कक्षा 4 पर्यावरण अध्ययन: अध्याय 18 पानी कहीं ज्यादा, कहीं कम - NCERT समाधान

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यह खंड कक्षा 4 के छात्रों के लिए पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अध्याय 18, "पानी कहीं ज्यादा, कहीं कम" पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय पानी के महत्व, पानी की कमी, पानी की गुणवत्ता और स्वच्छता से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर प्रकाश डालता है। छात्र गंदे पानी के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों, पानी की कमी के कारणों और समाधानों, और पानी को पीने योग्य बनाने के विभिन्न तरीकों के बारे में जानेंगे। इसमें स्कूल में पानी की उपलब्धता और स्वच्छता की स्थिति का सर्वेक्षण करने जैसी व्यावहारिक गतिविधियाँ भी शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को पानी के संरक्षण और सुरक्षित पेयजल के महत्व को समझने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 4
SubjectEnvironmental Studies
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 18 पानी कहीं ज्यादा ,कहीं कम

Chapter summary

अध्याय 18 "पानी कहीं ज्यादा, कहीं कम" कक्षा 4 के छात्रों को पानी से संबंधित महत्वपूर्ण अवधारणाओं से परिचित कराता है। समाधान पानी की कमी, गंदे पानी से होने वाली बीमारियाँ जैसे डायरिया और हैजा, और पानी को उबालकर या फिल्टर करके साफ करने के तरीकों पर चर्चा करते हैं। इसमें स्कूल में पानी की उपलब्धता और स्वच्छता का सर्वेक्षण करने जैसी गतिविधियाँ भी शामिल हैं, जो छात्रों को अपने आसपास के वातावरण के प्रति जागरूक बनाती हैं। यह अध्याय छात्रों को पानी के महत्व और इसके संरक्षण के बारे में सिखाता है।

Learning outcomes

  • गंदे पानी के सेवन से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को समझना।
  • पानी की कमी के कारणों और इसके प्रभावों की पहचान करना।
  • पानी को पीने योग्य बनाने के विभिन्न तरीकों को जानना।
  • स्कूल में पानी की उपलब्धता और स्वच्छता की स्थिति का सर्वेक्षण करना।
  • पानी के संरक्षण के महत्व को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • पानी का महत्व
  • गंदे पानी से होने वाली बीमारियाँ
  • पानी की कमी
  • पानी को साफ करने के तरीके
  • पानी का संरक्षण
  • स्कूल में पानी की व्यवस्था का सर्वेक्षण
  • स्वच्छता

Important topics

  • गंदे पानी से होने वाली बीमारियाँ और बचाव
  • पानी को उबालकर या फिल्टर करके साफ करना
  • पानी की कमी के कारण और समाधान
  • स्कूल में पानी की स्वच्छता का महत्व

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Questions and Solutions

चर्चा करो

गंदा पानी पीने से शरीर को क्या नुकसान हो सकता है?
Solution: गंदा पानी पीना स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति गंदा पानी पीता है, तो उसे डायरिया (दस्त), हैजा, टाइफाइड और पेट से संबंधित अन्य गंभीर संक्रमण जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं। इन बीमारियों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण शामिल होते हैं, जो कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। इसलिए, हमेशा साफ और उबला हुआ पानी ही पीना चाहिए।

चर्चा करो

क्या कभी तुम्हारे इलाके में पीने का पानी गंदा आया है? यदि हाँ, तो उसका क्या कारण था?
Solution: हाँ, मेरे इलाके में कभी-कभी पीने का पानी गंदा आ जाता है। ऐसा अक्सर तब होता है जब पानी की सप्लाई के लिए इस्तेमाल होने वाली पाइपलाइनें पुरानी हो जाती हैं या टूट जाती हैं। यदि ये पाइपलाइनें नालियों या सीवेज लाइनों के पास लीक करती हैं, तो गंदा पानी रिसकर पीने के पानी में मिल सकता है। इसके अलावा, भारी बारिश के बाद भी पानी के स्रोत दूषित हो सकते हैं, जिससे सप्लाई के पानी में गंदगी आ सकती है।

