कक्षा 12 रसायन विज्ञान अध्याय 2: विलयन के लिए NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 12 रसायन विज्ञान के अध्याय 2, 'विलयन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें द्रव्यमान प्रतिशत, मोल अंश, मोलरता और मोललता जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को शामिल किया गया है। प्रत्येक प्रश्न को स्पष्ट रूप से समझाया गया है, जिसमें गणना के चरण और अंतिम उत्तर शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को विलयन से संबंधित विभिन्न प्रकार की समस्याओं को हल करने में मदद करेंगे, जिससे उन्हें परीक्षा की तैयारी में सहायता मिलेगी। अवधारणाओं की गहन समझ और अभ्यास के माध्यम से, छात्र इस अध्याय में महारत हासिल कर सकते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectरसायन विज्ञान-I
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter2. विलयन

Chapter summary

कक्षा 12 रसायन विज्ञान के अध्याय 2 'विलयन' के लिए NCERT समाधानों का यह संग्रह छात्रों को विलयन की मूल बातें समझने में मदद करता है। इसमें द्रव्यमान प्रतिशत, मोल अंश, मोलरता और मोललता की गणना जैसे विषयों को शामिल किया गया है। प्रत्येक प्रश्न का हल चरण-दर-चरण तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे छात्रों को इन गणनाओं को करने की प्रक्रिया को समझने में आसानी होती है। यह अध्याय परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।

Learning outcomes

  • द्रव्यमान प्रतिशत की गणना करना सीखें।
  • मोल अंश की गणना करने की विधि को समझें।
  • विभिन्न यौगिकों के लिए मोलरता की गणना करें।
  • मोललता की गणना करने का अभ्यास करें।
  • विलयन से संबंधित विभिन्न मात्राओं के बीच संबंध स्थापित करें।

Topics covered

Paper topics

  • द्रव्यमान प्रतिशत
  • मोल अंश
  • मोलरता
  • मोललता
  • विलयन की सांद्रता
  • यौगिकों का मोलर द्रव्यमान
  • तनुता समीकरण

Important topics

  • द्रव्यमान प्रतिशत की गणना
  • मोल अंश की गणना
  • मोलरता की गणना
  • मोललता की गणना
  • तनुता समीकरण का अनुप्रयोग

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

यदि 22 g बेन्जीन में 122 g कार्बन टेट्राक्लोराइड घुली हो, तो बेन्जीन एवं कार्बन टेट्राक्लोराइड के द्रव्यमान प्रतिशत की गणना कीजिए।
Solution:

दिए गए मान हैं:

  • बेन्जीन का द्रव्यमान = 22 g
  • कार्बन टेट्राक्लोराइड (CCl₄) का द्रव्यमान = 122 g

विलयन का कुल द्रव्यमान ज्ञात करने के लिए, हम दोनों घटकों के द्रव्यमान को जोड़ते हैं:

कुल द्रव्यमान = बेन्जीन का द्रव्यमान + CCl₄ का द्रव्यमान

कुल द्रव्यमान = 22 \, \mathrm{g} + 122 \, \mathrm{g} = 144 \, \mathrm{g}

अब, हम प्रत्येक घटक के द्रव्यमान प्रतिशत की गणना कर सकते हैं:

बेन्जीन का द्रव्यमान प्रतिशत:

द्रव्यमान प्रतिशत = \frac{\text{घटक का द्रव्यमान}}{\text{विलयन का कुल द्रव्यमान}} \times 100

\text{बेन्जीन का द्रव्यमान %} = \frac{22 \, \mathrm{g}}{144 \, \mathrm{g}} \times 100 \approx 15.28\%

कार्बन टेट्राक्लोराइड (CCl₄) का द्रव्यमान प्रतिशत:

हम इसे सीधे गणना कर सकते हैं या कुल प्रतिशत (100%) से बेन्जीन के प्रतिशत को घटाकर प्राप्त कर सकते हैं।

\text{CCl}_4 \text{ का द्रव्यमान %} = \frac{122 \, \mathrm{g}}{144 \, \mathrm{g}} \times 100 \approx 84.72\%

वैकल्पिक रूप से:

\text{CCl}_4 \text{ का द्रव्यमान %} = 100\% - 15.28\% = 84.72\%

अंतिम उत्तर: बेन्जीन का द्रव्यमान प्रतिशत लगभग 15.28% है और कार्बन टेट्राक्लोराइड का द्रव्यमान प्रतिशत लगभग 84.72% है।

प्रश्न 2

एक विलयन में 30% बेन्जीन (द्रव्यमान द्वारा) है, तो बेन्जीन के मोल-अंश की गणना कीजिए।
Solution:

दिए गए मान के अनुसार, विलयन में 30% बेन्जीन (द्रव्यमान द्वारा) है। इसका मतलब है कि 100 g विलयन में 30 g बेन्जीन है।

  • बेन्जीन (C₆H₆) का द्रव्यमान = 30 g
  • कार्बन टेट्राक्लोराइड (CCl₄) का द्रव्यमान = 100 g - 30 g = 70 g

मोल अंश की गणना के लिए, हमें प्रत्येक घटक के मोलों की संख्या ज्ञात करनी होगी। इसके लिए हमें उनके मोलर द्रव्यमान की आवश्यकता होगी:

1. बेन्जीन (C₆H₆) का मोलर द्रव्यमान:

परमाणु द्रव्यमान: C = 12 g/mol, H = 1 g/mol

\text{मोलर द्रव्यमान}_{C_6H_6} = (6 \times 12) + (6 \times 1) = 72 + 6 = 78 \, \mathrm{g} \, \mathrm{mol}^{-1}

2. कार्बन टेट्राक्लोराइड (CCl₄) का मोलर द्रव्यमान:

परमाणु द्रव्यमान: C = 12 g/mol, Cl = 35.5 g/mol

\text{मोलर द्रव्यमान}_{CCl_4} = 12 + (4 \times 35.5) = 12 + 142 = 154 \, \mathrm{g} \, \mathrm{mol}^{-1}

अब, हम प्रत्येक घटक के मोलों की संख्या की गणना करते हैं:

बेन्जीन के मोलों की संख्या (nC₆H₆):

n_{C_6H_6} = \frac{\text{बेन्जीन का द्रव्यमान}}{\text{बेन्जीन का मोलर द्रव्यमान}} = \frac{30 \, \mathrm{g}}{78 \, \mathrm{g} \, \mathrm{mol}^{-1}} \approx 0.385 \, \mathrm{mol}

CCl₄ के मोलों की संख्या (nCCl₄):

n_{CCl_4} = \frac{\text{CCl}_4 \text{ का द्रव्यमान}}}{\text{CCl}_4 \text{ का मोलर द्रव्यमान}}} = \frac{70 \, \mathrm{g}}{154 \, \mathrm{g} \, \mathrm{mol}^{-1}} \approx 0.454 \, \mathrm{mol}

कुल मोलों की संख्या:

n_{\text{कुल}} = n_{C_6H_6} + n_{CCl_4} = 0.385 + 0.454 = 0.839 \, \mathrm{mol}

बेन्जीन का मोल अंश (xC₆H₆):

मोल अंश = \frac{\text{घटक के मोलों की संख्या}}}{\text{विलयन में कुल मोलों की संख्या}}

x_{C_6H_6} = \frac{n_{C_6H_6}}{n_{\text{कुल}}} = \frac{0.385 \, \mathrm{mol}}{0.839 \, \mathrm{mol}} \approx 0.459

अंतिम उत्तर: बेन्जीन का मोल अंश लगभग 0.459 है।

प्रश्न 3

निम्नलिखित प्रत्येक विलयन की मोलरता की गणना कीजिए:
  1. यदि 30 g, Co(NO₃)₂·6H₂O 4.3 लीटर विलयन में घुला हुआ हो।
  2. 30 mL 0.5 M H₂SO₄ को 500 mL तक तनु करने पर।
Solution:

भाग (i): Co(NO₃)₂·6H₂O की मोलरता की गणना

दिए गए मान हैं:

  • Co(NO₃)₂·6H₂O का द्रव्यमान = 30 g
  • विलयन का आयतन = 4.3 L

मोलरता की गणना के लिए, हमें पहले Co(NO₃)₂·6H₂O का मोलर द्रव्यमान ज्ञात करना होगा।

