखाखंडों को मापना और बनाना सीखें।
- रेखाखंडों की लंबाइयों को जोड़ना और घटाना सीखें।
Topics covered
Paper topics
- वृत्त बनाना
- वृत्त की त्रिज्या
- समान केंद्र वाले वृत्त
- वृत्त के व्यास
- व्यास का समकोण पर काटना
- वृत्त पर, अभ्यंतर में और बहिर्भाग में बिंदु
- रेखाखंड खींचना
- रेखाखंड की लंबाई मापना
- रेखाखंडों को जोड़ना
- रेखाखंडों को घटाना
- रेखाखंड की लंबाई का दोगुना करना
- ज्यामितीय रचनाएँ
Important topics
- वृत्त बनाना और त्रिज्या
- समान केंद्र वाले वृत्त
- व्यास और समकोण
- वृत्त के विभिन्न क्षेत्रों में बिंदु
- रेखाखंडों का निर्माण और मापन
- रेखाखंडों की लंबाइयों का संयोजन
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
वृत्त खींचने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
- सबसे पहले, रूलर की सहायता से परकार (compass) की नोक और पेंसिल के बीच की दूरी को 3.2 सेमी पर सेट करें। यह वृत्त की त्रिज्या होगी।
- एक कागज पर एक बिंदु अंकित करें जहाँ आप वृत्त का केंद्र बनाना चाहते हैं। इस बिंदु का नाम 'O' रखें।
- परकार की नुकीली नोक को बिंदु 'O' पर स्थिर रखें।
- परकार की पेंसिल वाली नोक को धीरे-धीरे घुमाते हुए एक पूर्ण वृत्त बनाएँ।
इस प्रकार, 3.2 सेमी त्रिज्या वाला अभीष्ट वृत्त प्राप्त हो जाएगा।
प्रश्न 2
रचना के पद निम्नलिखित हैं:
- कागज पर एक बिंदु अंकित करें और उसे केंद्र 'O' का नाम दें।
- रूलर की सहायता से परकार को 4 सेमी खोलें।
- परकार की नुकीली नोक को बिंदु 'O' पर रखें और धीरे-धीरे घुमाकर पहला (बड़ा) वृत्त बनाएँ।
- अब, परकार को 2.5 सेमी खोलें।
- परकार की नुकीली नोक को पुनः बिंदु 'O' पर रखें और धीरे-धीरे घुमाकर दूसरा (छोटा) वृत्त बनाएँ।
इस प्रकार, एक ही केंद्र 'O' से 4 सेमी और 2.5 सेमी त्रिज्या वाले दो वृत्त प्राप्त होंगे। छोटा वृत्त बड़े वृत्त के अंदर स्थित होगा।
प्रश्न 3
एक वृत्त खींचिए और उसके केंद्र से होकर जाने वाली दो रेखाएँ खींचिए जो वृत्त की परिधि को दो बिंदुओं पर मिलें। ये रेखाएँ वृत्त के व्यास हैं।
मान लीजिए वृत्त का केंद्र O है और दो व्यास AB और CD हैं।
यदि ये दोनों व्यास परस्पर लंब हों (अर्थात उनके बीच 90° का कोण बने), तो वे वृत्त को चार बराबर भागों में विभाजित करेंगे। इन चार भागों के सिरे वृत्त की परिधि पर होंगे।
प्राप्त आकृति: जब दो व्यास परस्पर लंब होते हैं, तो वे वृत्त को चार बराबर चापों में विभाजित करते हैं। यदि हम इन चार बिंदुओं को क्रम से मिला दें, तो एक वर्ग (Square) की आकृति प्राप्त होगी, जिसकी भुजाएँ वृत्त की जीवाएँ होंगी।
उत्तर की जाँच:
- वृत्त खींचें और उसके दो व्यास AB और CD बनाएँ जो केंद्र O पर समकोण (90°) बनाते हों।
- अब, वृत्त की परिधि पर व्यास के सिरों को नामांकित करें (जैसे A, C, B, D)।
- इन बिंदुओं को क्रम से मिलाएँ: AC, CB, BD, DA।
- मापें: चारों रेखाखंड AC, CB, BD, DA की लंबाई बराबर होगी।
- साथ ही, चारों कोण ∠AOC, ∠COB, ∠BOD, ∠DOA समकोण (90°) होंगे।
- यह एक वर्ग की विशेषता है कि उसकी चारों भुजाएँ बराबर होती हैं और चारों कोण समकोण होते हैं। अतः, आकृति एक वर्ग होगी।
प्रश्न 4
- A वृत्त पर स्थित हो।
- B वृत्त के अभ्यंतर में स्थित हो।
- C वृत्त के बहिर्भाग में स्थित हो।
सबसे पहले, एक वृत्त खींचिए। मान लीजिए इसका केंद्र O है।
