CBSE Class 6 Hindi NCERT Solutions: Chapter 32 - चाँद से थोड़ी सी गप्पे

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CBSE Class 6 हिंदी के पाठ 32, 'चाँद से थोड़ी सी गपें' के लिए यह खंड विस्तृत समाधान प्रस्तुत करता है। ये समाधान कविता की बारीकियों में उतरते हैं, चाँद के साथ एक छोटी लड़की की कल्पनाशील बातचीत की पड़ताल करते हैं। छात्र चाँद के पहनावे, बातचीत के समय और कल्पना तथा शब्द-खेल के काव्यात्मक उपयोग से संबंधित प्रश्नों के स्पष्टीकरण पाएंगे। समाधान चाँद, सूरज और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं से जुड़े कल्पनाशील परिदृश्यों के माध्यम से रचनात्मक सोच को भी प्रोत्साहित करते हैं। इन समाधानों का उद्देश्य छात्रों को काव्यात्मक तत्वों को समझने, कल्पना और दृष्टिकोण के विषयों को समझने और अपनी हिंदी परीक्षाओं के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करना है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 6
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 32

Chapter summary

Chapter 32, 'Chand Se Thodi Si Gappe', focuses on a child's imaginative dialogue with the moon. The NCERT Solutions provided here break down the poem's verses, explaining the girl's observations about the moon's appearance and her playful questions. They cover aspects like poetic imagery, word formation for visual effect, and encourage students to use their imagination to create similar dialogues with other entities. This chapter aims to foster creativity and a deeper appreciation for poetry.

Learning outcomes

  • Understand the imaginative perspective of a child in the poem.
  • Analyze the poetic devices used to describe the moon.
  • Interpret the meaning of phrases like 'कुल आकाश' in the context of the poem.
  • Infer the timing of the conversation based on poetic clues.
  • Explore creative writing by imagining dialogues with celestial bodies and objects.
  • Appreciate the use of wordplay and visual imagery in poetry.

Topics covered

Paper topics

  • Poem Analysis: Chand Se Thodi Si Gappe
  • Figurative Language in Poetry
  • Imagery and Wordplay
  • Moon's Phases and Appearance
  • Creative Writing: Dialogues
  • Understanding Poetic Perspective
  • Character Analysis: The Girl and the Moon
  • Poetic Devices: Rhyme and Rhythm
  • Interpretation of Poetic Lines
  • Imagination in Literature

Important topics

  • Understanding the poem's central theme and imagery
  • Analyzing the girl's imaginative conversation with the moon
  • Interpreting figurative language and poetic descriptions
  • Creative writing exercises based on the poem's prompts
  • The concept of 'बिंब' (imagery) in poetry

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

'आप पहने हुए हैं कुल आकाश' के माध्यम से लड़की क्या कहना चाहती है कि -
  • (क) चाँद तारों से जड़ी हुई चादर ओढ़कर बैठा है।
  • (ख) चाँद कि पोशाक चारों दिशाओ मे फैली हुई है।
तुम किसे सही मानते हों?
Solution:

लड़की का यह कहना कि चाँद ने 'कुल आकाश' पहना हुआ है, इसका अर्थ यह है कि चाँद की पोशाक या उसका प्रभाव चारों दिशाओं में फैला हुआ है, जैसे आकाश फैला होता है। इसलिए, विकल्प (ख) सही है। यह एक काव्यात्मक वर्णन है जो चाँद के विशाल और सर्वव्यापी स्वरूप को दर्शाता है।

प्रश्न 2

कवि ने चाँद से गप्पे किस दिन लगाई होंगी? इस कविता मे आई बातों कि मदद से अनुमान लगाओं और उसका कारण भी बताओं |

दिन कारण

पूर्णिमा अष्टमी से पूर्णिमा के बीच

प्रथमा से अष्टमी के बीच

Solution:

कविता में लड़की चाँद से कहता है कि वह 'गोल' है और कभी 'छोटा' हो जाता है, कभी 'पूरा' हो जाता है। यह वर्णन चाँद के विभिन्न चरणों को दर्शाता है।

अनुमान: कवि ने चाँद से गप्पे संभवतः पूर्णिमा से अष्टमी के बीच या अष्टमी से पूर्णिमा के बीच के दिनों में लगाई होंगी, जब चाँद का आकार बदलता हुआ दिखाई देता है।

कारण: कविता में लड़की चाँद से कहती है, "बहुत स छोटा आपको कोइ निहारता है, तो आपको कैसा लगता है?" और फिर कहती है, "कभी आप बहुत छोटे, बिलकुल गोल, तो कभी एक पतली, पतली सी, उंगली जैसे दिखते हैं।" यह वर्णन चाँद के घटते-बढ़ते आकार को दर्शाता है। जब चाँद 'बिलकुल गोल' होता है, तो वह पूर्णिमा का चाँद होता है। जब वह 'पतली, पतली सी, उंगली जैसे' दिखता है, तो वह नवचंद्र (अमावस्या के बाद का पहला दिन) या अष्टमी के आसपास का चाँद हो सकता है। इसलिए, इन दोनों अवस्थाओं के बीच के दिनों में गप्पे लगाना अधिक प्रासंगिक लगता है, जब चाँद का आकार बदल रहा होता है और लड़की उस पर टिप्पणी कर सकती है।

