कक्षा 12 रसायन विज्ञान अध्याय 1: उपसहसंयोजन यौगिक NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 12 रसायन विज्ञान के अध्याय 1, उपसहसंयोजन यौगिकों के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें उपसहसंयोजन यौगिकों के सूत्र लिखने और उनके IUPAC नामकरण से संबंधित प्रश्नों को हल करने के तरीके शामिल हैं। समाधानों में धातु आयनों की ऑक्सीकरण अवस्था की गणना, लिगेंड की पहचान और यौगिकों के नामकरण के लिए IUPAC नियमों का अनुप्रयोग शामिल है। यह खंड छात्रों को उपसहसंयोजन यौगिकों की संरचना और नामकरण की गहरी समझ विकसित करने में मदद करता है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectरसायन विज्ञान-II
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 1

Chapter summary

कक्षा 12 रसायन विज्ञान के अध्याय 1, उपसहसंयोजन यौगिकों के लिए NCERT समाधान, उपसहसंयोजन यौगिकों के निर्माण और नामकरण पर केंद्रित हैं। यह खंड छात्रों को दिए गए नामों से यौगिकों के सूत्र लिखने और सूत्रों से IUPAC नामकरण करने का तरीका सिखाता है। इसमें धातु आयनों की ऑक्सीकरण अवस्थाओं की गणना और लिगेंड की पहचान जैसी प्रमुख अवधारणाओं को शामिल किया गया है।

Learning outcomes

  • उपसहसंयोजन यौगिकों के सूत्र लिखना सीखें।
  • दिए गए सूत्रों के लिए IUPAC नामकरण का अभ्यास करें।
  • धातु आयनों की ऑक्सीकरण अवस्थाओं की गणना करें।
  • लिगेंड की पहचान और नामकरण समझें।
  • उपसहसंयोजन यौगिकों के नामकरण के लिए IUPAC नियमों को लागू करें।

Topics covered

Paper topics

  • उपसहसंयोजन यौगिकों के सूत्र लिखना
  • उपसहसंयोजन यौगिकों का IUPAC नामकरण
  • धातु आयनों की ऑक्सीकरण अवस्था की गणना
  • लिगेंड की पहचान
  • संकुल आयन पर आवेश की गणना

Important topics

  • उपसहसंयोजन यौगिकों के सूत्र लिखना
  • उपसहसंयोजन यौगिकों का IUPAC नामकरण
  • धातु आयनों की ऑक्सीकरण अवस्था की गणना
  • लिगेंड की पहचान और नामकरण

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Questions and Solutions

प्रश्न 1. निम्नलिखित उपसहसंयोजन यौगिकों के सूत्र लिखिए।

  1. टेट्राऐमीनडाइएक्वाकोबाल्ट (Ш) क्लोराइड
  2. पोटैशियम टेट्रासायनोनिकैलेट (II)
  3. द्रिस (एथेन-1,2-डाइऐमीन) क्रोमियम (III) क्लोराइड
  4. ऐमीनब्रोमिडोक्लोरोनाइट्रिटो-N-प्लैटिनेट (II)
  5. डाइक्लोरोबिस (एथेन-1,2-डाइऐमीन) प्लैटिनम (IV) नाइट्रेट
  6. आयरन (III) हेक्सासायनिडोफेरेट (II)
Solution:

उपसहसंयोजन यौगिकों के सूत्र लिखने के लिए, हमें धातु आयन की ऑक्सीकरण अवस्था और लिगेंड के आवेशों को समझना होगा।

  1. टेट्राऐमीनडाइएक्वाकोबाल्ट (III) क्लोराइड

    यहाँ, धातु कोबाल्ट (Co) है जिसकी ऑक्सीकरण अवस्था (III) है, अर्थात +3। लिगेंड हैं: चार ऐमीन (NH₃), जिनका आवेश 0 है, और दो एक्वा (H₂O), जिनका आवेश 0 है। संकुल आयन पर कुल आवेश होगा: +3 + 4(0) + 2(0) = +3। प्रतिआयन क्लोराइड (Cl⁻) है, जिसका आवेश -1 है। आवेशों को संतुलित करने के लिए, हमें तीन क्लोराइड आयनों की आवश्यकता होगी।

