कक्षा 12 भौतिकी: विद्युत धारा NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 'विद्युत धारा' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें ओम के नियम, प्रतिरोध, आंतरिक प्रतिरोध, सेल की टर्मिनल वोल्टता, और प्रतिरोधों के श्रेणी और समानांतर संयोजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। प्रत्येक प्रश्न को स्पष्ट रूप से समझाया गया है, जिसमें चरण-दर-चरण समाधान और आवश्यक सूत्र शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को विद्युत धारा की अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करेंगे।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectभौतिकी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter3. विद्युत धारा

Chapter summary

कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 3 'विद्युत धारा' के लिए NCERT समाधानों का यह संग्रह छात्रों को विद्युत परिपथों के विश्लेषण में मदद करता है। इसमें प्रतिरोधों के श्रेणी और समानांतर संयोजन, ओम का नियम, विद्युत वाहक बल (EMF), आंतरिक प्रतिरोध और टर्मिनल वोल्टता की गणना जैसे विषयों पर अभ्यास प्रश्न शामिल हैं। समाधानों में प्रत्येक चरण को स्पष्ट किया गया है, जिससे छात्रों को इन अवधारणाओं को समझने में आसानी होती है।

Learning outcomes

  • विद्युत वाहक बल (EMF) और आंतरिक प्रतिरोध के आधार पर अधिकतम धारा की गणना करना सीखें।
  • ओम के नियम का उपयोग करके किसी परिपथ में प्रतिरोधक का प्रतिरोध और सेल की टर्मिनल वोल्टता ज्ञात करें।
  • श्रेणी क्रम में जुड़े प्रतिरोधों के कुल प्रतिरोध की गणना करें।
  • श्रेणी क्रम में जुड़े प्रत्येक प्रतिरोधक के सिरों पर वोल्टता पात ज्ञात करें।
  • समानांतर क्रम में जुड़े प्रतिरोधों के कुल प्रतिरोध की गणना करें।
  • समानांतर क्रम में जुड़े प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रवाहित होने वाली धारा ज्ञात करें।

Topics covered

Paper topics

  • विद्युत धारा
  • विद्युत वाहक बल (EMF)
  • आंतरिक प्रतिरोध
  • ओम का नियम
  • प्रतिरोध
  • टर्मिनल वोल्टता
  • श्रेणी संयोजन
  • समानांतर संयोजन
  • परिपथ विश्लेषण

Important topics

  • प्रतिरोधों का श्रेणी और समानांतर संयोजन
  • विद्युत वाहक बल और टर्मिनल वोल्टता
  • अधिकतम धारा की गणना
  • ओम का नियम और उसके अनुप्रयोग

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

किसी कार की संचायक बैटरी का विद्युत वाहक बल 12 V है। यदि बैटरी का आन्तरिक प्रतिरोध 0.4 Ω हो, तो बैटरी से ली जाने वाली अधिकतम धारा का मान क्या है?
Solution:

प्रश्नानुसार, बैटरी का विद्युत वाहक बल (EMF) E = 12 \text{ V} है और बैटरी का आन्तरिक प्रतिरोध r = 0.4 \Omega है।

किसी परिपथ में प्रवाहित होने वाली धारा का सूत्र I = \frac{E}{R + r} होता है, जहाँ R बाहरी प्रतिरोध है।

बैटरी से ली जाने वाली अधिकतम धारा की स्थिति तब होती है जब बाहरी प्रतिरोध R = 0 होता है। इस स्थिति में, परिपथ का कुल प्रतिरोध केवल आंतरिक प्रतिरोध r के बराबर होता है।

इसलिए, अधिकतम धारा I_{\text{max}} की गणना निम्न प्रकार की जाती है:

I_{\text{max}} = \frac{E}{r}

मान रखने पर:

I_{\text{max}} = \frac{12 \text{ V}}{0.4 \Omega} = 30 \text{ A}

अतः, बैटरी से ली जाने वाली अधिकतम धारा 30 A है।

प्रश्न 2

10 V विद्युत वाहक बल वाली बैटरी जिसका आन्तरिक प्रतिरोध 3 Ω है, किसी प्रतिरोघक से संयोजित है। यदि परिपथ में धारा का मान 0.5 A हो, तो प्रतिरोघक का प्रतिरोघ क्या है? जब परिपथ बन्द हो तो सेल की टर्मिनल वोल्टता क्या होगी?
Solution:

प्रश्नानुसार, बैटरी का विद्युत वाहक बल E = 10 \text{ V} है, आंतरिक प्रतिरोध r = 3 \Omega है, और परिपथ में प्रवाहित धारा I = 0.5 \text{ A} है।

ओम के नियम के अनुसार, परिपथ में धारा का सूत्र है:

I = \frac{E}{R + r}

जहाँ R प्रतिरोधक का प्रतिरोध है।

दिए गए मानों को सूत्र में रखने पर:

0.5 = \frac{10}{R + 3}

समीकरण को हल करने पर:

R + 3 = \frac{10}{0.5} = 20

R = 20 - 3 = 17 \Omega

अतः, प्रतिरोधक का प्रतिरोध 17 \Omega है।

जब परिपथ बंद होता है, तो सेल की टर्मिनल वोल्टता (V) निम्न सूत्र से दी जाती है:

V = E - Ir

मान रखने पर:

V = 10 \text{ V} - (0.5 \text{ A} \times 3 \Omega) = 10 \text{ V} - 1.5 \text{ V} = 8.5 \text{ V}

अतः, जब परिपथ बंद है तो सेल की टर्मिनल वोल्टता 8.5 V होगी।

प्रश्न 3

(a) 1 Ω, 2 Ω और 3 Ω के तीन प्रतिरोध श्रेणी में संयोजित हैं। प्रतिरोधों के संयोजन का कुल प्रतिरोध क्या है?
  1. यदि प्रतिरोघों का संयोजन किस 12 V की बैटरी जिसका आन्तरिक प्रतिरोघ नगण्य है, से सम्बद्ध है, तो प्रत्येक प्रतिरोधक के सिरो पर वोल्टता ज्ञात कीजिए।
Solution:

(a) दिए गए प्रतिरोध R_1 = 1 \Omega, R_2 = 2 \Omega, और R_3 = 3 \Omega हैं।

जब प्रतिरोधक श्रेणी क्रम में संयोजित होते हैं, तो कुल प्रतिरोध (R_S) अलग-अलग प्रतिरोधों का योग होता है:

R_S = R_1 + R_2 + R_3

मान रखने पर:

R_S = 1 \Omega + 2 \Omega + 3 \Omega = 6 \Omega

अतः, प्रतिरोधों के संयोजन का कुल प्रतिरोध 6 \Omega है।

(b) संयोजन एक 12 V की बैटरी से जुड़ा है जिसका आंतरिक प्रतिरोध नगण्य है।

परिपथ में प्रवाहित कुल धारा (I) ओम के नियम से ज्ञात की जा सकती है:

I = \frac{V}{R_S}

जहाँ V बैटरी का वोल्टता है और R_S कुल प्रतिरोध है।

I = \frac{12 \text{ V}}{6 \Omega} = 2 \text{ A}

चूंकि प्रतिरोधक श्रेणी क्रम में हैं, प्रत्येक प्रतिरोधक से समान धारा प्रवाहित होगी, अर्थात I = 2 \text{ A}

अब, प्रत्येक प्रतिरोधक के सिरों पर वोल्टता पात (V_1, V_2, V_3) की गणना ओम के नियम (V = IR) का उपयोग करके की जा सकती है:

1 Ω प्रतिरोधक के सिरों पर वोल्टता पात:

V_1 = I \times R_1 = 2 \text{ A} \times 1 \Omega = 2 \text{ V}

2 Ω प्रतिरोधक के सिरों पर वोल्टता पात:

V_2 = I \times R_2 = 2 \text{ A} \times 2 \Omega = 4 \text{ V}

3 Ω प्रतिरोधक के सिरों पर वोल्टता पात:

V_3 = I \times R_3 = 2 \text{ A} \times 3 \Omega = 6 \text{ V}

अतः, 1 Ω प्रतिरोधक के सिरों पर 2 V, 2 Ω प्रतिरोधक के सिरों पर 4 V, और 3 Ω प्रतिरोधक के सिरों पर 6 V वोल्टता पात होगा।

प्रश्न 4

(a) 2 Ω, 4 Ω और 5 Ω के तीन प्रतिरोधक पार्श्व में संयोजित हैं। संयोजन का कुल प्रतिरोध क्या होगा?
  1. यदि संयोजन को 20 V के विद्युत वाहक बल की बैटरी जिसका आन्तरिक प्रतिरोध नगण्य है, से सम्बन्ध किया जाता है, तो प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रभावित होने वाली घारा तथा बैटरी से ली गई कुल घारा का मान ज्ञात कीजिए।
Solution:

दिए गए प्रतिरोधक समानांतर (पार्श्व) क्रम में संयोजित हैं: R_1 = 2 \Omega, R_2 = 4 \Omega, और R_3 = 5 \Omega

(a) समानांतर क्रम में संयोजित प्रतिरोधों के लिए, कुल प्रतिरोध (R_P) का व्युत्क्रम अलग-अलग प्रतिरोधों के व्युत्क्रमों के योग के बराबर होता है:

<\frac{1}{R_P} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} + \frac{1}{R_3}

मान रखने पर:

<\frac{1}{R_P} = \frac{1}{2 \Omega} + \frac{1}{4 \Omega} + \frac{1}{5 \Omega}

लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) लेकर हल करने पर:

<\frac{1}{R_P} = \frac{10 + 5 + 4}{20} = \frac{19}{20}

अतः, संयोजन का कुल प्रतिरोध होगा:

R_P = \frac{20}{19} \Omega

(b) संयोजन को 20 V की बैटरी से जोड़ा गया है जिसका आंतरिक प्रतिरोध नगण्य है। समानांतर क्रम में, प्रत्येक प्रतिरोधक पर वोल्टता समान रहती है और बैटरी के वोल्टता के बराबर होती है, अर्थात V = 20 \text{ V}

प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रवाहित धारा की गणना ओम के नियम (I = V/R) का उपयोग करके की जा सकती है:

प्रतिरोधक R_1 से प्रवाहित धारा (I_1):

I_1 = \frac{V}{R_1} = \frac{20 \text{ V}}{2 \Omega} = 10 \text{ A}

प्रतिरोधक R_2 से प्रवाहित धारा (I_2):

I_2 = \frac{V}{R_2} = \frac{20 \text{ V}}{4 \Omega} = 5 \text{ A}

प्रतिरोधक R_3 से प्रवाहित धारा (I_3):

I_3 = \frac{V}{R_3} = \frac{20 \text{ V}}{5 \Omega} = 4 \text{ A}

बैटरी से ली गई कुल धारा (I_{\text{total}}) सभी अलग-अलग धाराओं का योग होती है:

I_{\text{total}} = I_1 + I_2 + I_3

I_{\text{total}} = 10 \text{ A} + 5 \text{ A} + 4 \text{ A} = 19 \text{ A}

वैकल्पिक रूप से, कुल धारा की गणना कुल प्रतिरोध का उपयोग करके भी की जा सकती है: I_{\text{total}} = \frac{V}{R_P} = \frac{20 \text{ V}}{20/19 \Omega} = 20 \times \frac{19}{20} = 19 \text{ A}