प्रश्न 3

नयी कविता में तुक या छंद के बदले बिंब का प्रयोग अधिक होता है | बिंब वह तसवीर होती है जो शब्दों को पढ़ते समय हमारे मन में उभरती है। कई बार कुछ कवि शब्दों की ध्वनि की मदद से ऐसी तसवीर बनाते हैं और कुछ कवि अक्षरों या शब्दों को इस तरह छापने पर बल देते हैं कि उनसे कई चित्र हमारे मन में बनें। इस कविता के अंतिम हिस्से में चाँद को एकदम गोल बताने के लिए कवि ने बि ल कु ल शब्द के अक्षरों को अलग - अलग करके लिखा है। तुम इस कविता के और किन शब्दों को चित्र की आकृति देना चाहोगे? ऐसे शब्दों को अपने ढंग से लिखकर दिखाओ |
Solution:

यह प्रश्न छात्रों की रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए है। कवि ने 'बि ल कु ल' शब्द को अलग-अलग करके चाँद के गोल होने की छवि को स्पष्ट किया है। इसी तरह, छात्र कविता के अन्य शब्दों को भी चित्र की आकृति दे सकते हैं।

उदाहरण के लिए:

  • 'पतली' शब्द को पतली रेखा के रूप में लिखा जा सकता है, जैसे: प त ली
  • 'गोल' शब्द को गोल आकार में लिखा जा सकता है, जैसे: (ग ो ल)
  • 'आकाश' शब्द को फैला हुआ दिखाने के लिए अक्षरों को दूर-दूर लिखा जा सकता है।

छात्र अपनी कल्पना के अनुसार किसी भी शब्द को चुनकर उसे चित्र की तरह प्रस्तुत कर सकते हैं, जिससे उस शब्द का अर्थ और अधिक प्रभावी ढंग से व्यक्त हो सके।

प्रश्न 1 (अनुमान और कल्पना)

कुछ लोग बड़ी जल्दी चिढ़ जाते है | यदि चाँद का स्वभाव भी आसानी से चिढ़ जाने का हों तो वह किन बातो से सबसे ज्यादा चिढ़ेगा? चिढ़कर वह उन बातो का क्या जवाब देगा? अपनी कल्पना से चाँद की ओर से दिए गए जवाब लिखो।
Solution:

यदि चाँद का स्वभाव आसानी से चिढ़ जाने वाला होता, तो वह शायद निम्नलिखित बातों से चिढ़ता और इस प्रकार जवाब देता:

किन बातों से चिढ़ेगा:

  • जब लोग उसकी तुलना सूरज से करें और कहें कि वह सूरज जितना शक्तिशाली क्यों नहीं है।
  • जब कोई कहे कि वह रात में ही क्यों निकलता है और दिन में छिप क्यों जाता है।
  • जब बच्चे उसे देखकर 'चंदा मामा' कहकर बुलाएं और उसकी गोदी में खेलने की ज़िद करें।
  • जब उसके दाग-धब्बों का मज़ाक उड़ाया जाए।
  • जब कोई उसकी घटती-बढ़ती आकृति पर सवाल उठाए।

चिढ़कर दिए गए जवाब:

  • लोगों की तुलना पर: "मैं सूरज नहीं हूँ, मेरा अपना महत्व है! रात को मेरी शीतलता और शांति की ज़रूरत होती है, जो सूरज नहीं दे सकता।"
  • रात में निकलने पर: "मैं रात का राजा हूँ! मेरी रोशनी से ही तो रातें रोशन होती हैं। दिन तो सूरज का है, रात मेरी है!"
  • बच्चों के बुलाने पर: "हाँ, मैं चंदा मामा हूँ, पर हर किसी की गोदी में खेलने के लिए नहीं हूँ। मेरी अपनी गरिमा है!"
  • दाग-धब्बों पर: "ये मेरे दाग नहीं, मेरे चेहरे की सुंदरता हैं! ये मेरी कहानियाँ हैं, जो सदियों से चली आ रही हैं।"
  • आकृति बदलने पर: "मैं बदलता नहीं, मैं तो बस अपना रूप दिखाता हूँ। कभी पूरा, कभी आधा, यह प्रकृति का नियम है, मेरी मर्ज़ी नहीं!"

