कक्षा 11 इतिहास: यायावर साम्राज्य - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 11 के लिए 'विश्व इतिहास के कुछ विषय' पुस्तक के अध्याय 5, 'यायावर साम्राज्य' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें मंगोलों के लिए व्यापार के महत्व, चंगेज़ खान द्वारा मंगोल कबीलों को नई सामाजिक और सैन्य इकाइयों में पुनर्गठित करने के कारणों, और 'यास' (विधि-संहिता) के संबंध में परवर्ती मंगोलों के विचारों का विस्तृत विश्लेषण शामिल है। समाधान इस बात पर भी प्रकाश डालते हैं कि कैसे शहरी साहित्यकारों द्वारा लिखित विवरण यायावर समाजों के बारे में प्रतिकूल धारणाएँ बना सकते हैं और फ़ारसी इतिवृत्तकारों द्वारा मंगोल अभियानों में हताहतों की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर बताने के कारणों की पड़ताल करते हैं। ये समाधान छात्रों को मंगोल साम्राज्य की जटिलताओं और उनके ऐतिहासिक अभ्यासों की गहरी समझ प्रदान करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | विश्व इतिहास के कुछ विषय |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 5. यायावर साम्राज्य |
Chapter summary
कक्षा 11 के लिए 'यायावर साम्राज्य' NCERT समाधान अध्याय 5 के मुख्य विषयों को कवर करते हैं। यह खंड मंगोलों के लिए व्यापार की महत्वपूर्ण भूमिका, चंगेज़ खान द्वारा सामाजिक और सैन्य पुनर्गठन की आवश्यकता, और 'यास' के प्रति परवर्ती मंगोलों के मिश्रित विचारों की पड़ताल करता है। यह शहरी इतिहासकारों के पूर्वाग्रहों और मंगोल अभियानों के हिंसक चित्रण पर भी चर्चा करता है। ये समाधान छात्रों को यायावर समाजों की जटिलताओं को समझने में मदद करते हैं।
Learning outcomes
- मंगोलों के लिए व्यापार के महत्व को समझना।
- चंगेज़ खान द्वारा मंगोल कबीलों के पुनर्गठन के कारणों का विश्लेषण करना।
- 'यास' के संबंध में परवर्ती मंगोलों के विचारों का मूल्यांकन करना।
- शहरी इतिहासकारों के दृष्टिकोण से यायावर समाजों के चित्रण की आलोचनात्मक जाँच करना।
- मंगोल अभियानों के ऐतिहासिक विवरणों में अतिशयोक्ति के कारणों को पहचानना।
Topics covered
Paper topics
- मंगोलों का व्यापार
- स्टेपी क्षेत्र के संसाधन
- चीन-मंगोल व्यापार संबंध
- चंगेज़ खान का सामाजिक और सैन्य पुनर्गठन
- मंगोल कबीलों का विभाजन
- नई सैन्य इकाइयाँ (दशमलव प्रणाली)
- 'यास' (विधि-संहिता)
- परवर्ती मंगोलों का यास के प्रति दृष्टिकोण
- उत्तराधिकार संघर्ष
- शहरी साहित्यकारों का दृष्टिकोण
- यायावर समाजों का चित्रण
- मंगोल अभियानों का अतिरंजित वर्णन
Important topics
- मंगोलों के लिए व्यापार का महत्व
- चंगेज़ खान द्वारा सामाजिक और सैन्य पुनर्गठन
- 'यास' और परवर्ती मंगोलों के साथ इसका संबंध
- शहरी इतिहासकारों द्वारा यायावर समाजों का चित्रण
- मंगोल अभियानों के ऐतिहासिक विवरणों का विश्लेषण
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Questions and Solutions
Q1. मंगोलों के लिए व्यापार इतना महत्त्वपूर्ण क्यों था?
