CBSE Class 3 Hindi Chapter 10: क्योंजीमल और कैसे -कैसलिया NCERT Solutions

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This chapter, 'क्योंजीमल और कैसे -कैसलिया' from the CBSE Class 3 Hindi curriculum, delves into the process of making roti and explores various related concepts. The NCERT Solutions provide detailed explanations for each question, helping students understand the steps involved in preparing food items like tea, vegetables, dal, halwa, and lassi. It also touches upon the different names for roti in various regions and the places where common household items are bought or services are obtained. The solutions clarify the sequence of actions for making roti, from grinding wheat to serving it hot. This chapter aims to enhance students' comprehension of daily activities and the language used to describe them, making it an excellent resource for exam preparation and understanding practical life skills.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 3
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter10. क्योंजीमल और कैसे -कैसलिया

Chapter summary

Chapter 10, 'क्योंजीमल और कैसे -कैसलिया', focuses on the practical aspects of making roti and related culinary tasks. The NCERT Solutions cover the step-by-step process of roti preparation, including kneading dough, rolling, and cooking. It also lists names for roti in different regions and explores the preparation methods for other dishes like tea, vegetables, dal, halwa, and lassi. The chapter encourages students to observe and learn about everyday activities and the places associated with them, such as shops and service providers.

Learning outcomes

  • Understand the sequential steps involved in making roti.
  • Identify different names for roti across various regions.
  • Learn the preparation methods for common dishes like tea, vegetables, dal, halwa, and lassi.
  • Recognize places where various goods and services are obtained.
  • Describe the process of kneading and rolling dough.
  • Differentiate between the uses of kitchen utensils.

Topics covered

Paper topics

  • रोटी बनाने की प्रक्रिया
  • आटा गूँथना और बेलना
  • विभिन्न प्रकार की रोटियों के नाम
  • चाय बनाने की विधि
  • सब्जी बनाने की विधि
  • दाल बनाने की विधि
  • हलवा बनाने की विधि
  • लस्सी बनाने की विधि
  • दैनिक जीवन की गतिविधियाँ
  • खरीदारी और सेवाएँ प्राप्त करने के स्थान
  • रसोई के सामान का उपयोग
  • गेहूँ और अन्य अनाज

Important topics

  • रोटी बनाने की पूरी प्रक्रिया
  • विभिन्न खाद्य पदार्थ बनाने की विधियाँ
  • दैनिक जीवन से जुड़ी गतिविधियाँ
  • खरीदारी और सेवाओं के स्थान
  • आटा गूँथने और बेलने की क्रिया

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

गुरुजी थैली में क्या लिए जा रहे थे?
Solution: गुरुजी अपनी थैली में गेहूँ लिए जा रहे थे। यह गेहूँ पिसवाने के लिए थे ताकि उनसे आटा बनाया जा सके।

प्रश्न 2

क्योंजीमल और कैसे-कैसलिया से मिलने पर तुम दोनों के बीच में क्यों भटकते रह जाओगे?
Solution: क्योंजीमल और कैसे-कैसलिया से मिलने पर हम उनके बीच में इसलिए भटकते रह जाएंगे क्योंकि वे लगातार 'क्यों' और 'कैसे' जैसे अंतहीन प्रश्न पूछते रहेंगे। उनके प्रश्नों की झड़ी हमें उलझाए रखेगी और उनके सवालों का कोई अंत नहीं होगा, जिससे हम जवाब देते-देते थक जाएंगे।

प्रश्न 3

शिवदास ने गुरुजी की थैली देखकर अपनी गाड़ी क्यों दे दी?
Solution: शिवदास ने गुरुजी की थैली देखकर अपनी गाड़ी इसलिए दे दी क्योंकि उन्होंने गुरुजी को बूढ़ा और थका हुआ देखा। उन्हें गुरुजी के बुढ़ापे पर दया आ गई और उन्होंने सोचा कि गाड़ी पर गेहूँ ले जाने से गुरुजी को आराम मिलेगा और वे आसानी से घर पहुँच जाएँगे।

