कक्षा 11 इतिहास: मूल निवासियों का विस्थापन - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 11 इतिहास के अध्याय 10, 'मूल निवासियों का विस्थापन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका के मूल निवासियों के बीच अंतर, उन्नीसवीं सदी के संयुक्त राज्य अमेरिका में अंग्रेजी प्रभाव, 'फ्रंटियर' का अर्थ, ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों को इतिहास से बाहर रखने के कारण और संग्रहालयों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधानों को स्पष्ट और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत किया गया है, जिससे छात्रों को इन जटिल ऐतिहासिक अवधारणाओं को समझने में मदद मिलेगी। यह विस्तृत विश्लेषण छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है, जिससे वे मूल निवासियों के इतिहास और उनके विस्थापन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को गहराई से समझ सकें।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | विश्व इतिहास के कुछ विषय |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 10. मूल निवासियों का विस्थापन |
Chapter summary
कक्षा 11 इतिहास के अध्याय 10 के ये NCERT समाधान 'मूल निवासियों का विस्थापन' विषय पर केंद्रित हैं। इसमें उत्तरी और दक्षिणी अमेरिकी मूल निवासियों के बीच जीवन शैली और सामाजिक संरचना के अंतर, उन्नीसवीं सदी में अमेरिका पर यूरोपीय प्रभाव, 'फ्रंटियर' की अवधारणा का अर्थ और विस्तार, ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों के ऐतिहासिक बहिष्कार के कारण, और सांस्कृतिक समझ में संग्रहालयों की भूमिका जैसे प्रमुख बिंदुओं का विश्लेषण किया गया है। ये समाधान छात्रों को इन ऐतिहासिक घटनाओं और उनके प्रभावों को समझने में सहायता करते हैं।
Learning outcomes
- उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका के मूल निवासियों के बीच मुख्य अंतरों को पहचानना।
- उन्नीसवीं सदी में संयुक्त राज्य अमेरिका पर यूरोपीय सांस्कृतिक और सामाजिक प्रभावों का विश्लेषण करना।
- 'फ्रंटियर' की अवधारणा और अमेरिकी विस्तार में इसकी भूमिका को समझना।
- ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों के ऐतिहासिक बहिष्कार के कारणों की व्याख्या करना।
- सांस्कृतिक समझ में संग्रहालयों के महत्व का मूल्यांकन करना।
Topics covered
Paper topics
- उत्तरी और दक्षिणी अमरीका के मूल निवासी
- कृषि और शिकार आधारित जीवन शैली
- साम्राज्य निर्माण (माया, एज़्टेक, इंका)
- उन्नीसवीं सदी में संयुक्त राज्य अमेरिका
- यूरोपीय सभ्यता का प्रभाव
- प्रजातंत्र और पूंजीवादी अर्थव्यवस्था
- 'फ्रंटियर' की अवधारणा
- अमेरिकी विस्तारवाद
- ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासी
- यूरोपीय उपनिवेशवाद और मूल निवासी
- इतिहास लेखन में पूर्वाग्रह
- संग्रहालय और सांस्कृतिक समझ
Important topics
- उत्तरी और दक्षिणी अमरीका के मूल निवासियों के बीच अंतर
- संयुक्त राज्य अमेरिका पर यूरोपीय प्रभाव
- 'फ्रंटियर' का अर्थ और अमेरिकी विस्तार
- ऑस्ट्रेलियाई मूल निवासियों का ऐतिहासिक बहिष्कार
- सांस्कृतिक समझ में संग्रहालयों की भूमिका
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
उत्तरी अमरीका के मूल निवासी मुख्य रूप से शिकार करने, मछली पकड़ने और खाद्य संग्रहण पर निर्भर थे। उन्होंने बड़े पैमाने पर खेती करने या अनाज का भंडारण करने में विशेष रुचि नहीं दिखाई। वे भैंसों जैसे जंगली जानवरों का शिकार करते थे और संभवतः उनकी सवारी भी करते थे।
