कक्षा 11 रसायन विज्ञान अध्याय 2: परमाणु की संरचना - NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 11 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 11 रसायन विज्ञान के अध्याय 2, 'परमाणु की संरचना' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें परमाणु कणों, विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनों, प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की संख्या की गणना पर ध्यान केंद्रित किया गया है। समाधानों में एक ग्राम में इलेक्ट्रॉनों की संख्या, एक मोल इलेक्ट्रॉनों का द्रव्यमान और आवेश, मेथेन जैसे यौगिकों में इलेक्ट्रॉनों की संख्या, और कार्बन-14 जैसे समस्थानिकों में न्यूट्रॉनों की संख्या की गणना शामिल है। ये समाधान छात्रों को परमाणु संरचना की मूलभूत अवधारणाओं को समझने और संबंधित समस्याओं को हल करने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectरसायन विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter2. परमाणु की संरचना

Chapter summary

अध्याय 2 'परमाणु की संरचना' के ये NCERT समाधान छात्रों को परमाणु के मूलभूत घटकों की गणना करने में सहायता करते हैं। इसमें एक ग्राम में इलेक्ट्रॉनों की संख्या, एक मोल इलेक्ट्रॉनों का द्रव्यमान और आवेश, मेथेन जैसे अणुओं में इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या, और विशिष्ट समस्थानिकों में न्यूट्रॉनों की संख्या ज्ञात करना शामिल है। ये समाधान छात्रों को परमाणु संरचना से संबंधित मात्रात्मक समस्याओं को हल करने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करते हैं।

Learning outcomes

  • एक ग्राम में इलेक्ट्रॉनों की संख्या की गणना करना सीखें।
  • एक मोल इलेक्ट्रॉनों के द्रव्यमान और आवेश का परिकलन करें।
  • यौगिकों में इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या ज्ञात करें।
  • समस्थानिकों में न्यूट्रॉनों की संख्या और द्रव्यमान की गणना करें।
  • परमाणु संरचना से संबंधित मात्रात्मक समस्याओं को हल करने का अभ्यास करें।

Topics covered

Paper topics

  • इलेक्ट्रॉनों की संख्या की गणना
  • एक मोल इलेक्ट्रॉनों का द्रव्यमान
  • एक मोल इलेक्ट्रॉनों का आवेश
  • मेथेन में इलेक्ट्रॉनों की संख्या
  • कार्बन-14 में न्यूट्रॉनों की संख्या
  • कार्बन-14 में न्यूट्रॉनों का द्रव्यमान
  • अमोनिया (NH3) में प्रोटॉनों की संख्या
  • अमोनिया (NH3) में प्रोटॉनों का द्रव्यमान
  • परमाणु संरचना की मूल बातें
  • मोल अवधारणा
  • आवोगाद्रो संख्या
  • समस्थानिक

Important topics

  • इलेक्ट्रॉनों की संख्या की गणना
  • एक मोल इलेक्ट्रॉनों का द्रव्यमान और आवेश
  • यौगिकों में कुल इलेक्ट्रॉनों की गणना
  • समस्थानिकों में न्यूट्रॉनों की गणना
  • STP पर गैसों के गुण

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्रश्न 2.1. (i) एक ग्राम भार में इलेक्ट्रॉनों की संख्या का परिकलन कीजिए।

(i) एक ग्राम भार में इलेक्ट्रॉनों की संख्या का परिकलन कीजिए।

हल :

हम जानते हैं कि एक इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान लगभग 9.1 \times 10^{-28} ग्राम होता है।

इसलिए, 1 इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान = 9.1 \times 10^{-28} g

अतः, 1 ग्राम द्रव्यमान में इलेक्ट्रॉनों की संख्या होगी:

\frac{1 \text{ g}}{9.1 \times 10^{-28} \text{ g/इलेक्ट्रॉन}} = \frac{1}{9.1} \times 10^{28} \text{ इलेक्ट्रॉन} \approx 0.1099 \times 10^{28} \text{ इलेक्ट्रॉन} = 1.099 \times 10^{27} \text{ इलेक्ट्रॉन}

अतः, 1 ग्राम भार में इलेक्ट्रॉनों की संख्या लगभग 1.099 \times 10^{27} है।

प्रश्न 2.1. (ii) एक मोल इलेक्ट्रॉनों के द्रव्यमान और आवेश का परिकलन कीजिए।

(ii) एक मोल इलेक्ट्रॉनों के द्रव्यमान और आवेश का परिकलन कीजिए।

हल :