    अतः सूत्र है: [Co(NH₃)₄(H₂O)₂]Cl₃

  2. पोटैशियम टेट्रासायनोनिकैलेट (II)

    यहाँ, धातु निकेल (Ni) है जिसकी ऑक्सीकरण अवस्था (II) है, अर्थात +2। लिगेंड टेट्रासायनो (CN⁻) है, जिसका आवेश -1 है। संकुल आयन पर कुल आवेश होगा: +2 + 4(-1) = -2। प्रतिआयन पोटैशियम (K⁺) है, जिसका आवेश +1 है। आवेशों को संतुलित करने के लिए, हमें दो पोटैशियम आयनों की आवश्यकता होगी।

    अतः सूत्र है: K₂[Ni(CN)₄]

  3. द्रिस (एथेन-1,2-डाइऐमीन) क्रोमियम (III) क्लोराइड

    यहाँ, धातु क्रोमियम (Cr) है जिसकी ऑक्सीकरण अवस्था (III) है, अर्थात +3। लिगेंड एथेन-1,2-डाइऐमीन (en) है, जो एक उदासीन लिगेंड है (आवेश 0)। 'द्रिस' का अर्थ है तीन 'en' लिगेंड। संकुल आयन पर कुल आवेश होगा: +3 + 3(0) = +3। प्रतिआयन क्लोराइड (Cl⁻) है, जिसका आवेश -1 है। आवेशों को संतुलित करने के लिए, हमें तीन क्लोराइड आयनों की आवश्यकता होगी।

    अतः सूत्र है: [Cr(en)₃]Cl₃

  4. ऐमीनब्रोमिडोक्लोरोनाइट्रिटो-N-प्लैटिनेट (II)

    यहाँ, धातु प्लैटिनम (Pt) है जिसकी ऑक्सीकरण अवस्था (II) है, अर्थात +2। लिगेंड हैं: ऐमीन (NH₃, आवेश 0), ब्रोमिडो (Br⁻, आवेश -1), क्लोरो (Cl⁻, आवेश -1), और नाइट्रिटो-N (NO₂⁻, आवेश -1)। संकुल आयन पर कुल आवेश होगा: +2 + 0 + (-1) + (-1) + (-1) = -1। चूँकि यह एक ऋणायन है (प्लैटिनेट), सूत्र में कोई प्रतिआयन नहीं होगा।

    अतः सूत्र है: [Pt(NH₃)BrCl(NO₂)]

  5. डाइक्लोरोबिस (एथेन-1,2-डाइऐमीन) प्लैटिनम (IV) नाइट्रेट

    यहाँ, धातु प्लैटिनम (Pt) है जिसकी ऑक्सीकरण अवस्था (IV) है, अर्थात +4। लिगेंड हैं: दो क्लोरो (Cl⁻, आवेश -1) और दो एथेन-1,2-डाइऐमीन (en, आवेश 0)। संकुल आयन पर कुल आवेश होगा: +4 + 2(-1) + 2(0) = +2। प्रतिआयन नाइट्रेट (NO₃⁻) है, जिसका आवेश -1 है। आवेशों को संतुलित करने के लिए, हमें दो नाइट्रेट आयनों की आवश्यकता होगी।

    अतः सूत्र है: [PtCl₂(en)₂](NO₃)₂

  6. आयरन (III) हेक्सासायनिडोफेरेट (II)

    यह एक जटिल यौगिक है जिसमें दो धातु आयन शामिल हैं। हेक्सासायनिडोफेरेट (II) भाग में, धातु आयरन (Fe) है जिसकी ऑक्सीकरण अवस्था (II) है, अर्थात +2। लिगेंड हेक्सासायनिडो (CN⁻) है, जिसका आवेश -1 है। इस संकुल आयन पर कुल आवेश होगा: +2 + 6(-1) = -4। यह [Fe(CN)₆]⁴⁻ के रूप में मौजूद है। यौगिक का नाम आयरन (III) हेक्सासायनिडोफेरेट (II) है, जिसका अर्थ है कि बाहरी आयन आयरन (III) (Fe³⁺) है। आवेशों को संतुलित करने के लिए, हमें तीन [Fe(CN)₆]⁴⁻ आयनों के साथ चार Fe³⁺ आयनों की आवश्यकता होगी (4(+3) + 3(-4) = 12 - 12 = 0)।