चर्चा करो

क्या तुम्हारे यहाँ कभी पानी साफ न होने के कारण कोई बीमार हुआ है? इस पर चर्चा करो।
Solution: हाँ, मेरे एक दोस्त को गंदे पानी के कारण डायरिया हो गया था। उसे कुछ दिनों तक अस्पताल में भी रहना पड़ा था। यह घटना हमें सिखाती है कि पीने के पानी की शुद्धता कितनी महत्वपूर्ण है और हमें हमेशा साफ पानी का ही सेवन करना चाहिए। पानी को उबालकर या फिल्टर करके पीना एक सुरक्षित विकल्प है।

चर्चा करो

सुगुणा की बस्ती में लोगों के पीने के लिए साफ पानी नहीं था। इसलिए मेहमान के लिए कोल्ड ड्रिंक मंगवाया गया। तुम क्या सोचते हो, सुगुणा के परिवार वाले रोज पीने के पानी के लिए क्या करते होंगे?
Solution: सुगुणा की बस्ती में साफ पानी की कमी को देखते हुए, यह संभावना है कि उसके परिवार वाले पीने के पानी के लिए कई तरीके अपनाते होंगे। वे शायद पानी को उबालकर पीते होंगे ताकि उसमें मौजूद कीटाणु मर जाएँ। कुछ लोग पानी को छानकर या किसी अन्य शुद्धिकरण विधि का उपयोग करके भी पी सकते हैं। पानी को जमा करने से पहले उसे कुछ देर स्थिर रखना भी एक तरीका हो सकता है, ताकि गंदगी नीचे बैठ जाए।

चर्चा करो

मेहमान ने कोल्ड ड्रिंक पीने से मना कर दिया। तुम्हारे अनुसार उन्होंने ऐसा क्यों किया होगा?
Solution: मेहमान ने कोल्ड ड्रिंक पीने से मना इसलिए किया होगा क्योंकि वे जानते हैं कि कोल्ड ड्रिंक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है। कोल्ड ड्रिंक्स में बहुत अधिक चीनी, कृत्रिम रंग और अन्य रसायन होते हैं जो सेहत के लिए अच्छे नहीं होते। वे शायद सादा या उबला हुआ पानी पीना पसंद करते होंगे, जो स्वास्थ्य के लिए बेहतर है।

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क्या कभी तुम्हारे घर में पानी की किल्लत हुई है? कब?
Solution: हाँ, मेरे घर में पानी की किल्लत तब हुई थी जब गर्मियों के मौसम में पानी की सप्लाई बहुत कम हो गई थी। नल में पानी बहुत कम आता था और वह भी कुछ ही देर के लिए। इस वजह से हमें पानी जमा करने में और उसका सोच-समझकर इस्तेमाल करने में काफी परेशानी हुई थी।

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जब पानी की किल्लत हुई, तब तुमने क्या किया?
Solution: जब पानी की किल्लत हुई, तो हमने सबसे पहले पानी की बर्बादी को रोका। नहाने और कपड़े धोने के लिए कम पानी का इस्तेमाल किया। पीने और खाना पकाने के लिए जमा किए गए पानी का सावधानी से उपयोग किया। कुछ दिनों के लिए पानी के टैंकर मंगवाने की व्यवस्था भी की गई थी, जिससे हमारी जरूरतें पूरी हो सकीं।

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क्या तुम कभी पानी में खेले हो? कब और कहाँ?
Solution: हाँ, मैं बचपन में कई बार पानी में खेला हूँ। खासकर गर्मियों की छुट्टियों में जब मैं अपने दादाजी के गाँव जाता था, तो वहाँ तालाब में या नहर के किनारे दोस्तों के साथ पानी में खेलना मुझे बहुत पसंद था। हम पानी के छप-छप करते थे और कभी-कभी छोटी-छोटी नाव बनाकर भी चलाते थे।

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क्या तुम्हें कभी पानी में खेलने से मना किया जाता है? क्यों?
Solution: हाँ, मुझे अक्सर पानी में खेलने से मना किया जाता है, खासकर सर्दियों के मौसम में। इसका मुख्य कारण यह है कि ठंडे पानी में ज्यादा देर खेलने से सर्दी लगने, बुखार आने या शरीर में अकड़न जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, अगर पानी बहुत गहरा हो या उसमें बहाव तेज हो, तो डूबने का खतरा भी रहता है, इसलिए बड़े-बुजुर्ग हमें सुरक्षित रखने के लिए मना करते हैं।