एक इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान 9.1 \times 10^{-31} kg होता है।

एक मोल इलेक्ट्रॉनों में 6.023 \times 10^{23} इलेक्ट्रॉन होते हैं (आवोगाद्रो संख्या)।

एक मोल इलेक्ट्रॉनों का द्रव्यमान:

\text{द्रव्यमान} = (9.1 \times 10^{-31} \text{ kg/इलेक्ट्रॉन}) \times (6.023 \times 10^{23} \text{ इलेक्ट्रॉन/mol})

\text{द्रव्यमान} = 5.48103 \times 10^{-7} \text{ kg/mol} \approx 5.48 \times 10^{-7} \text{ kg}

एक मोल इलेक्ट्रॉनों का आवेश:

एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश 1.602 \times 10^{-19} C होता है।

\text{आवेश} = (1.602 \times 10^{-19} \text{ C/इलेक्ट्रॉन}) \times (6.023 \times 10^{23} \text{ इलेक्ट्रॉन/mol})

\text{आवेश} = 9.650846 \times 10^{4} \text{ C/mol} \approx 9.65 \times 10^{4} \text{ C}

अतः, एक मोल इलेक्ट्रॉनों का द्रव्यमान लगभग 5.48 \times 10^{-7} kg और आवेश लगभग 9.65 \times 10^{4} C होता है।

प्रश्न 2.2. (i) मेथेन के एक मोल में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या का परिकलन कीजिए।

(i) मेथेन के एक मोल में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या का परिकलन कीजिए।

हल :

मेथेन का रासायनिक सूत्र CH4 है।

एक मेथेन अणु में 1 कार्बन परमाणु और 4 हाइड्रोजन परमाणु होते हैं।

कार्बन (C) परमाणु में 6 प्रोटॉन और 6 इलेक्ट्रॉन होते हैं।

हाइड्रोजन (H) परमाणु में 1 प्रोटॉन और 1 इलेक्ट्रॉन होता है।

इसलिए, एक मेथेन अणु (CH4) में कुल इलेक्ट्रॉनों की संख्या = (1 × 6 इलेक्ट्रॉन) + (4 × 1 इलेक्ट्रॉन) = 10 इलेक्ट्रॉन।

एक मोल मेथेन में 6.023 \times 10^{23} मेथेन अणु होते हैं।

अतः, मेथेन के एक मोल में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या होगी:

\text{कुल इलेक्ट्रॉन} = (10 \text{ इलेक्ट्रॉन/अणु}) \times (6.023 \times 10^{23} \text{ अणु/mol})

\text{कुल इलेक्ट्रॉन} = 6.023 \times 10^{24} \text{ इलेक्ट्रॉन/mol}

अतः, मेथेन के एक मोल में 6.023 \times 10^{24} इलेक्ट्रॉन उपस्थित होते हैं।

प्रश्न 2.2. (ii) 7 mg 14 C में न्यूट्रॉनों की (क) कुल संख्या तथा (ख) कुल द्रव्यमान ज्ञात कीजिए। (न्यूट्रॉन का द्रव्यमान = 1.675 \times 10^{-27} kg मान लीजिए)

(ii) 7 mg 14 C में न्यूट्रॉनों की (क) कुल संख्या तथा (ख) कुल द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।

(न्यूट्रॉन का द्रव्यमान = 1.675 \times 10^{-27} kg मान लीजिए)

हल :

कार्बन-14 (14C) एक समस्थानिक है।

कार्बन का परमाणु क्रमांक 6 है, जिसका अर्थ है कि इसमें 6 प्रोटॉन होते हैं।

द्रव्यमान संख्या 14 है, जिसका अर्थ है कि नाभिक में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की कुल संख्या 14 है।

अतः, 14C में न्यूट्रॉनों की संख्या = द्रव्यमान संख्या - परमाणु क्रमांक = 14 - 6 = 8 न्यूट्रॉन।

14 ग्राम 14C में 6.023 \times 10^{23} 14C परमाणु होते हैं (अर्थात 1 मोल)।

(क) न्यूट्रॉनों की कुल संख्या:

7 mg 14C = 7 \times 10^{-3} g 14C

14 g 14C में न्यूट्रॉनों की संख्या = 8 × 6.023 \times 10^{23}

7 × 10^{-3} g 14C में न्यूट्रॉनों की संख्या होगी:

\text{न्यूट्रॉनों की संख्या} = \frac{8 \times 6.023 \times 10^{23} \times (7 \times 10^{-3} \text{ g})}{14 \text{ g}}

\text{न्यूट्रॉनों की संख्या} = \frac{8 \times 6.023 \times 7}{14} \times 10^{20} = 4 \times 6.023 \times 10^{20} = 24.092 \times 10^{20} = 2.4092 \times 10^{21}

अतः, 7 mg 14C में न्यूट्रॉनों की कुल संख्या लगभग 2.4092 \times 10^{21} है।

(ख) न्यूट्रॉनों का कुल द्रव्यमान:

एक न्यूट्रॉन का द्रव्यमान = 1.675 \times 10^{-27} kg

कुल न्यूट्रॉनों की संख्या = 2.4092 \times 10^{21}

\text{कुल द्रव्यमान} = (2.4092 \times 10^{21} \text{ न्यूट्रॉन}) \times (1.675 \times 10^{-27} \text{ kg/न्यूट्रॉन})

\text{कुल द्रव्यमान} = 4.03583 \times 10^{-6} \text{ kg}

अतः, 7 mg 14C में न्यूट्रॉनों का कुल द्रव्यमान लगभग 4.036 \times 10^{-6} kg है।

प्रश्न 2.2. (iii) मानक ताप और दाब (STP) पर 34 mg NH3 के प्रोटॉनों की (क) कुल संख्या और (ख) कुल द्रव्यमान बताइए। दाब और ताप में परिवर्तन से क्या उत्तर परिवर्तित हो जाएगा?

(iii) मानक ताप और दाब (STP) पर 34 mg NH3 के प्रोटॉनों की (क) कुल संख्या और (ख) कुल द्रव्यमान बताइए।

दाब और ताप में परिवर्तन से क्या उत्तर परिवर्तित हो जाएगा?

हल :

अमोनिया (NH3) का मोलर द्रव्यमान = (1 × 14.007 g/mol) + (3 × 1.008 g/mol) = 14.007 + 3.024 = 17.031 g/mol।

34 mg NH3 = 34 \times 10^{-3} g NH3

NH3 के मोलों की संख्या = \frac{\text{द्रव्यमान}}{\text{मोलर द्रव्यमान}} = \frac{34 \times 10^{-3} \text{ g}}{17.031 \text{ g/mol}} \approx 2 \times 10^{-3} mol।

एक NH3 अणु में:

  • नाइट्रोजन (N) परमाणु में 7 प्रोटॉन होते हैं।
  • हाइड्रोजन (H) परमाणु में 1 प्रोटॉन होता है।

अतः, एक NH3 अणु में कुल प्रोटॉनों की संख्या = (1 × 7 प्रोटॉन) + (3 × 1 प्रोटॉन) = 10 प्रोटॉन।

(क) प्रोटॉनों की कुल संख्या:

एक मोल NH3 में 6.023 \times 10^{23} अणु होते हैं।

2 × 10^{-3} मोल NH3 में अणुओं की संख्या = (2 × 10^{-3} mol) × (6.023 \times 10^{23} अणु/mol) = 1.2046 \times 10^{21} अणु।

कुल प्रोटॉनों की संख्या = (10 प्रोटॉन/अणु) × (1.2046 \times 10^{21} अणु) = 1.2046 \times 10^{22} प्रोटॉन।

अतः, 34 mg NH3 में प्रोटॉनों की कुल संख्या लगभग 1.2046 \times 10^{22} है।

(ख) प्रोटॉनों का कुल द्रव्यमान:

एक प्रोटॉन का द्रव्यमान लगभग 1.672 \times 10^{-27} kg होता है।

कुल प्रोटॉनों का द्रव्यमान = (10 प्रोटॉन/अणु) × (2 × 10^{-3} mol) × (6.023 \times 10^{23} अणु/mol) × (1.672 \times 10^{-27} kg/प्रोटॉन)

\text{कुल द्रव्यमान} = 10 \times (2 \times 10^{-3}) \times (6.023 \times 10^{23}) \times (1.672 \times 10^{-27}) \text{ kg}

