कक्षा 12 आरोह पाठ 13: धर्मवीर भारती NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 12 के हिंदी आरोह पाठ 13, 'धर्मवीर भारती' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह समाधान पाठ में वर्णित वर्षा की कमी, पारंपरिक जल-प्रबंधन प्रथाओं और सामाजिक विश्वासों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नों की पड़ताल करते हैं। इसमें 'मेढक-मंडली' और 'इंदर सेना' के प्रतीकात्मक अर्थ, जीजी द्वारा पानी फेंकने के कृत्य का औचित्य, और गुड़धानी की माँग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा शामिल है। समाधान कृषि समाज में आषाढ़ माह के महत्व और बैलों के प्यासे रहने के प्रतीकात्मक अर्थ को भी स्पष्ट करते हैं। यह पृष्ठ छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | आरोह |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 13. धर्मवीर भारती |
Chapter summary
कक्षा 12 के हिंदी आरोह पाठ 13 के ये NCERT समाधान धर्मवीर भारती द्वारा लिखित पाठ पर आधारित हैं। ये समाधान वर्षा की कमी के समय बच्चों द्वारा 'इंदर सेना' के रूप में पानी माँगने की परंपरा, 'मेढक-मंडली' नामकरण के पीछे के सामाजिक कारणों, और दान तथा त्याग के महत्व पर प्रकाश डालते हैं। इसमें जीजी के तर्कों, गुड़धानी की माँग के प्रतीकात्मक अर्थ, और कृषि समाज में बैलों के महत्व जैसे बिंदुओं को समझाया गया है। समाधान छात्रों को पाठ के सांस्कृतिक और सामाजिक संदर्भों को समझने में मदद करते हैं।
Learning outcomes
- पाठ में वर्णित पारंपरिक जल-प्रबंधन प्रथाओं को समझना।
- बच्चों द्वारा 'इंदर सेना' के रूप में पानी माँगने के सामाजिक और सांस्कृतिक कारणों का विश्लेषण करना।
- जीजी के तर्कों और त्याग के महत्व को समझना।
- कृषि समाज में वर्षा और फसलों के महत्व का मूल्यांकन करना।
- पाठ के प्रतीकात्मक अर्थों और संदेशों की व्याख्या करना।
Topics covered
Paper topics
- मेढक-मंडली और इंदर सेना
- पारंपरिक जल-प्रबंधन
- अनावृष्टि और वर्षा की माँग
- दान और त्याग का महत्व
- जीजी के तर्क
- गुड़धानी का प्रतीकात्मक अर्थ
- कृषि समाज और बैलों का महत्व
- गंगा नदी का सांस्कृतिक महत्व
- भावना-शक्ति और बुद्धि का संबंध
- सामूहिक प्रयास और युवा प्रेरणा
- आषाढ़ माह का महत्व
- धर्मवीर भारती की लेखन शैली
Important topics
- मेढक-मंडली और इंदर सेना का प्रतीकात्मक अर्थ
- पारंपरिक जल-प्रबंधन और वर्षा की माँग
- दान, त्याग और जीजी के तर्क
- कृषि समाज में वर्षा और फसलों का महत्व
- गंगा नदी का सांस्कृतिक महत्व
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
गाँव में जब अनावृष्टि (सूखा) होती थी, तो बच्चे और किशोर मिलकर एक टोली बनाते थे। वे गली-गली घूमकर लोगों से पानी माँगते थे। जब लोग उन पर पानी डालते थे, तो वे खुशी से मिट्टी और कीचड़ में लोट-पोट हो जाते थे। गाँव के कुछ बड़े-बुजुर्गों को बच्चों का इस तरह नंग-धड़ंग होकर कीचड़ में खेलना अच्छा नहीं लगता था। वे इसे गँवारपन और अंधविश्वास मानते थे, इसलिए उन्होंने इस टोली को 'मेढक-मंडली' नाम दिया था।
दूसरी ओर, बच्चों का मानना था कि वे इंद्र देवता की सेना के सैनिक हैं। वे इंद्र देवता के लिए ही लोगों से पानी का दान माँग रहे थे, ताकि इंद्र देवता प्रसन्न होकर वर्षा करें। इसी विश्वास के कारण वे स्वयं को 'इंदर सेना' कहकर बुलाते थे।
प्रश्न 2
