कक्षा 4 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 9 स्वतंत्रता की ओर
यह पृष्ठ कक्षा 4 के हिंदी पाठ 'स्वतंत्रता की ओर' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। यह पाठ महात्मा गांधी के जीवन और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर केंद्रित है, जिसमें धनी जैसे बच्चों के दृष्टिकोण से घटनाओं को दर्शाया गया है। समाधानों में कहानी के पात्रों, घटनाओं और मुख्य संदेशों को समझने में मदद करने वाले प्रश्नोत्तर शामिल हैं। इसमें 'प्यारे बापू', 'चूल्हा', 'कहानी से आगे', 'कहानी से', 'कहानी और तुम', 'ताकत के लिए', 'विशेषता के शब्द', 'चाँद की बिंदी', और 'किसकी जिम्मेदारी?' जैसे अनुभागों के प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं। ये समाधान छात्रों को कहानी की गहरी समझ विकसित करने, नए शब्दों को सीखने और व्याकरण के नियमों को लागू करने में सहायता करते हैं। परीक्षा की तैयारी के लिए यह एक उत्कृष्ट संसाधन है, जो छात्रों को पाठ की मुख्य अवधारणाओं को स्पष्ट करने में मदद करता है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 4 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 9. स्वतंत्रता की ओर |
Chapter summary
कक्षा 4 के हिंदी पाठ 'स्वतंत्रता की ओर' के लिए यह NCERT समाधान छात्रों को कहानी के मुख्य पात्रों, जैसे धनी और महात्मा गांधी, के बारे में उनकी समझ को गहरा करने में मदद करता है। इसमें कहानी के विभिन्न हिस्सों से संबंधित प्रश्न शामिल हैं, जो स्वतंत्रता संग्राम, चरखा, सत्याग्रह और खादी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डालते हैं। समाधान छात्रों को पात्रों की भावनाओं, उनके कार्यों के पीछे के कारणों और कहानी के नैतिक संदेशों को समझने में सहायता करते हैं। व्याकरण के अभ्यास, जैसे 'चाँद की बिंदी' और 'विशेषता के शब्द', भाषा कौशल को भी मजबूत करते हैं।
Learning outcomes
- महात्मा गांधी के जीवन और स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका को समझना।
- कहानी के पात्रों, जैसे धनी, के दृष्टिकोण से घटनाओं का विश्लेषण करना।
- स्वतंत्रता, सत्याग्रह और चरखा जैसे महत्वपूर्ण शब्दों के अर्थ को स्पष्ट करना।
- विभिन्न प्रकार के ईंधनों और उनके उपयोगों की पहचान करना।
- विशेषण शब्दों का प्रयोग करके संज्ञाओं की विशेषता बताना सीखना।
- अनुस्वार (ं) और चंद्रबिंदु (ँ) के सही प्रयोग का अभ्यास करना।
- जिम्मेदारी की अवधारणा को समझना और पात्रों की जिम्मेदारियों की पहचान करना।
Topics covered
Paper topics
- महात्मा गांधी और स्वतंत्रता संग्राम
- धनी का चरित्र
- आश्रम जीवन
- ईंधन और चूल्हा
- स्वतंत्रता, सत्याग्रह, खादी, चरखा
- जानवरों की देखभाल (बिन्नी)
- विशेषण शब्द
- अनुस्वार और चंद्रबिंदु का प्रयोग
- जिम्मेदारी की भावना
- यात्रा और सहयोग
Important topics
- महात्मा गांधी और स्वतंत्रता संग्राम का महत्व
- स्वतंत्रता, सत्याग्रह, चरखा जैसे शब्दों का अर्थ