प्रश्न 4

रोटी को अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग नाम से पुकारा जाता है। कुछ और नाम पता करके लिखो।
Solution: रोटी को अलग-अलग जगहों पर कई नामों से जाना जाता है। कुछ अन्य नाम हैं: परांठा, चपाती, फुल्का, नान, तंदूरी रोटी, मालपुआ (कुछ क्षेत्रों में)।

प्रश्न 5

तुम्हारे घर में आटा सानने को क्या कहते हैं? आटा गूँथना, आटा गलाना, आटा मलना या कुछ और?
Solution: हमारे घर में आटा सानने को सामान्यतः 'आटा गूँथना' कहते हैं। कुछ लोग इसे 'आटा मलना' भी कहते हैं।

प्रश्न 6

गुरुजी कौन-से आटे की रोटी खाते थे? अपने साथियों, घर के बड़ों से पता करो कि क्या किसी और चीज़ की रोटी भी बनती है। उनके नाम लिखो। यदि उसका दाना या बाली मिलती है तो उसे भी अपनी कॉपी में चिपका दो।
Solution: गुरुजी गेहूँ के आटे की रोटी खाते थे। गेहूँ के अलावा, ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी, चना और जौ जैसे अनाजों के आटे से भी रोटी बनाई जाती है। इन अनाजों की रोटी के अपने अलग स्वाद और पौष्टिकता होती है।

प्रश्न 7

रोटी क्या ऐसे बनेगी? आटे को सानेंगे, गेहूँ को पिसवाएँगे, आग पर फुलाएँगे, तवे पर पकाएँगे, चकले पर बेलेगें, गरम-गरम खाएँगें। नहीं? तो फिर कैसे? सही क्रम बताओ।
Solution: रोटी बनाने की प्रक्रिया का सही क्रम इस प्रकार है:
  1. सबसे पहले गेहूँ को पिसवाकर आटा तैयार किया जाता है।
  2. फिर उस आटे को पानी की सहायता से गूँथा या सानकर नरम किया जाता है।
  3. सानने के बाद, आटे की लोई बनाकर उसे चकले पर बेलन की मदद से गोल रोटी का आकार दिया जाता है।
  4. बेली हुई रोटी को तवे पर डालकर दोनों तरफ से पकाया जाता है।
  5. पकी हुई रोटी को सीधे आग पर फुलाया जाता है ताकि वह फूल जाए।
  6. अंत में, गरम- गरम रोटी को खाया जाता है।

प्रश्न 8

गुरुजी ने कैसे-कैसलिया को समझाया कि आटा कैसे साना जाता है। अब तुम घर पर किसी को रोटी बेलते देखो और लिखो कि रोटी कैसे बेली जाती है।
Solution: रोटी बेलने की प्रक्रिया इस प्रकार है:
  1. सबसे पहले, गूँथे हुए आटे की एक छोटी लोई बनाई जाती है।
  2. लोई को सूखे आटे में लपेटा जाता है ताकि वह चिपके नहीं।
  3. लोई को चकले पर रखा जाता है और बेलन की मदद से धीरे-धीरे घुमाते हुए पतला और गोल आकार दिया जाता है।
  4. बेलते समय रोटी को बीच-बीच में पलटकर और आवश्यकतानुसार सूखा आटा लगाकर चिपकाने से बचाया जाता है।
  5. रोटी को इतना पतला बेला जाता है कि वह तवे पर आसानी से पक जाए और फूल सके।
यह प्रक्रिया घर के किसी सदस्य को रोटी बेलते हुए देखकर सीखी जा सकती है।

प्रश्न 9

रोटी बनाने के लिए कितना कुछ करना पड़ता है जैसे सानना, बेलना आदि। पता करो और लिखो कि इन्हें बनाने के लिए क्या करना पड़ता है- चाय बनाने के लिए। सब्जी बनाने के लिए। दाल बनाने के लिए। हलवा बनाने के लिए। लस्सी बनाने के लिए।
Solution: विभिन्न खाद्य पदार्थ बनाने की विधियाँ इस प्रकार हैं:

