CBSE Class 12 Hindi Aroh Chapter 1: Aatmparichay and Ek Geet NCERT Solutions

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This section provides detailed NCERT Solutions for Chapter 1 of CBSE Class 12 Hindi Aroh, covering the poems 'Aatmparichay' (Self-Introduction) and 'Ek Geet' (A Song). It delves into the life and works of the renowned poet Harivansh Rai Bachchan, exploring his poetic style, themes, and contributions to Hindi literature. The solutions offer a deep understanding of the poems' central ideas, including the complex relationship between the self and the world, the poet's personal struggles, and the essence of hope and motivation in life. These solutions are designed to help students grasp the nuances of the poems, analyze their meaning, and prepare effectively for their examinations by providing clear explanations and insights into Bachchan's poetic genius.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
SubjectHindi Aroh
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 1

Chapter summary

This chapter focuses on two poems by Harivansh Rai Bachchan: 'Aatmparichay' and 'Ek Geet'. The NCERT Solutions provide an in-depth analysis of the poet's biography, his literary creations, and his unique 'Halabad' (alcoholism) style. It elaborates on the core themes of 'Aatmparichay', such as the poet's introspective journey and his ambivalent relationship with the world, and 'Ek Geet', which highlights the urgency of pursuing goals inspired by hope and the natural rhythms of life. The solutions aim to clarify the poetic intent and lyrical beauty of these works.

Learning outcomes

  • Understand the biography and literary contributions of Harivansh Rai Bachchan.
  • Analyze the themes and central ideas of the poems 'Aatmparichay' and 'Ek Geet'.
  • Explore the concept of 'Halabad' and its representation in Bachchan's poetry.
  • Interpret the poet's portrayal of the relationship between the individual and society.
  • Grasp the significance of hope and motivation in overcoming life's challenges as depicted in 'Ek Geet'.
  • Appreciate the lyrical style and emotional depth of Bachchan's poetry.

Topics covered

Paper topics

  • हरिवंश राय बच्चन का जीवन परिचय
  • हरिवंश राय बच्चन की प्रमुख रचनाएँ
  • हालावाद
  • काव्यगत विशेषताएँ
  • भाषा-शैली
  • आत्मपरिचय कविता का प्रतिपाद्य
  • आत्मपरिचय कविता का सार
  • एक गीत कविता का प्रतिपाद्य
  • एक गीत कविता का सार
  • व्यक्ति और समाज का संबंध
  • आशा और प्रेरणा का महत्व
  • द्वंद्व और सामंजस्य

Important topics

  • आत्मपरिचय कविता का प्रतिपाद्य एवं सार
  • एक गीत कविता का प्रतिपाद्य एवं सार
  • हरिवंश राय बच्चन का जीवन और रचनाएँ
  • व्यक्ति और समाज के मध्य द्वंद्वात्मक संबंध
  • आशा और जीवन में प्रेरणा का महत्व

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Questions and Solutions

आत्म-परिचय, एक गीत कवि परिचय हरिवंश राय बच्चन

कविवर हरिवंश राय बच्चन का जीवन परिचय, उनकी प्रमुख रचनाएँ और काव्यगत विशेषताएँ बताइए।

जीवन परिचय:

कविवर हरिवंश राय बच्चन का जन्म 27 नवंबर सन 1907 को इलाहाबाद में हुआ था। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अंग्रेजी विषय में एम.ए. की परीक्षा उत्तीर्ण की और 1942 से 1952 तक वहीं प्राध्यापक रहे। उन्होंने इंग्लैंड की कैंब्रिज विश्वविद्यालय से पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की, जिसमें अंग्रेजी कवि कीट्स पर उनका शोधकार्य अत्यंत चर्चित रहा। वे आकाशवाणी से साहित्यिक कार्यक्रमों के लिए जुड़े रहे और बाद में विदेश मंत्रालय में हिंदी विशेषज्ञ के पद पर कार्य किया। उन्हें राज्यसभा के लिए भी मनोनीत किया गया था। वर्ष 1976 में उन्हें भारत सरकार द्वारा 'पद्मभूषण' से सम्मानित किया गया। उनकी रचना 'दो चट्टानें' के लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी नवाजा गया। 2003 ई॰ में मुंबई में उनका निधन हो गया।

प्रमुख रचनाएँ:

हरिवंश राय बच्चन की प्रमुख रचनाएँ निम्नलिखित हैं:

  • काव्य-संग्रह: मधुशाला (1935), मधुबाला (1938), मधुकलश (1938), निशा-निमंत्रण, एकांत संगीत, आकुल-अंतर, मिलनयामिनी, सतरंगिणी, आरती और अंगारे, नए-पुराने झरोखे, टूटी-फूटी कड़ियाँ।
  • आत्मकथा: क्या भूलें क्या याद करूं, नीड़ का निर्माण फिर, बसेरे से दूर, दशद्वार से सोपान तक।
  • अनुवाद: हैमलेट, जनगीता, मैकबेथ।
  • डायरी: प्रवासी की डायरी।

