कक्षा 6 संस्कृत: अकारान्त नपुंसकलिंग NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 6 के लिए संस्कृत पाठ 3, 'अकारान्त नपुंसकलिंग' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ नपुंसकलिंग संज्ञाओं के परिचय पर प्रकाश डालता है, जिसमें 'वस्त्र', 'फल', और 'क्षेत्र' जैसे सामान्य शब्द शामिल हैं। समाधानों में एकवचन और द्विवचन रूपों के उपयोग को स्पष्ट किया गया है, जिसमें 'एतत् किम्?' (यह क्या है?) और 'एते के?' (ये दो क्या हैं?) जैसे उदाहरणों का उपयोग किया गया है। पाठ में 'खनित्रम्' (कुदाल), 'विश्रामगृहम्' (विश्राम गृह), 'अङ्गुलीयके' (दो अंगूठियाँ), और 'बसयाने' (दो बसें) जैसे शब्दों के प्रयोग को समझाया गया है। यह विस्तृत समाधान छात्रों को नपुंसकलिंग शब्दों की पहचान करने और वाक्यों में उनके सही उपयोग को समझने में मदद करता है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | संस्कृत |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 3. अकारान्त – नपुंसकलिंग |
Chapter summary
कक्षा 6 के संस्कृत पाठ 3, 'अकारान्त नपुंसकलिंग' के लिए NCERT समाधान, नपुंसकलिंग संज्ञाओं के मूल सिद्धांतों को कवर करते हैं। यह पाठ छात्रों को 'एतत्' और 'तत्' जैसे सर्वनामों के साथ नपुंसकलिंग शब्दों के एकवचन और द्विवचन रूपों को पहचानने और उपयोग करने में मार्गदर्शन करता है। समाधानों में 'खनित्रम्', 'विश्रामगृहम्', 'अङ्गुलीयके', और 'बसयाने' जैसे उदाहरणों के माध्यम से शब्दावली और वाक्य संरचना पर जोर दिया गया है।
Learning outcomes
- नपुंसकलिंग संज्ञाओं की पहचान करना सीखें।
- एकवचन और द्विवचन में नपुंसकलिंग शब्दों का प्रयोग समझें।
- 'एतत्', 'तत्', 'एते', 'ते' जैसे सर्वनामों का सही उपयोग जानें।
- दिए गए वाक्यों का अर्थ समझें और उनका विश्लेषण करें।
- संस्कृत में सामान्य नपुंसकलिंग शब्दों से परिचित हों।
Topics covered
Paper topics
- नपुंसकलिंग संज्ञाएँ
- अकारान्त शब्द
- एकवचन प्रयोग
- द्विवचन प्रयोग
- सर्वनाम 'एतत्'
- सर्वनाम 'तत्'
- सर्वनाम 'एते'
- सर्वनाम 'ते'
- शब्दार्थ: खनित्रम्
- शब्दार्थ: विश्रामगृहम्
- शब्दार्थ: अङ्गुलीयके
- शब्दार्थ: बसयाने
Important topics
- नपुंसकलिंग संज्ञाओं की पहचान
- एकवचन और द्विवचन का प्रयोग
- सर्वनामों का सही उपयोग
- वाक्य अनुवाद और समझ
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Questions and Solutions
पाठ 3: अकारान्त – नपुंसकलिंग
(क) एतत किम्? एतत् खनित्रम् अस्ति? श्रमिका खनित्रं चालयाते।
तत् किम्? तत् विश्रामगृहम् अस्ति। किम् अत्र भित्तिकम् अस्ति? अत्र भित्तिकं न अस्ति।
Solution:
यह प्रश्न नपुंसकलिंग एकवचन संज्ञाओं और संबंधित सर्वनामों के प्रयोग को दर्शाता है।
पहला वाक्य: 'एतत् किम्?' का अर्थ है 'यह क्या है?'। 'एतत्' एक नपुंसकलिंग सर्वनाम है जो निकट की वस्तु के लिए प्रयुक्त होता है।
दूसरा वाक्य: 'एतत् खनित्रम् अस्ति।' का अर्थ है 'यह कुदाल/फावड़ा है।' यहाँ 'खनित्रम्' एक नपुंसकलिंग संज्ञा है।
