CBSE Class 11 Hindi (Aroh) NCERT Solutions: Chapter 9 - Avtar Singh Pash

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CBSE Class 11 Hindi (Aroh) presents Avtar Singh Pash's powerful poem, with NCERT Solutions guiding students through its intricate layers. The solutions explore the poet's definition of true danger, distinguishing it from superficial threats like the 'loot of hard work' or 'police brutality'. They illuminate Pash's critique of societal indifference, the erosion of aspirations, and the perils of passively enduring injustice. Key elements analyzed include the deliberate repetition of the word 'dangerous' to underscore its gravity, the crucial role of the conjunction 'तो' in highlighting comparative severity, and the symbolic resonance of imagery such as a 'stopped clock' or a 'moon that doesn't sting'. These explanations are vital for students to fully comprehend the poem's profound themes and the poet's sharp social commentary, enhancing their exam preparation with clear interpretations.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectआरोह
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter9. अवतार सिंह पाश

Chapter summary

NCERT Solutions for Class 11 Hindi (Aroh) Chapter 9, "Avtar Singh Pash", focuses on analyzing the poet's perspective on what constitutes the 'most dangerous' elements in society. The solutions explore the nuances of danger, differentiating between immediate threats and insidious forms of societal decay like apathy and the death of dreams. Key concepts discussed include the impact of repetition, the use of comparative language, and symbolic representations of stagnation and indifference. This chapter's exercises help students understand the poet's critical commentary on social issues and develop analytical skills for interpreting poetry.

Learning outcomes

  • Understand the poet's definition of 'most dangerous' situations.
  • Analyze the impact of repeated words and comparative language in poetry.
  • Interpret the symbolic meanings of 'stopped clock' and 'indifferent moon'.
  • Differentiate between immediate threats and long-term societal dangers.
  • Identify and discuss societal issues highlighted by the poet.
  • Develop critical thinking skills for poetic analysis.

Topics covered

Paper topics

  • Analysis of Avtar Singh Pash's poem
  • Concept of 'most dangerous' situations
  • Societal apathy and indifference
  • Symbolism in poetry (e.g., clock, moon)
  • Linguistic devices (repetition, comparative phrasing)
  • Critique of social evils
  • The loss of dreams and aspirations
  • Poetic interpretation
  • NCERT Class 11 Hindi Aroh
  • Poem analysis
  • Social commentary in literature
  • Understanding poetic themes

Important topics

  • Defining 'most dangerous' situations
  • Symbolism of the stopped clock and indifferent moon
  • The impact of societal apathy
  • The role of language in conveying danger (repetition, 'तो')
  • Poet's critique of social inaction

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Questions and Solutions

1. कवि ने किस आशय से मेहनत की लूट, पुलिस की मार, गद्वारी-लोभ को सबसे खतरनाक नहीं माना?

कवि ने किस आशय से मेहनत की लूट, पुलिस की मार, गद्दारी-लोभ को सबसे खतरनाक नहीं माना?
Solution: कवि ने मेहनत की लूट, पुलिस की मार और गद्दारी-लोभ जैसी बातों को 'सबसे खतरनाक' की श्रेणी में इसलिए नहीं रखा है क्योंकि इनका प्रभाव सीमित होता है और ये ऐसी परिस्थितियाँ हैं जिनसे व्यक्ति उबर सकता है। इन स्थितियों में व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता बनी रहती है और यदि इच्छा हो तो इन्हें बदला भी जा सकता है। कवि का आशय यह है कि आज के समाज में ऐसी और भी कई स्थितियाँ हैं जो इन सबसे कहीं अधिक खतरनाक हैं, क्योंकि वे व्यक्ति की चेतना को सुप्त कर देती हैं और प्रतिरोध की क्षमता को समाप्त कर देती हैं।

2. 'सबसे खतरनाक' शब्द के बार-बार दोहराए जाने से कविता में क्या असर पैदा हुआ?

'सबसे खतरनाक' शब्द के बार-बार दोहराए जाने से कविता में क्या असर पैदा हुआ?
Solution: कविता में 'सबसे खतरनाक' शब्द का बार-बार प्रयोग पाठक के मन में एक विशेष प्रभाव उत्पन्न करता है। यह दोहराव कविता के केंद्रीय भाव को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से पाठक तक पहुँचाता है। इसके माध्यम से कवि खतरनाक और 'सबसे खतरनाक' के बीच के सूक्ष्म अंतर को स्पष्ट करता है, जिससे पाठक की रुचि और जिज्ञासा बनी रहती है। यह शब्द-योजना कविता को अधिक मार्मिक और विचारोत्तेजक बनाती है, पाठक को उन स्थितियों पर गहराई से सोचने के लिए प्रेरित करती है जिन्हें कवि 'सबसे खतरनाक' मानता है।

