कक्षा 11 भूगोल: वायुमंडल का संघटन तथा संरचना - NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 11 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 11 के छात्रों के लिए 'भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत' पुस्तक के अध्याय 8, 'वायुमंडल का संघटन तथा संरचना' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें वायुमंडल बनाने वाली विभिन्न गैसों, जैसे नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, आर्गन और कार्बन डाइऑक्साइड के महत्व पर प्रकाश डाला गया है। समाधान वायुमंडल की परतों, जैसे क्षोभमंडल, समतापमंडल, मध्यमंडल और आयनमंडल की संरचना और विशेषताओं की भी व्याख्या करते हैं। छात्रों को धूलकणों और जलवाष्प जैसे अन्य घटकों के साथ-साथ मौसम और जलवायु के तत्वों को समझने में मदद मिलेगी। यह विस्तृत समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और संक्षिप्त समझ प्रदान करते हैं, जिससे वे वायुमंडल की जटिलताओं को आसानी से समझ सकें।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectभौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter8. वायुमंडल का संघटन तथा संरचना

Chapter summary

यह अध्याय वायुमंडल के संघटन और संरचना का विस्तृत विवरण प्रदान करता है। इसमें वायुमंडल में मौजूद प्रमुख गैसों, जैसे नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, आर्गन और कार्बन डाइऑक्साइड के प्रतिशत और महत्व को समझाया गया है। साथ ही, धूलकणों और जलवाष्प जैसे अन्य घटकों की भूमिका पर भी चर्चा की गई है। अध्याय वायुमंडल की विभिन्न परतों, जैसे क्षोभमंडल, समतापमंडल, मध्यमंडल और आयनमंडल की विशेषताओं और उनके महत्व को भी स्पष्ट करता है। यह समाधान छात्रों को इन अवधारणाओं को समझने में मदद करते हैं।

Learning outcomes

  • वायुमंडल में उपस्थित प्रमुख गैसों की पहचान करना और उनके प्रतिशत को समझना।
  • वायुमंडल की विभिन्न परतों (क्षोभमंडल, समतापमंडल, मध्यमंडल, आयनमंडल) की संरचना और विशेषताओं का वर्णन करना।
  • धूलकणों और जलवाष्प जैसे वायुमंडलीय घटकों के महत्व को समझना।
  • मौसम और जलवायु के प्रमुख तत्वों की सूची बनाना और उनका संक्षिप्त विवरण देना।
  • वायुमंडल के संघटन और संरचना से संबंधित बहुवैकल्पिक प्रश्नों को हल करना।
  • वायुमंडल के महत्व और मानव जीवन पर इसके प्रभाव को समझाना।

Topics covered

Paper topics

  • वायुमंडल का संघटन
  • वायुमंडल की संरचना
  • प्रमुख गैसें (नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड)
  • धूलकण
  • जलवाष्प
  • वायुमंडलीय परतें
  • क्षोभमंडल
  • समतापमंडल
  • मध्यमंडल
  • आयनमंडल
  • मौसम और जलवायु के तत्व
  • सौर विकिरण और पार्थिव विकिरण

Important topics

  • वायुमंडल की संरचना और परतें
  • प्रमुख गैसों का प्रतिशत और महत्व
  • क्षोभमंडल का महत्व
  • धूलकणों और जलवाष्प की भूमिका
  • मौसम और जलवायु के तत्व

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

बहुवैकल्पिक प्रश्न 1

प्रश्न 1: निम्नलिखित में से कौन-सी गैस वायुमंडल में सबसे अधिक मात्रा में मौजूद है?
  • (क) ऑक्सीजन
  • (ख) आर्गन
  • (ग) नाइट्रोजन
  • (घ) कार्बन डाइऑक्साइड
Solution: वायुमंडल में विभिन्न गैसें अलग-अलग मात्रा में पाई जाती हैं। इनमें नाइट्रोजन सबसे प्रचुर मात्रा में है, जो लगभग 78.8 प्रतिशत है। इसके बाद ऑक्सीजन (20.94 प्रतिशत), आर्गन (0.93 प्रतिशत) और अन्य गैसें जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, नीऑन, हीलियम आदि बहुत कम मात्रा में मौजूद हैं। इसलिए, नाइट्रोजन वायुमंडल में सबसे अधिक मात्रा में मौजूद गैस है।

