कक्षा 3 हिंदी NCERT समाधान: अध्याय 9 अक्ल बड़ी या भैंस

NCERT Solutions PDF Class 3 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 3 हिंदी की पुस्तक 'रिमझिम' के अध्याय 9, 'अक्ल बड़ी या भैंस' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय छात्रों को कहानी के माध्यम से बुद्धि के महत्व को समझने में मदद करता है, जहाँ एक चालाक कारीगर (अवंती) एक मूर्ख सेठ को अपनी चतुराई से मात देता है। समाधानों में कहानी के पात्रों, उनके संवादों और कहानी के अंतर्निहित संदेश पर प्रकाश डाला गया है। इसके अतिरिक्त, यह खंड छात्रों को सब्जियों के नामों को वाक्यों में खोजने, सही शब्दों के जोड़े मिलाने, मुहावरों को समझने और नए शब्द बनाने का अभ्यास भी कराता है। यह अभ्यास छात्रों की शब्दावली, समझ और रचनात्मकता को बढ़ाता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए स्पष्ट और संक्षिप्त स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 3
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter9. अक्ल बड़ी या भैंस

Chapter summary

कक्षा 3 हिंदी के अध्याय 9 'अक्ल बड़ी या भैंस' के ये NCERT समाधान छात्रों को कहानी के मुख्य पात्र अवंती की बुद्धिमत्ता और सेठ की मूर्खता के बीच के अंतर को समझने में मदद करते हैं। समाधानों में कहानी के प्रश्नोत्तर, छिपे हुए सब्जियों के नाम ढूंढना, सही जोड़े मिलाना, मुहावरों को समझना और नए शब्द बनाना जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं। यह अध्याय छात्रों को सिखाता है कि शारीरिक बल से अधिक महत्वपूर्ण मानसिक शक्ति और समझदारी होती है।

Learning outcomes

  • कहानी 'अक्ल बड़ी या भैंस' के मुख्य पात्रों और घटनाओं को समझना।
  • वाक्यों में छिपे हुए सब्जियों के नामों को पहचानना।
  • दिए गए शब्दों के सही अर्थ वाले जोड़े मिलाना।
  • सामान्य मुहावरों और कहावतों के अर्थ को समझना।
  • रंग से संबंधित नए शब्द बनाना सीखना।

Topics covered

Paper topics

  • कहानी समझना
  • पात्र परिचय
  • शब्दार्थ
  • सब्जियों के नाम पहचानना
  • मुहावरे और कहावतें
  • शब्द जोड़े मिलाना
  • नए शब्द बनाना
  • रचनात्मक लेखन (कहानी)
  • बुद्धिमत्ता का महत्व

Important topics

  • कहानी 'अक्ल बड़ी या भैंस' का सारांश और सीख
  • वाक्यों में छिपे सब्जियों के नाम
  • सामान्य मुहावरों के अर्थ
  • शब्दों के अर्थ में मात्राओं का प्रभाव

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

कहानी से

सेठ ने किस रंग में कपड़ा रंगने को कहा?
Solution: कहानी के अनुसार, सेठ ने अवंती को कोई भी रंग चुनने के लिए कहा था, लेकिन जब अवंती ने एक-एक करके सभी रंगों के नाम गिनाए, तो सेठ ने कहा कि उसे वह रंग पसंद नहीं है। दरअसल, सेठ अवंती को परेशान करने के इरादे से आया था और उसका कपड़ा रंगवाने का कोई इरादा नहीं था। इसलिए, उसने किसी विशेष रंग का नाम नहीं लिया।

कहानी से

अवंती ने कपड़ा अलमारी में बंद कर दिया। क्यों?
Solution: अवंती सेठ के इरादे को समझ गया था कि वह उसे परेशान करने आया है। सेठ ने कहा था कि वह कपड़ा लेने किसी भी दिन आएगा। अवंती ने सेठ को सबक सिखाने और उसकी चतुराई का जवाब देने के लिए कपड़ा अलमारी में बंद कर दिया, ताकि सेठ को पता चले कि वह भी कम बुद्धिमान नहीं है।