परमाणु द्रव्यमान: Co = 58.7 g/mol, N = 14 g/mol, O = 16 g/mol, H = 1 g/mol

\text{मोलर द्रव्यमान}_{Co(NO_3)_2 \cdot 6H_2O} = (58.7) + 2(14 + 3 \times 16) + 6(2 \times 1 + 16)

= 58.7 + 2(14 + 48) + 6(18)

= 58.7 + 2(62) + 108

= 58.7 + 124 + 108 = 290.7 \approx 291 \, \mathrm{g} \, \mathrm{mol}^{-1}

अब, हम Co(NO₃)₂·6H₂O के मोलों की संख्या की गणना करते हैं:

n_{Co(NO_3)_2 \cdot 6H_2O} = \frac{\text{द्रव्यमान}}}{\text{मोलर द्रव्यमान}}} = \frac{30 \, \mathrm{g}}{291 \, \mathrm{g} \, \mathrm{mol}^{-1}} \approx 0.103 \, \mathrm{mol}

मोलरता (M) की गणना इस प्रकार की जाती है:

मोलरता = \frac{\text{विलेय के मोलों की संख्या}}}{\text{विलयन का आयतन (लीटर में)}}

M = \frac{0.103 \, \mathrm{mol}}{4.3 \, \mathrm{L}} \approx 0.024 \, \mathrm{mol} \, \mathrm{L}^{-1}

अतः, मोलरता 0.024 M है।

भाग (ii): तनुकरण के बाद H₂SO₄ की मोलरता की गणना

तनुकरण के लिए हम तनुता समीकरण M₁V₁ = M₂V₂ का उपयोग करते हैं, जहाँ:

  • M₁ = प्रारंभिक मोलरता = 0.5 M
  • V₁ = प्रारंभिक आयतन = 30 mL
  • V₂ = अंतिम आयतन = 500 mL
  • M₂ = अंतिम मोलरता (जो हमें ज्ञात करनी है)

समीकरण को M₂ के लिए पुनर्व्यवस्थित करने पर:

M_2 = \frac{M_1 V_1}{V_2}

मान रखने पर:

M_2 = \frac{(0.5 \, \mathrm{M}) \times (30 \, \mathrm{mL})}{500 \, \mathrm{mL}}

M_2 = \frac{15}{500} \, \mathrm{M} = 0.03 \, \mathrm{M}

अंतिम उत्तर: भाग (i) में मोलरता 0.024 M है और भाग (ii) में तनुकरण के बाद मोलरता 0.03 M है।

प्रश्न 4

यूरिया (NH₂CONH₂) के 0.25 मोलर, 2.5 kg जलीय विलयन को बनाने के लिए आवश्यक यूरिया के द्रव्यमान की गणना कीजिए।
Solution:

दिए गए मान हैं:

  • विलयन की मोललता (m) = 0.25 m (या 0.25 mol kg⁻¹)
  • विलायक (जल) का द्रव्यमान = 2.5 kg

मोललता की परिभाषा के अनुसार:

मोललता (m) = \frac{\text{विलेय के मोलों की संख्या}}}{\text{विलायक का द्रव्यमान (kg में)}}

हमें यूरिया (विलेय) के द्रव्यमान की गणना करनी है। इसके लिए, हमें पहले यूरिया के मोलों की संख्या ज्ञात करनी होगी।

यूरिया (NH₂CONH₂) का मोलर द्रव्यमान ज्ञात करते हैं:

परमाणु द्रव्यमान: N = 14 g/mol, H = 1 g/mol, C = 12 g/mol, O = 16 g/mol

\text{मोलर द्रव्यमान}_{NH_2CONH_2} = (2 \times 14) + (4 \times 1) + 12 + 16

= 28 + 4 + 12 + 16 = 60 \, \mathrm{g} \, \mathrm{mol}^{-1}

अब, मोललता के सूत्र का उपयोग करके यूरिया के मोलों की संख्या ज्ञात करते हैं:

0.25 \, \mathrm{mol} \, \mathrm{kg}^{-1} = \frac{\text{यूरिया के मोलों की संख्या}}}{2.5 \, \mathrm{kg}}

यूरिया के मोलों की संख्या = 0.25 \, \mathrm{mol} \, \mathrm{kg}^{-1} \times 2.5 \, \mathrm{kg} = 0.625 \, \mathrm{mol}

अंत में, यूरिया के द्रव्यमान की गणना करते हैं:

द्रव्यमान = मोलों की संख्या × मोलर द्रव्यमान

\text{यूरिया का द्रव्यमान} = 0.625 \, \mathrm{mol} \times 60 \, \mathrm{g} \, \mathrm{mol}^{-1}

= 37.5 \, \mathrm{g}

अंतिम उत्तर: 2.5 kg जलीय विलयन बनाने के लिए 37.5 g यूरिया की आवश्यकता होगी।

Common mistakes

  • मोलर द्रव्यमान की गलत गणना।
  • द्रव्यमान प्रतिशत और मोल अंश के बीच भ्रम।
  • मोलरता और मोललता के सूत्रों का गलत अनुप्रयोग।
  • इकाइयों (जैसे g, kg, L, mL) के साथ असावधानी।

Revision tips

  • प्रत्येक सूत्र को याद करें और समझें।
  • हल किए गए उदाहरणों को स्वयं हल करने का प्रयास करें।
  • विभिन्न प्रकार की सांद्रता इकाइयों के बीच अंतर स्पष्ट करें।
  • गणना करते समय इकाइयों पर विशेष ध्यान दें।

Practice MCQs

Q1. 22 g बेन्जीन में 122 g कार्बन टेट्राक्लोराइड घुला होने पर बेन्जीन का द्रव्यमान प्रतिशत क्या है?

Q2. यदि एक विलयन में 30% बेन्जीन है, तो कार्बन टेट्राक्लोराइड का द्रव्यमान प्रतिशत क्या होगा?

Q3. Co(NO₃)₂·6H₂O का मोलर द्रव्यमान लगभग कितना होता है?

Q4. 0.5 M H₂SO₄ के 30 mL को 500 mL तक तनु करने पर नई मोलरता क्या होगी?

Q5. यूरिया (NH₂CONH₂) का मोलर द्रव्यमान कितना होता है?

Frequently asked questions

कक्षा 12 रसायन विज्ञान के अध्याय 2 'विलयन' में कौन सी मुख्य अवधारणाएँ शामिल हैं?

इस अध्याय में मुख्य रूप से विलयन की सांद्रता व्यक्त करने की विधियाँ जैसे द्रव्यमान प्रतिशत, मोल अंश, मोलरता और मोललता शामिल हैं। साथ ही, विभिन्न यौगिकों के मोलर द्रव्यमान की गणना और तनुता समीकरण का उपयोग भी सिखाया जाता है।

द्रव्यमान प्रतिशत और मोल अंश में क्या अंतर है?

द्रव्यमान प्रतिशत विलयन में किसी घटक के द्रव्यमान का कुल द्रव्यमान के प्रतिशत के रूप में व्यक्त करता है, जबकि मोल अंश विलयन में किसी घटक के मोलों की संख्या का कुल मोलों की संख्या से अनुपात होता है।

मोलरता और मोललता में क्या अंतर है?

मोलरता विलयन के प्रति लीटर मोलों की संख्या होती है, जबकि मोललता विलायक के प्रति किलोग्राम मोलों की संख्या होती है। मोलरता तापमान पर निर्भर करती है, जबकि मोललता नहीं।

ये NCERT समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए विस्तृत, चरण-दर-चरण गणनाएँ प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने और परीक्षा में समान प्रश्नों को हल करने का आत्मविश्वास बनाने में मदद मिलती है।

क्या इन समाधानों में सभी प्रकार के विलयन प्रश्नों को शामिल किया गया है?

यह समाधान स्रोत में दिए गए पाठ्यनिहित प्रश्नों को कवर करता है, जो द्रव्यमान प्रतिशत, मोल अंश, मोलरता और मोललता जैसी प्रमुख गणनाओं पर केंद्रित हैं।

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