चाय बनाने के लिए: एक बर्तन में पानी उबालें। उबलते पानी में चाय पत्ती डालें। जब उबाल आ जाए तो दूध और चीनी डालकर थोड़ी देर और उबालें। अंत में, चाय को कप में छान लें।

सब्जी बनाने के लिए: सब्जी को धोकर काट लें। कड़ाही में तेल गरम करके प्याज और हरी मिर्च भूनें। फिर कटी सब्जी डालकर मसाले और नमक मिलाएं। थोड़ी देर भूनने के बाद पानी डालकर ढककर पकाएं।

दाल बनाने के लिए: दाल को धोकर प्रेशर कूकर में पानी, नमक और हल्दी के साथ उबाल लें। एक अलग कड़ाही में घी, जीरा, प्याज और मसाले भूनकर उबली हुई दाल में मिला दें।

हलवा बनाने के लिए: कड़ाही में घी गरम करके बेसन या सूजी को धीमी आंच पर भूनें। जब वह हल्का गुलाबी हो जाए तो चीनी और पानी डालकर लगातार चलाते हुए गाढ़ा होने तक पकाएं।

लस्सी बनाने के लिए: दही को एक बर्तन में डालकर रई से अच्छी तरह बिलोएं। फिर उसमें चीनी डालकर मिलाएं। परोसने से पहले बर्फ के टुकड़े डालें।

प्रश्न 10

दाम नीचे कुछ आर्टो के नाम लिखे हैं। उनके दाम पता करो।

मक्की एक किलो 30 ₹

बाजरा एक किलो 15 ₹

मक्की एक किलो 40 ₹

Solution: दिए गए दामों के अनुसार:
  • मक्की का दाम एक किलो के लिए 30 रुपये है।
  • बाजरा का दाम एक किलो के लिए 15 रुपये है।
  • एक अन्य प्रकार की मक्की का दाम एक किलो के लिए 40 रुपये है।
यह दर्शाता है कि एक ही अनाज की कीमत उसकी किस्म या गुणवत्ता के आधार पर भिन्न हो सकती है।

प्रश्न 11

हम गेहूँ पिसवाने आटा-चक्की पर जाते हैं। हम इन कामों के लिए कहाँ जाते हैं?

आटा खरीदने

पंचर बनवाने

दूध खरीदने

जूते की मरम्मत करवाने

सुराही खरीदने

कॉपी-किताब खरीदने

बाल कटवाने

Solution: विभिन्न कामों के लिए हम निम्नलिखित स्थानों पर जाते हैं:
  • आटा खरीदने: परचून की दुकान या आटा-चक्की की दुकान पर।
  • पंचर बनवाने: पंचर बनवाने वाले की दुकान पर।
  • दूध खरीदने: मदर डेयरी या किसी डेरी की दुकान पर।
  • जूते की मरम्मत करवाने: मोची की दुकान पर।
  • सुराही खरीदने: कुम्हार के यहाँ या मिट्टी के बर्तन बेचने वाली दुकान पर।
  • कॉपी-किताब खरीदने: स्टेशनरी की दुकान पर।
  • बाल कटवाने: सैलून या नाई की दुकान पर।

प्रश्न 12

आटा-चक्की किस चीज़ से चलती है? वहाँ क्या-क्या पिसता है? अपने घर के पास की आटा-चक्की पर जाओ और पता करो कि दिन में चक्की को कितनी बार रोका जाता है?
Solution: आटा-चक्की सामान्यतः बिजली से चलती है। वहाँ गेहूँ, चना, ज्वार, बाजरा, मक्का, चावल और अन्य अनाज व दालें पिसती हैं। घर के पास की आटा-चक्की पर जाकर पता करने पर यह जानकारी मिल सकती है कि दिन में चक्की को कितनी बार रोका जाता है, जो कि काम के लोड और रखरखाव पर निर्भर करता है, लेकिन आमतौर पर यह चार-पाँच बार या आवश्यकतानुसार हो सकता है।

