CBSE Class 11 Hindi Aroh Chapter 4: Sumitranandan Pant - NCERT Solutions

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CBSE Class 11 Hindi Aroh Chapter 4, 'Ve Aankhen' by Sumitranandan Pant, presents NCERT Solutions that explore the profound sorrow and fear experienced by a farmer. The solutions meticulously analyze the poem, highlighting the socio-economic exploitation faced by the farmer at the hands of moneylenders and officials. They contrast his past joys with his current despair, offering a poignant look at the hardships of rural life. These explanations are designed to help students deeply understand the poem's themes, the poet's critical perspective on societal issues, and the farmer's tragic circumstances. By providing clear, step-by-step analyses of each question, these solutions aim to enhance comprehension and aid students in their academic preparation.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectआरोह
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter4. सुमित्रानंदन पंत

Chapter summary

NCERT Solutions for Sumitranandan Pant's poem 'Ve Aankhen' from Class 11 Hindi Aroh. This chapter focuses on the deep-seated sorrow and fear experienced by a farmer, as depicted through his eyes. The solutions explain the various reasons behind his suffering, the societal exploitation he faces, and the poet's empathetic portrayal of his condition. It covers questions related to the farmer's past joys and present despair, offering a thorough understanding of the poem's themes and literary devices.

Learning outcomes

  • Understand the themes of exploitation and suffering in 'Ve Aankhen'.
  • Analyze the poet's portrayal of the farmer's emotional state.
  • Identify the societal factors contributing to the farmer's plight.
  • Explain the contrast between the farmer's past happiness and present misery.
  • Interpret the symbolic meaning of the farmer's eyes in the poem.

Topics covered

Paper topics

  • Sumitranandan Pant
  • Ve Aankhen poem
  • Farmer's suffering
  • Societal exploitation
  • Poverty
  • Rural life
  • Poetic analysis
  • Themes of sorrow and fear
  • Past happiness vs. present misery
  • Critique of moneylenders and officials

Important topics

  • The farmer's eyes as a symbol of suffering
  • Causes of the farmer's distress (economic and social)
  • Contrast between past and present life
  • Poet's empathy and social commentary

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Questions and Solutions

1.1 अंधकार की गुहा सरीखी उन आँखों से डरता है मन। आमतौर पर हमें डर किन बातों से लगता है?

आमतौर पर हमें डर किन बातों से लगता है?
Solution: आमतौर पर मनुष्य को उन परिस्थितियों या घटनाओं से डर लगता है जो उसके लिए हानिकारक हो सकती हैं या उसे कष्ट पहुँचा सकती हैं। इनमें प्रमुख हैं: अंधकार (अज्ञात का भय), आर्थिक हानि (धन या संपत्ति का नुकसान), सामाजिक अपमान, किसी प्रियजन की मृत्यु, शारीरिक चोट, या किसी भी प्रकार का संकट जो जीवन को प्रभावित करे।

1.2 अंधकार की गुहा सरीखी उन आँखों से डरता है मन। उन आँखों से किसकी ओर संकेत किया गया है?

उन आँखों से किसकी ओर संकेत किया गया है?
Solution: यहाँ 'उन आँखों' से कवि का संकेत उस किसान की आँखों की ओर है, जिसका वर्णन कविता में किया गया है। ये आँखें उसके जीवन के कष्टों, पीड़ाओं और शोषण का प्रतीक हैं।

1.3 अंधकार की गुहा सरीखी उन आँखों से डरता है मन। कवि को उन आँखों से डर क्यों लगता है?

कवि को उन आँखों से डर क्यों लगता है?
Solution: कवि को किसान की आँखों से डर इसलिए लगता है क्योंकि उन आँखों में उसके जीवन की असहनीय पीड़ा, गहरा दुःख और वर्षों का संचित कष्ट दिखाई देता है। यह वेदना इतनी अधिक है कि कवि को भय होता है कि कहीं वह स्वयं भी इस पीड़ा में न डूब जाए।

1.4 अंधकार की गुहा सरीखी उन आँखों से डरता है मन। डरते हुए भी कवि ने उस किसान की आँखों की पीड़ा का वर्णन क्यों किया है?

