CBSE Class 12 रसायन विज्ञान-II: ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल NCERT Solutions

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यह पृष्ठ CBSE कक्षा 12 रसायन विज्ञान-II के अध्याय 4, 'ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें पाठ्यनिहित प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं, जो छात्रों को विभिन्न कार्बनिक यौगिकों की संरचनाओं को समझने और महत्वपूर्ण रासायनिक अभिक्रियाओं के उत्पादों की पहचान करने में मदद करते हैं। समाधानों में प्रत्येक प्रश्न के लिए स्पष्टीकरण और चरण-दर-चरण प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा की तैयारी में सहायता मिलती है। यह संसाधन छात्रों को जटिल कार्बनिक रसायन विज्ञान की समस्याओं को हल करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करता है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectरसायन विज्ञान-II
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 4

Chapter summary

कक्षा 12 रसायन विज्ञान के अध्याय 4 के ये NCERT समाधान ऐल्डिहाइड, कीटोन और कार्बोक्सिलिक एसिड पर केंद्रित हैं। इसमें यौगिकों की संरचनाओं को लिखने और विभिन्न अभिकर्मकों का उपयोग करके होने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं के उत्पादों की पहचान करने से संबंधित प्रश्न शामिल हैं। समाधान विस्तृत चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को नामकरण, संरचनात्मक प्रतिनिधित्व और अभिक्रिया तंत्र को समझने में मदद मिलती है। यह अध्याय कार्बनिक रसायन विज्ञान की नींव बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।

Learning outcomes

  • विभिन्न ऐल्डिहाइड, कीटोन और कार्बोक्सिलिक एसिड की संरचनाओं को लिखने में सक्षम होना।
  • दिए गए IUPAC नामों से यौगिकों की संरचनाओं को चित्रित करना।
  • विभिन्न अभिकर्मकों के साथ ऐल्डिहाइड और कीटोन की अभिक्रियाओं के उत्पादों की भविष्यवाणी करना।
  • कार्बनिक अभिक्रियाओं में उत्प्रेरकों और अभिक्रिया स्थितियों की भूमिका को समझना।
  • कार्बोक्सिलिक एसिड से संबंधित अभिक्रियाओं के उत्पादों की पहचान करना।

Topics covered

Paper topics

  • ऐल्डिहाइड की संरचना
  • कीटोन की संरचना
  • कार्बोक्सिलिक एसिड की संरचना
  • α-मेथॉक्सीप्रोपिऑनऐल्डिहाइड
  • 2-हाइड्रॉक्सी साइक्लोपेन्टेन कार्बेल्डिहाइड
  • 3-हाइड्रॉक्सीब्यूटेनल
  • 4-ऑक्सोपेन्टेनल
  • डाइ-द्वितीयक ब्यूटिल कीटोन
  • 4-क्लोरोऐसीटोफीनॉन
  • कार्बनिक अभिक्रियाओं के उत्पाद
  • जलयोजन अभिक्रियाएँ
  • ऐल्काइनों का जलयोजन

Important topics

  • ऐल्डिहाइड, कीटोन और कार्बोक्सिलिक एसिड की संरचनाएँ
  • नामकरण से संरचना बनाना
  • ऐल्काइनों का जलयोजन (Hg2+/H2SO4)
  • कार्बनिक यौगिकों की अभिक्रियाएँ
  • क्रियात्मक समूहों की पहचान

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Questions and Solutions

प्रश्न 1. निम्न यौगिकों की संरचना लिखिए

1. α-मेथॉक्सीप्रोपिऑनऐल्डिहाइड

2. 2-हाइड्रॉक्सी साइक्लोपेन्टेन कार्बेल्डिहाइड

3. 3-हाइड्रॉक्सीब्यूटेनल

4. 4-ऑक्सोपेन्टेनल

5. डाइ-द्वितीयक ब्यूटिल कीटोन

6. 4-क्लोरोऐसीटोफीनॉन

Solution:
  1. α-मेथॉक्सीप्रोपिऑनऐल्डिहाइड: प्रोपिऑनऐल्डिहाइड में तीन कार्बन होते हैं, जिसमें पहला कार्बन कार्बोनिल समूह का होता है। α-कार्बन, कार्बोनिल कार्बन के बगल वाला कार्बन होता है। इस α-कार्बन पर मेथॉक्सी समूह (-OCH<sub>3</sub>) जुड़ा होता है। संरचना है:

    CH_3-CH(OCH_3)-CHO

  2. 2-हाइड्रॉक्सी साइक्लोपेन्टेन कार्बेल्डिहाइड: यह एक साइक्लोपेंटेन रिंग है जिसके एक कार्बन पर एल्डिहाइड समूह (-CHO) और उसी रिंग के दूसरे कार्बन पर हाइड्रॉक्सी समूह (-OH) जुड़ा हुआ है। संरचना है:

    \begin{pmatrix} \text{CHO} \end{pmatrix} \text{ (साइक्लोपेन्टेन रिंग पर)} \text{with -OH on adjacent carbon}

    (यहाँ रिंग संरचना को दर्शाना अधिक उपयुक्त होगा, जिसमें एक कार्बन पर -CHO और उसके निकटवर्ती कार्बन पर -OH समूह हो)।
  3. 3-हाइड्रॉक्सीब्यूटेनल: ब्यूटेनल में चार कार्बन होते हैं, जिसमें पहला कार्बन एल्डिहाइड समूह का होता है। तीसरे कार्बन पर हाइड्रॉक्सी समूह (-OH) जुड़ा होता है। संरचना है:

    CH_3-CH(OH)-CH_2-CHO

  4. 4-ऑक्सोपेन्टेनल: पेन्टेनल में पाँच कार्बन होते हैं, जिसमें पहला कार्बन एल्डिहाइड समूह का होता है। चौथे कार्बन पर ऑक्सो (कीटोन) समूह (=O) जुड़ा होता है। संरचना है:

    CH_3-CO-CH_2-CH_2-CHO

  5. डाइ-द्वितीयक ब्यूटिल कीटोन: इस कीटोन में कार्बोनिल समूह (C=O) दो द्वितीयक ब्यूटिल समूहों से जुड़ा होता है। द्वितीयक ब्यूटिल समूह का सूत्र CH_3-CH(CH_2CH_3)- होता है। संरचना है:

    CH_3-CH(CH_2CH_3)-CO-CH(CH_2CH_3)-CH_3

  6. 4-क्लोरोऐसीटोफीनॉन: ऐसीटोफीनॉन में एक फिनाइल रिंग और एक एसिटिल समूह (CH<sub>3</sub>CO-) होता है। फिनाइल रिंग के पैरा (चौथे) स्थान पर क्लोरीन परमाणु जुड़ा होता है। संरचना है:

    \begin{pmatrix} \text{Cl} \end{pmatrix} \text{ (फिनाइल रिंग पर पैरा स्थिति में)} \text{ - CO - CH}_3

प्रश्न 2. निम्न अभिक्रियाओं के उत्पादों की संरचना लिखिए

(i) CH_3-C \equiv C-H \xrightarrow{Hg^{2+}, H_2SO_4}

(ii) (C_6H_5CH_2)_2Cd + 2CH_3COCl \longrightarrow

(iii) C_6H_5CH_2Cl \xrightarrow{1. CrO_2Cl_2, CS_2} \xrightarrow{2. H_3O^+}

Solution:
  1. अभिक्रिया: CH_3-C \equiv C-H \xrightarrow{Hg^{2+}, H_2SO_4} यह प्रोपाइन का जलयोजन (hydration) है। मरक्यूरिक आयन (Hg<sup>2+</sup>) और सल्फ्यूरिक एसिड (H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub>) की उपस्थिति में एल्काइन का जलयोजन मुख्य रूप से कीटोन देता है। प्रोपाइन के जलयोजन से प्रोपेनोन (एसीटोन) बनता है।

    उत्पाद: प्रोपेनोन (एसीटोन)

    CH_3-CO-CH_3

  2. अभिक्रिया: (C_6H_5CH_2)_2Cd + 2CH_3COCl \longrightarrow यह ऑर्गेनोकैडमियम यौगिक की एसिल क्लोराइड के साथ अभिक्रिया है। डाइफेनिलएथिल कैडमियम (या बेंजाइल कैडमियम) की एसिटिल क्लोराइड (CH<sub>3</sub>COCl) के साथ अभिक्रिया से कीटोन बनता है। यहाँ, दो बेंजाइल समूह कैडमियम से जुड़े हैं और दो एसिटिल क्लोराइड अणु अभिक्रिया करते हैं।