उत्तर: (ग) नाइट्रोजन

बहुवैकल्पिक प्रश्न 2

प्रश्न 2: वह वायुमंडलीय परत जो मानव जीवन के लिए महत्त्वपूर्ण है?
  • (क) समतापमंडल
  • (ख) क्षोभमंडल
  • (ग) मध्यमंडल
  • (घ) आयनमंडल
Solution: वायुमंडल की विभिन्न परतें हैं, जिनमें क्षोभमंडल पृथ्वी की सतह के सबसे निकट स्थित है। इसी परत में मौसम की सभी प्रमुख घटनाएँ जैसे वर्षा, बादल, आंधी-तूफान आदि घटित होती हैं। इसके अतिरिक्त, इसमें धूलकण और जलवाष्प भी पाए जाते हैं, जो जीवन के लिए आवश्यक हैं। इसलिए, क्षोभमंडल मानव जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण वायुमंडलीय परत है।

उत्तर: (ख) क्षोभमंडल

बहुवैकल्पिक प्रश्न 3

प्रश्न 3: समुद्री नमक, पराग, राख, धुएँ की कालिमा, महीन मिट्टी किससे संबंधित हैं?
  • (क) गैस
  • (ख) जलवाष्प
  • (ग) धूलकण
  • (घ) उल्कापात
Solution: वायुमंडल में गैसों के अलावा अन्य सूक्ष्म कण भी निलंबित रहते हैं। समुद्री नमक के कण, पराग कण, राख, धुएँ की कालिमा और महीन मिट्टी के कण वायुमंडल में पाए जाने वाले धूलकणों के उदाहरण हैं। ये कण विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न होते हैं और वायुमंडल में फैले रहते हैं।

उत्तर: (ग) धूलकण

बहुवैकल्पिक प्रश्न 4

प्रश्न 4: निम्नलिखित में से कितनी ऊँचाई पर ऑक्सीजन की मात्रा नगण्य हो जाती है?
  • (क) 90 कि.मी.
  • (ख) 100 कि.मी.
  • (ग) 120 कि.मी.
  • (घ) 150 कि.मी.
Solution: जैसे-जैसे हम पृथ्वी की सतह से ऊपर की ओर बढ़ते हैं, वायुमंडल का घनत्व और उसमें मौजूद गैसों की मात्रा कम होती जाती है। ऑक्सीजन एक महत्वपूर्ण गैस है, लेकिन एक निश्चित ऊँचाई के बाद इसकी मात्रा बहुत कम हो जाती है। लगभग 120 किलोमीटर की ऊँचाई पर ऑक्सीजन की मात्रा इतनी कम हो जाती है कि उसे नगण्य माना जा सकता है।

उत्तर: (ग) 120 कि.मी.

बहुवैकल्पिक प्रश्न 5

प्रश्न 5: निम्नलिखित में से कौन-सी गैस सौर विकिरण के पारदर्शी है तथा पार्थिव विकिरण के लिए अपारदर्शी?
  • (क) ऑक्सीजन
  • (ख) नाइट्रोजन
  • (ग) हीलियम
  • (घ) कार्बन डाइऑक्साइड
Solution: वायुमंडल में कुछ गैसें ऐसी होती हैं जो सूर्य से आने वाले लघु-तरंग विकिरण (सौर विकिरण) के लिए पारदर्शी होती हैं, अर्थात उन्हें आसानी से गुजरने देती हैं। लेकिन, पृथ्वी की सतह से उत्सर्जित होने वाले दीर्घ-तरंग विकिरण (पार्थिव विकिरण) को वे अवशोषित कर लेती हैं। कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) एक ऐसी गैस है जो सौर विकिरण के लिए पारदर्शी है लेकिन पार्थिव विकिरण के लिए अपारदर्शी है, जिससे पृथ्वी का तापमान बना रहता है (ग्रीनहाउस प्रभाव)।