डरते हुए भी कवि ने उस किसान की आँखों की पीड़ा का वर्णन क्यों किया है?
Solution: कवि डरते हुए भी किसान की आँखों की पीड़ा का वर्णन इसलिए करता है ताकि समाज को उस किसान की दयनीय स्थिति से अवगत कराया जा सके। वह चाहता है कि लोग उस शोषित किसान के प्रति सहानुभूति रखें और उन शोषक तत्वों (जैसे महाजन, जमींदार, कोतवाल) का पर्दाफाश हो सके जो उसके दुख का कारण हैं। यह वर्णन सामाजिक चेतना जगाने का एक प्रयास है।

1.5 अंधकार की गुहा सरीखी उन आँखों से डरता है मन। यदि कवि इन आँखों से नहीं डरता क्या तब भी वह कविता लिखता?

यदि कवि इन आँखों से नहीं डरता क्या तब भी वह कविता लिखता?
Solution: कविता लिखने के लिए मन में भावों का होना आवश्यक है। यदि कवि को किसान की आँखों को देखकर भय या पीड़ा का अनुभव न होता, तो शायद वह उसकी व्यथा को गहराई से महसूस नहीं कर पाता। यह संभव है कि उस स्थिति में कविता के लिए आवश्यक संवेदनशीलता उत्पन्न न होती और वह यह कविता न लिख पाता। कविता अक्सर हृदय की भावनाओं और अनुभूतियों से ही जन्म लेती है।

1. कविता में किसान की पीडा के लिए किन्हें ज़िम्मेदार बताया गया है?

कविता में किसान की पीडा के लिए किन्हें ज़िम्मेदार बताया गया है?
Solution: कविता में किसान की पीड़ा के लिए मुख्य रूप से जमींदार, महाजन और कोतवाल (पुलिस अधिकारी) को जिम्मेदार बताया गया है। महाजन ने अपना ब्याज और ऋण वसूलने के लिए किसान के खेत, गाय-बैल और घर-बार तक बिकवा दिए। उसके कारकुनों ने विरोध करने पर किसान के जवान बेटे को मरवा दिया। दवाई के अभाव में उसकी पत्नी की मृत्यु हो गई और इसी कारण उसकी दूध-मुँही बच्ची की भी मृत्यु हो गई। ये सभी मिलकर किसान के जीवन को नारकीय बना देते हैं।

3. पिछले सुख की स्मृति आँखों में क्षण भर एक चमक है लाती - इसमें किसान के किन पिछले सुखों की ओर संकेत किया गया है?

इसमें किसान के किन पिछले सुखों की ओर संकेत किया गया है?
Solution: उपर्युक्त पंक्ति में किसान के उन दिनों के सुखों की ओर संकेत किया गया है जब वह स्वावलंबी और समृद्ध था। उसके पास लहलहाते खेत थे, दुधारू गाय और हृष्ट-पुष्ट बैलों की जोड़ी थी। उसके घर में एक भरा-पूरा परिवार था, जिसमें एक जवान बेटा, पत्नी, बेटी और पुत्रवधू शामिल थे। वह एक सुखी और संतुष्ट जीवन जी रहा था। इन्हीं सुखद स्मृतियों की झलक क्षण भर के लिए उसकी आँखों में चमक ले आती है।

4.1 संदर्भ सहित आशय स्पष्ट करें - उजरी उसके सिवा किसे कब पास दुहाने आने देती?

संदर्भ सहित आशय स्पष्ट करें - उजरी उसके सिवा किसे कब पास दुहाने आने देती?
Solution:

संदर्भ: प्रस्तुत काव्यांश पाठ्यपुस्तक 'आरोह भाग 1' में संकलित सुमित्रानंदन पंत की कविता 'वे आँखें' से लिया गया है। यह पंक्तियाँ उस समय का वर्णन करती हैं जब किसान के पास उसकी प्रिय गाय 'उजरी' थी।

आशय: कवि बताते हैं कि किसान के पास 'उजरी' नाम की एक गाय थी, जिससे उसका गहरा लगाव था। यह गाय इतनी विशेष थी कि वह केवल अपने मालिक, यानी किसान के सिवा किसी अन्य को दूध दुहने के लिए अपने पास आने नहीं देती थी। यह पंक्ति किसान और उसकी गाय के बीच के स्नेहपूर्ण संबंध को दर्शाती है।

4.2 संदर्भ सहित आशय स्पष्ट करें - घर में विधवा रही पतोहू लछमी थी, यद्यपि पति घातिन,

संदर्भ सहित आशय स्पष्ट करें - घर में विधवा रही पतोहू लछमी थी, यद्यपि पति घातिन,
Solution:

संदर्भ: यह काव्यांश भी सुमित्रानंदन पंत की कविता 'वे आँखें' से लिया गया है। यह उस दुखद घटना का उल्लेख करता है जब किसान के जवान बेटे की मृत्यु हो जाती है और उसकी पत्नी विधवा हो जाती है।

