कक्षा 12 भूगोल: खनिज तथा ऊर्जा संसाधन - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 12 के भूगोल के अध्याय 7, 'खनिज तथा ऊर्जा संसाधन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें भारत में खनिजों और ऊर्जा स्रोतों के वितरण, प्रकार और महत्व पर प्रकाश डाला गया है। समाधानों में प्रमुख तेल क्षेत्रों, परमाणु ऊर्जा स्टेशनों, भूरे हीरे (लिग्नाइट) के रूप में जाने जाने वाले खनिज, और ऊर्जा के अनवीकरणीय स्रोतों जैसे विषयों को शामिल किया गया है। छात्रों को अभ्रक के वितरण, नाभिकीय ऊर्जा की परिभाषा, अलौह धातुओं और उनके स्थानिक वितरण, तथा ऊर्जा के अपारंपरिक स्रोतों के बारे में जानकारी मिलेगी। इसके अतिरिक्त, भारत के पेट्रोलियम संसाधनों पर एक विस्तृत टिप्पणी भी प्रदान की गई है, जिसमें अन्वेषण, उत्पादन और शोधन प्रक्रियाओं का वर्णन है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और व्यापक समझ प्रदान करने में सहायक होंगे।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectभारत लोग और अर्थव्यवस्था (भूगोल)
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter7. खनिज तथा ऊर्जा संसाधन

Chapter summary

कक्षा 12 के भूगोल के अध्याय 7, 'खनिज तथा ऊर्जा संसाधन' के ये NCERT समाधान भारत में खनिज और ऊर्जा संसाधनों के महत्वपूर्ण पहलुओं को कवर करते हैं। इसमें बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर, संक्षिप्त उत्तर वाले प्रश्न (जैसे अभ्रक वितरण, नाभिकीय ऊर्जा, अलौह धातुएँ, अपारंपरिक ऊर्जा स्रोत) और विस्तृत उत्तर वाले प्रश्न (जैसे भारत के पेट्रोलियम संसाधन) शामिल हैं। समाधान खनिजों के प्रकार, उनके वितरण, ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों (नवीकरणीय और अनवीकरणीय) और भारत के संदर्भ में उनके महत्व पर केंद्रित हैं।

Learning outcomes

  • भारत में प्रमुख खनिज तेल क्षेत्रों की पहचान करना।
  • भारत के पहले परमाणु ऊर्जा स्टेशन के स्थान को जानना।
  • 'भूरा हीरा' के रूप में जाने जाने वाले खनिज को पहचानना।
  • ऊर्जा के अनवीकरणीय स्रोतों को समझना।
  • भारत में अभ्रक के वितरण का वर्णन करना।
  • नाभिकीय ऊर्जा की परिभाषा और भारत के प्रमुख नाभिकीय ऊर्जा केंद्रों को सूचीबद्ध करना।
  • अलौह धातुओं और उनके स्थानिक वितरण की विवेचना करना।
  • ऊर्जा के अपारंपरिक स्रोतों की पहचान करना।

Topics covered

Paper topics

  • खनिज तेल क्षेत्र
  • परमाणु ऊर्जा स्टेशन
  • भूरा हीरा (लिग्नाइट)
  • अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत
  • अभ्रक का वितरण
  • नाभिकीय ऊर्जा
  • अलौह धातुएँ
  • ऊर्जा के अपारंपरिक स्रोत
  • पेट्रोलियम संसाधन
  • खनिज अन्वेषण
  • तेल शोधन
  • ऊर्जा संसाधन

Important topics

  • भारत के प्रमुख खनिज तेल क्षेत्र और उनका महत्व।
  • नाभिकीय ऊर्जा की परिभाषा और भारत के प्रमुख नाभिकीय ऊर्जा केंद्र।
  • ऊर्जा के नवीकरणीय और अनवीकरणीय स्रोतों के बीच अंतर।
  • अलौह धातुओं (जैसे बॉक्साइट, ताँबा) का स्थानिक वितरण।
  • भारत के पेट्रोलियम संसाधनों का विस्तृत अध्ययन (अन्वेषण, उत्पादन, शोधन)।