प्रश्न 13

नीचे रसोई की कुछ चीज़ों के चित्र बने हैं उन्हें देखकर बताओ कि रोटी बनाने में कौन-कौन-सी चीज़ इस्तेमाल नहीं होती। तो ऐसी चीज़ों का इस्तेमाल किस काम के लिए किया जाएगा? लिखो।

सामान का नाम | इस्तेमाल

चकला-बेसन | रोटी बेलने में

कप-प्लेट | चाय पीने में

कड़ाही | सब्जी बनाने में

चिमटा | आग पर रोटी फुलाने में

Solution: रोटी बनाने में सीधे तौर पर इस्तेमाल न होने वाली चीज़ें और उनके उपयोग इस प्रकार हैं:
  • कप-प्लेट: रोटी बनाने में इनका सीधा उपयोग नहीं होता है। इनका इस्तेमाल चाय, पानी या अन्य पेय पदार्थ पीने के लिए किया जाता है।
  • कड़ाही: रोटी बनाने के लिए कड़ाही का उपयोग नहीं होता है। कड़ाही का उपयोग मुख्य रूप से सब्जी, दाल या अन्य व्यंजन पकाने के लिए किया जाता है।
चकला-बेलन और चिमटा रोटी बनाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चकला-बेलन से रोटी बेली जाती है और चिमटे से तवे पर रोटी को पलटा और फुलाया जाता है।

Common mistakes

  • Incorrectly sequencing the steps for making roti.
  • Confusing the preparation methods for different dishes.
  • Not being able to identify the correct places for specific purchases or services.
  • Misidentifying kitchen items not used in roti making.

Revision tips

  • Practice reciting the steps for making roti in the correct order.
  • Discuss with family members the different names for roti and other food items.
  • Draw or list the places where you buy essential items like groceries or get services like repairs.
  • Review the preparation steps for various dishes to reinforce understanding.

Practice MCQs

Q1. गुरुजी अपनी थैली में क्या लिए जा रहे थे?

Q2. रोटी बनाने के लिए सबसे पहला कदम क्या है?

Q3. निम्नलिखित में से कौन-सा आटा गूँथने के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द नहीं है?

Q4. सब्जी बनाने के लिए कड़ाही में तेल गरम होने के बाद सबसे पहले क्या डाला जाता है?

Q5. लस्सी बनाने के लिए मुख्य सामग्री क्या है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 3 हिंदी के लिए है, विशेष रूप से अध्याय 10 'क्योंजीमल और कैसे -कैसलिया' पर केंद्रित है।

इस अध्याय में रोटी बनाने की प्रक्रिया कैसे समझाई गई है?

अध्याय में रोटी बनाने के सही क्रम को समझाया गया है, जिसमें गेहूँ पिसवाना, आटा सानना, बेलना, तवे पर पकाना और आग पर फुलाना शामिल है।

क्या इस अध्याय में अन्य खाद्य पदार्थों को बनाने की विधियाँ भी शामिल हैं?

हाँ, इस अध्याय में चाय, सब्जी, दाल, हलवा और लस्सी बनाने की विधियों का भी वर्णन किया गया है।

यह समाधान छात्रों की मदद कैसे करेगा?

यह समाधान छात्रों को रोटी बनाने की प्रक्रिया, विभिन्न खाद्य पदार्थों की तैयारी और दैनिक जीवन से संबंधित गतिविधियों को समझने में मदद करेगा, जो परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी है।

क्या इस अध्याय में विभिन्न स्थानों के बारे में भी बताया गया है?

हाँ, अध्याय में यह भी बताया गया है कि हम विभिन्न वस्तुओं को खरीदने या सेवाओं को प्राप्त करने के लिए कहाँ जाते हैं, जैसे आटा खरीदने परचून की दुकान पर या जूते की मरम्मत के लिए मोची के पास।

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