    उत्पाद: 1,3-डाइफेनिलप्रोपेन-2-ओन (Dibenzyl ketone)

    C_6H_5CH_2-CO-CH_2C_6H_5

  3. अभिक्रिया: C_6H_5CH_2Cl \xrightarrow{1. CrO_2Cl_2, CS_2} \xrightarrow{2. H_3O^+} यह बेंजाइल क्लोराइड की क्रोमिल क्लोराइड (CrO<sub>2</sub>Cl<sub>2</sub>) के साथ अभिक्रिया है, जो एक एल्डिहाइड बनाने के लिए उपयोग की जाती है (Etard अभिक्रिया का एक रूपांतर)। पहले चरण में एक मध्यवर्ती बनता है, जिसका जल-अपघटन (hydrolysis) करने पर एल्डिहाइड प्राप्त होता है।

    उत्पाद: बेंजल्डिहाइड

    C_6H_5CHO

Common mistakes

  • नामकरण नियमों को गलत लागू करना, जिससे गलत संरचनाएँ बनती हैं।
  • अभिक्रियाओं में त्रिविम रसायन (stereochemistry) या त्रिविम समावयवता (isomerism) को अनदेखा करना।
  • अभिक्रियाओं के लिए आवश्यक निर्जल (anhydrous) या विशिष्ट अभिकर्मकों को भूल जाना।
  • जटिल अणुओं में क्रियात्मक समूहों (functional groups) की सही स्थिति निर्धारित करने में त्रुटि करना।

Revision tips

  • प्रत्येक यौगिक के लिए संरचना बनाने से पहले IUPAC नाम को ध्यान से पढ़ें और क्रियात्मक समूहों की पहचान करें।
  • अभिक्रियाओं के लिए उपयोग किए जाने वाले अभिकर्मकों और अभिक्रिया की स्थितियों (जैसे तापमान, उत्प्रेरक) को याद रखें।
  • अभिक्रियाओं के उत्पादों को चित्रित करने का अभ्यास करें, विशेष रूप से जहाँ नए क्रियात्मक समूह बनते हैं या बदलते हैं।
  • नामकरण और संरचना के बीच संबंध को मजबूत करने के लिए विभिन्न प्रकार के यौगिकों की संरचनाएँ बनाएँ।

Practice MCQs

Q1. α-मेथॉक्सीप्रोपिऑनऐल्डिहाइड की सही संरचना क्या है?

Q2. 3-हाइड्रॉक्सीब्यूटेनल में, हाइड्रॉक्सी समूह किस कार्बन पर स्थित है?

Q3. डाइ-द्वितीयक ब्यूटिल कीटोन का निर्माण किस प्रकार के अभिकर्मकों से होता है?

Q4. 4-क्लोरोऐसीटोफीनॉन में, क्लोरीन परमाणु किस स्थिति पर जुड़ा होता है?

Q5. जब प्रोपाइन (H3C-C≡C-H) का Hg2+ और H2SO4 की उपस्थिति में जलयोजन (hydration) होता है, तो मुख्य उत्पाद क्या बनता है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 12 के रसायन विज्ञान-II विषय के लिए है।

यह समाधान किस अध्याय को कवर करता है?

यह समाधान अध्याय 4, 'ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल' को कवर करता है।

समाधानों में किस प्रकार के प्रश्न शामिल हैं?

समाधानों में मुख्य रूप से कार्बनिक यौगिकों की संरचनाओं को लिखने और विभिन्न रासायनिक अभिक्रियाओं के उत्पादों की पहचान करने से संबंधित प्रश्न शामिल हैं।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी हैं?

हाँ, ये समाधान विस्तृत स्पष्टीकरण और चरण-दर-चरण प्रक्रियाएँ प्रदान करते हैं, जो छात्रों को अवधारणाओं को समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करते हैं।

क्या समाधानों में जटिल रासायनिक अभिक्रियाओं को समझाया गया है?

हाँ, समाधानों में विभिन्न अभिकर्मकों का उपयोग करके होने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं के उत्पादों को चित्रित करने के तरीके बताए गए हैं।

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