- पात्रों की जिम्मेदारियों को समझना
- विशेषण शब्दों का प्रयोग
- अनुस्वार और चंद्रबिंदु का सही प्रयोग
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Questions and Solutions
प्यारे बापू
- वे हर सुबह आश्रम में टहलते थे और उसके बाद चरखा कातते थे।
- वे ब्रिटिश सरकार के गलत फैसलों का विरोध करते थे और अपने देशवासियों को उनके अधिकार दिलवाना चाहते थे।
- वे धनी जैसे छोटे बच्चों की बातों को भी ध्यान से सुनते थे और उन्हें अपनी बात अच्छी तरह समझाते थे।
चूल्हा
चित्रों के नाम और उनमें इस्तेमाल होने वाले ईंधन इस प्रकार हैं:
- स्टोव: इसमें मिट्टी का तेल (केरोसिन) ईंधन के रूप में इस्तेमाल होता है।
- मिट्टी का चूल्हा (हाथ से बना): इसमें मुख्य रूप से लकड़ी का इस्तेमाल ईंधन के रूप में किया जाता है।
- गैस स्टोव: इसमें एल. पी. जी. (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) का इस्तेमाल होता है।
- भट्टी: इसमें कोयले का इस्तेमाल ईंधन के रूप में किया जाता है।
मेरे घर में खाना पकाने के लिए गैस स्टोव का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें एल. पी. जी. गैस का उपयोग होता है।
कहानी से आगे
कक्षा में समूह चर्चा के लिए जानकारी इस प्रकार है:
- स्वतंत्रता: स्वतंत्रता का अर्थ है आज़ादी। जब कोई देश या व्यक्ति किसी बाहरी नियंत्रण या बंधन से मुक्त होता है, तो वह स्वतंत्र कहलाता है। अपने देश में स्वतंत्रता का मतलब है कि हम अपने निर्णय स्वयं ले सकते हैं और किसी दूसरे देश का हम पर शासन नहीं है।
- सत्याग्रह: सत्याग्रह का अर्थ है सत्य के लिए आग्रह करना। यह महात्मा गांधी द्वारा अपनाया गया एक आंदोलन का तरीका था, जिसमें सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर अन्याय का विरोध किया जाता था और अपनी बात मनवाने का प्रयास किया जाता था।
- चरखा: चरखा सूत या धागा कातने का एक यंत्र है। यह लकड़ी का बना होता है और इसे हाथ से चलाकर रुई से धागा तैयार किया जाता है। चरखे से बना कपड़ा 'खादी' कहलाता है, जो भारत की स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण प्रतीक था।
आगे की कहानी
जब गाँधीजी दांडी यात्रा से लौटे होंगे, तब आश्रम में बहुत खुशी का माहौल रहा होगा।
आश्रम के सभी लोग, जिनमें धनी भी शामिल था, गाँधीजी के स्वागत के लिए एकत्रित हुए होंगे। उनका भव्य स्वागत किया गया होगा। सब लोग गाँधीजी से दांडी यात्रा के अनुभवों के बारे में जानने के लिए उत्सुक रहे होंगे। गाँधीजी ने उन्हें यात्रा के कठिनाइयों और सफलताओं के बारे में विस्तार से बताया होगा। धनी ने भी खुशी-खुशी बिन्नी की देखभाल की होगी और जब गाँधीजी लौटे तो उसे बिन्नी का दूध पिलाया होगा। आश्रम में सबने मिलकर स्वतंत्रता की दिशा में इस महत्वपूर्ण कदम का जश्न मनाया होगा।
कहानी से
धनी ने गाँधीजी से सुबह के समय बात करना इसलिए ठीक समझा होगा क्योंकि गाँधीजी उस समय आश्रम में टहल रहे होते थे। यह वह समय होता था जब वे अपेक्षाकृत शांत और अकेले होते थे, जिससे धनी को उनसे अपनी बात कहने का अवसर मिल जाता था। दिन के अन्य समयों में गाँधीजी बहुत व्यस्त रहते थे और उनसे अकेले में मिलना मुश्किल होता था।