कहानी से

सेठ कपड़ा लेने किस दिन आया होगा?
Solution: कहानी के अंत में, अवंती ने सेठ से कहा कि वह कपड़ा लेने के लिए किसी भी दिन आ सकता है, लेकिन सेठ ने ऐसा कोई दिन नहीं चुना। यह दर्शाता है कि सेठ अवंती की चतुराई से हार मान गया था और शायद वह कपड़ा लेने कभी नहीं आया होगा, क्योंकि अवंती ने उसे ऐसा जवाब दिया था जिससे वह आगे कुछ नहीं कह सका।

कौन छुपा है कहाँ

नीचे के वाक्यों में कुछ हरी-भरी सब्ज़ियों के नाम छुपे हैं। ढूँढ़ो तो ज़रा-
Solution: यहाँ दिए गए वाक्यों में छिपी हुई सब्जियों के नाम इस प्रकार हैं:
  1. अब भागो भी, बारिश होने लगी है। - इसमें गोभी छिपा है।
  2. मामू लीला मौसी कहाँ है? - इसमें मूली छिपा है।
  3. शीला के पास बैग नहीं है। - इसमें बैंगन छिपा है।
  4. रानी बोली-हमसे मत बोलो। - इसमें सेम छिपा है।
  5. गोपाल कबूतर उड़ा दो। - इसमें पालक छिपा है।
यह अभ्यास छात्रों की ध्यानपूर्वक पढ़ने और छिपे हुए शब्दों को पहचानने की क्षमता को बढ़ाता है।

सही जोड़े मिलाओ

दिए गए शब्दों के सही अर्थ वाले जोड़ों का मिलान करें।
Solution: यहाँ दिए गए शब्दों के सही अर्थ वाले जोड़े इस प्रकार हैं:
  • प्रशंसा - तारीफ
  • बुलंद - ऊँची
  • कतई - बिल्कुल
  • ईर्ष्या - जलन
  • ज़रूर - अवश्य
यह अभ्यास छात्रों को नए शब्दों के अर्थ समझने और उन्हें उनके सही समानार्थी शब्दों से जोड़ने में मदद करता है।

मुहावरे

चित्रों को देखकर तुम्हें जो मुहावरे या कहावतें याद आती हैं, उन्हें लिखो।
Solution: दिए गए चित्रों और पाठ के आधार पर, यहाँ कुछ मुहावरे और कहावतें दी गई हैं:
  • चिराग तले अँधेरा: इसका अर्थ है कि जहाँ बहुत अधिक प्रकाश या ज्ञान हो, उसके आसपास ही अज्ञानता या बुराई का होना।
  • हाथ कंगन को आरसी क्या: इसका अर्थ है कि जब कोई चीज़ बिल्कुल स्पष्ट हो, तो उसे साबित करने के लिए किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती।
  • नौ दो ग्यारह होना: इसका अर्थ है कि किसी स्थान से चुपके से या जल्दी से भाग जाना।
यह अभ्यास छात्रों को सामान्य मुहावरों के अर्थ और उनके प्रयोग को समझने में मदद करता है।

कहो कहानी

विद्यालय, गुरुजी, छुट्टी, बंदर, डंडा, पेड़, केला, ताली, बच्चे, भूख। इन शब्दों को मिलाकर एक छोटी-सी कहानी बनाओ और अपने साथियों को सुनाओ।
Solution: यह एक रचनात्मक कार्य है जिसे छात्रों को स्वयं करना है। छात्र इन शब्दों का उपयोग करके एक कहानी बना सकते हैं, जैसे: एक दिन विद्यालय में गुरुजी ने बच्चों को छुट्टी दी। बच्चे खुशी से ताली बजाने लगे। तभी उन्होंने पेड़ पर एक बंदर को केला खाते देखा। एक बच्चे को बहुत भूख लगी थी, उसने डंडा उठाया और बंदर को डराने की कोशिश की, लेकिन बंदर केला लेकर भाग गया।