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Questions and Solutions

प्रश्न 1 (i)

निम्नलिखित में से किस राज्य में प्रमुख तेल क्षेत्र स्थित है?
Solution: भारत में प्रमुख तेल क्षेत्र मुख्य रूप से असम राज्य में स्थित हैं। डिगबोई, नाहरकटिया और मोरान जैसे क्षेत्र असम में महत्वपूर्ण तेल उत्पादक क्षेत्र हैं। ये क्षेत्र भारत के खनिज तेल उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

प्रश्न 1 (ii)

निम्नलिखित में से किस स्थान पर पहला परमाणु ऊर्जा स्टेशन स्थापित किया गया था?
Solution: भारत का पहला परमाणु ऊर्जा स्टेशन महाराष्ट्र के तारापुर में स्थापित किया गया था। इसकी स्थापना 1969 में हुई थी और यह भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था।

प्रश्न 1 (iii)

निम्नलिखित में से कौन-सा खनिज भूरा हीरा के नाम से जाना जाता है?
Solution: लिग्नाइट खनिज को 'भूरा हीरा' के नाम से जाना जाता है। यह एक निम्न-श्रेणी का कोयला है जिसका रंग भूरा होता है और इसका उपयोग मुख्य रूप से बिजली उत्पादन में किया जाता है।

प्रश्न 1 (iv)

निम्नलिखित में कौन-सा ऊर्जा का अनवीकरणीय स्रोत है?
Solution: ऊर्जा के अनवीकरणीय स्रोतों में ताप (जीवाश्म ईंधन जैसे कोयला, पेट्रोलियम) शामिल है। ये स्रोत सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं और इनके बनने में लाखों वर्ष लगते हैं, इसलिए इनका उपयोग सावधानी से किया जाना चाहिए। जल, सौर और पवन ऊर्जा नवीकरणीय स्रोत हैं।

प्रश्न 2 (i)

भारत में अभ्रक के वितरण का विवरण दें।
Solution: भारत में अभ्रक का वितरण मुख्य रूप से तीन प्रमुख राज्यों में केंद्रित है: झारखंड, आंध्र प्रदेश और राजस्थान। झारखंड में, विशेष रूप से निचले हजारीबाग पठार क्षेत्र से उच्च गुणवत्ता वाले अभ्रक का उत्पादन होता है। आंध्र प्रदेश में, नेल्लोर जिले को सर्वोत्तम प्रकार के अभ्रक के उत्पादन के लिए जाना जाता है। राजस्थान भी अभ्रक का एक महत्वपूर्ण उत्पादक है। इसके अतिरिक्त, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी अभ्रक के कुछ भंडार पाए जाते हैं।

प्रश्न 2 (ii)

नाभिकीय ऊर्जा क्या है? भारत के प्रमुख नाभिकीय ऊर्जा केंद्रों के नाम लिखें।
Solution: नाभिकीय ऊर्जा वह ऊर्जा है जो रेडियोधर्मी पदार्थों जैसे यूरेनियम और थोरियम के परमाणुओं के नाभिक के विखंडन (fission) या संलयन (fusion) से प्राप्त होती है। भारत में यूरेनियम और थोरियम के पर्याप्त भंडार उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग नाभिकीय ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जाता है। भारत के प्रमुख नाभिकीय ऊर्जा केंद्र निम्नलिखित हैं:
  1. तारापुर (महाराष्ट्र)
  2. रावतभाटा (राजस्थान)
  3. कलपक्कम (तमिलनाडु)
  4. नरोरा (उत्तर प्रदेश)
  5. कैगा (कर्नाटक)
  6. काकरापारा (गुजरात)
ये केंद्र देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रश्न 2 (iii)