आशय: कवि यहाँ किसान के बेटे की मृत्यु के बाद उसकी विधवा पतोहू की स्थिति का वर्णन करते हैं। बेटे की मृत्यु का आरोप ज़मींदार और पुलिस की मिलीभगत से उस पर मढ़ दिया गया था, जिससे उसे 'पति घातिन' कहा जाने लगा। इसके बावजूद, वह पतोहू घर की लक्ष्मी के समान थी, क्योंकि वही घर का भरण-पोषण कर रही थी। यह पंक्ति समाज की क्रूरता और विधवाओं के प्रति उसके अन्यायपूर्ण व्यवहार को उजागर करती है।

4.3 संदर्भ सहित आशय स्पष्ट करें - पिछले सुख की स्मृति आँखों में तुरंत शून्य में गड़ वह चितवन तीखी नोक सदृश बन जाती।

संदर्भ सहित आशय स्पष्ट करें - पिछले सुख की स्मृति आँखों में क्षण भर एक चमक है लाती, तुरंत शून्य में गड़ वह चितवन तीखी नोक सदृश बन जाती।
Solution:

संदर्भ: यह पंक्तियाँ सुमित्रानंदन पंत की कविता 'वे आँखें' से ली गई हैं। ये किसान के वर्तमान दुख और अतीत की सुखद स्मृतियों के बीच के तीव्र अंतर को व्यक्त करती हैं।

आशय: कवि कहते हैं कि जब किसान को अपने बीते हुए सुखद दिनों (जैसे - स्वाधीनता, हरे-भरे खेत, भरा-पूरा परिवार) की याद आती है, तो एक पल के लिए उसकी आँखों में चमक आ जाती है। परंतु यह चमक क्षणिक होती है। तुरंत ही, यह स्मृति उस वर्तमान की कड़वी सच्चाई में बदल जाती है। उसकी दृष्टि शून्य में खो जाती है और यह अहसास एक तीखी नोक की तरह उसके मन को चुभने लगता है, जो उसके वर्तमान के दुख और निराशा को और भी गहरा कर देता है।

Common mistakes

  • Confusing the farmer's current suffering with general fears.
  • Overlooking the specific societal figures responsible for the farmer's pain.
  • Failing to connect the farmer's past joys to his present sorrow.
  • Misinterpreting the poet's intent in describing the farmer's fear.

Revision tips

  • Read the poem 'Ve Aankhen' carefully to understand the farmer's perspective.
  • Focus on the specific questions asked and ensure your answers address all parts.
  • Pay attention to the poet's use of imagery to describe the farmer's eyes and emotions.
  • Discuss the poem's themes of exploitation and social injustice with classmates.

Practice MCQs

Q1. कविता में कवि को किन आँखों से डर लगता है?

Q2. किसान की पीड़ा के लिए कविता में किन्हें जिम्मेदार ठहराया गया है?

Q3. किसान के पिछले सुखों की स्मृति उसकी आँखों में क्या लाती है?

Q4. किसान की उजरी गाय केवल किसे दूध दुहने देती थी?

Q5. किसान के मृत पुत्र की पत्नी को समाज ने क्या कहकर संबोधित किया?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह समाधान CBSE कक्षा 11 के हिंदी आरोह (भाग 1) विषय के लिए हैं, विशेष रूप से सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित कविता 'वे आँखें' पर केंद्रित हैं।

कविता 'वे आँखें' में कवि को किसान की आँखों से डर क्यों लगता है?

कवि को किसान की आँखों में भरी असीम वेदना, पीड़ा और उसके जीवन की दुर्दशा को देखकर डर लगता है।

किसान की वर्तमान दुर्दशा के लिए कविता में कौन जिम्मेदार हैं?

कविता में किसान की पीड़ा के लिए ज़मींदार, महाजन और कोतवाल जैसे शोषक वर्ग को जिम्मेदार ठहराया गया है, जिन्होंने उसे आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया।

किसान के पिछले सुखों का वर्णन क्यों किया गया है?

किसान के पिछले सुखों का वर्णन उसकी वर्तमान दयनीय स्थिति के साथ विरोधाभास दिखाने के लिए किया गया है, जिससे उसकी पीड़ा की गहराई का पता चलता है।

इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?

ये समाधान कविता के कठिन अंशों को समझने, मुख्य पात्रों की स्थिति का विश्लेषण करने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में मदद करते हैं।

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