उत्तर: (घ) कार्बन डाइऑक्साइड

लघु उत्तरीय प्रश्न 1

प्रश्न 1: वायुमंडल से आप क्या समझते हैं?
Solution: वायुमंडल पृथ्वी के चारों ओर गैसों का एक विशाल आवरण है जो गुरुत्वाकर्षण बल के कारण पृथ्वी से बंधा हुआ है। यह विभिन्न प्रकार की गैसों का मिश्रण है, जिसमें जीवन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन और पौधों के लिए कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसें शामिल हैं। वायुमंडल पृथ्वी के कुल द्रव्यमान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसका लगभग 99% भाग पृथ्वी की सतह से 32 किलोमीटर की ऊँचाई तक स्थित है। यह रंगहीन और गंधहीन होता है, और जब यह हवा के रूप में बहता है, तभी हम इसे महसूस कर सकते हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न 2

प्रश्न 2: मौसम एवं जलवायु के तत्त्व कौन-कौन से हैं?
Solution: मौसम और जलवायु पृथ्वी के वायुमंडलीय दशाओं को दर्शाते हैं, और इनके मुख्य तत्त्व निम्नलिखित हैं:
  1. तापमान: यह किसी स्थान पर वायु की गर्माहट या ठंडक की मात्रा को मापता है और मौसम एवं जलवायु का एक प्रमुख निर्धारक है।
  2. वायुदाब: यह पृथ्वी की सतह पर वायु के भार के कारण लगने वाला बल है। ऊँचाई के साथ वायुदाब घटता है और यह मौसम को प्रभावित करता है।
  3. हवा: वायुदाब में अंतर के कारण हवा का क्षैतिज प्रवाह होता है, जिसे पवन कहते हैं। हवा की गति और दिशा मौसम और जलवायु को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करती है।
  4. आर्द्रता: वायु में उपस्थित जलवाष्प की मात्रा को आर्द्रता कहते हैं। यह बादलों के निर्माण और वर्षण (वर्षा, हिमपात आदि) के लिए जिम्मेदार है, जो मौसम और जलवायु के महत्वपूर्ण तत्व हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न 3

प्रश्न 3: वायुमंडल की संरचना के बारे में लिखें।
Solution: वायुमंडल की संरचना को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा जा सकता है, जो गैसों के अनुपात पर आधारित हैं:
  1. हेमोस्फेयर (Homosphere) या सममंडल: यह वायुमंडल का निचला भाग है, जो लगभग 90 किलोमीटर की ऊँचाई तक फैला हुआ है। इस परत में नाइट्रोजन (लगभग 78.8%), ऑक्सीजन (लगभग 20.94%) और आर्गन (लगभग 0.93%) जैसी प्रमुख गैसों का अनुपात लगभग समान रहता है। ये तीन गैसें मिलकर शुष्क हवा का 99% भाग बनाती हैं। इसमें कार्बन डाइऑक्साइड, नीऑन, हीलियम, ओजोन, हाइड्रोजन, क्रिप्टॉन और जेनन जैसी अन्य गैसें भी अल्प मात्रा में पाई जाती हैं। नीऑन, क्रिप्टॉन और जेनन को उत्कृष्ट गैसें भी कहा जाता है।
  2. हेट्रोस्फेयर (Heterosphere) या विषममंडल: यह 90 किलोमीटर की ऊँचाई से ऊपर का वायुमंडल है। इस परत में गैसों का अनुपात बदल जाता है और हल्की गैसें जैसे हाइड्रोजन और हीलियम भारी गैसों की तुलना में अधिक प्रभावी हो जाती हैं। इस परत में गैसों का वितरण उनकी आणविक भार के अनुसार होता है।