कहानी से
धनी बिन्नी की बहुत अच्छी तरह से देखभाल करता था। वह बिन्नी को रोज़ाना हरी-हरी घास खिलाता था। वह बिन्नी के पीने के पानी के बर्तन को साफ रखता था और उसमें ताज़ा पानी भरता था। वह बिन्नी को आश्रम में घुमाता भी था और उससे प्यार से बातें भी करता था, जैसे वह उसका कोई दोस्त हो।
कहानी से
धनी को यह महसूस हुआ होगा कि आश्रम में कोई योजना बनाई जा रही है, जब उसने गाँधीजी के कमरे में कुछ लोगों को गंभीर मुद्रा में आपस में बातें करते और सलाह-मशविरा करते हुए देखा होगा। इस तरह की गंभीर चर्चाओं से यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि कोई महत्वपूर्ण योजना बनाई जा रही है।
कहानी और तुम
धनी यात्रा पर जाने के लिए इसलिए उत्सुक था क्योंकि वह देश की स्वतंत्रता की लड़ाई में अपना योगदान देना चाहता था और गाँधीजी के साथ रहकर उनके काम में हाथ बँटाना चाहता था।
अगर मैं धनी की जगह होता, तो मैं भी यात्रा पर जाने की जिद करता। इसका कारण यह है कि मैं भी देश की आजादी के महत्व को समझता हूँ और ऐसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में भाग लेना चाहता हूँ। मैं भी गाँधीजी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहता और अपनी भूमिका निभाना चाहता।
कहानी और तुम
गाँधीजी ने धनी को यात्रा पर न जाने के लिए यह कहकर मनाया कि जब वे दांडी यात्रा से लौटेंगे, तो उन्हें खूब सारा दूध पीना पड़ेगा ताकि उनकी ताकत वापस आ जाए। उन्होंने धनी से कहा कि वह आश्रम में रहकर बिन्नी (बछिया) की देखभाल करे, ताकि बिन्नी मोटी-ताज़ी हो जाए और उसका दूध पीकर गाँधीजी को ताकत मिले।
हाँ, मैं गांधीजी के तर्क से सहमत हूँ। आश्रम में हर व्यक्ति का कोई न कोई महत्वपूर्ण कार्य होता था। गाँधीजी ने धनी को बिन्नी की देखभाल का काम सौंपकर उसे आश्रम के एक महत्वपूर्ण कार्य से जोड़ा। बिन्नी की देखभाल करना भी उतना ही जरूरी था, जितना कि यात्रा में भाग लेना, क्योंकि यह आश्रम की व्यवस्था का हिस्सा था।
ताकत के लिए
खूब सारी ताकत और अच्छी सेहत के लिए मैं निम्नलिखित चीजें खाऊँगा और पिऊँगा:
- खाने के लिए: अंकुरित दाल, रसीला आम, गर्मागर्म साग, कुरकुरी मक्का की रोटी, खुशबूदार दाल, ताज़ी सब्जियाँ, फल।
- पीने के लिए: मीठा दूध, ठंडा शरबत।
मैं ऐसी चीजें खाऊँगा जो पौष्टिक हों और शरीर को ऊर्जा दें।
विशेषता के शब्द
यहाँ कुछ चीज़ें दी गई हैं और उनकी विशेषता बताने वाले शब्द लिखे गए हैं:
- गरमागरम हलवा
- हरेभरे पेड़
- थोड़ा नमक
- लाल चींटी
- सफेद पत्थर
- नया कुरता
- पुराना चश्मा
- तिरंगा झंडा
चाँद की बिंदी
सही जगह पर अनुस्वार (-ं) और चंद्रबिंदु (-ँ) लगाने पर शब्द इस प्रकार होंगे:
- धुआँ - धुँआ
- कुआँ - कुँआ
- फूँक - फूँक
- कहाँ - कहाँ
- स्वतंत्र - स्वतंत्र
- बाँध - बाँध
- माँ - माँ
- गाँव - गाँव
- बंदगोभी - बंदगोभी
- पसंद - पसंद
- इंतज़ार - इंतज़ार
किसकी जिम्मेदारी?