अलौह धातुओं के नाम बताएँ। उनके स्थानिक वितरण की विवेचना करें।
Solution: अलौह धातुएँ वे धातुएँ होती हैं जिनमें लोहे का अंश नहीं होता है। भारत में पाई जाने वाली प्रमुख अलौह धातुएँ बॉक्साइट, ताँबा, सोना और चाँदी हैं। स्थानिक वितरण:
  • बॉक्साइट: बॉक्साइट एल्यूमीनियम का अयस्क है। उड़ीसा भारत का सबसे बड़ा बॉक्साइट उत्पादक राज्य है। झारखंड, गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु भी बॉक्साइट के अन्य महत्वपूर्ण उत्पादक राज्य हैं।
  • ताँबा: ताँबा एक महत्वपूर्ण विद्युत सुचालक धातु है। यह मुख्य रूप से झारखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान राज्यों में पाया जाता है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु भी ताँबा के अन्य उत्पादक राज्य हैं।
  • सोना और चाँदी: ये कीमती धातुएँ भी भारत के विभिन्न क्षेत्रों में पाई जाती हैं, हालांकि इनके भंडार अपेक्षाकृत कम हैं।
इन अलौह धातुओं का वितरण देश के विभिन्न भूवैज्ञानिक क्षेत्रों में फैला हुआ है और ये विभिन्न उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण कच्चे माल प्रदान करती हैं।

प्रश्न 2 (iv)

ऊर्जा के अपारंपरिक स्रोत कौन-से हैं?
Solution: ऊर्जा के अपारंपरिक स्रोत वे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत हैं जो सतत पोषणीय हैं और पर्यावरण के अनुकूल हैं। ये स्रोत सीमित नहीं हैं और इनका उपयोग भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी किया जा सकता है। प्रमुख अपारंपरिक ऊर्जा स्रोत निम्नलिखित हैं:
  • सौर ऊर्जा (सूर्य से प्राप्त)
  • पवन ऊर्जा (हवा से प्राप्त)
  • जल ऊर्जा (बहते पानी से प्राप्त)
  • ज्वारीय तथा तरंग ऊर्जा (समुद्री लहरों से प्राप्त)
  • भूतापीय ऊर्जा (पृथ्वी की आंतरिक गर्मी से प्राप्त)
  • जैव ऊर्जा (जैविक पदार्थों से प्राप्त)
ये स्रोत पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करते हैं, प्रदूषण घटाते हैं और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करते हैं। ये अक्सर कम खर्चीले और टिकाऊ भी होते हैं।

प्रश्न 3 (i)

भारत के पेट्रोलियम संसाधनों पर विस्तृत टिप्पणी लिखें।
Solution: भारत में खनिज तेल (पेट्रोलियम) का व्यवस्थित अन्वेषण और उत्पादन 1956 में तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग (ONGC) की स्थापना के बाद प्रारंभ हुआ। इससे पहले, असम का डिगबोई एकमात्र प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्र था, जहाँ 1857 में पहला तेल कुआँ खोदा गया था। हाल के वर्षों में, देश के पश्चिमी और पूर्वी तटों पर तेल के नए भंडार मिले हैं। प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्र:
  • असम: डिगबोई, नाहरकटिया और मोरान प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्र हैं।
  • गुजरात: अंकलेश्वर, कालोल, मेहसाणा, नवागाम, कोसांबा और लुनेज यहाँ के प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्र हैं।
  • अपतटीय क्षेत्र: मुंबई हाई, जो अरब सागर में मुंबई से लगभग 160 किलोमीटर दूर स्थित है, 1976 से उत्पादन कर रहा है और यह भारत का सबसे बड़ा तेल उत्पादक क्षेत्र है।
  • पूर्वी तट: तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग को पूर्वी तट पर कृष्णा-गोदावरी और कावेरी बेसिनों में भी तेल के भंडार मिले हैं।
कच्चे तेल को शोधित करने की आवश्यकता होती है क्योंकि इसमें कई अशुद्धियाँ होती हैं। भारत में दो प्रकार के तेलशोधक कारखाने (रिफाइनरीज) हैं: क्षेत्र आधारित (जैसे डिगबोई) और बाजार आधारित (जैसे बरौनी)। वर्तमान में भारत में कुल 18 परिष्करण शालाएँ (रिफाइनरीज) कार्यरत हैं। खनिज तेल के शोधन से पेट्रोल, डीजल, केरोसिन जैसे महत्वपूर्ण पेट्रोलियम उत्पाद प्राप्त होते हैं, जिनका उपयोग मोटर वाहनों, रेलवे, वायुयानों और उद्योगों में ऊर्जा स्रोत के रूप में किया जाता है।

