कक्षा 12 गणित: अवकलज के अनुप्रयोग NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 12 गणित के अध्याय 6, 'अवकलज के अनुप्रयोग' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें परिवर्तन की दर से संबंधित प्रश्नों को हल करने के तरीके बताए गए हैं, जैसे कि वृत्त के क्षेत्रफल और घन के आयतन में परिवर्तन की दर ज्ञात करना। समाधानों में स्पष्ट चरण-दर-चरण प्रक्रियाएं शामिल हैं, जो छात्रों को अवकलज का उपयोग करके विभिन्न राशियों के परिवर्तन की दर को समझने में मदद करती हैं। यह सामग्री छात्रों को परीक्षा की तैयारी और अवधारणाओं की गहरी समझ के लिए एक मूल्यवान संसाधन प्रदान करती है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | गणित-I |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 6. अवकलज के अनुप्रयोग |
Chapter summary
अध्याय 6, 'अवकलज के अनुप्रयोग' के ये NCERT समाधान, परिवर्तन की दर की अवधारणा पर केंद्रित हैं। इसमें वृत्त के क्षेत्रफल, घन के आयतन और पृष्ठ क्षेत्रफल में परिवर्तन की दर की गणना शामिल है, जब उनकी त्रिज्या या कोर की लंबाई बदल रही हो। समाधान अवकलज और श्रृंखला नियम का उपयोग करके इन दरों को ज्ञात करने के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण प्रदान करते हैं। यह छात्रों को वास्तविक दुनिया की समस्याओं में अवकलज के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझने में सहायता करता है।
Learning outcomes
- परिवर्तन की दर से संबंधित समस्याओं को हल करना सीखें।
- वृत्त के क्षेत्रफल में परिवर्तन की दर की गणना करें।
- घन के आयतन और पृष्ठ क्षेत्रफल में परिवर्तन की दर ज्ञात करें।
- श्रृंखला नियम का उपयोग करके संबंधित दरों की समस्याओं को हल करें।
- अवकलज के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझें।
Topics covered
Paper topics
- परिवर्तन की दर
- अवकलज का अनुप्रयोग
- संबंधित दरें
- वृत्त का क्षेत्रफल
- घन का आयतन
- घन का पृष्ठ क्षेत्रफल
- श्रृंखला नियम
- ज्यामितीय आकृतियों में परिवर्तन
Important topics
- परिवर्तन की दर ज्ञात करना
- संबंधित दरों की समस्याएँ
- श्रृंखला नियम का अनुप्रयोग
- ज्यामितीय आकृतियों के परिवर्तन की दरें
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
- सेमी है।
- सेमी है।
मान लीजिए कि A वृत्त का क्षेत्रफल है और r इसकी त्रिज्या है। तब, वृत्त का क्षेत्रफल इस प्रकार दिया जाता है:
A = \pi r^2
हमें क्षेत्रफल के परिवर्तन की दर को त्रिज्या के सापेक्ष ज्ञात करना है। इसके लिए, हम A का r के सापेक्ष अवकलन करते हैं:
\frac{dA}{dr} = \frac{d}{dr}(\pi r^2)
\frac{dA}{dr} = 2\pi r
अब, हम दिए गए त्रिज्या मानों के लिए इस दर की गणना करेंगे:
(i) जब r = 3 सेमी:
\left(\frac{dA}{dr}\right)_{r=3} = 2\pi(3) = 6\pi
अतः, जब त्रिज्या 3 सेमी है, तो वृत्त के क्षेत्रफल के परिवर्तन की दर 6\pi सेमी2 प्रति सेमी है।
(ii) जब r = 4 सेमी:
\left(\frac{dA}{dr}\right)_{r=4} = 2\pi(4) = 8\pi
अतः, जब त्रिज्या 4 सेमी है, तो वृत्त के क्षेत्रफल के परिवर्तन की दर 8\pi सेमी2 प्रति सेमी है।
प्रश्न 2
मान लीजिए कि घन की कोर की लंबाई x है, आयतन V है, और पृष्ठ क्षेत्रफल S है।
घन का आयतन इस प्रकार दिया जाता है: V = x^3
घन का पृष्ठ क्षेत्रफल इस प्रकार दिया जाता है: S = 6x^2 (क्योंकि घन के 6 वर्ग फलक होते हैं, प्रत्येक का क्षेत्रफल x^2 होता है)।