स्टेपी क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों की कमी के कारण, मंगोलों और अन्य मध्य-एशियाई यायावर समुदायों को अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपने पड़ोसी चीनवासियों के साथ व्यापार करना आवश्यक था। यह व्यापार दोनों पक्षों के लिए लाभदायक था। यायावर कबीले खेती से प्राप्त उत्पाद और लोहे के उपकरण चीन से लाते थे, और बदले में घोड़े, फर और शिकार किए गए जानवरों का विनिमय करते थे।
व्यापारिक गतिविधियों में अक्सर तनाव उत्पन्न होता था क्योंकि दोनों पक्ष अधिकतम लाभ प्राप्त करना चाहते थे। स्टेपी प्रदेशों की जलवायु खेती के लिए केवल कुछ निश्चित ऋतुओं में ही अनुकूल होती थी। मंगोलों ने तुर्की लोगों के विपरीत कृषि पर अधिक ध्यान केंद्रित नहीं किया। इसलिए, खाद्य उत्पादों और लोहे के औजारों जैसी आवश्यक वस्तुओं के लिए वे चीन पर निर्भर थे। इस प्रकार, एक पशुपालक और शिकारी समाज के अस्तित्व के लिए व्यापार एक अनिवार्य घटक था।
Q2. चंगेज़ खान ने यह क्यों अनुभव किया कि मंगोल कबीलों को नवीन सामाजिक और सैनिक इकाइयों में विभक्त करने की आवश्यकता है?
मंगोलों और अन्य घुमक्कड़ समाजों में, प्रत्येक सक्षम युवा सदस्य हथियार चलाने में सक्षम होता था और आवश्यकता पड़ने पर एक सशस्त्र सेना के रूप में संगठित हो जाता था। विभिन्न मंगोल जनजातियों के एकीकरण और बाद के अभियानों के कारण चंगेज़ खान की सेना में विभिन्न पृष्ठभूमि के लोग शामिल हुए। उसकी सेना, जो पहले एक छोटा और सजातीय समूह थी, एक विशाल और विषमजातीय संगठन में बदल गई, जिसमें उइगुर जैसे तुर्की मूल के लोग और केराइट जैसे पराजित शत्रु भी शामिल थे।
चंगेज़ खान अपनी सत्ता को सुरक्षित करने और संभावित विद्रोहों को रोकने के लिए इन विभिन्न जनजातीय समूहों की पहचान को मिटाना चाहता था। उसने अपनी सेना को पुरानी दशमलव प्रणाली के अनुसार पुनर्गठित किया, जिसमें दस, सौ, हज़ार और दस हज़ार सैनिकों की इकाइयाँ थीं। पुरानी व्यवस्था में, कुल (clan), कबीला (tribe) और दशमलव सैन्य इकाइयाँ एक साथ जुड़ी होती थीं। चंगेज़ खान ने इस प्रथा को समाप्त कर दिया। उसने प्राचीन जनजातीय समूहों को विभाजित किया और उनके सदस्यों को नई सैन्य इकाइयों में पुनर्वितरित किया। सैनिकों की सबसे बड़ी इकाई, जिसे 'तुमन' कहा जाता था, में लगभग दस हज़ार सैनिक होते थे, जिनमें विभिन्न कबीलों और कुलों के सदस्य शामिल होते थे। इस प्रकार, उसने न केवल सैन्य बल्कि सामाजिक व्यवस्था को भी बदला, विभिन्न वंशों और कुलों को एकीकृत किया और उन्हें एक नई सामूहिक पहचान दी।
Q3. यास के बारे में परवर्ती मंगोलों का चिंतन किस प्रकार चंगेज़ खान की स्मृति के साथ जुड़े हुए उनके तनावपूर्ण संबंधों को उजागर करता है?