प्रश्न 2 (अनुमान और कल्पना)

यदि कोई सूरज से गप्पे लगाए तो वह क्या लिखेगा? अपनी कल्पना से गद्ध्य या पद्ध्य में लिखो | इसी तरह कि कुछ और गप्पे निम्नलिखित में से किसी एक या दो से करके लिखो - पेड़, बिजली का खम्भा, सड़क, पेट्रोल पंप
Solution:

यह प्रश्न छात्रों को अपनी कल्पना शक्ति का उपयोग करके विभिन्न वस्तुओं या खगोलीय पिंडों के साथ संवाद लिखने के लिए प्रोत्साहित करता है।

सूरज से गप्पे (गद्य में):

हे सूरज दादा! आप कितने तेजस्वी हैं! आप हर दिन इतनी ऊर्जा और प्रकाश कहाँ से लाते हैं? आपकी गर्मी से धरती पर जीवन पनपता है, पर कभी-कभी आपकी गर्मी बहुत ज़्यादा हो जाती है। क्या आप कभी थकते नहीं? क्या आप भी हमारी तरह आराम करते हैं? आपकी सुनहरी किरणें जब धरती पर पड़ती हैं, तो सब कुछ जगमगा उठता है। आप सचमुच दुनिया के पालनहार हैं।

पेड़ से गप्पे (पद्य में):

ओ मेरे प्यारे पेड़,

तुम खड़े हो मौन,

देते छाया, फल और फूल,

हर मौसम में तुम हो अनमोल।

चिड़ियों का घर तुम,

साँसें देते तुम,

क्यों न तुमसे गप्पे लगाऊँ,

तुम्हारी बातें सुन-सुन जाऊँ।

बिजली के खम्भे से गप्पे (गद्य में):

नमस्ते बिजली के खम्भे! तुम हमेशा सीधे खड़े रहते हो और रात में रोशनी देते हो। तुम्हारे ऊपर से जाने वाली बिजली से हमारे घर रोशन होते हैं। क्या तुम्हें कभी अकेलापन महसूस नहीं होता? तुम तो बस खड़े-खड़े सब देखते रहते हो। तुम्हारी ऊँचाई से दुनिया कैसी दिखती होगी?

सड़क से गप्पे (पद्य में):

लंबी सड़क, तुम चलती जाती,

सबको मंज़िल तक पहुँचाती।

कितने आते, कितने जाते,

सबके क़दमों के निशान पाते।

कभी न थकती, कभी न रुकती,

सबकी राहें तुम ही हो तकती।

Common mistakes

  • Misinterpreting the figurative language used to describe the moon's attire.
  • Difficulty in inferring the timing of the conversation based on the moon's phases.
  • Struggling to connect poetic descriptions with real-world observations.
  • Limited imagination when asked to create dialogues with other objects.

Revision tips

  • Read the poem aloud to feel the rhythm and imagery.
  • Focus on understanding the girl's perspective and her playful tone.
  • Pay attention to the descriptions of the moon's changing shape.
  • Practice writing your own imaginative dialogues with different objects.
  • Review the explanations for poetic devices like 'बिंब' and wordplay.

Practice MCQs

Q1. कविता में लड़की चाँद के बारे में क्या कहती है कि उसने क्या पहना हुआ है?

Q2. कवि के अनुसार, चाँद से गप्पे लगाने का सबसे उपयुक्त समय कौन सा हो सकता है, जब चाँद गोल दिखाई देता है?

Q3. कविता में 'बि ल कु ल' शब्द को अलग-अलग करके क्यों लिखा गया है?

Q4. यदि कोई सूरज से गप्पे लगाए, तो वह सूरज के किस गुण का उल्लेख कर सकता है?

Q5. कविता में 'बिंब' का क्या अर्थ है?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह समाधान CBSE कक्षा 6 के हिंदी विषय के लिए हैं, विशेष रूप से अध्याय 32 'चाँद से थोड़ी सी गप्पे' के लिए।

समाधान में कविता के किन मुख्य पहलुओं को समझाया गया है?

समाधान में कविता के अर्थ, लड़की के चाँद के प्रति विचारों, चाँद की वेशभूषा के वर्णन, और काव्यात्मक भाषा के प्रयोग को समझाया गया है।

क्या ये समाधान छात्रों को रचनात्मकता विकसित करने में मदद करते हैं?

हाँ, समाधान छात्रों को अपनी कल्पना का उपयोग करके चाँद, सूरज और अन्य वस्तुओं के साथ बातचीत लिखने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

कविता में 'बि ल कु ल' शब्द को अलग-अलग क्यों लिखा गया है?

कवि ने 'बि ल कु ल' शब्द को अलग-अलग अक्षरों में लिखकर चाँद के पूर्ण गोल आकार को दर्शाने का प्रयास किया है, जिससे पाठक के मन में एक दृश्य छवि बने।

इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?

ये समाधान कविता की गहरी समझ प्रदान करते हैं, महत्वपूर्ण काव्यात्मक तत्वों को स्पष्ट करते हैं, और अभ्यास प्रश्न प्रदान करते हैं जो परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।

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