3. कवि ने कविता में कई बातों को बुरा है न कहकर बुरा तो है कहा है। तो के प्रयोग से कथन की भंगिमा में क्या बदलाव आया है, स्पष्ट कीजिए।

कवि ने कविता में कई बातों को बुरा है न कहकर 'बुरा तो है' कहा है। 'तो' के प्रयोग से कथन की भंगिमा में क्या बदलाव आया है, स्पष्ट कीजिए।
Solution: कवि द्वारा 'बुरा है' के स्थान पर 'बुरा तो है' का प्रयोग कथन की भंगिमा में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाता है। 'बुरा है' एक सीधा आरोप है और वाक्य अपने आप में पूर्ण होता है, जिसमें सुधार की गुंजाइश नहीं दिखती। वहीं, 'बुरा तो है' कहने से कवि बात को आगे बढ़ाता है और पाठक के मन में जिज्ञासा उत्पन्न करता है कि यदि यह बुरा है, तो इससे भी बुरा क्या हो सकता है? यह वाक्यांश यह भी संकेत देता है कि स्थितियाँ बुरी तो हैं, परंतु अभी भी वे अपनी चरम सीमा तक नहीं पहुँची हैं। इस प्रकार, 'तो' के प्रयोग से कथन में एक तुलनात्मकता और अनिश्चितता का भाव आता है, जो पाठक को और अधिक सोचने के लिए प्रेरित करता है और खतरनाक की श्रेणी में होते हुए भी अन्य सब खतरनाक बातों से अलग स्थिति को दर्शाता है।

4. मुर्दा शांति से भर जाना और हमारे सपनों का मर जाना - इनको सबसे खतरनाक माना गया है। आपकी दृष्टि में इन बातों में परस्पर क्या संगति है और ये क्यों सबसे खतरनाक है?

'मुर्दा शांति से भर जाना' और 'हमारे सपनों का मर जाना' - इनको सबसे खतरनाक माना गया है। आपकी दृष्टि में इन बातों में परस्पर क्या संगति है और ये क्यों सबसे खतरनाक है?
Solution: 'मुर्दा शांति से भर जाना' और 'हमारे सपनों का मर जाना' दोनों ही स्थितियाँ परस्पर गहराई से जुड़ी हुई हैं और अत्यंत खतरनाक हैं। जब व्यक्ति अन्याय और अत्याचार के सामने निष्क्रिय होकर, बेजान की तरह चुपचाप शांति धारण कर लेता है, तो वह 'मुर्दा शांति' की स्थिति में पहुँच जाता है। यह निष्क्रियता ही 'हमारे सपनों का मर जाना' का कारण बनती है, क्योंकि जब हम यथास्थिति को स्वीकार कर लेते हैं और भविष्य के लिए कोई सुनहरे सपने बुनना बंद कर देते हैं, तो जीवन की प्रगति रुक जाती है। ये दोनों स्थितियाँ सबसे खतरनाक इसलिए हैं क्योंकि ये व्यक्ति की चेतना को सुप्त कर देती हैं, उसमें किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया या बदलाव की इच्छा को समाप्त कर देती हैं, और उसे एक मृतप्राय अवस्था में धकेल देती हैं, जहाँ से उबरना अत्यंत कठिन हो जाता है।

5. सबसे खतरनाक वह घड़ी होती है/आपकी कलाई पर चलती हुई भी जो/आपकी निगाह में रुकी होती है। इन पंक्तियों में घड़ी शब्द की व्यंजना से अवगत कराइए।

'सबसे खतरनाक वह घड़ी होती है/आपकी कलाई पर चलती हुई भी जो/आपकी निगाह में रुकी होती है।' इन पंक्तियों में 'घड़ी' शब्द की व्यंजना से अवगत कराइए।
Solution: इन पंक्तियों में 'घड़ी' शब्द केवल समय बताने वाले यंत्र का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह 'जीवन की गति' और 'प्रगतिशीलता' का प्रतीक है। जिस प्रकार एक घड़ी निरंतर चलती रहती है, उसी प्रकार मानव जीवन को भी प्रगतिशील और गतिशील होना चाहिए। वह समय या जीवन की वह अवस्था सबसे खतरनाक मानी गई है, जो कलाई पर घड़ी के चलते रहने के बावजूद, व्यक्ति की दृष्टि में रुकी हुई प्रतीत होती है। इसका अर्थ है कि व्यक्ति का जीवन या उसकी सोच एक बिंदु पर आकर स्थिर हो गई है, वह आगे बढ़ने या विकसित होने की इच्छा खो चुका है। ऐसी रुकी हुई, बेजान गति वाली जीवन-शैली व्यर्थ और खतरनाक है।

6. वह चाँद सबसे खतरनाक क्यों होता है, जो हर हत्याकांड के बाद/आपकी आँखों को मिर्चों की तरह नहीं गड़ता है?