Common mistakes

  • खनिजों और ऊर्जा स्रोतों के वितरण में राज्यों के नाम गलत करना।
  • नवीकरणीय और अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के बीच भ्रमित होना।
  • नाभिकीय ऊर्जा की परिभाषा को गलत समझना।
  • पेट्रोलियम अन्वेषण और उत्पादन के ऐतिहासिक संदर्भ को भूल जाना।

Revision tips

  • भारत के नक्शे पर प्रमुख खनिज और ऊर्जा स्रोतों के स्थानों को चिह्नित करें।
  • नवीकरणीय और अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की सूची बनाकर उनके अंतर को समझें।
  • नाभिकीय ऊर्जा से संबंधित प्रमुख शब्दों (जैसे यूरेनियम, थोरियम) को याद करें।
  • पेट्रोलियम संसाधनों पर विस्तृत टिप्पणी के मुख्य बिंदुओं को सारांशित करें।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से किस राज्य में भारत का प्रमुख तेल क्षेत्र स्थित है?

Q2. भारत में पहला परमाणु ऊर्जा स्टेशन किस स्थान पर स्थापित किया गया था?

Q3. कौन सा खनिज 'भूरा हीरा' के नाम से जाना जाता है?

Q4. निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का अनवीकरणीय स्रोत है?

Q5. भारत में सर्वोत्तम प्रकार के अभ्रक का उत्पादन किन क्षेत्रों में होता है?

Frequently asked questions

कक्षा 12 भूगोल के अध्याय 7 में किन मुख्य खनिजों और ऊर्जा स्रोतों पर चर्चा की गई है?

इस अध्याय में मुख्य रूप से खनिज तेल, अभ्रक, अलौह धातुएँ (जैसे बॉक्साइट, ताँबा) और ऊर्जा के विभिन्न स्रोत जैसे नाभिकीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल ऊर्जा आदि पर चर्चा की गई है।

भारत में अभ्रक का वितरण कहाँ-कहाँ पाया जाता है?

भारत में अभ्रक मुख्य रूप से झारखंड, आंध्र प्रदेश और राजस्थान में पाया जाता है। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी इसका उत्पादन होता है।

नाभिकीय ऊर्जा क्या है और भारत के प्रमुख नाभिकीय ऊर्जा केंद्र कौन से हैं?

नाभिकीय ऊर्जा रेडियोधर्मी पदार्थों जैसे यूरेनियम व थोरियम के संलयन से प्राप्त होती है। भारत के प्रमुख नाभिकीय ऊर्जा केंद्र तारापुर (महाराष्ट्र), रावतभाटा (राजस्थान), कलपक्कम (तमिलनाडु), नरोरा (उत्तर प्रदेश), कैगा (कर्नाटक) और काकरापारा (गुजरात) हैं।

ऊर्जा के अपारंपरिक स्रोत कौन से हैं और वे क्यों महत्वपूर्ण हैं?

ऊर्जा के अपारंपरिक स्रोत नवीकरणीय और पर्यावरण के अनुकूल होते हैं, जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा आदि। ये सतत पोषणीय विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।

भारत के पेट्रोलियम संसाधनों पर विस्तृत टिप्पणी में किन मुख्य बिंदुओं को शामिल किया गया है?

इसमें भारत में खनिज तेल के अन्वेषण और उत्पादन की शुरुआत, प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्रों (जैसे असम, गुजरात, मुंबई हाई), अपतटीय क्षेत्रों में तेल की खोज, और तेल शोधन कारखानों (रिफाइनरीज) के प्रकारों का वर्णन शामिल है।

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