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'वॉटर पार्क' में खेलने के लिए पानी ही पानी था, लेकिन उस गाँव में पीने के लिए भी नहीं। अगर तुम कभी 'वॉटर पार्क' में जाओ, तो पता करो कि वहाँ पानी कहाँ से आता है।
Solution: वॉटर पार्क में आमतौर पर पानी की आपूर्ति के लिए एक विशेष व्यवस्था होती है। पानी अक्सर बड़े भूमिगत टैंकों या जलाशयों से आता है, जिसे पंपों द्वारा विभिन्न पूलों और राइड्स तक पहुँचाया जाता है। इस पानी को साफ और कीटाणुरहित रखने के लिए इसमें क्लोरीन या अन्य रसायन मिलाए जाते हैं और नियमित रूप से फिल्टर किया जाता है। कुछ वॉटर पार्क स्थानीय जल आपूर्ति से भी पानी लेते हैं, लेकिन उसे शुद्ध करने के बाद ही इस्तेमाल करते हैं।

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अखबार पढ़कर रिजया परेशान क्यों थी?
Solution: रिजया अखबार पढ़कर इसलिए परेशान थी क्योंकि उसने एक खबर पढ़ी थी जिसमें बताया गया था कि गटर का गंदा पानी सप्लाई वाले पीने के पानी में मिल गया है। यह खबर चिंताजनक थी क्योंकि इससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता था और वे बीमार पड़ सकते थे।

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रजिया ने पिछले दिन का भरा हुआ सारा पानी फेंकने के लिए कहा। क्या उस पानी को किसी और काम के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था? यदि हाँ, तो किस काम के लिए?
Solution: हाँ, रजिया ने पिछले दिन का भरा हुआ पानी फेंकने के बजाय उसे अन्य कामों के लिए इस्तेमाल करने का सुझाव दिया था। इस पानी का उपयोग पौधों में डालने, बगीचे की सफाई करने, घर पोंछने, या कपड़े धोने जैसे कामों के लिए किया जा सकता था। इस तरह पानी की बर्बादी रोकी जा सकती थी।

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रिजया ने पानी साफ करने का क्या तरीका अपनाया?
Solution: रिजया ने पानी को साफ करने के लिए उसे उबालने का तरीका अपनाया। उसने अखबार में पढ़ी खबर के बाद यह सुनिश्चित किया कि सभी लोग केवल उबला हुआ पानी ही पिएं, ताकि गंदे पानी से होने वाली बीमारियों से बचा जा सके।

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तुम पानी साफ करने के कौन-कौन से तरीके जानते हो?
Solution: मैं पानी साफ करने के कई तरीके जानता हूँ। सबसे आम तरीका है पानी को अच्छी तरह उबालना, जिससे उसमें मौजूद कीटाणु मर जाते हैं। इसके अलावा, पानी को फिल्टर पेपर या विशेष फिल्टर से छानकर भी साफ किया जा सकता है। कुछ लोग पानी में क्लोरीन की गोलियाँ या फिटकरी मिलाकर भी उसे शुद्ध करते हैं। आजकल बाजार में RO (रिवर्स ऑस्मोसिस) जैसे आधुनिक वाटर प्यूरीफायर भी उपलब्ध हैं जो पानी को बहुत प्रभावी ढंग से साफ करते हैं।

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अगर रिजया अखबार में आई खबर न पढ़ती और सब बिना उबला पानी पी लेते, तो क्या होता?
Solution: यदि रिजया अखबार में आई खबर न पढ़ती और सब बिना उबला पानी पी लेते, तो गटर के गंदे पानी में मिले कीटाणुओं के कारण वे सभी बीमार पड़ सकते थे। उन्हें डायरिया, हैजा या अन्य पेट संबंधी बीमारियाँ हो सकती थीं, जिससे उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ता।