\text{कुल द्रव्यमान} = 20 \times 6.023 \times 1.672 \times 10^{-11} \text{ kg}

\text{कुल द्रव्यमान} = 201.15 \times 10^{-11} \text{ kg} \approx 2.0115 \times 10^{-9} \text{ kg}

अतः, 34 mg NH3 में प्रोटॉनों का कुल द्रव्यमान लगभग 2.0115 \times 10^{-9} kg है।

दाब और ताप में परिवर्तन का प्रभाव:

प्रोटॉनों की संख्या और उनका द्रव्यमान पदार्थ की आंतरिक प्रकृति पर निर्भर करते हैं, न कि बाहरी परिस्थितियों जैसे दाब और ताप पर। इसलिए, दाब और ताप में परिवर्तन से प्रोटॉनों की कुल संख्या या उनके कुल द्रव्यमान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह उत्तर अपरिवर्तित रहेगा।

Common mistakes

  • इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के द्रव्यमान और आवेश के मानों को याद रखने में त्रुटियाँ।
  • मोल अवधारणा और आवोगाद्रो संख्या के अनुप्रयोग में गलतियाँ।
  • यौगिकों में परमाणुओं की संख्या की सही गणना न कर पाना।
  • समस्थानिकों के लिए परमाणु संख्या और द्रव्यमान संख्या के बीच भ्रम।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के हल में प्रयुक्त सूत्रों को सूचीबद्ध करें।
  • इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के मौलिक आवेश और द्रव्यमान को याद रखें।
  • आवोगाद्रो संख्या का उपयोग करके मोल गणना का अभ्यास करें।
  • विभिन्न तत्वों और यौगिकों के लिए इलेक्ट्रॉनों, प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की संख्या की गणना का अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. एक ग्राम में इलेक्ट्रॉनों की संख्या लगभग कितनी होती है?

Q2. एक मोल इलेक्ट्रॉनों का द्रव्यमान लगभग कितना होता है?

Q3. मेथेन (CH4) के एक मोल में कुल कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं?

Q4. 7 mg 14C में न्यूट्रॉनों की संख्या क्या है?

Frequently asked questions

कक्षा 11 रसायन विज्ञान के अध्याय 2 में मुख्य रूप से किन विषयों को शामिल किया गया है?

अध्याय 2 मुख्य रूप से परमाणु की संरचना और उसके मूलभूत कणों - इलेक्ट्रॉनों, प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों - से संबंधित मात्रात्मक गणनाओं पर केंद्रित है। इसमें एक ग्राम या एक मोल में कणों की संख्या, द्रव्यमान और आवेश की गणना शामिल है।

ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान छात्रों को परमाणु संरचना से संबंधित विभिन्न प्रकार की गणनाओं को समझने और अभ्यास करने में मदद करते हैं। प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत हल छात्रों को समस्या-समाधान की विधि सिखाता है, जिससे वे परीक्षा में समान प्रश्नों को आत्मविश्वास से हल कर सकते हैं।

क्या इन समाधानों में प्रयुक्त सूत्र महत्वपूर्ण हैं?

हाँ, इन समाधानों में प्रयुक्त सूत्र जैसे कि कणों की संख्या की गणना, मोलर द्रव्यमान और आवेश की गणना के सूत्र परीक्षा के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण हैं। छात्रों को इन सूत्रों को समझना और याद रखना चाहिए।

एक ग्राम में इलेक्ट्रॉनों की संख्या की गणना कैसे की जाती है?

एक ग्राम में इलेक्ट्रॉनों की संख्या की गणना करने के लिए, पहले एक इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान (लगभग 9.1 x 10^-28 ग्राम) ज्ञात किया जाता है। फिर, 1 को एक इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमान से विभाजित किया जाता है, जिससे उस ग्राम में इलेक्ट्रॉनों की संख्या प्राप्त होती है।

मेथेन (CH4) जैसे यौगिक में इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या कैसे ज्ञात करें?

मेथेन (CH4) में इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या ज्ञात करने के लिए, पहले मेथेन अणु में उपस्थित सभी परमाणुओं के इलेक्ट्रॉनों की संख्या का योग करें (कार्बन के 6 + 4 हाइड्रोजन के 1 = 10 इलेक्ट्रॉन)। फिर, इस योग को आवोगाद्रो संख्या (6.023 x 10^23) से गुणा करें।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.