कक्षा 12 गणित अध्याय 6 रैखिक प्रोग्रामन के लिए NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 12 गणित के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से अध्याय 6: रैखिक प्रोग्रामन पर केंद्रित है। इसमें रैखिक प्रोग्रामन समस्याओं को हल करने के लिए आवश्यक प्रमुख अवधारणाओं और विधियों को शामिल किया गया है, जिसमें उद्देश्य फलन को अधिकतम या न्यूनतम करना और विभिन्न बाधाओं (व्यवरोधों) के तहत इष्टतमीकरण करना शामिल है। समाधान ग्राफिक विधि का उपयोग करके समस्याओं को हल करने के चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिसमें सुसंगत क्षेत्र का निर्धारण और कोनीय बिंदुओं पर उद्देश्य फलन के मान की गणना करना शामिल है। ये समाधान छात्रों को रैखिक प्रोग्रामन की अवधारणाओं को समझने और परीक्षा की तैयारी के लिए अभ्यास करने में मदद करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | गणित-II |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 6 |
Chapter summary
कक्षा 12 गणित के अध्याय 6, रैखिक प्रोग्रामन के लिए NCERT समाधान, ग्राफिक विधि का उपयोग करके रैखिक प्रोग्रामन समस्याओं को हल करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। यह अध्याय उद्देश्य फलन के अधिकतम या न्यूनतम मान को खोजने के लिए व्यवरोधों के तहत इष्टतमीकरण की अवधारणाओं को स्पष्ट करता है। समाधानों में असमिकाओं को समीकरणों में बदलना, आलेख बनाना, सुसंगत बहुभुज ज्ञात करना और कोनीय बिंदुओं पर उद्देश्य फलन का मूल्यांकन करना शामिल है।
Learning outcomes
- रैखिक प्रोग्रामन समस्या की परिभाषा को समझना।
- उद्देश्य फलन और व्यवरोधों की पहचान करना।
- ग्राफिक विधि का उपयोग करके रैखिक प्रोग्रामन समस्याओं को हल करना।
- सुसंगत क्षेत्र और कोनीय बिंदुओं को निर्धारित करना।
- उद्देश्य फलन के अधिकतम और न्यूनतम मान ज्ञात करना।
Topics covered
Paper topics
- रैखिक प्रोग्रामन का परिचय
- उद्देश्य फलन
- व्यवरोध
- सुसंगत क्षेत्र
- कोनीय बिंदु
- ग्राफिक विधि
- अधिकतमीकरण
- न्यूनतमीकरण
- असमिकाएँ
- रैखिक समीकरण
- बहुभुज
- निर्देशांक ज्यामिति
Important topics
- रैखिक प्रोग्रामन समस्या का निरूपण
- ग्राफिक विधि से सुसंगत क्षेत्र ज्ञात करना
- कोनीय बिंदुओं की पहचान और गणना
- उद्देश्य फलन का इष्टतमीकरण
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
हमें दिए गए अवरोधों के अंतर्गत उद्देश्य फलन का अधिकतमीकरण करना है।
दिए गए अवरोध हैं:
हम इन असमिकाओं का ग्राफिक निरूपण करेंगे:
- असमिका के लिए, हम रेखा खींचते हैं। यह रेखा बिंदु (जब ) और (जब ) से होकर गुजरती है। मूल बिंदु को असमिका में रखने पर, जो सत्य है। इसलिए, का क्षेत्र रेखा और उसके नीचे मूल बिंदु की ओर का क्षेत्र है।
- असमिका का क्षेत्र y-अक्ष के दाईं ओर का क्षेत्र है, जिसमें y-अक्ष स्वयं भी शामिल है।
- असमिका का क्षेत्र x-अक्ष के ऊपर का क्षेत्र है, जिसमें x-अक्ष स्वयं भी शामिल है।
इन सभी अवरोधों से परिबद्ध क्षेत्र एक त्रिभुज है, जिसके कोनीय बिंदु (शीर्ष) , , और हैं।
अब हम इन कोनीय बिंदुओं पर उद्देश्य फलन का मान ज्ञात करेंगे:
| कोनीय बिंदु | का मान |
तालिका से स्पष्ट है कि Z का अधिकतम मान 16 है, जो बिंदु पर प्राप्त होता है।
उत्तर: Z का अधिकतम मान 16 है, जो पर प्राप्त होता है।
प्रश्न 2
, , , .