कहानी में बताए गए पात्रों की जिम्मेदारियाँ इस प्रकार थीं:
- माँ: आश्रम के लोगों के लिए खाना पकाना।
- पिता: चरखा कातकर धागा बनाना।
- बिंदा: आश्रम में तरह-तरह की सब्जियाँ उगाना।
Common mistakes
- ईंधन के विभिन्न प्रकारों और उनके उपयोगों को पहचानने में भ्रमित होना।
- विशेषण शब्दों को संज्ञाओं के साथ सही ढंग से जोड़ने में कठिनाई।
- अनुस्वार (ं) और चंद्रबिंदु (ँ) के प्रयोग में त्रुटियाँ करना।
- कहानी के पात्रों के कार्यों के पीछे के कारणों को पूरी तरह न समझ पाना।
Revision tips
- कहानी को ध्यान से पढ़ें और मुख्य पात्रों के बारे में नोट्स बनाएँ।
- स्वतंत्रता, सत्याग्रह, चरखा जैसे महत्वपूर्ण शब्दों के अर्थ को याद करें।
- व्याकरण अभ्यासों, जैसे 'चाँद की बिंदी' और 'विशेषता के शब्द', का अभ्यास करें।
- कहानी के पात्रों की जिम्मेदारियों और उनके कार्यों के पीछे के कारणों पर विचार करें।
Practice MCQs
Q1. धनी की माँ खाना पकाने के लिए किस ईंधन का प्रयोग करती थीं?
Explanation: कहानी के अनुसार, हाथ से बनाए मिट्टी के चूल्हे में लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता था, जिसका प्रयोग धनी की माँ करती थीं।
Q2. गांधीजी रोज सुबह क्या करते थे?
Explanation: कहानी में बताया गया है कि गांधीजी रोज सुबह आश्रम में टहलते थे और उसके बाद चरखा कातते थे।
Q3. 'सत्याग्रह' का क्या अर्थ है?
Explanation: कहानी के अनुसार, सत्याग्रह का अर्थ है सत्य के लिए आग्रह करना, यानी सही बात मनवाने के लिए हठ करना।
Q4. धनी बिन्नी की देखभाल कैसे करता था?
Explanation: धनी बिन्नी को हरी घास खिलाता था, उसके बर्तन में पानी डालता था, उसे घुमाता था और उससे बातें भी करता था।
Q5. गांधीजी ने धनी को यात्रा पर जाने से क्यों रोका?
Explanation: गांधीजी ने धनी को बिन्नी की देखभाल करने के लिए आश्रम में रोका ताकि वे यात्रा से लौटकर बिन्नी का दूध पी सकें।
Q6. नीचे दिए गए शब्दों में से कौन सा शब्द 'विशेषता' बता रहा है?
Explanation: 'गरमागरम' शब्द 'हलवा' की विशेषता बता रहा है, जैसे 'हरेभरे' शब्द 'पेड़' की विशेषता बताते हैं।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह NCERT समाधान कक्षा 4 के हिंदी विषय के लिए है, जो पाठ 9 'स्वतंत्रता की ओर' पर आधारित है।
इन समाधानों में कौन-कौन से मुख्य विषय शामिल हैं?
इन समाधानों में महात्मा गांधी, स्वतंत्रता संग्राम, धनी का चरित्र, विभिन्न प्रकार के ईंधन, चरखा, सत्याग्रह, विशेषण शब्दों का प्रयोग और अनुस्वार/चंद्रबिंदु का प्रयोग जैसे विषय शामिल हैं।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?
हाँ, ये समाधान कहानी की गहरी समझ प्रदान करते हैं और व्याकरण के अभ्यासों को स्पष्ट करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए बहुत उपयोगी हैं।
कहानी में 'बिन्नी' कौन है?
बिन्नी एक बछिया है जिसकी देखभाल करने की जिम्मेदारी धनी को दी गई थी।
धनी यात्रा पर क्यों जाना चाहता था?
धनी स्वतंत्रता की लड़ाई में भाग लेना चाहता था और गांधीजी का सहयोग करना चाहता था, इसलिए वह यात्रा पर जाने के लिए उत्सुक था।
विशेषता बताने वाले शब्द क्या होते हैं?
विशेषता बताने वाले शब्द वे शब्द होते हैं जो किसी संज्ञा (जैसे हलवा, पेड़) की खूबी या विशेषता बताते हैं, जैसे 'गरमागरम हलवा' या 'हरेभरे पेड़' में 'गरमागरम' और 'हरेभरे' विशेषता बताने वाले शब्द हैं।
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