कक्षा 12 भूगोल: भारत के संदर्भ में नियोजन और सततपोषणीय विकास NCERT समाधान

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यह खंड कक्षा 12 के भूगोल के छात्रों के लिए "भारत के संदर्भ में नियोजन और सततपोषणीय विकास" अध्याय पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें क्षेत्रीय नियोजन, एकीकृत जनजातीय विकास कार्यक्रमों (ITDP), और इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र में सतत विकास की रणनीतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधान छात्रों को सूखा संभावित क्षेत्र कार्यक्रम की भूमिका और सतत विकास की अवधारणा को समझने में मदद करते हैं। यह विस्तृत उत्तर, स्पष्टीकरण और उदाहरण प्रदान करता है, जो छात्रों को परीक्षा की तैयारी और विषय की गहरी समझ के लिए आवश्यक हैं। ये समाधान छात्रों को नियोजन के विभिन्न आयामों और सतत विकास के महत्व को समझने में सहायता करते हैं, जिससे वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectभारत लोग और अर्थव्यवस्था (भूगोल)
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter9. भारत के संदर्भ में नियोजन और सततपोषणीय विकास

Chapter summary

यह अध्याय भारत में नियोजन और सततपोषणीय विकास की अवधारणाओं पर केंद्रित है। इसमें क्षेत्रीय नियोजन के महत्व, एकीकृत जनजातीय विकास कार्यक्रमों (ITDP) के सामाजिक लाभों, और इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र में सतत विकास को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा की गई है। समाधान सूखा संभावित क्षेत्र कार्यक्रम की भूमिका और सतत विकास की परिभाषा को भी स्पष्ट करते हैं। यह छात्रों को भारत के विकास संबंधी मुद्दों और उनके समाधानों की समझ प्रदान करता है।

Learning outcomes

  • क्षेत्रीय नियोजन के उद्देश्य को समझना।
  • एकीकृत जनजातीय विकास कार्यक्रम (ITDP) के सामाजिक लाभों की पहचान करना।
  • सतत पोषणीय विकास की संकल्पना को परिभाषित करना।
  • इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र में सतत विकास को बढ़ावा देने के उपायों का विश्लेषण करना।
  • सूखा संभावित क्षेत्र कार्यक्रम की भूमिका और महत्व को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • क्षेत्रीय नियोजन
  • एकीकृत जनजातीय विकास कार्यक्रम (ITDP)
  • सतत पोषणीय विकास
  • इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र
  • सूखा संभावित क्षेत्र कार्यक्रम
  • विकास की रणनीतियाँ
  • पारिस्थितिकीय संतुलन
  • जल प्रबंधन
  • कृषि विकास
  • जनसांख्यिकीय परिवर्तन

Important topics

  • सतत पोषणीय विकास की संकल्पना
  • इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र में सतत विकास
  • सूखा संभावित क्षेत्र कार्यक्रम
  • एकीकृत जनजातीय विकास कार्यक्रम (ITDP) के लाभ
  • क्षेत्रीय नियोजन का महत्व

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Questions and Solutions

प्रश्न 1 (i)

नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए: प्रदेशीय नियोजन का संबंध है
उत्तर: (ख) क्षेत्र विशेष के विकास का उपागम स्पष्टीकरण: प्रदेशीय नियोजन का अर्थ है किसी विशेष क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकताओं, समस्याओं और संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उसके विकास के लिए योजना बनाना। यह उपागम केवल आर्थिक विकास के विभिन्न सेक्टरों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, एक परिभाषित भौगोलिक क्षेत्र के समग्र विकास पर जोर देता है।

प्रश्न 1 (ii)

नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए: आई॰टी॰डी॰पी॰ निम्नलिखित में से किस संदर्भ में वर्णित है?
उत्तर: (ग) समन्वित जनजातीय विकास प्रोग्राम स्पष्टीकरण: आई॰टी॰डी॰पी॰ का पूरा नाम इंटीग्रेटेड ट्राइबल डेवलपमेंट प्रोग्राम (Integrated Tribal Development Programme) है, जिसे हिंदी में समन्वित जनजातीय विकास कार्यक्रम कहा जाता है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए चलाया जाता है।

प्रश्न 1 (iii)

नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए: इंदिरा गाँधी नहर कमान क्षेत्र में सतत पोषणीय विकास के लिए इनमें से कौन-सा सबसे महत्त्वपूर्ण कारक है
उत्तर: (क) कृषि विकास स्पष्टीकरण: इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र में कृषि का विस्तार एक प्रमुख विकास कारक रहा है। हालाँकि, सतत पोषणीय विकास के लिए पारितंत्र-विकास और जल प्रबंधन भी महत्वपूर्ण हैं, लेकिन कृषि विकास ने इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को सीधे तौर पर प्रभावित किया है और इसे बनाए रखने के लिए सतत तरीकों को अपनाना आवश्यक है।

प्रश्न 2 (i)

भरमौर जनजातीय क्षेत्र में समन्वित जनजातीय विकास कार्यक्रम के सामाजिक लाभ क्या हैं? अपने उत्तर को लगभग 30 शब्दों में दें।
उत्तर: भरमौर जनजातीय क्षेत्र में समन्वित जनजातीय विकास कार्यक्रम (ITDP) के लागू होने से सामाजिक लाभों में साक्षरता दर, विशेषकर स्त्री साक्षरता दर में उल्लेखनीय वृद्धि (1971 में 1.88% से 2001 में 42.83%) हुई है। इसके अतिरिक्त, लिंग अनुपात में सुधार और बाल-विवाह में कमी जैसे सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन भी देखे गए हैं।

प्रश्न 2 (ii)

सतत पोषणीय विकास की संकल्पना को परिभाषित करें। अपने उत्तर को लगभग 30 शब्दों में दें।
उत्तर: सतत पोषणीय विकास एक ऐसा विकास है जो भविष्य की पीढ़ियों की अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता से समझौता किए बिना वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करता है। यह संकल्पना विश्व पर्यावरण और विकास आयोग (WECD) द्वारा 1987 में 'अवर कॉमन फ्यूचर' रिपोर्ट में दी गई थी।

प्रश्न 2 (iii)

इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र का सिंचाई पर क्या सकारात्मक प्रभाव पड़ा? अपने उत्तर को लगभग 30 शब्दों में दें।
उत्तर: इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र में सिंचाई के विस्तार से बोए गए क्षेत्र में वृद्धि हुई है और फसलों की सघनता बढ़ी है। पारंपरिक फसलों जैसे चना, बाजरा की जगह अब गेहूँ, कपास, मूंगफली और चावल जैसी अधिक सघन सिंचाई वाली फसलें उगाई जा रही हैं।

प्रश्न 3 (i)

सूखा संभावी क्षेत्र कार्यक्रम पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें। यह कार्यक्रम देश में शुष्क भूमि कृषि विकास में कैसे सहायक है? अपने उत्तर को लगभग 150 शब्दों में दें।
उत्तर: सूखा संभावी क्षेत्र कार्यक्रम (Drought Prone Area Programme - DPAP) चौथी पंचवर्षीय योजना में शुरू किया गया था। इसका प्रारंभिक उद्देश्य सूखा प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार सृजन करना और सूखे के प्रभाव को कम करने के लिए उत्पादन के साधनों का विकास करना था। समय के साथ, इस कार्यक्रम का ध्यान सिंचाई परियोजनाओं, भूमि विकास, वनीकरण, चरागाह विकास और ग्रामीण अवसंरचना (जैसे बिजली, सड़क, बाजार, ऋण सुविधा) पर केंद्रित हो गया है। यह कार्यक्रम शुष्क भूमि कृषि विकास में समन्वित जल संभर विकास (Integrated Watershed Development) को अपनाकर सहायता करता है। इसमें जल, मिट्टी, पौधों, मानव और पशुओं के बीच पारिस्थितिकीय संतुलन स्थापित करने पर जोर दिया जाता है। योजना आयोग ने 1967 में 67 जिलों को सूखा संभावित घोषित किया था, जो राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु के शुष्क और अर्ध-शुष्क भागों में फैले हैं। पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के कुछ क्षेत्र सिंचाई के कारण सूखे के प्रभाव से बच गए हैं।

प्रश्न 3 (ii)

इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र में सतत पोषणीय विकास को बढ़ावा देने के लिए उपाय सुझाएँ। अपने उत्तर को लगभग 150 शब्दों में दें।
उत्तर: इंदिरा गांधी नहर, जो विश्व के सबसे बड़े नहर तंत्रों में से एक है, राजस्थान के थार मरुस्थल के एक बड़े क्षेत्र को सिंचित करती है। इस क्षेत्र में सतत पोषणीय विकास को बढ़ावा देने के लिए निम्नलिखित उपाय सुझाए गए हैं:
  1. कठोर जल प्रबंधन: फसल संरक्षण, सिंचाई और चरागाह विकास के लिए जल प्रबंधन नीति का सख्ती से कार्यान्वयन आवश्यक है ताकि पानी का दुरुपयोग न हो।
  2. फसल विविधीकरण: जल-सघन फसलों के बजाय, बागाती कृषि को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जैसे खट्टे फलों की खेती, जो कम पानी में भी संभव है।
  3. पारिस्थितिकीय संतुलन: नहर के जल का कुशल उपयोग सुनिश्चित करने के साथ-साथ, क्षेत्र के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने और पुनर्स्थापित करने पर ध्यान देना चाहिए। इसमें वनीकरण और चरागाह विकास शामिल हो सकते हैं।
  4. भूमि उपयोग योजना: भूमि का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना ताकि मृदा अपरदन और लवणीकरण जैसी समस्याएं उत्पन्न न हों।
  5. सामुदायिक भागीदारी: स्थानीय समुदायों को विकास प्रक्रियाओं में शामिल करना ताकि वे स्थायी प्रथाओं को अपनाएं और उनका संरक्षण करें।
इन उपायों से न केवल कृषि उत्पादकता बढ़ेगी बल्कि पर्यावरण की रक्षा भी होगी और भविष्य की पीढ़ियों के लिए संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।

Common mistakes

  • क्षेत्रीय नियोजन और सामान्य आर्थिक नियोजन के बीच अंतर को समझने में भ्रम।
  • सतत पोषणीय विकास के वास्तविक अर्थ को सतही तौर पर समझना।
  • इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र में विकास की चुनौतियों को कम आंकना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को मुख्य बिंदुओं में सारांशित करें।
  • नियोजन और सतत विकास से संबंधित प्रमुख कार्यक्रमों और नीतियों को सूचीबद्ध करें।
  • इंदिरा गांधी नहर और सूखा संभावित क्षेत्र जैसे केस स्टडीज पर विशेष ध्यान दें।
  • सतत विकास की परिभाषा और उसके महत्व को याद रखें।

Practice MCQs

Q1. क्षेत्रीय नियोजन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

Q2. आई॰टी॰डी॰पी॰ का पूर्ण रूप क्या है?

Q3. इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र में सतत पोषणीय विकास के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण कारक कौन सा है?

Q4. भरमौर जनजातीय क्षेत्र में समन्वित जनजातीय विकास कार्यक्रम का एक सामाजिक लाभ क्या है?

Q5. सतत पोषणीय विकास की संकल्पना को किस रिपोर्ट में परिभाषित किया गया था?

Frequently asked questions

कक्षा 12 भूगोल में "भारत के संदर्भ में नियोजन और सततपोषणीय विकास" अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है?

यह अध्याय भारत के विकास की रणनीतियों, क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने के प्रयासों और पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास को संतुलित करने की आवश्यकता को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

क्षेत्रीय नियोजन से आप क्या समझते हैं?

क्षेत्रीय नियोजन एक उपागम है जिसका उद्देश्य किसी क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकताओं, संसाधनों और संभावनाओं के अनुसार विकास की योजना बनाना और उसे लागू करना है।

ITDP का मुख्य उद्देश्य क्या है?

ITDP (एकीकृत जनजातीय विकास कार्यक्रम) का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देना, उनकी साक्षरता दर बढ़ाना और जीवन स्तर में सुधार करना है।

सतत पोषणीय विकास का क्या अर्थ है?

सतत पोषणीय विकास का अर्थ है ऐसा विकास जो भविष्य की पीढ़ियों की अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता से समझौता किए बिना वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करता है।

इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र में सतत विकास के लिए क्या उपाय सुझाए गए हैं?

उपायों में कठोर जल प्रबंधन नीति, जल-सघन फसलों के स्थान पर बागाती कृषि को बढ़ावा देना, और पारिस्थितिकीय संतुलन को पुनः स्थापित करना शामिल है।

सूखा संभावित क्षेत्र कार्यक्रम का क्या लक्ष्य है?

इस कार्यक्रम का लक्ष्य सूखा संभावित क्षेत्रों में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना, सूखे के प्रभाव को कम करना और उत्पादन के साधनों को विकसित करना है।

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