जीजी ने इंदर सेना पर पानी फेंके जाने के कृत्य को कई तर्कों से सही ठहराया:
- त्याग और दान की महत्ता: जीजी ने ऋषि-मुनियों के हवाले से कहा कि दान सबसे ऊँचा कर्म है। अपनी आवश्यकता को भूलकर दूसरों को कुछ देना ही त्याग है। कुछ पाने के लिए कुछ देना पड़ता है, यहाँ तक कि देवताओं से कुछ माँगने से पहले भी उन्हें दान देना पड़ता है।
- इंद्रदेव को जल का अर्ध्य चढ़ाना: उनके अनुसार, इंदर सेना पर पानी फेंकना पानी की बर्बादी नहीं थी, बल्कि इंद्रदेव को जल का अर्ध्य (जल चढ़ावा) चढ़ाना था। ऐसा करके वे इंद्रदेव को प्रसन्न करना चाहते थे ताकि वे धरती पर वर्षा करें।
- पानी की बुवाई करना: जीजी ने इस क्रिया की तुलना किसान द्वारा फसल उगाने के लिए बीज बोने से की। जैसे किसान अच्छे बीज दान करके बुवाई करता है, वैसे ही पानी वाले बादलों की फसल (वर्षा) पाने के लिए इंदर सेना पर पानी डालकर 'पानी की बुवाई' की जा रही थी।
प्रश्न 3
'गुड़धानी' अनाज और गुड़ के मिश्रण को कहते हैं। इस संदर्भ में, गुड़धानी का तात्पर्य अच्छी और भरपूर फसल से है। भारत की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है। अच्छी वर्षा होने पर ही अच्छी फसल की उम्मीद की जा सकती है। इसलिए, पानी की माँग के साथ-साथ गुड़धानी (अच्छी फसल) की माँग भी की जा रही है। यह गुड़धानी प्रसन्नता, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक भी है, जो अच्छी फसल से ही संभव है।
प्रश्न 4
बैल भारतीय कृषि संस्कृति का एक अभिन्न अंग हैं, जिन्हें कृषि की रीढ़ की हड्डी माना जाता है। किसान खेतों की जुताई और अन्य कृषि कार्यों के लिए बैलों पर निर्भर रहते हैं। यदि बैल प्यासे रहेंगे, तो वे ठीक से काम नहीं कर पाएंगे, जिससे कृषि कार्य प्रभावित होगा। इसलिए, 'गगरी फूटी बैल पियासा' गीत में बैलों के प्यासे रहने की बात कृषि के संदर्भ में मुखरित हुई है। यह दर्शाता है कि जब तक बैल (और समग्र रूप से कृषि व्यवस्था) तृप्त नहीं होंगे, तब तक किसानों की मेहनत सफल नहीं होगी और धरती फसलों से समृद्ध नहीं होगी।
प्रश्न 5
इंदर सेना सबसे पहले गंगा मैया की जय इसलिए बोलती है क्योंकि भारतीय समाज और संस्कृति में गंगा नदी को अत्यंत पूजनीय माना जाता है। इसे केवल एक नदी नहीं, बल्कि माँ का दर्जा प्राप्त है और इसे जल का आदिम स्रोत माना जाता है। गंगा का भारतीय इतिहास में गहरा धार्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक महत्व है। भारतीयों के लिए गंगा का जल अमृत तुल्य है।
भारतीय संस्कृति में नदियों का महत्व बहुत अधिक है। मानव सभ्यता का विकास अक्सर नदियों के किनारे ही हुआ है। बड़े-बड़े शहर, तीर्थस्थान और सांस्कृतिक केंद्र नदियों के किनारे ही बसे हैं। नदियाँ जीवनदायिनी हैं और भारतीय जीवन शैली, परंपराओं और विश्वासों से गहराई से जुड़ी हुई हैं। इसी कारण, जल की माँग करने वाली इंदर सेना सबसे पहले अपनी माँ समान गंगा का स्मरण करती है और उसकी जय बोलती है।
प्रश्न 6
यह कथन लेखक और उसकी जीजी के रिश्ते के संदर्भ में बिल्कुल उचित है। लेखक अपनी जीजी से बहुत अधिक प्रेम करता था और उनका आदर करता था। जीजी कई ऐसे धार्मिक कार्य और आयोजन करवाती थीं जिन्हें लेखक स्वयं अंधविश्वास मानता था और तर्कहीन समझता था।