तीसरा वाक्य: 'श्रमिका खनित्रं चालयाते।' का अर्थ है 'मजदूरनी कुदाल/फावड़ा चलाती है।' यह वाक्य क्रिया के प्रयोग को दिखाता है।
चौथा वाक्य: 'तत् किम्?' का अर्थ है 'वह क्या है?'। 'तत्' एक नपुंसकलिंग सर्वनाम है जो दूर की वस्तु के लिए प्रयुक्त होता है।
पाँचवाँ वाक्य: 'तत् विश्रामगृहम् अस्ति।' का अर्थ है 'वह विश्राम गृह है।' यहाँ 'विश्रामगृहम्' एक नपुंसकलिंग संज्ञा है।
छठा वाक्य: 'किम् अत्र भित्तिकम् अस्ति?' का अर्थ है 'क्या यहाँ दीवार है?'। 'भित्तिकम्' नपुंसकलिंग संज्ञा है।
सातवाँ वाक्य: 'अत्र भित्तिकं न अस्ति।' का अर्थ है 'यहाँ दीवार नहीं है।' यह बताता है कि दीवार मौजूद नहीं है।
निष्कर्ष: इन वाक्यों में 'एतत्', 'तत्' सर्वनामों और 'खनित्रम्', 'विश्रामगृहम्', 'भित्तिकम्' जैसी नपुंसकलिंग संज्ञाओं के एकवचन रूप का प्रयोग सिखाया गया है।
(ख) एते के? एते अङ्गुलीयके स्तः। सुवर्णकारः अङ्गुलीयके रचयति।
ते के? ते बसयाने स्तः। ते बसयाने कुत्र गच्छतः? ते रेलस्थानकं गच्छतः।
Solution:
यह प्रश्न नपुंसकलिंग द्विवचन संज्ञाओं और संबंधित सर्वनामों के प्रयोग पर केंद्रित है।
पहला वाक्य: 'एते के?' का अर्थ है 'ये दो क्या हैं?'। 'एते' नपुंसकलिंग द्विवचन सर्वनाम है जो निकट की दो वस्तुओं के लिए प्रयुक्त होता है।
दूसरा वाक्य: 'एते अङ्गुलीयके स्तः।' का अर्थ है 'ये दो अंगूठियाँ हैं।' यहाँ 'अङ्गुलीयके' नपुंसकलिंग द्विवचन संज्ञा है और 'स्तः' द्विवचन क्रिया है।
तीसरा वाक्य: 'सुवर्णकारः अङ्गुलीयके रचयति।' का अर्थ है 'सोनार दो अंगूठियाँ बनाता है।' यह वाक्य कर्ता, कर्म और क्रिया के द्विवचन रूप को दर्शाता है।
चौथा वाक्य: 'ते के?' का अर्थ है 'वे दो क्या हैं?'। 'ते' नपुंसकलिंग द्विवचन सर्वनाम है जो दूर की दो वस्तुओं के लिए प्रयुक्त होता है।
पाँचवाँ वाक्य: 'ते बसयाने स्तः।' का अर्थ है 'वे दो बसें हैं।' यहाँ 'बसयाने' नपुंसकलिंग द्विवचन संज्ञा है।
छठा वाक्य: 'ते बसयाने कुत्र गच्छतः?' का अर्थ है 'वे दो बसें कहाँ जा रही हैं?'। 'कुत्र' प्रश्नवाचक अव्यय है और 'गच्छतः' द्विवचन क्रिया है।
सातवाँ वाक्य: 'ते रेलस्थानकं गच्छतः।' का अर्थ है 'वे दो रेलवे स्टेशन जा रही हैं।' यह वाक्य गंतव्य स्थान को दर्शाता है।
निष्कर्ष: इन वाक्यों में 'एते', 'ते' सर्वनामों और 'अङ्गुलीयके', 'बसयाने' जैसी नपुंसकलिंग संज्ञाओं के द्विवचन रूप का प्रयोग सिखाया गया है, साथ ही द्विवचन क्रियाओं का भी परिचय दिया गया है।
Common mistakes
- नपुंसकलिंग शब्दों को पुल्लिंग या स्त्रीलिंग के साथ भ्रमित करना।
- एकवचन, द्विवचन और बहुवचन रूपों के बीच अंतर करने में कठिनाई।
- सर्वनामों ('एतत्', 'तत्', 'एते', 'ते') के गलत प्रयोग से बचना।
Revision tips
- नपुंसकलिंग शब्दों की सूची बनाएं और उनके अर्थ याद करें।
- वाक्य-निर्माण अभ्यासों पर ध्यान केंद्रित करें, विशेष रूप से एकवचन और द्विवचन पर।
- सर्वनामों और संज्ञाओं के बीच सही मिलान का अभ्यास करें।
- दिए गए उदाहरण वाक्यों को जोर से पढ़ें और उनका अनुवाद करें।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सा शब्द नपुंसकलिंग है?
