कक्षा 11 भौतिकी: गति के नियम NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 11 भौतिकी के अध्याय 5, 'गति के नियम' के लिए व्यापक NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें न्यूटन के गति के नियमों की गहन व्याख्या शामिल है, जिसमें जड़त्व, संवेग और बल की अवधारणाएँ शामिल हैं। समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिसमें विभिन्न परिदृश्यों में शुद्ध बल की गणना, संवेग संरक्षण के अनुप्रयोग और घर्षण तथा अन्य विरोधी बलों की भूमिका शामिल है। ये समाधान छात्रों को इन मूलभूत सिद्धांतों को समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | भौतिक विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 5. गति के नियम |
Chapter summary
कक्षा 11 भौतिकी के अध्याय 5 के ये NCERT समाधान 'गति के नियम' पर केंद्रित हैं। यह अध्याय न्यूटन के गति के तीन नियमों, जड़त्व की अवधारणा, बल के विभिन्न प्रकारों और संवेग संरक्षण के सिद्धांत की पड़ताल करता है। समाधानों में विभिन्न व्यावहारिक स्थितियों का विश्लेषण शामिल है, जैसे कि विभिन्न वस्तुओं पर शुद्ध बल का निर्धारण और गति के नियमों का अनुप्रयोग। यह छात्रों को भौतिकी की इन आधारभूत अवधारणाओं को समझने और समस्याओं को हल करने में सहायता करता है।
Learning outcomes
- न्यूटन के गति के नियमों को समझना।
- विभिन्न परिदृश्यों में शुद्ध बल की गणना करना।
- जड़त्व की अवधारणा को लागू करना।
- संवेग और उसके संरक्षण के सिद्धांत को समझना।
- मुक्त-पतन और प्रक्षेपण गति में बलों का विश्लेषण करना।
Topics covered
Paper topics
- न्यूटन के गति के नियम
- जड़त्व
- बल (नेट बल)
- द्रव्यमान
- संवेग
- गुरुत्वाकर्षण
- मुक्त पतन
- प्रारंभिक वेग
- अंतिम वेग
- त्वरण
- ऊर्ध्वाधर गति
- क्षैतिज गति
Important topics
- न्यूटन के गति के तीनों नियम
- नेट बल की गणना
- जड़त्व और द्रव्यमान के बीच संबंध
- संवेग संरक्षण का सिद्धांत
- गुरुत्वाकर्षण के अधीन गति
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
- एकसमान चाल से नीचे गिरती वर्षा की कोई बूँद।
- जल में तैरता 10 g संहति का कोई कार्क।
- कुशलता से आकाश में स्थिर रोकी गई कोई पतंग।
- 30 km/h के एकसमान वेग से ऊबड़-खाबड़ सड़क पर गतिशील कोई कार।
- सभी गुरुत्वीय पिण्डों से दूर तथा विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों से मुक्त, अंतरिक्ष में तीव्र चाल वाला इलेक्ट्रॉन।
न्यूटन के गति के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी वस्तु पर कार्यरत् नेट बल उसके द्रव्यमान और त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है ()। यदि कोई वस्तु एकसमान चाल से गति कर रही है या स्थिर है, तो उसका त्वरण शून्य होता है, जिसके परिणामस्वरूप उस पर कार्यरत् नेट बल भी शून्य होता है।
- वर्षा की बूँद एकसमान चाल से नीचे गिर रही है, जिसका अर्थ है कि इसका त्वरण शून्य है। अतः, बूँद पर कार्यरत् नेट बल शून्य है।
- जल में तैरता हुआ कार्क उत्प्लावन बल द्वारा संतुलित होता है, जिससे उस पर कार्यरत् नेट बल शून्य हो जाता है।
- पतंग आकाश में स्थिर रोकी गई है, इसलिए उसका त्वरण शून्य है। अतः, पतंग पर कार्यरत् नेट बल शून्य है।
- कार एकसमान वेग (30 km/h) से गतिशील है, जिसका अर्थ है कि उसका त्वरण शून्य है। अतः, कार पर कार्यरत् नेट बल शून्य है।
- अंतरिक्ष में गुरुत्वीय, विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों से दूर तीव्र चाल वाला इलेक्ट्रॉन किसी भी बाहरी बल के प्रभाव में नहीं है। यदि कोई बल कार्य नहीं कर रहा है, तो त्वरण शून्य है, और इसलिए नेट बल भी शून्य है।
प्रश्न 2
- उपरिमुखी गति के समय।
- अधोमुखी गति के समय।
- उच्चतम बिंदु पर जहाँ क्षण भर के लिए यह विराम में रहता है। यदि कंकड़ को क्षैतिज दिशा से 45° कोण पर फेंका जाए, तो क्या आपके उत्तर में कोई परिवर्तन होगा?