चर्चा करो

दीपक की बस्ती में पानी भरने के लिए लाइन में लगना पड़ता है, जबकि रजिया के यहाँ दिन भर पानी आता है। ऐसा क्यों?
Solution: ऐसा इसलिए है क्योंकि दीपक की बस्ती में शायद पानी की आपूर्ति सीमित है या पानी केवल कुछ निश्चित समय के लिए ही आता है, जिसके कारण लोगों को लाइन लगानी पड़ती है। इसके विपरीत, रजिया के घर में पानी की टंकी भरी रहती है, जो शायद नल से लगातार या दिन भर आती रहती है। टंकी में जमा पानी को वह अपनी सुविधानुसार इस्तेमाल कर पाती है, इसलिए उसे लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ती। यह पानी की उपलब्धता और वितरण प्रणाली में अंतर को दर्शाता है।

चर्चा करो

रजिया को अखबार से पानी की खबर मिली। क्या तुमने कभी अखबार में पानी से जुड़ी कोई खबर पढ़ी है? यदि हाँ, तो क्या?
Solution: हाँ, मैंने भी अखबारों में पानी से जुड़ी कई खबरें पढ़ी हैं। जैसे कि किसी इलाके में पानी की भारी किल्लत हो गई है और लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। कभी-कभी बाढ़ आने की खबरें भी आती हैं, जिसमें नदियों का पानी आबादी वाले इलाकों में घुस जाता है और पीने का पानी दूषित हो जाता है। इसके अलावा, जल संरक्षण के महत्व पर भी लेख छपते रहते हैं।

स्वयं करके चर्चा करो

पिछले एक महीने में अलग-अलग अखबारों में पानी से जुड़ी जो खबरें आई हैं, उन्हें इकट्ठा करो। इन खबरों को एक बड़े कागज पर चिपकाओ और इन पर चर्चा करो।
Solution: यह एक व्यावहारिक गतिविधि है जिसे छात्रों को स्वयं करना है। छात्र पिछले महीने के विभिन्न समाचार पत्रों से पानी से संबंधित खबरें एकत्र करेंगे, उन्हें एक बड़े चार्ट पेपर पर चिपकाएंगे और फिर उन पर कक्षा में चर्चा करेंगे। इस चर्चा में पानी की कमी, प्रदूषण, बाढ़, या जल संरक्षण जैसे मुद्दों पर बात की जा सकती है।

अपने स्कूल में पानी का सर्वे

क्लास के सभी बच्चे तीन समूहों में बँट जाएँ। एक समूह के बच्चे स्कूल में पीने के पानी के इंतजाम के बारे में पता करें। दूसरे समूह के बच्चे स्कूल में टॉयलेट के इंतजाम के बारे में जानकारी इकट्ठा करें। तीसरा समूह अपनी कक्षा के बच्चों को हुई बीमारियों के बारे में पता करे। नीचे दिए गए सवाल बच्चों को जानकारी इकट्ठा करने में सहायता करेंगे।
Solution: यह गतिविधि छात्रों को अपने स्कूल में पानी और स्वच्छता की स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए प्रोत्साहित करती है। छात्र तीन समूहों में बँटकर क्रमशः पीने के पानी की व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति और कक्षा के बच्चों में फैली बीमारियों के बारे में जानकारी एकत्र करेंगे। दिए गए प्रश्न उन्हें व्यवस्थित तरीके से जानकारी जुटाने में मदद करेंगे, जिससे वे स्कूल के वातावरण को बेहतर बनाने के तरीकों पर विचार कर सकें।

समूह एक: देखो और लिखो

स्कूल में पीने का पानी कहाँ से आता है? (नल, टंकी, हेडपम्प, कहीं और से)
Solution: हमारे स्कूल में पीने का पानी नल और टंकी दोनों से आता है। कुछ जगहों पर हैंडपंप भी लगे हुए हैं। पानी की आपूर्ति नियमित रहती है और यह सुनिश्चित किया जाता है कि पानी साफ हो।