यह दिया गया है कि आयतन 8 सेमी3/से की दर से बढ़ रहा है, अर्थात \frac{dV}{dt} = 8 सेमी3/से।
हम जानते हैं कि V = x^3। समय t के सापेक्ष अवकलन करने पर (श्रृंखला नियम का उपयोग करके):
\frac{dV}{dt} = \frac{d}{dt}(x^3) = 3x^2 \frac{dx}{dt}
दिए गए मान को रखने पर:
8 = 3x^2 \frac{dx}{dt}
इससे हमें कोर की लंबाई के परिवर्तन की दर मिलती है:
\frac{dx}{dt} = \frac{8}{3x^2}
...(i)
अब, हमें पृष्ठ क्षेत्रफल के परिवर्तन की दर ज्ञात करनी है, जो कि \frac{dS}{dt} है।
S = 6x^2 का समय t के सापेक्ष अवकलन करने पर:
\frac{dS}{dt} = \frac{d}{dt}(6x^2) = 12x \frac{dx}{dt}
समीकरण (i) से \frac{dx}{dt} का मान रखने पर:
\frac{dS}{dt} = 12x \left(\frac{8}{3x^2}\right) = \frac{96x}{3x^2} = \frac{32}{x}
अब, हमें यह दर तब ज्ञात करनी है जब कोर की लंबाई x = 12 सेमी है।
\left(\frac{dS}{dt}\right)_{x=12} = \frac{32}{12} = \frac{8}{3}
अतः, जब घन की कोर की लंबाई 12 सेमी है, तो पृष्ठ क्षेत्रफल \frac{8}{3} सेमी2/से की दर से बढ़ रहा है।
प्रश्न 3
मान लीजिए कि t समय पर वृत्त की त्रिज्या r है और क्षेत्रफल A है।
वृत्त का क्षेत्रफल इस प्रकार दिया जाता है: A = \pi r^2।
हमें क्षेत्रफल के परिवर्तन की दर समय t के सापेक्ष ज्ञात करनी है, अर्थात \frac{dA}{dt}। इसके लिए, हम A का t के सापेक्ष अवकलन करते हैं (श्रृंखला नियम का उपयोग करके):
\frac{dA}{dt} = \frac{d}{dt}(\pi r^2) = 2\pi r \frac{dr}{dt}
यह दिया गया है कि वृत्त की त्रिज्या 3 सेमी/से की दर से बढ़ रही है, अर्थात \frac{dr}{dt} = 3 सेमी/से।
अब, हम इस दर को सूत्र में रखते हैं:
\frac{dA}{dt} = 2\pi r (3) = 6\pi r
हमें यह दर तब ज्ञात करनी है जब त्रिज्या r = 10 सेमी है।
\left(\frac{dA}{dt}\right)_{r=10} = 6\pi(10) = 60\pi
अतः, जब वृत्त की त्रिज्या 10 सेमी है, तो वृत्त का क्षेत्रफल 60\pi सेमी2/से की दर से बढ़ रहा है।
प्रश्न 4
मान लीजिए कि घन की कोर की लंबाई x है और आयतन V है।
घन का आयतन इस प्रकार दिया जाता है: V = x^3।
हमें आयतन के परिवर्तन की दर समय t के सापेक्ष ज्ञात करनी है, अर्थात \frac{dV}{dt}। इसके लिए, हम V का t के सापेक्ष अवकलन करते हैं (श्रृंखला नियम का उपयोग करके):
\frac{dV}{dt} = \frac{d}{dt}(x^3) = 3x^2 \frac{dx}{dt}
यह दिया गया है कि घन की कोर 3 सेमी/से की दर से बढ़ रही है, अर्थात \frac{dx}{dt} = 3 सेमी/से।
अब, हम इस दर को सूत्र में रखते हैं:
\frac{dV}{dt} = 3x^2 (3) = 9x^2
हमें यह दर तब ज्ञात करनी है जब कोर की लंबाई x = 10 सेमी है।
\left(\frac{dV}{dt}\right)_{x=10} = 9(10)^2 = 9(100) = 900
अतः, जब कोर की लंबाई 10 सेमी है, तो घन का आयतन 900 सेमी3/से की दर से बढ़ रहा है।
प्रश्न 5
मान लीजिए कि t समय पर वृत्ताकार तरंग की त्रिज्या r है और इसके द्वारा घिरा क्षेत्रफल A है।
वृत्त का क्षेत्रफल इस प्रकार दिया जाता है: A = \pi r^2।
हमें क्षेत्रफल के परिवर्तन की दर समय t के सापेक्ष ज्ञात करनी है, अर्थात \frac{dA}{dt}। इसके लिए, हम A का t के सापेक्ष अवकलन करते हैं (श्रृंखला नियम का उपयोग करके):
\frac{dA}{dt} = \frac{d}{dt}(\pi r^2) = 2\pi r \frac{dr}{dt}
यह दिया गया है कि तरंगें 5 सेमी/से की गति से चल रही हैं, जिसका अर्थ है कि त्रिज्या 5 सेमी/से की दर से बढ़ रही है। अतः, \frac{dr}{dt} = 5 सेमी/से।
हमें यह दर तब ज्ञात करनी है जब त्रिज्या r = 8 सेमी है।
अब, हम इन मानों को सूत्र में रखते हैं:
\left(\frac{dA}{dt}\right)_{r=8} = 2\pi(8)(5) = 80\pi
अतः, जब वृत्ताकार तरंग की त्रिज्या 8 सेमी है, तो तरंग द्वारा घिरा हुआ क्षेत्रफल 80\pi सेमी2/से की दर से बढ़ रहा है।
Common mistakes
- परिवर्तन की दर के लिए सही सूत्र का चयन न करना।
- श्रृंखला नियम को लागू करने में त्रुटियाँ करना।
- दिए गए मानों को सही ढंग से प्रतिस्थापित न करना।
- इकाइयों (units) को गलत लिखना या छोड़ देना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के लिए उपयोग किए गए सूत्रों को पहचानें।
- परिवर्तन की दर ज्ञात करने के लिए श्रृंखला नियम के अनुप्रयोग पर ध्यान दें।
- हल किए गए उदाहरणों में इकाइयों (units) पर विशेष ध्यान दें।
- विभिन्न ज्यामितीय आकृतियों के लिए आयतन और क्षेत्रफल के सूत्रों को याद करें।
Practice MCQs
Q1. एक वृत्त की त्रिज्या 3 सेमी/से की दर से बढ़ रही है। जब त्रिज्या 5 सेमी है, तो क्षेत्रफल के बढ़ने की दर क्या है?
Explanation: क्षेत्रफल A = πr²। dA/dt = 2πr (dr/dt)। दिए गए मानों (r=5, dr/dt=3) को रखने पर, dA/dt = 2π(5)(3) = 30π सेमी²/से।
Q2. एक घन का आयतन 8 सेमी³/से की दर से बढ़ रहा है। जब कोर की लंबाई 10 सेमी है, तो पृष्ठ क्षेत्रफल के बढ़ने की दर क्या है?
Explanation: V = x³, dV/dt = 3x² (dx/dt) = 8, इसलिए dx/dt = 8/(3x²)। S = 6x², dS/dt = 12x (dx/dt) = 12x * (8/(3x²)) = 32/x। जब x=10, dS/dt = 32/10 = 16/5 सेमी²/से।
Q3. यदि एक वृत्त की त्रिज्या 'r' है, तो क्षेत्रफल 'A' के परिवर्तन की दर 'r' के सापेक्ष क्या है?
Explanation: वृत्त का क्षेत्रफल A = πr²। जब हम क्षेत्रफल के परिवर्तन की दर को त्रिज्या के सापेक्ष ज्ञात करते हैं (dA/dr), तो हमें 2πr प्राप्त होता है।
Q4. एक घन की कोर की लंबाई 'x' है। आयतन 'V' के परिवर्तन की दर समय 't' के सापेक्ष क्या है?
Explanation: घन का आयतन V = x³। श्रृंखला नियम का उपयोग करके समय 't' के सापेक्ष अवकलन करने पर, dV/dt = d(x³)/dt = 3x² (dx/dt)।
Frequently asked questions
अवकलज के अनुप्रयोग अध्याय में मुख्य रूप से किन अवधारणाओं को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में मुख्य रूप से परिवर्तन की दर (rates of change) और संबंधित दरों (related rates) की अवधारणाओं को शामिल किया गया है। इसमें अवकलज का उपयोग करके विभिन्न राशियों के परिवर्तन की दर ज्ञात करना सिखाया जाता है।
क्या ये समाधान कक्षा 12 के छात्रों के लिए उपयोगी हैं?
हाँ, ये समाधान विशेष रूप से कक्षा 12 के छात्रों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं जो गणित में अवकलज के अनुप्रयोगों को समझ रहे हैं। ये NCERT पाठ्यक्रम के अनुसार हैं।
परिवर्तन की दर की समस्याओं को हल करने के लिए कौन सा नियम महत्वपूर्ण है?
परिवर्तन की दर की समस्याओं को हल करने के लिए श्रृंखला नियम (chain rule) अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमें एक चर के सापेक्ष परिवर्तन की दर से दूसरे चर के सापेक्ष परिवर्तन की दर ज्ञात करने में मदद करता है।
इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?
इन समाधानों में दिए गए विस्तृत चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण छात्रों को प्रत्येक समस्या को हल करने की विधि को समझने में मदद करते हैं, जिससे वे परीक्षा में समान प्रकार के प्रश्नों को आत्मविश्वास से हल कर सकें।
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