कक्षा 12 भूगोल: निर्माण उद्योग - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 12 के छात्रों के लिए भूगोल विषय के "भारत लोग और अर्थव्यवस्था" पुस्तक के अध्याय 8 "निर्माण उद्योग" पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें औद्योगिक अवस्थापना के कारकों, भारत में प्रमुख उद्योगों जैसे लौह-इस्पात, सूती वस्त्र, चीनी और पेट्रो-रासायनिक उद्योगों की स्थापना और विकास, तथा सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति के प्रभावों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधानों को विस्तृत और समझने योग्य तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जो छात्रों को इन उद्योगों के महत्व, उनकी कार्यप्रणाली और भारतीय अर्थव्यवस्था में उनके योगदान को समझने में मदद करते हैं। यह सामग्री परीक्षा की तैयारी और विषय की गहरी समझ के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectभारत लोग और अर्थव्यवस्था (भूगोल)
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter8. निर्माण उद्योग

Chapter summary

कक्षा 12 के भूगोल के अध्याय "निर्माण उद्योग" के ये NCERT समाधान छात्रों को भारत के औद्योगिक परिदृश्य की व्यापक समझ प्रदान करते हैं। इसमें औद्योगिक अवस्थापना के विभिन्न कारकों, लौह-इस्पात, सूती वस्त्र, चीनी और पेट्रो-रासायनिक जैसे प्रमुख उद्योगों की विशेषताओं और वितरण पर चर्चा की गई है। समाधानों में सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति के प्रभाव और स्वदेशी आंदोलन के योगदान जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को भी शामिल किया गया है, जो छात्रों को भारतीय अर्थव्यवस्था के औद्योगिक विकास की बारीकियों को समझने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • औद्योगिक अवस्थापना के विभिन्न कारकों की पहचान करना।
  • भारत के प्रमुख निर्माण उद्योगों (लौह-इस्पात, सूती वस्त्र, चीनी, पेट्रो-रासायनिक) के वितरण और महत्व को समझना।
  • सूती वस्त्र उद्योग के संगठित और विकेंद्रीकृत क्षेत्रों के बीच अंतर स्पष्ट करना।
  • चीनी उद्योग के मौसमी प्रकृति के कारणों का विश्लेषण करना।
  • सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति के आर्थिक और सामाजिक प्रभावों का वर्णन करना।
  • स्वदेशी आंदोलन के औद्योगिक विकास पर प्रभाव का मूल्यांकन करना।

Topics covered

Paper topics

  • औद्योगिक अवस्थापना के कारक
  • लौह-इस्पात उद्योग
  • सूती वस्त्र उद्योग
  • चीनी उद्योग
  • पेट्रो-रासायनिक उद्योग
  • सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति
  • स्वदेशी आंदोलन का प्रभाव
  • औद्योगिक प्रदेशों का वितरण

Important topics

  • औद्योगिक अवस्थापना के कारक
  • लौह-इस्पात उद्योग का महत्व
  • सूती वस्त्र उद्योग के क्षेत्र
  • चीनी उद्योग की मौसमी प्रकृति
  • सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति के प्रभाव

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए:
  1. कौन-सा औद्योगिक अवस्थापनी का एक कारण नहीं है?
  • (क) बाज़ार
  • (ख) जनसंख्या घनत्व
  • (ग) पूँजी
  • (घ) ऊर्जा
Solution:

(ख) जनसंख्या घनत्व। औद्योगिक अवस्थापना के लिए बाज़ार, पूँजी और ऊर्जा जैसे कारक महत्वपूर्ण होते हैं। जनसंख्या घनत्व सीधे तौर पर औद्योगिक स्थापना का कारण नहीं बनता, हालांकि यह श्रम की उपलब्धता को प्रभावित कर सकता है।

प्रश्न 1

  1. भारत में सबसे पहले स्थापित की गई लौह-इस्पात कंपनी निम्नलिखित में से कौन-सी है?
  • (क) भारतीय लौह एवं इस्पात कंपनी (आई०आई०एस०सी०ओ०)
  • (ख) टाटा लौह एवं इस्पात कंपनी (टी॰आई॰एस॰सी॰ओ॰)
  • (ग) विश्वेश्वरैया लौह तथा इस्पात कारखाना
  • (घ) मैसूर लोहा तथा इस्पात कारखाना
Solution:

(ख) टाटा लौह एवं इस्पात कंपनी (टी॰आई॰एस॰सी॰ओ॰)। टाटा लौह एवं इस्पात कंपनी (TISCO) की स्थापना 1907 में हुई थी और यह भारत की पहली प्रमुख लौह-इस्पात कंपनी थी।