- बिंदु A (वृत्त पर स्थित): वृत्त की परिधि पर कोई भी एक बिंदु अंकित करें। इस बिंदु को 'A' नाम दें। यह बिंदु वृत्त पर स्थित होगा।
- बिंदु B (वृत्त के अभ्यंतर में स्थित): वृत्त के अंदर (केंद्र O के आसपास, परिधि पर नहीं) कोई भी एक बिंदु अंकित करें। इस बिंदु को 'B' नाम दें। यह बिंदु वृत्त के अभ्यंतर में स्थित होगा। अभ्यंतर का अर्थ है वृत्त के अंदर का क्षेत्र।
- बिंदु C (वृत्त के बहिर्भाग में स्थित): वृत्त के बाहर (परिधि से दूर) कोई भी एक बिंदु अंकित करें। इस बिंदु को 'C' नाम दें। यह बिंदु वृत्त के बहिर्भाग में स्थित होगा। बहिर्भाग का अर्थ है वृत्त के बाहर का क्षेत्र।
इस प्रकार, आप वृत्त पर, उसके अभ्यंतर में और उसके बहिर्भाग में बिंदु अंकित कर सकते हैं।
प्रश्न 5
रचना के चरण:
- दो बिंदु A और B लीजिए जो समान त्रिज्या वाले दो वृत्तों के केंद्र होंगे।
- बिंदु A को केंद्र मानकर एक वृत्त खींचिए। इस वृत्त की त्रिज्या इतनी लीजिए कि यह बिंदु B से होकर जाए।
- अब, बिंदु B को केंद्र मानकर एक वृत्त खींचिए। इस वृत्त की त्रिज्या भी वही लीजिए जो पहले वृत्त की थी (अर्थात समान त्रिज्या)। यह वृत्त भी बिंदु A से होकर जाना चाहिए।
- ये दोनों वृत्त एक दूसरे को दो बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करेंगे। इन प्रतिच्छेद बिंदुओं को C और D नाम दीजिए।
- रेखाखंड AB खींचिए (जो दोनों वृत्तों के केंद्रों को जोड़ता है)।
- रेखाखंड CD खींचिए (जो दोनों वृत्तों के प्रतिच्छेद बिंदुओं को जोड़ता है)।
जाँच:
अब हमें जाँच करनी है कि क्या रेखाखंड AB और CD परस्पर समकोण पर हैं।
रचना के अनुसार, वृत्त C और D पर प्रतिच्छेद करते हैं।
चूंकि वृत्त A और B दोनों की त्रिज्या समान है, और दोनों एक दूसरे के केंद्र से होकर गुजरते हैं:
- AC = AD = BC = BD (ये सभी दोनों वृत्तों की त्रिज्याएँ हैं)।
- इसलिए, चतुर्भुज ACBD की चारों भुजाएँ बराबर हैं।
- साथ ही, AB रेखाखंड CD को समद्विभाजित करता है (क्योंकि A और B दोनों C और D से समान दूरी पर हैं)।
- और CD रेखाखंड AB को समद्विभाजित करता है (क्योंकि C और D दोनों A और B से समान दूरी पर हैं)।
- जब दो समान त्रिज्या वाले वृत्त एक दूसरे के केंद्र से होकर गुजरते हैं और उनके प्रतिच्छेद बिंदुओं को केंद्रों से मिलाया जाता है, तो बनने वाले रेखाखंड (AB और CD) एक दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं।
निष्कर्ष: हाँ, AB और CD परस्पर समकोण पर प्रतिच्छेद करते हैं।
प्रश्न 1
एक 7.3 सेमी लंबा रेखाखंड खींचने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
- एक रूलर (पैमाना) लें।
- रूलर पर '0' (शून्य) के निशान को कागज पर एक बिंदु पर रखें। इस बिंदु को रेखाखंड का पहला सिरा मानें।
- रूलर पर 7.3 सेमी के निशान तक एक सीधी रेखा खींचें।
- जहाँ 7.3 सेमी का निशान समाप्त होता है, वहाँ दूसरा बिंदु अंकित करें।
- इन दोनों बिंदुओं को मिलाने वाली रेखाखंड की लंबाई 7.3 सेमी होगी।
इस प्रकार, रूलर की सहायता से 7.3 सेमी लंबाई का रेखाखंड प्राप्त हो जाएगा।
प्रश्न 2
5.6 सेमी लंबाई का रेखाखंड खींचने के लिए रूलर और परकार का प्रयोग इस प्रकार करें:
- रूलर की सहायता से परकार (compass) की नोक और पेंसिल के बीच की दूरी को 5.6 सेमी पर सेट करें।
- कागज पर एक बिंदु अंकित करें, जिसे रेखाखंड का पहला सिरा माना जाएगा।
- परकार की नुकीली नोक को इस अंकित बिंदु पर रखें।