समूह एक: देखो और लिखो

तुम स्कूल में पीने का पानी कहाँ से लेते हो? (नल, टंकी, हैंडपम्प, कहीं और से)
Solution: मैं स्कूल में पीने का पानी नल और टंकी से लेता हूँ। ये स्रोत साफ-सुथरे रखे जाते हैं और पानी पीने लायक होता है।

समूह एक: देखो और लिखो

यदि नल, मटके या हैंडपंप नहीं हैं, तो पीने का पानी कहाँ से लाते हो?
Solution: हमारे स्कूल में पीने के पानी के लिए नल और हैंडपंप दोनों उपलब्ध हैं, इसलिए हमें कहीं और से पानी लाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। यदि ये उपलब्ध न होते, तो शायद हमें बाहर से पानी मंगवाना पड़ता या किसी अन्य व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ता।

समूह एक: देखो और लिखो

क्या सभी नलों या हैंडपंपों में पानी आता है?
Solution: हाँ, हमारे स्कूल में लगे सभी नलों और हैंडपंपों में पानी आता है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि पानी की आपूर्ति निर्बाध रहे ताकि सभी छात्रों को पीने का पानी मिल सके।

समूह एक: देखो और लिखो

क्या इनमें से कोई नल बहता या टपकता रहता है?
Solution: नहीं, हमारे स्कूल में कोई भी नल बहता या टपकता नहीं रहता है। यदि कभी कोई नल खराब होता है या टपकने लगता है, तो उसकी तुरंत मरम्मत करवाई जाती है ताकि पानी की बर्बादी न हो और स्वच्छता बनी रहे।

समूह एक: देखो और लिखो

क्या सभी मटकों या बर्तनों में पानी भरा और ढँका रहता है?
Solution: हाँ, स्कूल में रखे सभी मटकों और पानी के बर्तनों में पानी भरा रहता है और उन्हें ठीक से ढँका भी जाता है। यह पानी को धूल और कीटाणुओं से बचाने के लिए किया जाता है, ताकि पानी साफ और पीने योग्य बना रहे।

समूह एक: देखो और लिखो

क्या मटकों या पानी के दूसरे बर्तनों की नियमित सफाई की जाती है?
Solution: हाँ, स्कूल में पानी के बर्तनों की नियमित रूप से सफाई की जाती है। यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि पानी स्वच्छ रहे और उसमें कोई गंदगी या काई न जमे। नियमित सफाई से पानी पीने के लिए सुरक्षित रहता है।

समूह एक: देखो और लिखो

पानी को पीने लायक कैसे बनाया जाता है?
Solution: हमारे स्कूल में पानी को पीने लायक बनाने के लिए नल और हैंडपंप से आने वाले पानी की गुणवत्ता की जाँच की जाती है। यदि आवश्यक हो, तो पानी को उबालकर या फिल्टर करके भी उपलब्ध कराया जाता है। बर्तनों की नियमित सफाई और उन्हें ढक कर रखना भी पानी को पीने योग्य बनाए रखने में मदद करता है।

समूह एक: देखो और लिखो

क्या मटकों या बर्तनों से पानी निकालने के लिए लंबे हैंडल वाले बर्तन हैं? अगर हैं तो कितने?
Solution: हाँ, हमारे स्कूल में पानी निकालने के लिए लंबे हैंडल वाले कलछुल या गिलास उपलब्ध हैं। हर बड़े बर्तन के साथ एक-एक ऐसा कलछुल रखा गया है। इससे लोग बर्तन को पानी में डाले बिना आसानी से पानी निकाल सकते हैं, जिससे पानी साफ रहता है और कीटाणु नहीं फैलते।

समूह एक: देखो और लिखो

क्या पानी पीने की जगह की नियमित सफाई की जाती है?
Solution: हाँ, स्कूल में पानी पीने की जगह की नियमित रूप से सफाई की जाती है। फर्श को साफ रखा जाता है और आसपास गंदगी नहीं फैलने दी जाती। इससे यह सुनिश्चित होता है कि छात्र एक स्वच्छ वातावरण में पानी पी सकें।