उछालो

एक रूमाल या कोई छोटा-सा कपड़ा उछालकर देखो। किसका रूमाल सबसे ऊँचा उछलता है? रूमाल के साथ बिना कुछ बाँधे इसे और ऊँचा कैसे उछाला जा सकता है?
Solution: यह एक प्रयोगात्मक गतिविधि है जिसे छात्रों को स्वयं करके देखना है। छात्र रूमाल उछालकर यह देख सकते हैं कि किसका रूमाल सबसे ऊँचा जाता है। रूमाल को और ऊँचा उछालने के लिए, उसे हवा में फेंकते समय थोड़ी घुमावदार गति दी जा सकती है या उसे अधिक बल से फेंका जा सकता है।

समझ-समझदारी

रंगाई शब्द 'रंग' से बना है। इसी तरह और शब्द बनाओ।
Solution: यहाँ 'रंग' और 'रंगाई' की तरह कुछ और शब्द दिए गए हैं, जो मूल शब्द से बने हैं:
  • साफ - सफ़ाई
  • चढ़ - चढ़ाई
  • बुन - बुनाई
यह अभ्यास छात्रों को मूल शब्दों से संबंधित नए शब्द बनाना सिखाता है, जिससे उनकी शब्दावली बढ़ती है।

क्या समझे

जिन शब्दों के नीचे रेखा खिंची है, उनका मतलब बताओ।
Solution: यहाँ रेखांकित शब्दों के अर्थ दिए गए हैं:
  • मुझे बैंगनी रंग कर्ताई अच्छा नहीं लगता। - यहाँ 'कर्ता' का अर्थ 'करना' या 'संबंध रखना' हो सकता है, लेकिन वाक्य के संदर्भ में यह शायद 'पसंद' या 'रुचि' से संबंधित है। दिए गए उत्तर के अनुसार, इसका अर्थ 'बिल्कुल' है, जो इस संदर्भ में थोड़ा असामान्य है। संभवतः यहाँ 'कर्ता' की जगह कोई और शब्द होना चाहिए था या इसका अर्थ 'मेरी कोई खास पसंद नहीं है' के रूप में लिया गया है।
  • अवंती ने सेठ का मंसूबा भाँप लिया। - यहाँ 'मंसूबा' का अर्थ इरादा है। अवंती ने सेठ के इरादे को समझ लिया था।
  • मैं तुम्हारा हुनर देखना चाहता हूँ। - यहाँ 'हुनर' का अर्थ गुण या खूबी है। सेठ अवंती की कला या कौशल देखना चाहता था।
  • सेठ बुलंद आवाज में बोला। - यहाँ 'आवाज' का अर्थ स्वर है। सेठ ऊँचे स्वर में बोला।
  • सेठ को ईर्ष्या होने लगी। - यहाँ 'ईर्ष्या' का अर्थ जलन है। सेठ को अवंती से जलन होने लगी।
  • रंग के बारे में मेरी कोई खास पसंद तो है नहीं - यहाँ 'खास' का अर्थ विशेष है। रंग के बारे में उसकी कोई विशेष पसंद नहीं थी।
यह अभ्यास छात्रों को पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ समझने में मदद करता है।

कैसा लगा आफंती

आफंती के बारे में कुछ वाक्य लिखो। तुम उसके कपड़ों, शक्ल-सूरत, पालतू पशु, बुद्धि आदि के बारे में बता सकती हो।
Solution: यह प्रश्न छात्रों को अपनी कल्पना का उपयोग करके 'आफंती' नामक पात्र के बारे में लिखने के लिए प्रोत्साहित करता है। दिए गए उत्तर के अनुसार, आफंती एक बुद्धिमान पात्र था जिसकी शक्ल-सूरत अच्छी थी। वह सिर पर टोपी पहनता था, उसके गालों पर बड़ी-बड़ी दाढ़ियाँ थीं, और वह दुबला-पतला था। उसने एक गधा पाल रखा था और अपनी बुद्धि से उसने एक पहलवान को हराया था। यह छात्रों की रचनात्मकता और वर्णन क्षमता को विकसित करता है।