चंगेज़ खान के बाद, परवर्ती मंगोलों ने 'यास' (विधि-संहिता) को स्वीकार तो कर लिया, लेकिन चंगेज़ खान की स्मृति के साथ उनके मन में एक जटिल और तनावपूर्ण संबंध बना रहा। इस तनाव के कारण वे पूरी तरह से एकजुट नहीं रह सके और उनमें आपसी फूट पड़ गई।
विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहाँ मंगोलों का निवास स्थान स्टेपी-आवास से दूर था, वहाँ तेरहवीं सदी के मध्य तक व्यक्तिगत राजवंश बनाने की प्रवृत्ति उभरने लगी। प्रत्येक शासक अपने 'उलुस' (अधिकृत क्षेत्र) का स्वामी बनकर एक नए राज्य की स्थापना करना चाहता था। यह आंशिक उत्तराधिकार के संघर्ष का परिणाम था, जिसमें चंगेज़ खान के वंशजों के बीच महान पद और बेहतर चरागाह भूमि प्राप्त करने के लिए होड़ लगी रहती थी। उदाहरण के लिए, टोलुई वंशजों ने चीन और ईरान पर शासन करने के लिए युआन और इल-खानी की स्थापना की, जबकि जोची ने सुनहरा गिरोह (Golden Horde) का गठन किया और रूस के स्टेपी क्षेत्रों पर कब्जा किया।
'यास' मूल रूप से मंगोल जनजाति की प्रथागत रीति-रिवाजों का संकलन था, जिसे चंगेज़ खान के वंशजों ने उसकी विधि-संहिता के रूप में अपनाया। वे जानते थे कि चंगेज़ खान ने 1221 में बुखारा के लोगों की निंदा की थी और उन्हें दंडित करने का आदेश दिया था। इस 'यास' ने उसके उत्तराधिकारियों के शासनकाल में कठिनाइयाँ उत्पन्न कीं। चंगेज़ खान की स्मृति के कारण उनके वंशजों के मन में शंका और तनाव बना रहा। वे अब चंगेज़ खान के कठोर नियमों को अपनी प्रजा पर आसानी से लागू नहीं कर सकते थे, क्योंकि वे स्वयं अधिक सभ्य हो चुके थे और उन्होंने कई सभ्य जातियों पर शासन स्थापित कर लिया था। चंगेज़ खान के वंशजों को विरासत में एक शक्तिशाली साम्राज्य तो मिला, लेकिन उन्हें एक बसे हुए समाज में अपनी धाक जमानी थी, जहाँ वे चंगेज़ खान की तरह वीरता का प्रदर्शन नहीं कर सकते थे। इस प्रकार, 'यास' का संकलन चंगेज़ खान की स्मृति से गहराई से जुड़ा हुआ था और इसने परवर्ती मंगोलों के लिए एक जटिल विरासत छोड़ी।
Q4. यदि इतिहास नगरों में रहने वाले साहित्यकारों के लिखित विवरणों पर निर्भर करता है तो यायावर समाजों के बारे में हमेशा प्रतिकूल विचार ही रखे जाएँगे। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? क्या आप इसका कारण बताएँगे कि फ़ारसी इतिवृत्तकारों ने मंगोल अभियानों में मारे गए लोगों की इतनी बढ़ा-चढ़ाकर संख्या क्यों बताई है?