इसके विपरीत, दक्षिणी अमरीका के मूल निवासियों की सभ्यता का आधार कृषि थी, जिसमें मक्का प्रमुख फसल थी। वे शिकार और मछली पकड़ने में भी संलग्न थे। कृषि में उनकी प्रगति के कारण अधिशेष अनाज का उत्पादन संभव हुआ, जिसने माया, एज़्टेक और इंका जैसे विशाल साम्राज्यों के उदय में योगदान दिया। इन साम्राज्यों में एक संगठित शासन प्रणाली और सामाजिक संरचना थी, जो उत्तरी अमरीका के शिकारी-संग्राहक समुदायों से भिन्न थी। दक्षिणी अमरीका में भूमि के स्वामित्व को लेकर भी संघर्ष होते थे, जबकि उत्तरी अमरीका में ऐसी समस्याएँ कम थीं। इसके अतिरिक्त, दक्षिणी अमरीकी संस्कृतियों में औपचारिक संबंध स्थापित करने और उपहारों के आदान-प्रदान की परंपराएँ अधिक विकसित थीं।
प्रश्न 2
उन्नीसवीं सदी में संयुक्त राज्य अमेरिका को एक 'लघु इंग्लैंड' के रूप में देखा जा सकता है, क्योंकि 1763 में कनाडा पर नियंत्रण के बाद उत्तरी अमरीकी सभ्यता पर अंग्रेजी सभ्यता का गहरा प्रभाव पड़ा। अंग्रेजी भाषा के अलावा, निम्नलिखित आर्थिक और सामाजिक विशेषताएँ संयुक्त राज्य अमेरिका की संस्कृति में देखी जा सकती हैं:
- शासन प्रणाली: संयुक्त राज्य अमेरिका की शासन प्रणाली इंग्लैंड के समान प्रजातांत्रिक थी।
- रहन-सहन और खान-पान: दोनों देशों के निवासियों के रहन-सहन और खान-पान के स्तर में काफी समानता थी। मदिरा का सेवन दोनों समाजों में समान रूप से प्रचलित था।
- धर्म: संयुक्त राज्य अमेरिका में ईसाई धर्म का वर्चस्व था, जो इंग्लैंड की तरह ही रोमन कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट जैसे दो प्रमुख वर्गों में विभाजित था।
- अर्थव्यवस्था: दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पूर्णतः पूंजीवादी थी, जो आज भी जारी है।
हालांकि अंग्रेजी भाषा आज भी संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रमुख भाषा है, लेकिन इंग्लैंड की अंग्रेजी और अमेरिकी अंग्रेजी के बीच कुछ अंतर विकसित हो गए हैं। इन समानताओं के कारण, संयुक्त राज्य अमेरिका और इंग्लैंड के निवासियों को अक्सर एक ही सिक्के के दो पहलू माना जा सकता है।
प्रश्न 3
संयुक्त राज्य अमेरिका का जन्म 18वीं शताब्दी के अंतिम चरण में हुआ था। प्रारंभ में, यह राष्ट्र अटलांटिक तट पर बसे तेरह ब्रिटिश उपनिवेशों तक ही सीमित था। इन उपनिवेशों ने इंग्लैंड की औपनिवेशिक नीतियों के विरुद्ध स्वतंत्रता संग्राम लड़ा और 'संयुक्त राज्य अमेरिका' नामक एक नए राष्ट्र का उदय हुआ।
अपने जन्म के तुरंत बाद, इस नए राष्ट्र ने पश्चिम की ओर विस्तार करना शुरू कर दिया। अमरीकियों ने इस निरंतर विस्तार की प्रक्रिया को 'फ्रंटियर' की संज्ञा दी। अगले सौ वर्षों में, संयुक्त राज्य अमेरिका ने युद्धों और क्षेत्रों की खरीद के माध्यम से अपने अधिकार क्षेत्र का विस्तार किया। उदाहरण के लिए, इसने फ्रांस और रूस से लुइसियाना और अलास्का खरीदे, और मैक्सिको से युद्ध करके विशाल भू-भाग पर अपना आधिपत्य स्थापित किया।
इस विस्तार के दौरान, यह महत्वपूर्ण है कि क्रेता या विक्रेता ने स्थानीय निवासियों की राय लेना आवश्यक नहीं समझा। जैसे-जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका की पश्चिमी सीमा (फ्रंटियर) आगे बढ़ी, वैसे-वैसे वहाँ रहने वाले स्थानीय मूल निवासियों को भी पीछे हटने या विस्थापित होने के लिए मजबूर किया गया। इस प्रकार, 'फ्रंटियर' अमरीकियों के लिए न केवल भौगोलिक विस्तार का प्रतीक था, बल्कि यह मूल निवासियों के विस्थापन और संघर्ष का भी कारण बना।
प्रश्न 4
20वीं शताब्दी के मध्य तक ऑस्ट्रेलिया के इतिहास की पाठ्यपुस्तकों में मूल निवासियों का उल्लेख न के बराबर होने के कई कारण थे:
- प्रारंभिक संबंध और कैप्टन कुक की हत्या: 1770 में कैप्टन जेम्स कुक की ऑस्ट्रेलिया की खोज के बाद, शुरू में यूरोपीय लोगों का मूल निवासियों के प्रति व्यवहार सौहार्दपूर्ण था। हालाँकि, हवाई द्वीप में कैप्टन कुक की हत्या के बाद, अंग्रेजों और मूल निवासियों के बीच संबंध कटु हो गए, जिससे अंग्रेजों में मूल निवासियों के प्रति घृणा उत्पन्न हुई।