लघु उत्तरीय प्रश्न 4

प्रश्न 4: वायुमंडल के सभी संस्तरों में क्षोभमंडल सबसे अधिक महत्वपूर्ण क्यों है?
Solution: क्षोभमंडल वायुमंडल की सबसे निचली परत है और यह मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके महत्व के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
  1. जीवन का आधार: यह परत पृथ्वी की सतह के सबसे निकट है और इसमें जीवन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन गैस प्रचुर मात्रा में पाई जाती है।
  2. मौसम की घटनाएँ: सभी प्रकार के मौसमी परिवर्तन, जैसे वर्षा, बादल, आंधी, तूफान, ओलावृष्टि आदि इसी परत में घटित होते हैं।
  3. जलवाष्प और धूलकण: क्षोभमंडल में जलवाष्प और धूलकण पाए जाते हैं। जलवाष्प संघनन द्वारा मेघों का निर्माण करता है और वर्षा के लिए उत्तरदायी है। धूलकण सूर्य की किरणों को परावर्तित और अवशोषित करके तापमान को नियंत्रित करने में भूमिका निभाते हैं।
  4. तापमान नियंत्रण: जलवाष्प और कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसें पार्थिव विकिरण को अवशोषित कर पृथ्वी के तापमान को रहने योग्य बनाए रखती हैं।
  5. जैविक क्रियाकलाप: अधिकांश जैविक क्रियाकलाप और मानव गतिविधियाँ इसी परत में संपन्न होती हैं।
इन सभी कारणों से, क्षोभमंडल वायुमंडल के अन्य सभी संस्तरों की तुलना में सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।

Common mistakes

  • वायुमंडल की विभिन्न परतों के क्रम और उनकी विशेषताओं को याद रखने में भ्रमित होना।
  • गैसों के प्रतिशत को गलत याद रखना या उनकी तुलना में त्रुटि करना।
  • मौसम और जलवायु के तत्वों के बीच अंतर को स्पष्ट रूप से न समझ पाना।
  • धूलकणों और जलवाष्प की भूमिका को कम आंकना।

Revision tips

  • वायुमंडल की परतों को क्रम से याद करने के लिए एक निमोनिक (स्मृति सहायक) तकनीक का उपयोग करें।
  • प्रत्येक गैस के प्रतिशत और उसके महत्व को सारणीबद्ध रूप में लिखें।
  • मौसम और जलवायु के तत्वों को एक तालिका में सूचीबद्ध करें और उनके बीच के अंतर को समझें।
  • बहुवैकल्पिक प्रश्नों का अभ्यास करें और गलत उत्तरों के कारणों का विश्लेषण करें।

Practice MCQs

Q1. वायुमंडल में सबसे अधिक मात्रा में कौन सी गैस पाई जाती है?

Q2. मानव जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण वायुमंडलीय परत कौन सी है?

Q3. समुद्री नमक, पराग और राख जैसे कण वायुमंडल के किस घटक से संबंधित हैं?

Q4. लगभग कितनी ऊँचाई पर ऑक्सीजन की मात्रा नगण्य हो जाती है?

Q5. कौन सी गैस सौर विकिरण के लिए पारदर्शी है लेकिन पार्थिव विकिरण के लिए अपारदर्शी है?

Frequently asked questions

कक्षा 11 भूगोल के अध्याय 8 में किन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है?

इस अध्याय में वायुमंडल का संघटन (गैसें, धूलकण, जलवाष्प) और वायुमंडल की संरचना (विभिन्न परतें जैसे क्षोभमंडल, समतापमंडल, मध्यमंडल, आयनमंडल) जैसे विषयों को शामिल किया गया है। मौसम और जलवायु के तत्वों पर भी चर्चा की गई है।

वायुमंडल में सबसे अधिक मात्रा में कौन सी गैस पाई जाती है और उसका प्रतिशत कितना है?

वायुमंडल में सबसे अधिक मात्रा में नाइट्रोजन गैस पाई जाती है, जिसका प्रतिशत लगभग 78.8% है।

मानव जीवन के लिए वायुमंडल की कौन सी परत सबसे महत्वपूर्ण है और क्यों?

क्षोभमंडल मानव जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण परत है क्योंकि यह पृथ्वी की सतह के सबसे निकट है, यहीं पर मौसम की सभी घटनाएँ होती हैं, और इसमें जीवन के लिए आवश्यक गैसें, धूलकण और जलवाष्प पाए जाते हैं।

धूलकण वायुमंडल में क्या भूमिका निभाते हैं?

धूलकण जलवाष्प के संघनन के लिए नाभिक के रूप में कार्य करते हैं, जिससे मेघों का निर्माण होता है। वे सूर्य की गर्मी को अवशोषित और परावर्तित करके तापमान को भी प्रभावित करते हैं।

ये NCERT समाधान कक्षा 11 के छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को वायुमंडल के संघटन और संरचना की अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद मिलती है। यह परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित करने और अभ्यास करने में सहायक हैं।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.