    अतः सूत्र है: Fe₄[Fe(CN)₆]₃

प्रश्न 2. निम्नलिखित उपसहसंयोजन यौगिकों के IUPAC नाम लिखिए।

  1. [Co(NH₃)₆]Cl₃
  2. [Co(NH₃)₅Cl]Cl₂
  3. K₃[Fe(CN)₆]
  4. K₃[Fe(C₂O₄)₃]
  5. K₂[PdCl₄]
  6. [Pt(NH₃)₂Cl(NH₂CH₃)]Cl
Solution:

उपसहसंयोजन यौगिकों का IUPAC नामकरण करते समय, हम पहले धनायन का नाम लिखते हैं, उसके बाद ऋणायन का। संकुल आयन के भीतर, लिगेंड को वर्णानुक्रम में सूचीबद्ध किया जाता है, उसके बाद धातु का नाम आता है। धातु की ऑक्सीकरण अवस्था को रोमन अंकों में कोष्ठक में दर्शाया जाता है।

  1. [Co(NH₃)₆]Cl₃

    यहाँ, धनायन संकुल आयन [Co(NH₃)₆]³⁺ है और ऋणायन क्लोराइड (Cl⁻) है। संकुल आयन में छह ऐमीन (NH₃) लिगेंड हैं, जो उदासीन होते हैं। कोबाल्ट (Co) की ऑक्सीकरण अवस्था ज्ञात करने के लिए: x + 6(0) = +3, इसलिए x = +3।

    IUPAC नाम: हेक्साऐमीनकोबाल्ट (III) क्लोराइड

  2. [Co(NH₃)₅Cl]Cl₂

    यहाँ, धनायन संकुल आयन [Co(NH₃)₅Cl]²⁺ है और ऋणायन क्लोराइड (Cl⁻) है। संकुल आयन में पाँच ऐमीन (NH₃) लिगेंड और एक क्लोरो (Cl⁻) लिगेंड है। कोबाल्ट (Co) की ऑक्सीकरण अवस्था ज्ञात करने के लिए: x + 5(0) + 1(-1) = +2, इसलिए x = +3।

    IUPAC नाम: पेंटाऐमीनक्लोराइडोकोबाल्ट (III) क्लोराइड

  3. K₃[Fe(CN)₆]

    यहाँ, धनायन पोटैशियम (K⁺) है और ऋणायन संकुल आयन [Fe(CN)₆]³⁻ है। संकुल आयन में छह सायनो (CN⁻) लिगेंड हैं। आयरन (Fe) की ऑक्सीकरण अवस्था ज्ञात करने के लिए: 3(+1) + x + 6(-1) = 0, इसलिए x = +3।

    IUPAC नाम: पोटैशियम हेक्सासायनोफेरेट (III)

  4. K₃[Fe(C₂O₄)₃]

    यहाँ, धनायन पोटैशियम (K⁺) है और ऋणायन संकुल आयन [Fe(C₂O₄)₃]³⁻ है। संकुल आयन में तीन ऑक्सालेटो (C₂O₄²⁻) लिगेंड हैं। आयरन (Fe) की ऑक्सीकरण अवस्था ज्ञात करने के लिए: 3(+1) + x + 3(-2) = 0, इसलिए x = +3।

    IUPAC नाम: पोटैशियम ट्राइऑक्सालेटोफेरेट (III)

  5. K₂[PdCl₄]

    यहाँ, धनायन पोटैशियम (K⁺) है और ऋणायन संकुल आयन [PdCl₄]²⁻ है। संकुल आयन में चार क्लोरो (Cl⁻) लिगेंड हैं। पैलेडियम (Pd) की ऑक्सीकरण अवस्था ज्ञात करने के लिए: 2(+1) + x + 4(-1) = 0, इसलिए x = +2।