- यूरोपीय लोगों का दृष्टिकोण: इस घृणा के कारण, यूरोपीय लोगों ने ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों के बारे में जानकारी देने या लिखने में कोई रुचि नहीं दिखाई।
- संघर्ष और द्वंद्व: उस समय ऑस्ट्रेलिया का केवल तटीय भाग ही यूरोपीय लोगों द्वारा आबाद किया गया था। जब यूरोपीय लोगों ने मूल निवासियों को इन क्षेत्रों से हटाने की कोशिश की, तो दोनों पक्षों के बीच संघर्ष और द्वंद्व शुरू हो गया। इसके परिणामस्वरूप, यूरोपीय लोगों ने मूल निवासियों के बारे में लिखना बंद कर दिया।
- अपराधियों का निर्वासन: प्रारंभ में, इंग्लैंड से केवल अपराधियों को ही ऑस्ट्रेलिया भेजा जाता था, जो वहीं आजीवन रहते थे। इन अपराधियों में इंग्लैंड सरकार के प्रति रोष था, जिसे वे अक्सर मूल निवासियों को प्रताड़ित करके व्यक्त करते थे। इससे दोनों पक्षों के बीच घृणा की भावनाएँ और बढ़ीं।
इन सभी कारणों से, ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों को इतिहास की मुख्यधारा से बाहर रखा गया। हालाँकि, 1968 के बाद इस गलती को सुधारा गया और ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों को इतिहास में उचित स्थान दिया जाने लगा।
प्रश्न 5
किसी देश के संग्रहालय की गैलरी में प्रदर्शित वस्तुएँ उस देश की सभ्यता और संस्कृति को समझने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये वस्तुएँ हमें उस स्थान के निवासियों के रीति-रिवाजों, खान-पान, वेश-भूषा, कला, शिल्प, प्रौद्योगिकी और सामाजिक जीवन की एक झलक प्रदान करती हैं।
संग्रहालय के अनुभव का उदाहरण:
मान लीजिए कि हम किसी राष्ट्रीय संग्रहालय में जाते हैं। वहाँ हम प्राचीन बर्तनों को देखते हैं। इन बर्तनों के आकार, डिज़ाइन और उपयोग की विधि से हम उस काल के लोगों के दैनिक जीवन, उनके भोजन पकाने के तरीकों और उनकी कलात्मक रुचियों का अनुमान लगा सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, यदि संग्रहालय में उस क्षेत्र के पारंपरिक वस्त्र प्रदर्शित हैं, तो हम उनके रंग, बुनाई की तकनीक और पहनने के तरीके से उनकी सामाजिक स्थिति, जलवायु के अनुकूलन और सांस्कृतिक पहचान को समझ सकते हैं। औजारों और हथियारों के प्रदर्शन से हमें उनकी तकनीकी दक्षता, शिकार या युद्ध की विधियों और उनके जीवन की चुनौतियों का पता चलता है।
चित्र, मूर्तियाँ और अन्य कलाकृतियाँ उस समाज की धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक कथाओं, सामाजिक संरचनाओं और सौंदर्य बोध को दर्शाती हैं। पुरातात्विक खुदाई से प्राप्त अवशेष हमें उस सभ्यता के उत्थान और पतन के बारे में भी जानकारी दे सकते हैं।
इस प्रकार, संग्रहालयों में प्रदर्शित वस्तुएँ केवल निर्जीव वस्तुएँ नहीं होतीं, बल्कि वे अतीत की कहानियाँ कहती हैं और हमें विभिन्न संस्कृतियों को गहराई से समझने का अवसर प्रदान करती हैं। वे हमें अपने इतिहास से जुड़ने और विभिन्न समाजों के प्रति सम्मान विकसित करने में मदद करती हैं।
Common mistakes
- उत्तरी और दक्षिणी अमेरिकी मूल निवासियों की संस्कृतियों के बीच सूक्ष्म अंतरों को अनदेखा करना।
- 'फ्रंटियर' की अवधारणा को केवल भौगोलिक विस्तार तक सीमित समझना।
- ऑस्ट्रेलियाई मूल निवासियों के ऐतिहासिक बहिष्कार के बहुआयामी कारणों को सरलीकृत करना।
- संग्रहालयों की भूमिका को केवल वस्तुओं के संग्रह तक सीमित मानना।
Revision tips
- उत्तरी और दक्षिणी अमेरिकी मूल निवासियों की तुलना करते समय कृषि, शिकार और सामाजिक संरचना पर ध्यान केंद्रित करें।
- 'फ्रंटियर' के विस्तार के लिए युद्ध और खरीद दोनों तरीकों को याद रखें।
- ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों के इतिहास से बहिष्कार के कारणों को क्रमबद्ध तरीके से समझें।
- संग्रहालयों के उदाहरणों को अपनी समझ को स्पष्ट करने के लिए उपयोग करें।
Practice MCQs
Q1. उत्तरी अमरीका के मूल निवासी मुख्य रूप से किस पर निर्भर थे?