जब कोई वस्तु गुरुत्वाकर्षण के अधीन गति करती है (ऊपर फेंकी जाए या नीचे गिरे), तो उस पर पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल कार्य करता है, जो त्वरण के रूप में प्रकट होता है। यहाँ है और यह हमेशा नीचे की ओर निर्देशित होता है। कंकड़ का द्रव्यमान है।
कंकड़ पर कार्यरत् नेट बल द्वारा दिया जाता है, जहाँ त्वरण है। गुरुत्वाकर्षण के अधीन गति में, (नीचे की ओर)।
नेट बल का परिमाण होगा:
- उपरिमुखी (ऊपर की ओर) गति के समय: कंकड़ ऊपर की ओर गति कर रहा है, लेकिन उस पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल नीचे की ओर है। अतः, कंकड़ पर नेट बल 0.50 N नीचे की ओर कार्य करेगा।
- अधोमुखी (नीचे की ओर) गति के समय: कंकड़ नीचे की ओर गति कर रहा है और गुरुत्वाकर्षण बल भी नीचे की ओर है। अतः, कंकड़ पर नेट बल 0.50 N नीचे की ओर कार्य करेगा।
- उच्चतम बिंदु पर: उच्चतम बिंदु पर, कंकड़ क्षण भर के लिए रुक जाता है, लेकिन गुरुत्वाकर्षण बल अभी भी उस पर नीचे की ओर कार्य कर रहा है। अतः, कंकड़ पर नेट बल 0.50 N नीचे की ओर कार्य करेगा।
यदि कंकड़ को क्षैतिज से 45° कोण पर फेंका जाए:
कंकड़ पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल (और इसलिए नेट बल) केवल ऊर्ध्वाधर दिशा में होता है और यह नीचे की ओर ही रहेगा, चाहे कंकड़ को किसी भी कोण पर फेंका गया हो। प्रक्षेपण कोण केवल क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर वेग के घटकों को प्रभावित करता है, न कि उस पर लगने वाले गुरुत्वाकर्षण बल को। उच्चतम बिंदु पर, ऊर्ध्वाधर वेग शून्य हो जाएगा, लेकिन क्षैतिज वेग बना रहेगा, और नेट बल अभी भी नीचे की ओर होगा।
प्रश्न 3
- पत्थर को स्थिर रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने के तुरंत पश्चात्।
- पत्थर को 36 kmh-1 के एकसमान वेग से गतिशील किसी रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने के तुरंत पश्चात्।
- पत्थर को 1 ms-2 के त्वरण से गतिशील किसी रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने के तुरंत पश्चात्।
- पत्थर 1 ms-2 के त्वरण से गतिशील किसी रेलगाड़ी के फर्श पर पड़ा है तथा वह रेलगाड़ी के सापेक्ष विराम में है।
पत्थर का द्रव्यमान है। गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण (नीचे की ओर) है। जब कोई वस्तु गिराई जाती है, तो उस पर मुख्य रूप से गुरुत्वाकर्षण बल कार्य करता है।
- स्थिर रेलगाड़ी से गिराने पर: जब पत्थर को स्थिर रेलगाड़ी से गिराया जाता है, तो यह मुक्त रूप से गुरुत्वाकर्षण के अधीन गिरता है। इस पर लगने वाला नेट बल केवल गुरुत्वाकर्षण बल होगा। यह बल ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर कार्य करेगा।
- एकसमान वेग से गतिशील रेलगाड़ी से गिराने पर: रेलगाड़ी 36 km/h (या ) के एकसमान वेग से चल रही है। जैसे ही पत्थर खिड़की से बाहर गिरता है, उस पर केवल गुरुत्वाकर्षण बल कार्य करता है। रेलगाड़ी का एकसमान वेग पत्थर पर कोई अतिरिक्त क्षैतिज बल आरोपित नहीं करता है। यह बल ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर कार्य करेगा।