काव्यगत विशेषताएँ:

बच्चन जी हालावाद के प्रमुख कवियों में गिने जाते हैं। उन्होंने दोनों महायुद्धों के बीच के मध्यवर्ग के विक्षुब्ध और व्याकुल मन को अपनी कविताओं में आवाज़ दी। छायावाद की लाक्षणिक वक्रता के स्थान पर उन्होंने सीधी, सरल और जीवंत भाषा का प्रयोग किया, जिसमें गहरी संवेदना और गेयता का समावेश था। उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन के अनुभवों और अनुभूतियों को पूरी ईमानदारी से अपनी कविताओं के माध्यम से व्यक्त किया, जो हिंदी काव्य-जगत में उनकी प्रसिद्धि का मुख्य आधार बनी।

भाषा-शैली:

कवि ने अपनी अनुभूतियों को अत्यंत सहज और स्वाभाविक ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी भाषा आम आदमी के लिए सुलभ और निकट है। बच्चन का कवि रूप सबसे अधिक प्रसिद्ध है, हालाँकि उन्होंने कहानी, नाटक, डायरी और उत्कृष्ट आत्मकथाएँ भी लिखी हैं। उनकी रचनाएँ, अपनी ईमानदार आत्मस्वीकृति और स्पष्ट शैली के कारण आज भी पाठकों के बीच लोकप्रिय हैं।

आत्मपरिचय

'आत्मपरिचय' कविता का प्रतिपाद्य और सार अपने शब्दों में लिखिए।

प्रतिपाद्य:

इस कविता का मुख्य प्रतिपाद्य यह है कि स्वयं को पहचानना या जानना दुनिया को जानने से कहीं अधिक कठिन कार्य है। व्यक्ति का समाज के साथ रिश्ता हमेशा खट्टा-मीठा होता है, और पूरी तरह से समाज से अलग रहना संभव नहीं है। भले ही दुनिया अपनी कटु बातों और व्यवस्थाओं से व्यक्ति को कष्ट पहुँचाए, फिर भी मनुष्य समाज से पूरी तरह विमुख नहीं हो पाता, क्योंकि उसकी अपनी पहचान, उसका अस्तित्व और उसका परिवेश ही उसकी दुनिया का निर्माण करते हैं।

सार:

कवि अपना परिचय देते हुए लगातार दुनिया के साथ अपने जटिल और विरोधाभासी संबंधों को उजागर करता है। वह कहता है कि उसका दुनिया के साथ रिश्ता प्रेम-कलह जैसा है, और उसका जीवन विभिन्न विरोधी तत्वों का एक सामंजस्य है। वह बताता है कि वह उन्माद में अवसाद, रोने में संगीत और शांत वाणी में भी आग समेटे हुए है। इन विरोधी तत्वों का सामंजस्य साधते-साधते उसके व्यक्तित्व में एक ऐसी मस्ती और दीवानगी आ गई है कि वह दुनिया की चाहत नहीं रखता। वह बाज़ार से गुज़रा तो है, पर उसका खरीदार नहीं है। यह आत्मविश्वास और दुनियादारी से अनासक्ति का भाव ही छायावादोत्तर गीतिकाव्य की जान है। कवि यह भी स्पष्ट करता है कि वह किसी असंभव आदर्श की तलाश में दुनियादारी को ठुकराकर ऐसा नहीं जीता कि उसे दुनिया से कोई वास्ता ही नहीं है। वह स्वीकार करता है कि वह सांसारिक कठिनाइयों से जूझ रहा है, फिर भी वह जीवन से प्रेम करता है। वह अपनी आशाओं और निराशाओं से संतुष्ट है और संसार से मिले प्रेम या स्नेह की परवाह नहीं करता, क्योंकि संसार केवल उन्हीं लोगों की प्रशंसा करता है जो उसकी इच्छाओं के अनुसार चलते हैं। कवि अपनी धुन में रहने वाला व्यक्ति है और निरर्थक कल्पनाओं में विश्वास नहीं रखता, क्योंकि यह संसार किसी की भी इच्छाओं को पूरी तरह से कभी पूरा नहीं कर पाया है। वह सुख-दुख, यश-अपयश, हानि-लाभ जैसी द्वंद्वात्मक परिस्थितियों में एक समान रहता है। कवि के अनुसार, यह संसार नश्वर और मिथ्या है, इसलिए यहाँ किसी स्थायी वस्तु की कामना करना व्यर्थ है। वह अपनी वाणी के माध्यम से अपना आक्रोश व्यक्त करता है, और जब उसकी व्यथा शब्दों में प्रकट होती है, तो संसार उसे संगीत मानता है। संसार उसे कवि कहता है, पर वह स्वयं को एक नया दीवाना मानता है। वह अपने गीतों और अपने अंतर्द्वंद्वों के माध्यम से संसार को प्रसन्न करने का प्रयास करता है और सभी को सामंजस्य बनाए रखने की प्रेरणा देता है।