Explanation: उत्तरी अमरीका के मूल निवासी शिकार, मछली पकड़ने और संग्रहण पर अधिक निर्भर थे, जबकि उन्होंने बड़े पैमाने पर खेती या भंडारण नहीं किया।
Q2. दक्षिणी अमरीका की मूल निवासी सभ्यताओं का आधार क्या था?
Explanation: दक्षिणी अमरीका के मूल निवासियों की सभ्यता का मुख्य आधार कृषि थी, जिसमें मक्का प्रमुख फसल थी।
Q3. उन्नीसवीं सदी के संयुक्त राज्य अमेरिका को 'लघु इंग्लैंड' क्यों कहा गया?
Explanation: उन्नीसवीं सदी के संयुक्त राज्य अमेरिका में अंग्रेजी भाषा के अतिरिक्त शासन प्रणाली, रहन-सहन, खान-पान और धर्म जैसे सामाजिक-आर्थिक पहलुओं पर अंग्रेजी सभ्यता का गहरा प्रभाव था।
Q4. संयुक्त राज्य अमेरिका में 'फ्रंटियर' का क्या अर्थ था?
Explanation: संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए 'फ्रंटियर' का अर्थ पश्चिम की ओर निरंतर विस्तार का क्षेत्र था, जिसने देश को उसके वर्तमान आकार तक पहुँचाया।
Q5. ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों को इतिहास की किताबों से क्यों बाहर रखा गया था?
Explanation: कैप्टन कुक की मृत्यु के बाद यूरोपीय लोगों और मूल निवासियों के बीच कटुता आ गई, जिसके कारण यूरोपीय लोगों ने उनके बारे में लिखना बंद कर दिया, जिससे वे इतिहास से बाहर हो गए।
Frequently asked questions
कक्षा 11 इतिहास के अध्याय 10 में किन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में उत्तरी और दक्षिणी अमरीका के मूल निवासियों के बीच अंतर, उन्नीसवीं सदी में संयुक्त राज्य अमेरिका पर यूरोपीय प्रभाव, 'फ्रंटियर' की अवधारणा, ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों को इतिहास से बाहर रखने के कारण और संग्रहालयों की भूमिका जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
उत्तरी और दक्षिणी अमरीका के मूल निवासियों में क्या मुख्य अंतर थे?
उत्तरी अमरीका के मूल निवासी शिकार, मछली पकड़ने और संग्रहण पर अधिक निर्भर थे, जबकि दक्षिणी अमरीका के मूल निवासियों की सभ्यता का आधार कृषि थी, जिससे बड़े साम्राज्य विकसित हुए।
'फ्रंटियर' शब्द का संयुक्त राज्य अमेरिका के संदर्भ में क्या महत्व था?
संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए 'फ्रंटियर' का अर्थ पश्चिम की ओर निरंतर विस्तार का क्षेत्र था। इस विस्तार ने देश को उसके वर्तमान आकार तक पहुँचाया, लेकिन इसके कारण स्थानीय मूल निवासियों को विस्थापित होना पड़ा।
ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों को इतिहास की किताबों में क्यों शामिल नहीं किया गया था?
यूरोपीय लोगों और ऑस्ट्रेलियाई मूल निवासियों के बीच संघर्ष और कटुता के कारण, यूरोपीय इतिहासकारों ने उनके बारे में लिखना बंद कर दिया, जिससे वे इतिहास की मुख्यधारा से बाहर हो गए।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?
हाँ, ये समाधान विस्तृत स्पष्टीकरण और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करके छात्रों को परीक्षा की तैयारी में प्रभावी ढंग से मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
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