इसके बावजूद, जीजी के प्रति अपने अगाध प्रेम और भावनात्मक लगाव के कारण, लेखक बिना किसी तर्क के उन सभी कार्यों को पूरा कर देता था। यहाँ तक कि जब इंदर सेना पर पानी फेंकने जैसे मुद्दे पर लेखक के अपने तर्क थे, तब भी जीजी के प्रति उसकी भावनात्मक शक्ति (प्रेम और आदर) ने उसकी बुद्धि की शक्ति को कमजोर कर दिया। वह जीजी की बात मानने को विवश हो गया, भले ही वह उसके तार्किक विचारों के विरुद्ध था। इस प्रकार, रिश्तों में भावना-शक्ति का प्रबल होना कभी-कभी व्यक्ति की सत्य या तर्क की राह खोजने वाली बुद्धि को कमजोर कर देता है, जैसा कि लेखक के मामले में हुआ।
प्रश्न 7
हाँ, इंदर सेना निश्चित रूप से आज के युवा वर्ग के लिए एक प्रेरणास्रोत बन सकती है। इंदर सेना का कार्य सामूहिक प्रयास और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। किसी भी सामाजिक समस्या का समाधान करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक होते हैं, और इंदर सेना यही दर्शाती है। भले ही उन्हें गाँव वालों की आलोचना का सामना करना पड़ता था, फिर भी वे अपने लक्ष्य (वर्षा प्राप्त करना) के प्रति साहस नहीं छोड़ते थे।
सामूहिक शक्ति से किसी भी आंदोलन या कार्य को सफल बनाया जा सकता है। इसके उदाहरण हमारे स्मृति-कोश में भरे पड़े हैं। जैसे:
- पर्यावरण संबंधी 'चिपको आंदोलन': जिसमें स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं और युवाओं ने पेड़ों को बचाने के लिए संगठित होकर पेड़ों से चिपककर अपनी जान की बाजी लगा दी थी।
- महात्मा गाँधी के विभिन्न आंदोलन: जैसे असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन आदि, जिनमें युवाओं और आम जनता की भागीदारी ने उन्हें सफल बनाया।
- आज भी कई युवा संगठन स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, शिक्षा जागरूकता, और आपदा राहत जैसे कार्यों में संगठित होकर महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
यह सभी उदाहरण दर्शाते हैं कि युवा जब संगठित होते हैं, तो वे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी और रचनात्मक कार्य कर सकते हैं, ठीक उसी तरह जैसे इंदर सेना ने अपनी परंपरा के माध्यम से किया।
प्रश्न 8
आषाढ़ का महीना भारतीय कृषि समाज के लिए विशेष उल्लास लेकर आता है क्योंकि यह वर्षा ऋतु का प्रतीक है। चैत्र और वैशाख जैसे महीने भले ही महत्वपूर्ण हों, लेकिन वे ग्रीष्म ऋतु के होते हैं और उनमें अक्सर सूखे की स्थिति बनी रहती है। आषाढ़ का महीना शुरू होते ही मानसून की पहली बौछारें पड़ने की उम्मीद जग जाती है।
किसानों के लिए वर्षा जीवनदायिनी होती है। अच्छी वर्षा से ही खेतों में बुवाई संभव होती है और फसलें लहलहाती हैं। आषाढ़ का महीना किसानों के मन में अच्छी और नई फसल की आशा जगाता है। यह महीना अधिकतम वर्षा का समय होता है, जो सूखी धरती को तृप्त करता है और कृषि चक्र को गति प्रदान करता है। इसलिए, आषाढ़ का आगमन किसानों में न केवल वर्षा की आशा, बल्कि अच्छी फसल की उम्मीद और उससे जुड़ी समृद्धि का उल्लास भी भर देता है।
Common mistakes
- पारंपरिक प्रथाओं को केवल अंधविश्वास मान लेना।
- प्रश्नों के प्रतीकात्मक अर्थों को समझने में चूक करना।
- कृषि और सामाजिक संदर्भों के बीच संबंध को नजरअंदाज करना।
Revision tips
- पाठ के मुख्य पात्रों (जैसे जीजी) और उनके तर्कों को समझें।
- 'मेढक-मंडली' और 'इंदर सेना' के प्रतीकात्मक अर्थों पर ध्यान दें।
- कृषि, वर्षा और सामाजिक परंपराओं के बीच संबंधों को याद करें।
- पाठ में दिए गए उदाहरणों और गीतों के महत्व को समझें।
Practice MCQs
Q1. लड़कों की टोली को 'मेढक-मंडली' नाम किस आधार पर दिया गया?