- त्वरित रेलगाड़ी से गिराने पर: रेलगाड़ी के त्वरण से गतिशील है। हालाँकि, जैसे ही पत्थर रेलगाड़ी से बाहर गिरता है, वह रेलगाड़ी के त्वरण से स्वतंत्र हो जाता है और केवल गुरुत्वाकर्षण के अधीन गति करता है। यह बल ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर कार्य करेगा।
- रेलगाड़ी के फर्श पर पड़े पत्थर के लिए: यहाँ पत्थर रेलगाड़ी के फर्श पर पड़ा है और रेलगाड़ी के सापेक्ष विराम में है। रेलगाड़ी के त्वरण से चल रही है। इस स्थिति में, पत्थर पर दो बल कार्य कर रहे हैं: गुरुत्वाकर्षण बल (नीचे की ओर) और रेलगाड़ी के फर्श द्वारा लगाया गया अभिलंब बल (ऊपर की ओर)। चूँकि पत्थर रेलगाड़ी के सापेक्ष विराम में है, इसका मतलब है कि उस पर कोई शुद्ध क्षैतिज बल नहीं है। ऊर्ध्वाधर दिशा में, गुरुत्वाकर्षण बल नीचे की ओर और अभिलंब बल ऊपर की ओर है। यदि हम केवल गुरुत्वाकर्षण बल पर विचार करें, तो यह नीचे की ओर होगा। लेकिन प्रश्न 'नेट बल' पूछ रहा है। यदि पत्थर रेलगाड़ी के साथ त्वरित हो रहा है, तो उस पर एक क्षैतिज बल भी लग रहा होगा (घर्षण बल)। हालाँकि, यदि प्रश्न केवल गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव को पूछ रहा है, तो वह नीचे की ओर है। यदि प्रश्न रेलगाड़ी के सापेक्ष नेट बल पूछ रहा है, तो वह शून्य होगा क्योंकि वह स्थिर है। लेकिन सामान्यतः, जब तक कि विशेष रूप से न कहा जाए, हम जड़त्वीय फ्रेम में बलों पर विचार करते हैं। इस स्थिति में, पत्थर पर नीचे की ओर गुरुत्वाकर्षण बल और ऊपर की ओर अभिलंब बल कार्य कर रहा है। यदि पत्थर फर्श पर टिका है, तो का मान के बराबर होगा। यदि रेलगाड़ी त्वरित हो रही है, तो फर्श द्वारा लगाया गया घर्षण बल भी क्षैतिज दिशा में कार्य करेगा। लेकिन प्रश्न केवल 'नेट बल' पूछता है, और यदि हम केवल ऊर्ध्वाधर बलों पर विचार करें, तो नेट बल के बराबर होगा यदि अभिलंब बल को शून्य माना जाए (जो कि संभव नहीं है)। सबसे संभावित व्याख्या यह है कि प्रश्न केवल गुरुत्वाकर्षण बल के बारे में पूछ रहा है, जो नीचे की ओर है।
Common mistakes
- त्वरण की अनुपस्थिति में भी बल की उपस्थिति मान लेना।
- सभी स्थितियों में केवल गुरुत्वाकर्षण बल पर विचार करना, अन्य बलों को अनदेखा करना।
- वेग और त्वरण की दिशाओं में भ्रमित होना।
- वायु प्रतिरोध जैसे कारकों को नजरअंदाज करना जब वे महत्वपूर्ण हों।
Revision tips
- प्रत्येक नियम के पीछे के मूल सिद्धांत को समझने पर ध्यान केंद्रित करें।
- विभिन्न उदाहरणों में शुद्ध बल की गणना का अभ्यास करें।
- संवेग संरक्षण के अनुप्रयोगों को समझें।
- जड़त्व के विभिन्न रूपों को याद करें और उन्हें वास्तविक जीवन के उदाहरणों से जोड़ें।
Practice MCQs
Q1. एकसमान चाल से नीचे गिरती वर्षा की बूँद पर नेट बल कितना होता है?
