कक्षा 6 संस्कृत: अकारान्त पुल्लिङ्ग NCERT समाधान
यह खंड कक्षा 6 के संस्कृत छात्रों के लिए "अकारान्त पुल्लिङ्ग" पाठ पर विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ अकारान्त पुल्लिङ्ग शब्दों, जैसे छात्र, बालक, और राम, के परिचय पर केंद्रित है, जिनके अंत में 'अ' स्वर होता है। समाधानों में संज्ञा, सर्वनाम और क्रिया पदों के एकवचन, द्विवचन और बहुवचन में प्रयोग को स्पष्ट किया गया है। छात्रों को धातुओं (क्रियाओं) का सही उपयोग सिखाया गया है, जिसमें वर्तमान काल के सामान्य और अपूर्ण रूपों को एक ही क्रियापद से दर्शाया जाता है। उदाहरणों में 'एषः कः?', 'सः कः?', 'एतौ कौ?', और 'तौ कौ?' जैसे प्रश्न शामिल हैं, जिनके उत्तरों में 'चषकः', 'सौचिकः', 'शुनकौ', और 'बलीववौँ' जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है। यह विस्तृत समाधान छात्रों को संस्कृत व्याकरण की मूल बातें समझने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | संस्कृत |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 1. अकारान्त – पुल्लिङ्ग |
Chapter summary
कक्षा 6 के लिए संस्कृत पाठ 'अकारान्त पुल्लिङ्ग' के NCERT समाधानों का यह संग्रह अकारान्त पुल्लिङ्ग शब्दों और उनके व्याकरणिक प्रयोग पर केंद्रित है। इसमें एकवचन और द्विवचन में संज्ञा, सर्वनाम और क्रियाओं के प्रयोग को उदाहरणों के साथ समझाया गया है। पाठ में धातुओं के वर्तमान काल में प्रयोग और उनके अर्थ को स्पष्ट किया गया है, जो छात्रों को संस्कृत में वाक्य निर्माण की क्षमता विकसित करने में मदद करता है।
Learning outcomes
- अकारान्त पुल्लिङ्ग शब्दों को पहचानना और समझना।
- संज्ञा, सर्वनाम और क्रिया पदों के एकवचन और द्विवचन रूपों का प्रयोग सीखना।
- वर्तमान काल में धातुओं के प्रयोग को समझना।
- सरल संस्कृत वाक्यों का अनुवाद करना और उनका अर्थ समझना।
- संस्कृत में प्रश्न पूछना और उत्तर देना सीखना।
Topics covered
Paper topics
- अकारान्त पुल्लिङ्ग शब्द
- संज्ञा का प्रयोग
- सर्वनाम का प्रयोग
- क्रिया का प्रयोग
- एकवचन
- द्विवचन
- वर्तमान काल
- शब्दार्थ
- सरलार्थ
- संस्कृत व्याकरण
Important topics
- अकारान्त पुल्लिङ्ग शब्दों की पहचान
- सर्वनामों का सही प्रयोग
- क्रियापदों का वचन के अनुसार प्रयोग
- वर्तमान काल की क्रियाओं का अर्थ
- द्विवचन का प्रयोग
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
यह प्रश्न एकवचन में एक वस्तु के बारे में पूछ रहा है और उसका उत्तर दे रहा है।
प्रश्न: एषः कः? (यह कौन है? / यह क्या है?)
उत्तर: एषः चषकः। (यह गिलास है।)
प्रश्न: किम् एषः बृहत्? (क्या यह बड़ा है?)
उत्तर: न, एषः लघुः। (नहीं, यह छोटा है।)
यहाँ 'एषः' सर्वनाम का प्रयोग निकट की वस्तु के लिए एकवचन में हुआ है। 'चषकः' (गिलास) एक अकारान्त पुल्लिङ्ग शब्द है। 'बृहत्' का अर्थ 'बड़ा' और 'लघुः' का अर्थ 'छोटा' है, जो 'चषकः' के आकार का वर्णन करते हैं।
प्रश्न 2
यह प्रश्न एकवचन में एक व्यक्ति के बारे में पूछ रहा है और उसके कार्य का वर्णन कर रहा है।
प्रश्न: सः कः? (वह कौन है?)
उत्तर: सः सौचिकः। (वह दर्जी है।)
प्रश्न: सौचिक: किं करोति? (दर्जी क्या करता है?)
प्रश्न: कि सः खेलित? (क्या वह खेल रहा है?)
उत्तर: न, सः वस्त्रं सीव्यति। (नहीं, वह कपड़ा सिल रहा है।)
यहाँ 'सः' सर्वनाम का प्रयोग दूर के व्यक्ति के लिए एकवचन में हुआ है। 'सौचिकः' (दर्जी) एक अकारान्त पुल्लिङ्ग शब्द है। 'करोति' (करता है/कर रहा है) और 'सीव्यति' (सिलता है/सिल रहा है) क्रियाओं का प्रयोग वर्तमान काल में हुआ है। 'खेलित' (खेलता है/खेल रहा है) क्रिया के प्रश्न का उत्तर 'न' (नहीं) में दिया गया है।
प्रश्न 3
यह प्रश्न द्विवचन में दो वस्तुओं या प्राणियों के बारे में पूछ रहा है और उनका वर्णन कर रहा है।
प्रश्न: एतौ कौ? (ये दोनों कौन हैं?)