- परकार की पेंसिल वाली नोक को धीरे-धीरे घुमाकर एक चाप (arc) बनाएँ जो पहले बिंदु से 5.6 सेमी की दूरी पर हो।
- जहाँ चाप समाप्त होता है, वह रेखाखंड का दूसरा सिरा होगा।
इस प्रकार, रूलर और परकार की सहायता से 5.6 सेमी लंबाई का रेखाखंड प्राप्त हो जाएगा।
प्रश्न 3
दिए गए चरणों का पालन करें:
- रूलर का प्रयोग करके 7.8 सेमी लंबाई का एक रेखाखंड AB खींचिए। सुनिश्चित करें कि बिंदु A और B स्पष्ट रूप से अंकित हों।
- अब, बिंदु A से शुरू करते हुए, रूलर की सहायता से 4.7 सेमी लंबाई का एक रेखाखंड AC काटिए। इसका मतलब है कि बिंदु C, रेखाखंड AB पर स्थित होगा और A से उसकी दूरी 4.7 सेमी होगी।
- अब, रूलर का उपयोग करके रेखाखंड BC की लंबाई मापें।
मापन:
रेखाखंड AB की कुल लंबाई = 7.8 सेमी
रेखाखंड AC की लंबाई = 4.7 सेमी
रेखाखंड BC की लंबाई = AB की कुल लंबाई - AC की लंबाई
BC की लंबाई = 7.8 सेमी - 4.7 सेमी
BC की लंबाई = 3.1 सेमी
अतः, मापन करने पर रेखाखंड BC की लंबाई 3.1 सेमी प्राप्त होगी।
प्रश्न 4
दिए गए रेखाखंड AB की लंबाई 3.9 सेमी है। हमें PQ खींचना है जिसकी लंबाई AB की लंबाई की दोगुनी हो, अर्थात PQ = 2 × AB।
PQ की आवश्यक लंबाई = 2 × 3.9 सेमी = 7.8 सेमी।
रचना के चरण:
- रूलर का प्रयोग करके 3.9 सेमी लंबाई का रेखाखंड AB खींचिए।
- अब, एक नई रेखा खींचिए। इस रेखा पर एक बिंदु P अंकित करें।
- रूलर की सहायता से परकार को 3.9 सेमी खोलें (यह AB की लंबाई के बराबर है)।
- परकार की नुकीली नोक को P पर रखें और एक चाप लगाएँ। जहाँ यह चाप रेखा को काटता है, उस बिंदु को X नाम दें। अब PX की लंबाई 3.9 सेमी है।
- परकार को पुनः 3.9 सेमी खोलें।
- परकार की नुकीली नोक को X पर रखें और एक और चाप लगाएँ। जहाँ यह दूसरा चाप रेखा को काटता है, उस बिंदु को Q नाम दें। अब XQ की लंबाई भी 3.9 सेमी है।
- इस प्रकार, रेखाखंड PQ की कुल लंबाई PX + XQ = 3.9 सेमी + 3.9 सेमी = 7.8 सेमी है।
मापन से जाँच:
रूलर का उपयोग करके खींचे गए रेखाखंड PQ की लंबाई मापें। यह 7.8 सेमी होनी चाहिए, जो कि AB की लंबाई (3.9 सेमी) का दोगुना है।
प्रश्न 5
हमें दो रेखाखंड दिए गए हैं:
- रेखाखंड AB की लंबाई = 7.3 सेमी
- रेखाखंड CD की लंबाई = 3.4 सेमी
हमें एक नया रेखाखंड XY खींचना है जिसकी लंबाई AB और CD की लंबाइयों के अंतर के बराबर हो।
अंतर = AB की लंबाई - CD की लंबाई
अंतर = 7.3 सेमी - 3.4 सेमी = 3.9 सेमी
अतः, हमें 3.9 सेमी लंबाई का रेखाखंड XY खींचना है।
रचना के चरण:
- रूलर का प्रयोग करके 3.9 सेमी लंबाई का एक रेखाखंड खींचिए।
- इस रेखाखंड के एक सिरे को X और दूसरे सिरे को Y नाम दीजिए।
इस प्रकार, रेखाखंड XY की लंबाई 3.9 सेमी होगी, जो कि AB और CD की लंबाइयों का अंतर है।
Common mistakes
- परकार को खोलते या बंद करते समय त्रिज्या को गलत मापना।
- वृत्त बनाते समय परकार को हिला देना, जिससे वृत्त विकृत हो जाए।
- रेखाखंडों को मापते समय रूलर पर शून्य बिंदु का सही उपयोग न करना।
- रचना के चरणों को क्रम से न लिखना या छोड़ देना।
Revision tips
- प्रत्येक रचना के लिए चरणों को ध्यान से पढ़ें और उनका पालन करें।
- सभी मापों को दोबारा जांचें, खासकर त्रिज्या और रेखाखंड की लंबाई।
- अभ्यास के लिए विभिन्न त्रिज्याओं और लंबाइयों के साथ स्वयं आकृतियाँ बनाएँ।
- ज्यामितीय उपकरणों (रूलर, परकार) का सही उपयोग सुनिश्चित करें।
Practice MCQs
Q1. 3.2 सेमी त्रिज्या का वृत्त खींचने के लिए परकार को कितना खोलना चाहिए?