Explanation: गाँव के कुछ लोगों को लड़कों का नंग-धड़ंग होकर कीचड़ में लथपथ होना बुरा लगता था और वे इसे गँवारपन व अंधविश्वास समझते थे, इसलिए उन्होंने इस टोली को मेढक मंडली नाम दिया।
Q2. जीजी ने इंदर सेना पर पानी फेंकने को किस रूप में सही ठहराया?
Explanation: जीजी के अनुसार, इंदर सेना पर पानी फेंकना इंद्रदेव को जल का अर्ध्य चढ़ाना था ताकि वे प्रसन्न होकर धरती पर वर्षा करें।
Q3. पाठ में 'गुड़धानी' से क्या तात्पर्य है?
Explanation: यहाँ गुड़धानी से तात्पर्य अच्छी फसल से है, जो सीधे तौर पर अच्छी वर्षा और परिणामस्वरूप आने वाली खुशहाली का प्रतीक है।
Q4. 'गगरी फूटी बैल पियासा' गीत में बैलों के प्यासा रहने की बात क्यों मुखरित हुई है?
Explanation: बैल भारतीय कृषि संस्कृति की रीढ़ हैं और उनके प्यासे रहने का अर्थ है कि कृषि कार्य प्रभावित होगा, जो समाज के लिए चिंता का विषय है।
Q5. इंदर सेना सबसे पहले गंगा मैया की जय क्यों बोलती है?
Explanation: गंगा को भारतीय समाज-संस्कृति में माँ का दर्जा प्राप्त है और इसे जल का आदिम स्रोत माना जाता है, इसलिए इंदर सेना सबसे पहले गंगा मैया की जय बोलती है।
Frequently asked questions
कक्षा 12 के आरोह पाठ 13 में 'मेढक-मंडली' का क्या अर्थ है?
मेढक-मंडली उस टोली को कहा गया है जिसमें बच्चे अनावृष्टि के समय गली-गली घूमकर पानी माँगते थे। गाँव के कुछ लोग उनके इस कार्य को गँवारपन और अंधविश्वास मानते हुए उन्हें यह नाम देते थे।
जीजी ने इंदर सेना पर पानी फेंकने को सही क्यों ठहराया?
जीजी ने इसे इंद्रदेव को जल का अर्ध्य चढ़ाना बताया, जिससे प्रसन्न होकर वे धरती पर वर्षा करें। उन्होंने इसे त्याग और दान का महत्व भी बताया, जिसके बिना कुछ पाना संभव नहीं।
पाठ में 'गुड़धानी' की माँग क्यों की गई है?
गुड़धानी अच्छी फसल और खुशहाली का प्रतीक है। अच्छी वर्षा होने पर ही अच्छी फसल होती है, इसलिए पानी के साथ गुड़धानी की माँग की गई है।
बैलों के प्यासा रहने की बात क्यों महत्वपूर्ण है?
बैल भारतीय कृषि का आधार हैं। उनके प्यासे रहने का अर्थ है कि कृषि कार्य प्रभावित होगा, जिससे अन्न उत्पादन और समाज की खुशहाली पर असर पड़ेगा।
क्या इंदर सेना आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हो सकती है?
हाँ, इंदर सेना सामूहिक प्रयास और दृढ़ता का प्रतीक है। आज के युवा भी संगठित होकर समाजोपयोगी रचनात्मक कार्य कर सकते हैं, जैसे पर्यावरण संरक्षण या सामाजिक सुधार।
लेखक अपनी जीजी की बात क्यों मान लेता था?
लेखक अपनी जीजी से अगाध प्रेम और आदर करता था। इस भावनात्मक लगाव के कारण, भले ही वह जीजी के कार्यों को अंधविश्वास मानता था, फिर भी वह उनकी बात मानने को विवश हो जाता था।
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