हमें दिए गए अवरोधों के अंतर्गत उद्देश्य फलन का न्यूनतमीकरण करना है।
दिए गए अवरोध हैं:
हम इन असमिकाओं का ग्राफिक निरूपण करेंगे:
- असमिका के लिए, हम रेखा खींचते हैं। यह रेखा बिंदु (जब ) और (जब ) से होकर गुजरती है। मूल बिंदु को असमिका में रखने पर, जो सत्य है। इसलिए, का क्षेत्र रेखा और उसके नीचे मूल बिंदु की ओर का क्षेत्र है।
- असमिका के लिए, हम रेखा खींचते हैं। यह रेखा बिंदु (जब ) और (जब ) से होकर गुजरती है। मूल बिंदु को असमिका में रखने पर, जो सत्य है। इसलिए, का क्षेत्र रेखा और उसके नीचे मूल बिंदु की ओर का क्षेत्र है।
- असमिका का क्षेत्र y-अक्ष के दाईं ओर का क्षेत्र है, जिसमें y-अक्ष स्वयं भी शामिल है।
- असमिका का क्षेत्र x-अक्ष के ऊपर का क्षेत्र है, जिसमें x-अक्ष स्वयं भी शामिल है।
इन सभी अवरोधों से परिबद्ध सुसंगत क्षेत्र एक बहुभुज है जिसके कोनीय बिंदु ज्ञात करने के लिए हमें रेखाओं और के प्रतिच्छेदन बिंदु की गणना करनी होगी।
रेखाओं को हल करने पर:
घटाने पर:
को में रखने पर:
अतः, प्रतिच्छेदन बिंदु है।
सुसंगत क्षेत्र के कोनीय बिंदु हैं: , (रेखा का x-अक्ष पर अंतःखंड), और । ध्यान दें कि बिंदु और सुसंगत क्षेत्र के बाहर हैं क्योंकि वे दूसरे अवरोध को संतुष्ट नहीं करते।
अब हम इन कोनीय बिंदुओं पर उद्देश्य फलन का मान ज्ञात करेंगे:
| कोनीय बिंदु | का मान |
तालिका से स्पष्ट है कि Z का न्यूनतम मान -12 है, जो बिंदु पर प्राप्त होता है।
उत्तर: Z का न्यूनतम मान -12 है, जो पर प्राप्त होता है।
Common mistakes
- असमिकाओं को सही ढंग से ग्राफिक रूप से निरूपित करने में त्रुटियाँ।
- सुसंगत क्षेत्र को गलत तरीके से पहचानना।
- कोनीय बिंदुओं की गणना में त्रुटियाँ।
- उद्देश्य फलन के अधिकतम या न्यूनतम मान की गलत व्याख्या।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के लिए ग्राफिक विधि के चरणों को फिर से देखें।
- सुसंगत क्षेत्र को सही ढंग से छायांकित करने का अभ्यास करें।
- सभी कोनीय बिंदुओं की गणना की जाँच करें।
- उद्देश्य फलन के मानों की तुलना करके अधिकतम/न्यूनतम मान निर्धारित करने का अभ्यास करें।
Practice MCQs
Q1. रैखिक प्रोग्रामन समस्या में, जिस फलन को अधिकतम या न्यूनतम किया जाना है, उसे क्या कहा जाता है?
Explanation: रैखिक प्रोग्रामन में, उद्देश्य फलन वह रैखिक फलन होता है जिसके मान को हमें अधिकतम या न्यूनतम करना होता है।
Q2. रैखिक प्रोग्रामन में, जिन प्रतिबन्धों के अन्तर्गत इष्टतमीकरण किया जाता है, उन्हें क्या कहते हैं?
Explanation: व्यवरोध वे रैखिक असमिकाएँ या समीकरण होते हैं जो समस्या में दी गई शर्तों को दर्शाते हैं।
Q3. ग्राफिक विधि में, सभी व्यवरोधों द्वारा परिबद्ध क्षेत्र को क्या कहा जाता है?
Explanation: सुसंगत क्षेत्र वह क्षेत्र होता है जो समस्या के सभी व्यवरोधों को संतुष्ट करता है।
Q4. रैखिक प्रोग्रामन समस्या के हल के लिए, उद्देश्य फलन का इष्टतम मान कहाँ पाया जाता है?
Explanation: रैखिक प्रोग्रामन प्रमेय के अनुसार, उद्देश्य फलन का इष्टतम मान (अधिकतम या न्यूनतम) हमेशा सुसंगत क्षेत्र के कोनीय बिंदुओं में से किसी एक पर प्राप्त होता है।
Q5. प्रश्न 1 में, उद्देश्य फलन Z = 3x + 4y का अधिकतम मान किस बिंदु पर प्राप्त होता है?
Explanation: प्रश्न 1 के हल के अनुसार, बिंदु B(0, 4) पर Z का मान 16 है, जो कि अधिकतम मान है।
Frequently asked questions
रैखिक प्रोग्रामन क्या है?
रैखिक प्रोग्रामन एक गणितीय विधि है जिसका उपयोग विभिन्न बाधाओं (व्यवरोधों) के अधीन एक रैखिक फलन (उद्देश्य फलन) के अधिकतम या न्यूनतम मान को खोजने के लिए किया जाता है।
इस अध्याय में किस विधि का उपयोग किया गया है?
इस अध्याय में रैखिक प्रोग्रामन समस्याओं को हल करने के लिए ग्राफिक विधि का उपयोग किया गया है।
उद्देश्य फलन और व्यवरोध में क्या अंतर है?
उद्देश्य फलन वह रैखिक फलन है जिसे हमें अधिकतम या न्यूनतम करना होता है, जबकि व्यवरोध वे रैखिक असमिकाएँ या समीकरण होते हैं जो समस्या की शर्तों को दर्शाते हैं।
सुसंगत क्षेत्र क्या होता है?
सुसंगत क्षेत्र वह क्षेत्र होता है जो समस्या के सभी व्यवरोधों को संतुष्ट करता है। यह ग्राफिक विधि में सभी बाधाओं को पूरा करने वाले संभावित हलों का प्रतिनिधित्व करता है।
कोनीय बिंदु क्यों महत्वपूर्ण हैं?
रैखिक प्रोग्रामन प्रमेय के अनुसार, उद्देश्य फलन का इष्टतम मान (अधिकतम या न्यूनतम) हमेशा सुसंगत क्षेत्र के कोनीय बिंदुओं में से किसी एक पर पाया जाता है।
ये समाधान छात्रों की मदद कैसे करते हैं?
ये समाधान छात्रों को रैखिक प्रोग्रामन की अवधारणाओं को समझने और ग्राफिक विधि का उपयोग करके समस्याओं को हल करने के चरणों को सीखने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।
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