Explanation: फलम् एक नपुंसकलिंग शब्द है, जैसा कि पाठ में सिखाया गया है। बालक: पुल्लिंग है और माला स्त्रीलिंग है।
Q2. 'एतत् किम्?' वाक्य में 'एतत्' का क्या अर्थ है?
Explanation: 'एतत्' एक सर्वनाम है जिसका अर्थ 'यह' होता है और यह नपुंसकलिंग एकवचन में प्रयुक्त होता है।
Q3. 'खनित्रम्' शब्द का क्या अर्थ है?
Explanation: पाठ के शब्दार्थ के अनुसार, 'खनित्रम्' का अर्थ कुदाल या फावड़ा होता है, जो एक नपुंसकलिंग शब्द है।
Q4. 'एते के?' वाक्य में 'एते' का प्रयोग किस वचन के लिए होता है?
Explanation: 'एते' सर्वनाम का प्रयोग नपुंसकलिंग द्विवचन में होता है, जिसका अर्थ 'ये दो' होता है।
Q5. 'सुवर्णकारः अङ्गुलीयके रचयति।' इस वाक्य में 'अङ्गुलीयके' का क्या अर्थ है?
Explanation: 'अङ्गुलीयके' शब्द नपुंसकलिंग द्विवचन में है और इसका अर्थ 'दो अंगूठियाँ' है।
Frequently asked questions
कक्षा 6 के संस्कृत पाठ 3 का मुख्य विषय क्या है?
कक्षा 6 के संस्कृत पाठ 3 का मुख्य विषय 'अकारान्त नपुंसकलिंग' शब्दों का परिचय और उनका प्रयोग है, जिसमें एकवचन और द्विवचन पर विशेष ध्यान दिया गया है।
नपुंसकलिंग शब्द क्या होते हैं?
नपुंसकलिंग शब्द वे होते हैं जो न तो पूरी तरह से पुल्लिंग होते हैं और न ही स्त्रीलिंग। संस्कृत में 'फलम्', 'पुस्तकम्', 'वस्त्रम्' जैसे शब्द नपुंसकलिंग होते हैं।
इस पाठ में 'एतत्' और 'तत्' सर्वनामों का क्या कार्य है?
'एतत्' का अर्थ 'यह' (निकट की वस्तु के लिए) और 'तत्' का अर्थ 'वह' (दूर की वस्तु के लिए) होता है। ये दोनों नपुंसकलिंग एकवचन में प्रयुक्त होते हैं।
द्विवचन का प्रयोग कब किया जाता है?
द्विवचन का प्रयोग तब किया जाता है जब दो संज्ञाओं या सर्वनामों का उल्लेख किया जा रहा हो। पाठ में 'एते के?' (ये दो क्या हैं?) और 'ते बसयाने स्तः' (वे दो बसें हैं) जैसे उदाहरण दिए गए हैं।
ये समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?
ये समाधान छात्रों को पाठ की अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझने, शब्दावली याद करने और वाक्यों के सही निर्माण का अभ्यास करने में मदद करते हैं, जो परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए आवश्यक है।
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