यह कथन काफी हद तक सही है कि यदि इतिहास केवल नगरों में रहने वाले साहित्यकारों के लिखित विवरणों पर निर्भर करता है, तो यायावर समाजों के बारे में प्रायः प्रतिकूल विचार ही प्रस्तुत किए जाएँगे। इसका मुख्य कारण यह है कि शहरी साहित्यकार अक्सर अपनी शहरी संस्कृति, मूल्यों और दृष्टिकोण से प्रभावित होते हैं। वे यायावर जीवन शैली, उनकी सामाजिक संरचनाओं और उनकी प्रथाओं को अपनी समझ के अनुसार व्याख्यायित करते हैं, जो अक्सर उनके शहरी पूर्वाग्रहों से ग्रस्त होती है। यायावर समाज, जो घुमंतू जीवन जीते हैं और जिनकी संस्कृति शहरी जीवन से भिन्न होती है, को अक्सर 'असभ्य', 'बर्बर' या 'अव्यवस्थित' के रूप में चित्रित किया जा सकता है, क्योंकि वे शहरी मानदंडों पर खरे नहीं उतरते।
फ़ारसी इतिवृत्तकारों द्वारा मंगोल अभियानों में मारे गए लोगों की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर बताने के कई कारण हो सकते हैं:
- मंगोलों की क्रूरता का चित्रण: फ़ारसी इतिहासकार अक्सर मंगोलों के विजय अभियानों के विनाशकारी प्रभाव को उजागर करना चाहते थे। हताहतों की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर बताने से मंगोलों की क्रूरता और बर्बरता का एक अधिक भयावह चित्र प्रस्तुत होता था, जो संभवतः उनके पाठकों या शासकों को संतुष्ट करता था।
- शहरी पूर्वाग्रह: जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, शहरी इतिहासकार यायावर समाजों के प्रति स्वाभाविक रूप से पूर्वाग्रह रख सकते हैं। मंगोलों द्वारा शहरों पर किए गए हमलों और उनमें हुई तबाही को बढ़ा-चढ़ाकर बताना उनके शहरी दृष्टिकोण का प्रतिबिंब हो सकता है।
- राजनीतिक उद्देश्य: कभी-कभी, ऐतिहासिक विवरणों को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए भी इस्तेमाल किया जाता था। मंगोलों की शक्ति और उनके द्वारा किए गए विनाश को बढ़ा-चढ़ाकर बताने से अन्य शक्तियों को चेतावनी दी जा सकती थी या मंगोलों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया जा सकता था।
- साहित्यिक अतिशयोक्ति: ऐतिहासिक वृत्तांतों में अक्सर साहित्यिक अतिशयोक्ति का प्रयोग किया जाता था ताकि कथा को अधिक रोचक और प्रभावशाली बनाया जा सके। हताहतों की संख्या को बढ़ाना इस अतिशयोक्ति का एक हिस्सा हो सकता है।
- सूचना की कमी: कुछ मामलों में, सटीक संख्यात्मक डेटा उपलब्ध नहीं हो सकता है, और इतिहासकार अनुमानों या अफवाहों के आधार पर संख्याएँ बता सकते हैं, जिन्हें बाद में बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया जा सकता है।
इस प्रकार, यह कहना उचित है कि केवल शहरी साहित्यकारों के विवरणों पर निर्भर रहने से यायावर समाजों का एकतरफा और अक्सर नकारात्मक चित्रण सामने आएगा, और मंगोल अभियानों के विवरणों में अतिशयोक्ति के पीछे कई सांस्कृतिक, राजनीतिक और साहित्यिक कारण थे।
Common mistakes
- यायावर समाजों के बारे में शहरी इतिहासकारों के पूर्वाग्रहों को अनदेखा करना।
- मंगोलों के व्यापारिक संबंधों की जटिलताओं को कम आंकना।
- चंगेज़ खान के सैन्य और सामाजिक सुधारों के पीछे के कारणों को सतही तौर पर समझना।
- 'यास' के महत्व और उसके प्रति मंगोलों की प्रतिक्रिया को गलत समझना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को मुख्य बिंदुओं में सारांशित करें।
- चंगेज़ खान के सुधारों और उनके परिणामों पर ध्यान केंद्रित करें।
- शहरी बनाम यायावर दृष्टिकोण के अंतर को समझें।
- यायावर समाजों के व्यापारिक और सामाजिक संरचनाओं के बीच संबंध स्थापित करें।
Practice MCQs
Q1. मंगोलों के लिए व्यापार इतना महत्वपूर्ण क्यों था?
Explanation: स्टेपी क्षेत्रों में संसाधनों की कमी थी, इसलिए मंगोलों को चीन से कृषि उत्पाद और लोहे के उपकरण प्राप्त करने के लिए व्यापार करना पड़ता था।
Q2. चंगेज़ खान ने मंगोल कबीलों को नई सामाजिक और सैनिक इकाइयों में क्यों विभक्त किया?