    IUPAC नाम: पोटैशियम टेट्राक्लोराइडोपैलेडेट (II)

  6. [Pt(NH₃)₂Cl(NH₂CH₃)]Cl

    यहाँ, धनायन संकुल आयन [Pt(NH₃)₂Cl(NH₂CH₃)]⁺ है और ऋणायन क्लोराइड (Cl⁻) है। संकुल आयन में दो ऐमीन (NH₃), एक क्लोरो (Cl⁻), और एक मेथिलऐमीन (NH₂CH₃) लिगेंड हैं। प्लैटिनम (Pt) की ऑक्सीकरण अवस्था ज्ञात करने के लिए: x + 2(0) + 1(-1) + 1(0) = +1, इसलिए x = +2। लिगेंड को वर्णानुक्रम में व्यवस्थित करें: ऐमीन, क्लोरो, मेथिलऐमीन।

    IUPAC नाम: डाइऐमीनक्लोरो(मेथिलऐमीन) प्लैटिनम (II) क्लोराइड

Common mistakes

  • धातु आयन की ऑक्सीकरण अवस्था की गणना में त्रुटियाँ।
  • लिगेंड के नामकरण में गलतियाँ।
  • प्रतिआयन और संकुल आयन के बीच भ्रम।
  • IUPAC नामकरण नियमों का गलत अनुप्रयोग।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के लिए सूत्र लिखने और नामकरण की प्रक्रिया को चरण-दर-चरण समझें।
  • धातु आयनों की ऑक्सीकरण अवस्थाओं की गणना का अभ्यास करें।
  • लिगेंड के नामों और उनके आवेशों को याद करें।
  • IUPAC नामकरण के नियमों को दोहराएं।

Practice MCQs

Q1. टेट्राऐमीनडाइएक्वाकोबाल्ट (III) क्लोराइड का सूत्र क्या है?

Q2. पोटैशियम टेट्रासायनोनिकैलेट (II) का सूत्र क्या है?

Q3. [Co(NH₃)₆]Cl₃ का IUPAC नाम क्या है?

Q4. [Co(NH₃)₅Cl]Cl₂ का IUPAC नाम क्या है?

Q5. K₃[Fe(CN)₆] में आयरन (Fe) की ऑक्सीकरण अवस्था क्या है?

Frequently asked questions

उपसहसंयोजन यौगिकों के सूत्र लिखने के लिए किन मुख्य बातों का ध्यान रखना चाहिए?

सूत्र लिखते समय, धातु आयन की ऑक्सीकरण अवस्था, लिगेंड की प्रकृति और संख्या, और प्रतिआयन को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है। संकुल आयन पर कुल आवेश और प्रतिआयन पर आवेश को संतुलित किया जाना चाहिए।

IUPAC नामकरण में धातु आयन की ऑक्सीकरण अवस्था कैसे निर्धारित की जाती है?

धातु आयन की ऑक्सीकरण अवस्था निर्धारित करने के लिए, हम संकुल में मौजूद सभी लिगेंड और प्रतिआयनों के आवेशों को जानते हुए, संकुल पर कुल आवेश को शून्य मानकर गणना करते हैं।

क्या उपसहसंयोजन यौगिकों के नामकरण में लिगेंड के क्रम का कोई महत्व है?

हाँ, IUPAC नामकरण में, लिगेंड को उनके नाम के वर्णानुक्रम के अनुसार सूचीबद्ध किया जाता है। यदि एक से अधिक प्रकार के लिगेंड मौजूद हैं, तो यह नियम लागू होता है।

यह समाधान किन कक्षाओं के लिए उपयोगी है?

यह समाधान विशेष रूप से CBSE कक्षा 12 के रसायन विज्ञान पाठ्यक्रम के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो उपसहसंयोजन यौगिकों पर केंद्रित है।

क्या इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए किया जा सकता है?

हाँ, ये समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी हैं क्योंकि वे अभ्यास प्रश्न और विस्तृत स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने और लागू करने में मदद मिलती है।

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