प्रश्न 1

  1. मुंबई में सबसे पहला सूती वस्त्र कारखाना स्थापित किया गया, क्योंकि
  • (क) मुंबई एक पत्तन है।
  • (ख) यह कपास उत्पादक क्षेत्र के निकट स्थित है।
  • (ग) मुंबई एक वित्तीय केंद्र था
  • (घ) उपर्युक्त सभी
Solution:

(घ) उपर्युक्त सभी। मुंबई में पहला सूती वस्त्र कारखाना स्थापित होने के पीछे कई कारण थे: मुंबई एक प्रमुख बंदरगाह है जिससे आयात-निर्यात सुगम होता है, यह कपास उत्पादक क्षेत्रों के करीब स्थित है, और यह एक विकसित वित्तीय केंद्र भी था जो निवेश को आकर्षित करता था।

प्रश्न 1

  1. हुगली औद्योगिक प्रदेश का केंद्र है
  • (क) कोलकाता-हावड़ा
  • (ख) कोलकाता रिशरा
  • (ग) कोलकाता-मेदजीपुर
  • (घ) कोलकाता-कोन नगर
Solution:

(क) कोलकाता-हावड़ा। हुगली औद्योगिक प्रदेश का मुख्य केंद्र कोलकाता-हावड़ा क्षेत्र है, जो पश्चिम बंगाल में स्थित है और विभिन्न प्रकार के उद्योगों के लिए जाना जाता है।

प्रश्न 1

  1. निम्नलिखित में से कौन-सी चीनी का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है?
  • (क) महाराष्ट्र
  • (ख) उत्तर प्रदेश
  • (ग) पंजाब
  • (घ) तमिलनाडु
Solution:

(ख) उत्तर प्रदेश। जबकि महाराष्ट्र चीनी का सबसे बड़ा उत्पादक है, उत्तर प्रदेश भी गन्ने की प्रचुरता के कारण चीनी उत्पादन में दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है।

प्रश्न 2 (i)

लोहा-इस्पात किसी देश के औद्योगिक विकास का आधार है, ऐसा क्यों? (लगभग 30 शब्दों में उत्तर दीजिए)
Solution:

लोहा-इस्पात उद्योग को किसी भी देश के औद्योगिक विकास का आधार माना जाता है क्योंकि यह अन्य सभी उद्योगों के लिए मशीनें, औजार और आवश्यक ढाँचागत सामग्री प्रदान करता है। इसे 'औद्योगिकीकरण की कुंजी' भी कहा जाता है।

प्रश्न 2 (ii)

सूती वस्त्र उद्योग के दो सेक्टरों के नाम बताइए। वे किस प्रकार भिन्न हैं? (लगभग 30 शब्दों में उत्तर दीजिए)
Solution:

सूती वस्त्र उद्योग के दो मुख्य सेक्टर हैं: (क) संगठित सेक्टर, जहाँ कपास से धागा बनाने से लेकर कपड़ा तैयार करने तक की प्रक्रिया एक ही कारखाने में विद्युतचालित करघों से होती है। (ख) विकेंद्रित सेक्टर, जहाँ सूत कातना और कपड़ा बुनना अलग-अलग इकाइयों में हस्तचालित या विद्युत करघों से किया जाता है।

प्रश्न 2 (iii)

चीनी उद्योग एक मौसमी उद्योग क्यों है? (लगभग 30 शब्दों में उत्तर दीजिए)
Solution:

चीनी उद्योग एक मौसमी उद्योग है क्योंकि इसका मुख्य कच्चा माल, गन्ना, वर्ष के एक निश्चित मौसम में ही उपलब्ध होता है। गन्ने की कटाई और आपूर्ति की अवधि सीमित होने के कारण, चीनी मिलें भी केवल इसी अवधि के दौरान ही संचालित हो पाती हैं।

प्रश्न 2 (iv)

पेट्रो-रासायनिक उद्योग के लिए कच्चा माल क्या है? इस उद्योग के कुछ उत्पादों के नाम बताइए। (लगभग 30 शब्दों में उत्तर दीजिए)
Solution:

पेट्रो-रासायनिक उद्योग के लिए कच्चा माल खनिज तेल (पेट्रोलियम) और प्राकृतिक गैस हैं। इस उद्योग के प्रमुख उत्पादों में पॉलीमर (जैसे प्लास्टिक), कृत्रिम रेशे (जैसे नायलॉन), इलास्टोमर्स (जैसे रबर) और पृष्ठ संक्रियक (जैसे डिटर्जेंट) शामिल हैं।

प्रश्न 2 (v)

भारत में सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति के प्रमुख प्रभाव क्या हैं? (लगभग 30 शब्दों में उत्तर दीजिए)
Solution:

भारत में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्रांति ने अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाला है। इसने सॉफ्टवेयर निर्यात में तीव्र वृद्धि की है, रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं, और आर्थिक व सामाजिक रूपांतरण को बढ़ावा दिया है, जिससे भारत एक प्रमुख आईटी सेवा प्रदाता के रूप में उभरा है।

प्रश्न 3 (i)

'स्वदेशी' आंदोलन ने सूती वस्त्र उद्योग को किस प्रकार विशेष प्रोत्साहन दिया? (लगभग 150 शब्दों में उत्तर दें)
Solution:

'स्वदेशी' आंदोलन, जो 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध में शुरू हुआ था, ने भारतीय सूती वस्त्र उद्योग को अभूतपूर्व प्रोत्साहन दिया। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य विदेशी वस्तुओं, विशेषकर ब्रिटिश निर्मित कपड़ों का बहिष्कार करना और स्वदेशी उत्पादों को अपनाना था। इसके परिणामस्वरूप, भारतीयों ने घरेलू स्तर पर उत्पादित सूती कपड़ों की मांग बढ़ा दी। इस बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए, भारत में मौजूदा कपड़ा मिलों ने अपना उत्पादन बढ़ाया और नई मिलें भी स्थापित की गईं। इसने न केवल भारतीय कपड़ा उद्योग को पुनर्जीवित किया, बल्कि इसे आधुनिक बनाने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया। इस आंदोलन ने भारतीय कारीगरों और श्रमिकों को भी सशक्त बनाया, जिससे पारंपरिक हस्तकला और औद्योगिक विकास दोनों को बढ़ावा मिला।

Common mistakes

  • औद्योगिक अवस्थापना के कारकों को गलत पहचानना।
  • विभिन्न उद्योगों के वितरण को याद रखने में कठिनाई।
  • संगठित और विकेंद्रीकृत क्षेत्रों के बीच अंतर को स्पष्ट न कर पाना।
  • सूचना प्रौद्योगिकी के प्रभावों को सतही तौर पर समझना।

Revision tips

  • प्रत्येक उद्योग के लिए मुख्य कारकों और वितरण क्षेत्रों को सूचीबद्ध करें।
  • सूती वस्त्र उद्योग के संगठित और विकेंद्रीकृत क्षेत्रों के बीच मुख्य अंतरों को रेखांकित करें।
  • चीनी उद्योग की मौसमी प्रकृति के कारणों को संक्षेप में लिखें।
  • सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों पर विचार करें।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से कौन सा कारक औद्योगिक अवस्थापना का एक प्रमुख कारण नहीं माना जाता है?

Q2. भारत में स्थापित होने वाली पहली लौह-इस्पात कंपनी कौन सी थी?

Q3. मुंबई में पहला सूती वस्त्र कारखाना स्थापित होने के पीछे कौन से कारण उत्तरदायी थे?

Q4. हुगली औद्योगिक प्रदेश का मुख्य केंद्र निम्नलिखित में से कौन सा है?

Q5. चीनी उत्पादन के मामले में भारत में दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन सा है?

Frequently asked questions

कक्षा 12 के भूगोल में 'निर्माण उद्योग' अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है?

यह अध्याय भारतीय अर्थव्यवस्था के औद्योगिक विकास की नींव को समझने में मदद करता है। यह विभिन्न उद्योगों के वितरण, उनके विकास के कारकों और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उनके योगदान जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को कवर करता है।

औद्योगिक अवस्थापना के मुख्य कारक क्या हैं?

औद्योगिक अवस्थापना के मुख्य कारकों में बाजार, कच्चे माल की उपलब्धता, ऊर्जा, परिवहन, पूंजी, श्रम और सरकारी नीतियां शामिल हैं।

सूती वस्त्र उद्योग के संगठित और विकेंद्रीकृत क्षेत्रों में क्या अंतर है?

संगठित क्षेत्र में उत्पादन एक ही कारखाने में विद्युत मशीनों द्वारा होता है, जबकि विकेंद्रीकृत क्षेत्र में सूत कातना और कपड़ा बुनना अलग-अलग इकाइयों में हस्तचालित या विद्युत करघों से किया जाता है।

चीनी उद्योग को मौसमी उद्योग क्यों कहा जाता है?

चीनी उद्योग को मौसमी उद्योग कहा जाता है क्योंकि इसका कच्चा माल, गन्ना, केवल एक निश्चित मौसम में ही उपलब्ध होता है, जिसके बाद इसकी आपूर्ति और उत्पादन बंद हो जाता है।

सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा है?

सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति ने भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से विकास किया है, विशेषकर सॉफ्टवेयर और सेवा क्षेत्र में, जिससे आर्थिक और सामाजिक रूपांतरण के नए अवसर पैदा हुए हैं।

ये NCERT समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर प्रभावी ढंग से लिखने में मदद मिलती है।

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