अतः, प्रत्येक प्रतिरोधक से क्रमशः 10 A, 5 A, और 4 A धारा प्रवाहित होगी, और बैटरी से ली गई कुल धारा 19 A होगी।

Common mistakes

  • श्रेणी और समानांतर संयोजन के सूत्रों को आपस में मिला देना।
  • ओम के नियम (V=IR) और टर्मिनल वोल्टता (V=E-Ir) के सूत्रों में अंतर न कर पाना।
  • श्रेणी क्रम में वोल्टता पात और समानांतर क्रम में धारा वितरण की सही गणना न कर पाना।
  • आंतरिक प्रतिरोध के प्रभाव को नजरअंदाज करना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के हल में दिए गए सूत्रों को ध्यान से समझें और उन्हें नोट करें।
  • श्रेणी और समानांतर संयोजन के बीच मुख्य अंतरों को याद रखें।
  • विद्युत वाहक बल, आंतरिक प्रतिरोध और टर्मिनल वोल्टता के बीच संबंध को समझें।
  • हल किए गए उदाहरणों को स्वयं हल करने का प्रयास करें।

Practice MCQs

Q1. किसी कार की संचायक बैटरी का विद्युत वाहक बल 12 V है और आंतरिक प्रतिरोध 0.4 Ω है। बैटरी से ली जाने वाली अधिकतम धारा क्या है?

Q2. 10 V विद्युत वाहक बल और 3 Ω आंतरिक प्रतिरोध वाली बैटरी से 0.5 A की धारा ली जाती है। प्रतिरोधक का प्रतिरोध क्या है?

Q3. 1 Ω, 2 Ω और 3 Ω के तीन प्रतिरोध श्रेणी में जुड़े हैं। कुल प्रतिरोध क्या है?

Q4. 1 Ω, 2 Ω और 3 Ω के प्रतिरोध श्रेणी में 12 V बैटरी से जुड़े हैं। 3 Ω प्रतिरोधक के सिरों पर वोल्टता पात क्या है?

Q5. 2 Ω, 4 Ω और 5 Ω के तीन प्रतिरोधक समानांतर में जुड़े हैं। संयोजन का कुल प्रतिरोध क्या है?

Frequently asked questions

कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 'विद्युत धारा' में कौन से मुख्य विषय शामिल हैं?

इस अध्याय में विद्युत धारा, विद्युत वाहक बल (EMF), आंतरिक प्रतिरोध, ओम का नियम, प्रतिरोध, टर्मिनल वोल्टता, और प्रतिरोधों के श्रेणी व समानांतर संयोजन जैसे विषय शामिल हैं।

अधिकतम धारा की गणना कैसे की जाती है?

अधिकतम धारा तब प्राप्त होती है जब बाहरी प्रतिरोध शून्य होता है। इसकी गणना सूत्र I_max = E/r का उपयोग करके की जाती है, जहाँ E विद्युत वाहक बल और r आंतरिक प्रतिरोध है।

श्रेणी और समानांतर संयोजन में प्रतिरोधों के बीच क्या अंतर है?

श्रेणी संयोजन में, प्रतिरोधों को एक के बाद एक जोड़ा जाता है और कुल प्रतिरोध अलग-अलग प्रतिरोधों का योग होता है। समानांतर संयोजन में, प्रतिरोधों को एक साथ जोड़ा जाता है और कुल प्रतिरोध का व्युत्क्रम अलग-अलग प्रतिरोधों के व्युत्क्रमों का योग होता है।

सेल की टर्मिनल वोल्टता क्या होती है?

टर्मिनल वोल्टता वह वोल्टता होती है जो सेल के टर्मिनलों के बीच मापी जाती है जब परिपथ में धारा प्रवाहित हो रही होती है। इसकी गणना V = E - Ir सूत्र से की जाती है, जहाँ E विद्युत वाहक बल, I धारा और r आंतरिक प्रतिरोध है।

ये NCERT समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए विस्तृत, चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करने में मदद मिलती है।

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