वह चाँद सबसे खतरनाक क्यों होता है, जो हर हत्याकांड के बाद/आपकी आँखों को मिर्चों की तरह नहीं गड़ता है?
Solution: चाँद को सामान्यतः सौंदर्य और शीतलता का प्रतीक माना जाता है। लेकिन, जब समाज में कोई जघन्य अपराध, जैसे हत्याकांड होता है, तो उस अपराध के प्रति लोगों की आँखों में आक्रोश और घृणा उत्पन्न होनी चाहिए, जैसे मिर्च आँखों में चुभती है। यदि हत्याकांड के बाद भी लोगों की आँखों में वह अपराधी या वह घटना खटकती नहीं है, और वे तटस्थ व संवेदनशून्य बने रहते हैं, तो ऐसी निष्क्रियता और संवेदनशून्यता ही सबसे खतरनाक है। कवि यहाँ समाज की उस उदासीनता पर व्यंग्य कर रहा है जहाँ वह जघन्य अपराधों के प्रति भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखाता, जिससे अपराधियों को बढ़ावा मिलता है और समाज का नैतिक पतन होता है।

7. 'कवि ने मेहनत की लूट सबसे खतरनाक नहीं होती' से कविता का आरंभ करके फिर इसी से अंत क्यों किया होगा।

'कवि ने मेहनत की लूट सबसे खतरनाक नहीं होती' से कविता का आरंभ करके फिर इसी से अंत क्यों किया होगा।
Solution: कवि ने 'मेहनत की लूट सबसे खतरनाक नहीं होती' जैसी पंक्ति से कविता का आरंभ करके और फिर इसी विचार पर कविता का अंत करके एक विशेष प्रभाव उत्पन्न किया है। इसका मुख्य उद्देश्य 'खतरनाक' और 'सबसे खतरनाक' के बीच के अंतर को स्पष्ट करना है। आरंभ में इस बात को कहकर कवि पाठक का ध्यान आकर्षित करता है कि कुछ चीजें जो सामान्यतः खतरनाक लगती हैं, वे वास्तव में उतनी गंभीर नहीं हैं। कविता के मध्य में वह उन वास्तविक 'सबसे खतरनाक' स्थितियों का वर्णन करता है जो व्यक्ति की चेतना और आत्मा को सुप्त कर देती हैं। अंत में इसी पंक्ति पर लौटकर कवि यह स्थापित करता है कि यद्यपि ये स्थितियाँ खतरनाक हैं, पर वे उन गहरी सामाजिक और मानसिक निष्क्रियताओं की तुलना में कम खतरनाक हैं जिन्हें वह 'सबसे खतरनाक' मानता है। यह चक्रीय संरचना कविता के केंद्रीय संदेश को सुदृढ़ करती है।

8. कवि द्वारा उल्लिखित बातों के अतिरिक्त समाज में अन्य किन बातों को आप खतरनाक मानते हैं?

कवि द्वारा उल्लिखित बातों के अतिरिक्त समाज में अन्य किन बातों को आप खतरनाक मानते हैं?
Solution: कवि द्वारा उल्लिखित बातों के अतिरिक्त, समाज में कई अन्य बातें भी अत्यंत खतरनाक हैं, जो व्यक्ति और समाज के विकास में बाधक बनती हैं। इनमें प्रमुख हैं:
  1. बाल मजदूरी: बच्चों के बचपन और भविष्य को छीनने वाली यह प्रथा अत्यंत अमानवीय और खतरनाक है।
  2. स्त्री शोषण: महिलाओं के प्रति हिंसा, भेदभाव और उनका शोषण समाज की प्रगति को रोकता है और मानवीय मूल्यों का हनन करता है।
  3. साम्प्रदायिकता: धर्म के नाम पर होने वाला भेदभाव और हिंसा समाज को खंडित करती है और राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा है।
  4. आतंकवाद: निर्दोष लोगों की जान लेना और भय का माहौल बनाना किसी भी समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
  5. संवेदनशून्यता: जैसे सड़क पर घायल व्यक्ति की मदद न करना, या किसी की पीड़ा के प्रति उदासीन रहना, यह दर्शाता है कि समाज अपनी मानवीयता खो रहा है।
  6. भ्रष्टाचार: यह समाज की व्यवस्था को खोखला करता है और विकास में बाधा डालता है।
ये सभी स्थितियाँ समाज के ताने-बाने को कमजोर करती हैं और इन्हें समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।

9. समाज में मौजूद खतरनाक बातों को समाप्त करने के लिए आपके क्या सुझाव हैं?