उत्तर: एतौ शुनकौ स्त:। (ये दोनों कुत्ते हैं।)
प्रश्न: किम् एतौ गर्जतः? (क्या ये दोनों गरजते हैं?)
उत्तर: न, एतौ उच्चै: बुक्कत:। (नहीं, ये दोनों ज़ोर से भौंकते हैं।)
यहाँ 'एतौ' सर्वनाम का प्रयोग निकट के दो प्राणियों के लिए द्विवचन में हुआ है। 'शुनकौ' (दो कुत्ते) शब्द 'शुनक' का द्विवचन रूप है। 'गर्जतः' (गरजते हैं) और 'बुक्कत:' (भौंकते हैं) क्रियाओं के द्विवचन रूपों का प्रयोग हुआ है। 'उच्चै:' का अर्थ 'ज़ोर से' है।
प्रश्न 4
यह प्रश्न द्विवचन में दो प्राणियों के बारे में पूछ रहा है और उनके कार्य का वर्णन कर रहा है।
प्रश्न: तौ कौ? (वे दोनों कौन हैं?)
उत्तर: तौ बलीववौँ स्त:। (वे दोनों बैल हैं।)
प्रश्न: किं तौ धावत:? (क्या वे दोनों दौड़ रहे हैं?)
उत्तर: न, तौ क्षेत्रं कर्षतः। (नहीं, वे दोनों खेत जोत रहे हैं।)
यहाँ 'तौ' सर्वनाम का प्रयोग दूर के दो प्राणियों के लिए द्विवचन में हुआ है। 'बलीववौँ' (दो बैल) शब्द 'बलिर्वद' का द्विवचन रूप है। 'धावत:' (दौड़ते हैं) और 'कर्षतः' (जोतते हैं) क्रियाओं के द्विवचन रूपों का प्रयोग हुआ है। 'क्षेत्रं' का अर्थ 'खेत' है।
Common mistakes
- क्रियापदों के एकवचन और द्विवचन रूपों में भ्रमित होना।
- सर्वनामों (एषः, सः, एतौ, तौ) का सही प्रयोग न कर पाना।
- शब्दों के लिंग और वचन के अनुसार क्रिया का सही चयन न करना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न और उसके उत्तर में प्रयुक्त शब्दों के लिंग और वचन पर ध्यान दें।
- दिए गए उदाहरणों से संज्ञा, सर्वनाम और क्रिया के बीच संबंध को समझें।
- शब्दार्थों को याद करें और वाक्यों को स्वयं अनुवाद करने का प्रयास करें।
Practice MCQs
Q1. वाक्य 'एषः कः?' में 'एषः' का क्या अर्थ है?
Explanation: 'एषः' एक सर्वनाम है जिसका प्रयोग निकट की वस्तु या व्यक्ति के लिए एकवचन में होता है, जिसका अर्थ 'यह' होता है।
Q2. 'सौचिकः' शब्द का क्या अर्थ है?
Explanation: पाठ के अनुसार, 'सौचिकः' शब्द का अर्थ 'दर्जी' है।
Q3. वाक्य 'एतौ शुनकौ स्त:' में 'शुनकौ' किस वचन में है?
Explanation: 'शुनकौ' शब्द 'शुनक' का द्विवचन रूप है, जिसका अर्थ 'दो कुत्ते' होता है।
Q4. 'बृहत्' का विलोम शब्द क्या है?
Explanation: पाठ में दिए गए शब्दार्थों के अनुसार, 'बृहत्' (बड़ा) का विलोम 'लघुः' (छोटा) है।
Q5. क्रिया 'सीव्यति' का क्या अर्थ है?
Explanation: पाठ के शब्दार्थ में 'सीव्यति' का अर्थ 'सिलता/सिल रहा है' दिया गया है।
Frequently asked questions
कक्षा 6 के संस्कृत पाठ 'अकारान्त पुल्लिङ्ग' में क्या सिखाया गया है?
इस पाठ में अकारान्त पुल्लिङ्ग शब्दों, जैसे 'बालक', 'छात्र', आदि का परिचय दिया गया है। साथ ही, संज्ञा, सर्वनाम और क्रिया पदों के एकवचन और द्विवचन में प्रयोग को उदाहरणों सहित समझाया गया है।
अकारान्त शब्द किसे कहते हैं?
अकारान्त शब्द वे शब्द होते हैं जिनके अंत में 'अ' स्वर आता है। जैसे - राम, बालक, छात्र आदि।
संस्कृत में 'धातु' का क्या अर्थ होता है?
संस्कृत में 'धातु' का अर्थ क्रिया होता है। हिंदी में जिसे क्रिया कहते हैं, उसे संस्कृत में धातु कहा जाता है।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी हैं?
हाँ, ये समाधान पाठ के प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को विस्तृत रूप से समझाते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद मिलती है।
इस पाठ में किस वचन पर अधिक ध्यान दिया गया है?
इस पाठ में मुख्य रूप से एकवचन और द्विवचन पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमें संज्ञा, सर्वनाम और क्रिया के रूपों को दर्शाया गया है।
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