जोड़े ढूँढ़ो

ऊपर दिए गए शब्दों के जोड़ों में केवल एक मात्रा बदली गई है। किसी भी मात्रा को बदलने से अर्थ भी बदल जाता है। ऐसे और जोड़े बनाओ। देखें, कौन सबसे ज़्यादा जोड़े ढूँढ़ पाता है।
Solution: यह अभ्यास छात्रों को मात्राओं के महत्व और उनसे अर्थ में होने वाले बदलाव को समझने में मदद करता है। यहाँ कुछ ऐसे ही शब्द जोड़े दिए गए हैं:
  • दिन - दीन
  • मेला - मैला
  • अन्न - अन्य
  • रग - राग
  • अनिल - अनल
  • इत्र - इतर
  • देव - दैव
  • ग्रह - गृह
  • समान - सामान
छात्र इसी तरह के और भी शब्द जोड़े ढूंढकर अपनी समझ को और बेहतर बना सकते हैं।

कुछ कलाकारी

कब आंऊँ वाले किस्से को चित्रकथा के रूप में लिखो।
Solution: यह एक रचनात्मक गतिविधि है जिसे छात्रों को स्वयं करना है। छात्र 'कब आंऊँ' वाले किस्से को चित्रों के माध्यम से एक कहानी का रूप दे सकते हैं, जैसे कॉमिक स्ट्रिप बनाकर। इसमें वे कहानी के विभिन्न दृश्यों को चित्रों में दर्शाएंगे और संवादों को नीचे लिखेंगे। यह छात्रों की कलात्मक और रचनात्मक क्षमता को बढ़ावा देता है।

Common mistakes

  • वाक्यों में छिपे शब्दों को पहचानने में कठिनाई।
  • मुहावरों के अर्थ को गलत समझना।
  • शब्दों के अर्थ में मात्राओं के प्रभाव को न समझना।

Revision tips

  • कहानी को अपने शब्दों में सुनाने का अभ्यास करें।
  • छिपे हुए शब्दों और मुहावरों की सूची बनाएं और उन्हें याद करें।
  • दिए गए उदाहरणों के आधार पर समान प्रकार के और शब्द जोड़े बनाने का प्रयास करें।

Practice MCQs

Q1. सेठ अवंती को किस कारण परेशान करने आया था?

Q2. अवंती ने सेठ का कपड़ा अलमारी में क्यों बंद कर दिया?

Q3. निम्नलिखित वाक्यों में कौन सी सब्जी का नाम छिपा है: 'मामू लीला मौसी कहाँ है?'

Q4. 'हाथ कंगन को आरसी क्या' मुहावरे का क्या अर्थ है?

Q5. 'नौ दो ग्यारह होना' मुहावरे का क्या अर्थ है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह NCERT समाधान कक्षा 3 के हिंदी विषय के लिए है, जो 'रिमझिम' पाठ्यपुस्तक के अध्याय 9 'अक्ल बड़ी या भैंस' पर आधारित है।

इस अध्याय का मुख्य संदेश क्या है?

इस अध्याय का मुख्य संदेश यह है कि शारीरिक बल या आकार से अधिक महत्वपूर्ण बुद्धि और समझदारी होती है। अवंती ने अपनी चतुराई से सेठ को हराया।

समाधानों में किस प्रकार के अभ्यास शामिल हैं?

समाधानों में कहानी से संबंधित प्रश्नोत्तर, वाक्यों में छिपी सब्जियों के नाम ढूंढना, सही शब्द जोड़े मिलाना, मुहावरों के अर्थ समझना और नए शब्द बनाना जैसे अभ्यास शामिल हैं।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान स्पष्टीकरण और अभ्यास प्रदान करते हैं जो छात्रों को अध्याय की अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करेंगे।

क्या कहानी के अलावा अन्य गतिविधियाँ भी हैं?

हाँ, कहानी के अलावा, छात्रों के लिए सब्जियों के नाम खोजने, शब्द जोड़े मिलाने, मुहावरों को समझने और रंग से संबंधित नए शब्द बनाने जैसी गतिविधियाँ भी दी गई हैं।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.