समाज में मौजूद खतरनाक बातों को समाप्त करने के लिए आपके क्या सुझाव हैं?
Solution: समाज में मौजूद खतरनाक बातों को समाप्त करने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए जा सकते हैं:
  1. जागरूकता फैलाना: खतरनाक सामाजिक बुराइयों के दुष्परिणामों के बारे में लोगों को शिक्षित और जागरूक करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए विभिन्न माध्यमों जैसे शिक्षा, मीडिया, और सार्वजनिक अभियानों का उपयोग किया जा सकता है।
  2. संवेदनशीलता बढ़ाना: लोगों को दूसरों की पीड़ा और समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित करना चाहिए। सहानुभूति और करुणा जैसे मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना आवश्यक है।
  3. शिक्षा का प्रसार: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी तक पहुँचनी चाहिए, जो न केवल ज्ञान प्रदान करे बल्कि नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करे।
  4. कानून का प्रभावी कार्यान्वयन: समाज में व्याप्त बुराइयों से निपटने के लिए बने कानूनों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए और अपराधियों को उचित दंड मिलना चाहिए।
  5. सामुदायिक भागीदारी: पुलिस, सरकार और जनता को मिलकर काम करना चाहिए। सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ाई में सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
  6. समानता को बढ़ावा देना: जाति, धर्म, लिंग या किसी अन्य आधार पर होने वाले भेदभाव को समाप्त कर समानता और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए।
  7. सकारात्मक सोच का विकास: लोगों को नकारात्मकता और निराशावाद से ऊपर उठकर सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, ताकि वे समस्याओं का समाधान ढूंढ सकें।
इन सुझावों पर अमल करके समाज को अधिक सुरक्षित, न्यायपूर्ण और प्रगतिशील बनाया जा सकता है।

Common mistakes

  • Confusing 'dangerous' with 'most dangerous' without understanding the poet's distinction.
  • Overlooking the symbolic meanings of phrases like 'stopped clock' or 'indifferent moon'.
  • Failing to grasp the significance of the word 'तो' in conveying comparative severity.
  • Interpreting the poem literally without considering its deeper social commentary.

Revision tips

  • Focus on the poet's distinction between 'dangerous' and 'most dangerous' situations.
  • Pay close attention to the symbolic meanings of objects and events mentioned in the poem.
  • Analyze the effect of specific word choices, like the repetition of 'सबसे खतरनाक' and the use of 'तो'.
  • Relate the poem's themes to contemporary societal issues for better understanding.
  • Practice explaining the poet's perspective in your own words.

Practice MCQs

Q1. कवि के अनुसार, मेहनत की लूट, पुलिस की मार और गद्दारी-लोभ को सबसे खतरनाक क्यों नहीं माना गया है?

Q2. कविता में 'सबसे खतरनाक' शब्द के बार-बार दोहराए जाने से क्या असर पैदा होता है?

Q3. कवि ने 'बुरा है' कहने के बजाय 'बुरा तो है' का प्रयोग क्यों किया है?

Q4. 'मुर्दा शांति से भर जाना' और 'हमारे सपनों का मर जाना' को सबसे खतरनाक क्यों कहा गया है?

Q5. पंक्तियों में 'घड़ी' शब्द का क्या व्यंजना अर्थ है?

Q6. वह चाँद सबसे खतरनाक क्यों होता है जो हत्याकांड के बाद आँखों में नहीं गड़ता?

Frequently asked questions

What is the main theme of Avtar Singh Pash's poem in Chapter 9 of Class 11 Hindi (Aroh)?

The main theme is the poet's exploration of what constitutes the 'most dangerous' situations, contrasting immediate threats with insidious societal dangers like apathy, loss of dreams, and passive acceptance of injustice.

How do the NCERT Solutions help students understand the poem?

The solutions provide detailed explanations of the poet's perspective, the meaning of symbols, the impact of linguistic devices, and the deeper social commentary, making the poem's complex ideas accessible to students.

Why does the poet consider 'our dreams dying' a dangerous situation?

The poet considers it dangerous because it signifies a complete surrender to the status quo, a loss of hope and aspiration for a better future, leading to a state of passive acceptance and stagnation.

What is the significance of the word 'तो' (to) in the poem?

The word 'तो' is used to create a comparative sense of danger. It implies that while a situation might be bad ('बुरा है'), it is not yet the absolute worst ('बुरा तो है'), thereby creating curiosity and highlighting that even worse dangers exist.

How does the poem differentiate between 'dangerous' and 'most dangerous'?

The poem suggests that immediate threats like 'loot of hard work' or 'police brutality' are dangerous but can be overcome. The 'most dangerous' are insidious states like apathy, loss of dreams, and passive endurance of injustice, which erode the spirit and will to change.

Are there any specific societal issues discussed in the poem?

Yes, the poem implicitly discusses issues like social injustice, apathy towards crime, the suppression of dissent, and the importance of maintaining hope and the will to resist negative forces.

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