Explanation: चंगेज़ खान ने कबीलों की पुरानी पहचान को समाप्त कर दिया और उन्हें नई सैन्य इकाइयों में पुनर्गठित किया ताकि वे संगठित होकर उसकी सत्ता को चुनौती न दे सकें।
Q3. 'यास' क्या था?
Explanation: यास चंगेज़ खान की विधि-संहिता थी, जिसमें मंगोल जनजाति की प्रथागत रीति-रिवाजों और नियमों का संकलन था।
Q4. परवर्ती मंगोलों का 'यास' के प्रति रवैया कैसा था?
Explanation: परवर्ती मंगोलों ने यास को स्वीकार किया, लेकिन चंगेज़ खान की कठोरता और अपनी प्रजा के सभ्य हो जाने के कारण वे इसके नियमों को पूरी तरह से लागू नहीं कर सके।
Q5. फ़ारसी इतिवृत्तकारों ने मंगोल अभियानों में मारे गए लोगों की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर क्यों बताई?
Explanation: फ़ारसी इतिवृत्तकारों ने मंगोलों की क्रूरता को अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने और संभवतः अपने शासकों को संतुष्ट करने के लिए हताहतों की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर बताया।
Frequently asked questions
कक्षा 11 के इतिहास के अध्याय 5 'यायावर साम्राज्य' में मुख्य रूप से किन विषयों पर चर्चा की गई है?
इस अध्याय में मंगोलों के लिए व्यापार के महत्व, चंगेज़ खान द्वारा मंगोल कबीलों को नई सामाजिक और सैन्य इकाइयों में पुनर्गठित करने के कारणों, और 'यास' (विधि-संहिता) के संबंध में परवर्ती मंगोलों के विचारों पर चर्चा की गई है। यह शहरी इतिहासकारों के दृष्टिकोण और मंगोल अभियानों के चित्रण पर भी प्रकाश डालता है।
मंगोलों के लिए व्यापार इतना महत्वपूर्ण क्यों था?
स्टेपी क्षेत्रों में संसाधनों की कमी के कारण मंगोलों को कृषि उत्पादों और लोहे के उपकरणों जैसी आवश्यक वस्तुओं के लिए चीन जैसे पड़ोसी क्षेत्रों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे व्यापार उनके लिए महत्वपूर्ण हो गया।
चंगेज़ खान ने मंगोल कबीलों को नई इकाइयों में क्यों बांटा?
चंगेज़ खान ने कबीलों की पुरानी पहचान को मिटाकर और उन्हें नई सैन्य इकाइयों में पुनर्गठित करके अपनी सत्ता को मजबूत करना चाहा और यह सुनिश्चित किया कि वे संगठित होकर उसकी सत्ता को चुनौती न दे सकें।
'यास' क्या था और परवर्ती मंगोलों ने इसे कैसे देखा?
'यास' चंगेज़ खान द्वारा स्थापित विधि-संहिता थी। परवर्ती मंगोलों ने इसे स्वीकार तो किया, लेकिन चंगेज़ खान की कठोरता और स्वयं के सभ्य हो जाने के कारण वे इसके नियमों को अपनी प्रजा पर पूरी तरह से लागू करने में कठिनाई महसूस करते थे।
शहरी साहित्यकारों द्वारा लिखे गए इतिहास यायावर समाजों के बारे में क्या दर्शाते हैं?
शहरी साहित्यकारों द्वारा लिखे गए इतिहास अक्सर यायावर समाजों के बारे में प्रतिकूल विचार प्रस्तुत करते हैं, क्योंकि वे शहरी जीवन और मूल्यों से प्रभावित होते हैं और यायावर जीवन शैली को कमतर आंक सकते हैं।
फ़ारसी इतिवृत्तकारों ने मंगोल अभियानों में मारे गए लोगों की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर क्यों बताई?
फ़ारसी इतिवृत्तकारों ने संभवतः मंगोलों की क्रूरता को अधिक प्रभावी ढंग से चित्रित करने और अपने शासकों को प्रसन्न करने के लिए हताहतों की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर बताया।
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