एक गीत

'एक गीत' कविता का प्रतिपाद्य और सार अपने शब्दों में लिखिए।

प्रतिपाद्य:

'निशा-निमंत्रण' काव्य-संग्रह से ली गई यह कविता प्रकृति के दैनिक परिवर्तनों के संदर्भ में प्राणियों के धड़कते हृदय की धड़कन को सुनने का एक काव्यात्मक प्रयास है। कवि का मानना है कि किसी प्रिय व्यक्ति या लक्ष्य से भविष्य में मिलने का आश्वासन ही हमारे कदमों में तेजी ला सकता है; अन्यथा हम शिथिलता और अंततः जड़ता के शिकार हो जाते हैं। यह गीत समय के बीतने के एहसास के साथ-साथ लक्ष्य प्राप्ति के लिए कुछ कर गुजरने के जज्बे को भी व्यक्त करता है।

सार:

कवि कहता है कि जैसे ही शाम ढलती है, पथिक अपने लक्ष्य की ओर तेज़ी से कदम बढ़ाने लगता है, क्योंकि उसे रात होने का भय सताने लगता है। इसी प्रकार, जीवन के पथ पर चलते हुए जब व्यक्ति अपने लक्ष्य के करीब पहुँचता है, तो उसकी उत्सुकता और बढ़ जाती है। पक्षी भी अपने बच्चों की चिंता में तेज़ी से पंख फड़फड़ाते हुए घर की ओर उड़ते हैं। इसी तरह, अपनी संतान से मिलने की चाह में हर प्राणी व्याकुल हो उठता है। कवि के अनुसार, आशा ही व्यक्ति के जीवन में नई चेतना का संचार करती है। जिन लोगों के जीवन में कोई आशा नहीं होती, वे शिथिल पड़ जाते हैं और उनका जीवन नीरस हो जाता है, जिससे उनके भीतर का उत्साह समाप्त हो जाता है। इसलिए, रात केवल अंधकार या निराशा का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह जीवन में आशा का संचार भी करती है। यह हमें याद दिलाती है कि हमें अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ते रहना चाहिए।

Common mistakes

  • Confusing the poet's personal life with the literal meaning of his poems.
  • Underestimating the symbolic meaning of 'madhushala' and related imagery.
  • Failing to recognize the dual nature of the poet's relationship with the world.
  • Misinterpreting the role of hope and urgency in 'Ek Geet'.

Revision tips

  • Read the poems 'Aatmparichay' and 'Ek Geet' multiple times to grasp their essence.
  • Focus on understanding the poet's life and how it influenced his writing.
  • Analyze the key themes like self-identity, societal relations, and the pursuit of goals.
  • Pay attention to the unique language and style of Harivansh Rai Bachchan.
  • Practice answering questions related to the poems' meaning, context, and literary devices.

Practice MCQs

Q1. हरिवंश राय बच्चन का जन्म कब और कहाँ हुआ था?

Q2. 'आत्मपरिचय' कविता में कवि स्वयं को किसके विरुद्धों का सामंजस्य मानता है?

Q3. 'एक गीत' कविता में कवि किस भावना को लक्ष्य-प्राप्ति के लिए आवश्यक मानता है?

Q4. हरिवंश राय बच्चन की प्रमुख रचना 'मधुशाला' किस वर्ष प्रकाशित हुई थी?

Q5. कवि के अनुसार, संसार उन्हीं लोगों की जयकार क्यों करता है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 12 के हिंदी आरोह भाग-2 के लिए हैं, विशेष रूप से अध्याय 1 पर केंद्रित हैं।

अध्याय 1 में कौन सी कविताएँ शामिल हैं?

अध्याय 1 में हरिवंश राय बच्चन द्वारा रचित 'आत्मपरिचय' और 'एक गीत' कविताएँ शामिल हैं।

समाधान में कवि हरिवंश राय बच्चन के बारे में क्या जानकारी दी गई है?

समाधान में कवि के जन्म, शिक्षा, साहित्यिक योगदान, प्रमुख रचनाओं (जैसे मधुशाला, दो चट्टानें) और उनकी काव्यगत विशेषताओं (जैसे हालावाद) का विस्तृत परिचय दिया गया है।

'आत्मपरिचय' कविता का मुख्य भाव क्या है?

'आत्मपरिचय' कविता में कवि स्वयं को जानने की कठिनाई, दुनिया के साथ अपने खट्टे-मीठे संबंधों और जीवन के विरोधाभासों (जैसे सुख-दुख, रोदन-राग) के सामंजस्य को व्यक्त करता है।

'एक गीत' कविता का केंद्रीय संदेश क्या है?

'एक गीत' कविता प्रकृति के परिवर्तन के संदर्भ में लक्ष्य-प्राप्ति के लिए आशा, उत्साह और निरंतर प्रयास की आवश्यकता पर बल देती है।

ये समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान कविताओं की गहरी समझ, मुख्य भावों के विश्लेषण और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्टता प्रदान करके छात्रों को परीक्षा में अच्छे अंक लाने में मदद करेंगे।

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