Explanation: वृत्त की त्रिज्या वह दूरी होती है जो केंद्र से वृत्त की परिधि तक होती है। इसलिए, परकार को 3.2 सेमी खोलना होगा।
Q2. एक ही केंद्र O वाले दो वृत्तों की त्रिज्याएँ 4 सेमी और 2.5 सेमी हैं। छोटे वृत्त का क्या स्थान है?
Explanation: चूंकि छोटे वृत्त की त्रिज्या (2.5 सेमी) बड़े वृत्त की त्रिज्या (4 सेमी) से कम है और दोनों का केंद्र समान है, छोटा वृत्त बड़े वृत्त के अंदर स्थित होगा।
Q3. यदि किसी वृत्त के दो व्यास परस्पर लंब हों, तो वे वृत्त को कितने बराबर भागों में विभाजित करते हैं?
Explanation: जब दो व्यास परस्पर लंब होते हैं, तो वे वृत्त को चार बराबर भागों में विभाजित करते हैं, जो समकोण बनाते हैं।
Q4. वृत्त के अभ्यंतर में स्थित बिंदु की क्या विशेषता होती है?
Explanation: वृत्त के अभ्यंतर (अंदर) में स्थित किसी भी बिंदु की दूरी वृत्त के केंद्र से उसकी त्रिज्या से कम होती है।
Q5. 7.3 सेमी लंबाई का रेखाखंड खींचने के लिए किस उपकरण का प्रयोग किया जाता है?
Explanation: केवल रूलर का प्रयोग करके किसी विशिष्ट लंबाई (जैसे 7.3 सेमी) का रेखाखंड खींचा जा सकता है।
Frequently asked questions
कक्षा 6 के लिए प्रायोगिक ज्यामिति अध्याय में मुख्य रूप से क्या सिखाया जाता है?
इस अध्याय में वृत्त बनाना, विभिन्न त्रिज्याओं के साथ वृत्त खींचना, व्यास की अवधारणा को समझना, और वृत्त पर, अंदर और बाहर बिंदुओं को अंकित करना सिखाया जाता है। साथ ही, रेखाखंडों को मापना, बनाना और उनकी लंबाइयों को जोड़ना या घटाना भी शामिल है।
वृत्त खींचने के लिए किन उपकरणों की आवश्यकता होती है?
वृत्त खींचने के लिए मुख्य रूप से परकार (compass) और रूलर (scale) की आवश्यकता होती है। परकार का उपयोग केंद्र और त्रिज्या को परिभाषित करने के लिए किया जाता है, और रूलर का उपयोग त्रिज्या को मापने के लिए किया जाता है।
यदि दो व्यास परस्पर लंब हों तो क्या होता है?
यदि किसी वृत्त के दो व्यास परस्पर लंब होते हैं, तो वे वृत्त को चार बराबर भागों में विभाजित करते हैं। ये व्यास वृत्त के केंद्र पर समकोण बनाते हैं।
रेखाखंड AB का दोगुना लंबाई का रेखाखंड PQ कैसे खींचा जा सकता है?
रेखाखंड AB का दोगुना लंबाई का रेखाखंड PQ खींचने के लिए, पहले AB के बराबर लंबाई का रेखाखंड PX खींचें। फिर, X से AB के बराबर लंबाई का रेखाखंड XQ खींचें। इस प्रकार, PQ की कुल लंबाई AB की लंबाई का दोगुना हो जाएगी।
ये NCERT समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए विस्तृत, चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद मिलती है। यह उन्हें अभ्यास करने और परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों को हल करने के लिए तैयार करता है।
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