सोचो और चर्चा करो

ये जगहें (जहाँ पानी गिरता है) गंदी क्यों हो जाती हैं?
Solution: जहाँ पानी गिरता है, वे जगहें लगातार पानी के संपर्क में रहने और गंदगी जमा होने के कारण गंदी हो जाती हैं। जब पानी फर्श पर गिरता है, तो वह मिट्टी, धूल और अन्य कणों को अपने साथ बहा ले जाता है। यदि इस गिरे हुए पानी को तुरंत साफ न किया जाए, तो यह सूखने पर दाग छोड़ सकता है या कीटाणुओं के पनपने का स्थान बन सकता है। इसके अलावा, अगर पानी का रिसाव हो रहा है, तो वह जगह हमेशा गीली रहती है, जिससे काई जम सकती है और वह फिसलन भरी व गंदी हो जाती है।

सोचो और चर्चा करो

इन जगहों को साफ रखने के लिए क्या किया जा सकता है?
Solution: इन जगहों को साफ रखने के लिए कई उपाय किए जा सकते हैं। सबसे पहले, पानी के रिसाव को तुरंत ठीक करवाना चाहिए ताकि वह जगह सूखी रहे। गिरे हुए पानी को तुरंत पोंछ देना चाहिए। नियमित रूप से फर्श की सफाई करनी चाहिए और कीटाणुनाशक का प्रयोग करना चाहिए। कभी-कभी ब्लीचिंग पाउडर या अन्य सफाई एजेंटों का उपयोग करके भी इन जगहों को कीटाणुरहित और साफ रखा जा सकता है।

Common mistakes

  • पानी को उबालने या फिल्टर करने के महत्व को कम आंकना।
  • पानी की बर्बादी को नजरअंदाज करना।
  • स्कूल में पानी की स्वच्छता की स्थिति पर ध्यान न देना।
  • पानी की कमी के समाधानों पर विचार न करना।

Revision tips

  • पानी से होने वाली बीमारियों और उनके बचाव पर ध्यान केंद्रित करें।
  • पानी को साफ करने के विभिन्न तरीकों को याद करें।
  • स्कूल में पानी की स्थिति का सर्वेक्षण करने के अनुभव को दोहराएं।
  • पानी के संरक्षण के महत्व पर चर्चा करें।

Practice MCQs

Q1. गंदा पानी पीने से कौन सी बीमारी हो सकती है?

Q2. पानी को पीने योग्य बनाने का एक तरीका क्या है?

Q3. रजिया ने अखबार में क्या खबर पढ़ी थी?

Q4. स्कूल में पानी की उपलब्धता का सर्वेक्षण करते समय क्या जांचना चाहिए?

Q5. पानी को साफ करने के लिए क्लोरीन की गोली मिलाने का क्या उद्देश्य है?

Frequently asked questions

कक्षा 4 के लिए EVS के अध्याय 18 "पानी कहीं ज्यादा, कहीं कम" में मुख्य रूप से किन विषयों पर चर्चा की गई है?

इस अध्याय में मुख्य रूप से पानी की कमी, गंदे पानी से होने वाली बीमारियाँ जैसे डायरिया और हैजा, पानी को साफ करने के तरीके, और स्कूल में पानी की उपलब्धता और स्वच्छता की स्थिति का सर्वेक्षण जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।

गंदा पानी पीने से क्या नुकसान हो सकता है?

गंदा पानी पीने से डायरिया, हैजा और अन्य कई तरह की संक्रामक बीमारियाँ हो सकती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।

पानी को पीने योग्य बनाने के कुछ तरीके क्या हैं?

पानी को पीने योग्य बनाने के कुछ तरीके हैं: पानी को उबालना, पानी को फिल्टर करना, और उसमें क्लोरीन की गोलियाँ मिलाना।

स्कूल में पानी की व्यवस्था का सर्वेक्षण क्यों महत्वपूर्ण है?

स्कूल में पानी की व्यवस्था का सर्वेक्षण यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि छात्रों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो रहा है और स्कूल में स्वच्छता के मानकों का पालन किया जा रहा है।

पानी की कमी को दूर करने के लिए क्या किया जा सकता है?

पानी की कमी को दूर करने के लिए पानी का संरक्षण करना, वर्षा जल संचयन और पानी के स्रोतों को साफ रखना जैसे उपाय किए जा सकते हैं।

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