Explanation: चूंकि वर्षा की बूँद एकसमान चाल से गिर रही है, इसका अर्थ है कि इसका त्वरण शून्य है। न्यूटन के द्वितीय नियम (F=ma) के अनुसार, यदि त्वरण शून्य है, तो नेट बल भी शून्य होगा।
Q2. जब किसी वस्तु को ऊर्ध्वाधर ऊपर फेंका जाता है, तो उस पर लगने वाला नेट बल किस दिशा में होता है?
Explanation: जब कोई वस्तु ऊर्ध्वाधर ऊपर फेंकी जाती है, तो उस पर केवल गुरुत्वाकर्षण बल कार्य करता है, जो हमेशा नीचे की ओर निर्देशित होता है। इसलिए, नेट बल नीचे की ओर होता है।
Q3. किसी वस्तु का द्रव्यमान उसके किस गुण का माप है?
Explanation: द्रव्यमान किसी वस्तु के जड़त्व का माप होता है, जो उसकी गति की अवस्था में परिवर्तन का प्रतिरोध करने की प्रवृत्ति है। अधिक द्रव्यमान का अर्थ है अधिक जड़त्व।
Q4. 36 km/h के एकसमान वेग से गतिशील रेलगाड़ी से गिराए गए पत्थर पर तुरंत बाद कौन सा बल कार्य करता है?
Explanation: जैसे ही पत्थर खिड़की से बाहर गिरता है, उस पर केवल गुरुत्वाकर्षण बल कार्य करता है। रेलगाड़ी का एकसमान वेग पत्थर पर तुरंत बाद कोई क्षैतिज बल आरोपित नहीं करता है।
Frequently asked questions
कक्षा 11 भौतिकी के अध्याय 5 'गति के नियम' में मुख्य रूप से किन अवधारणाओं को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में मुख्य रूप से न्यूटन के गति के तीन नियम, जड़त्व, बल, संवेग और संवेग संरक्षण के सिद्धांत जैसी अवधारणाओं को शामिल किया गया है।
क्या इन NCERT समाधानों में सभी अभ्यास प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं?
हाँ, ये समाधान अध्याय 5 के सभी अभ्यास प्रश्नों के लिए विस्तृत और चरण-दर-चरण उत्तर प्रदान करते हैं।
यदि कोई वस्तु एकसमान चाल से चल रही है तो उस पर नेट बल कितना होगा?
यदि कोई वस्तु एकसमान चाल से चल रही है, तो उसका त्वरण शून्य होता है। न्यूटन के द्वितीय नियम (F=ma) के अनुसार, शून्य त्वरण का अर्थ है कि उस पर कार्य करने वाला नेट बल भी शून्य है।
इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के पीछे के तर्क को समझने में मदद करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को स्पष्ट करने और परीक्षा में समान प्रकार के प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करने में सहायता मिलती है।
क्या इन समाधानों में गणितीय सूत्रों को स्पष्ट रूप से समझाया गया है?
हाँ, समाधानों में उपयोग किए गए सभी गणितीय सूत्रों और व्यंजकों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया है और उनके अनुप्रयोग को समझाया गया है।
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