CBSE Class 11 Biology: Plant Kingdom NCERT Solutions
This resource provides detailed NCERT Solutions for Class 11 Biology, Chapter 3, focusing on the Plant Kingdom. It covers the classification of algae based on pigments, flagella, and food storage. The solutions explain the occurrence and timing of reduction division in the life cycles of liverworts, mosses, ferns, gymnosperms, and angiosperms. It also details the life cycle of mosses, including the gametophyte and sporophyte stages, and discusses the ploidy levels of various plant cells and structures. Furthermore, the economic importance of algae as food and sources for various products, along with the economic significance of gymnosperms, is elaborated upon. These solutions are designed to help students grasp complex concepts and prepare effectively for their board examinations by offering clear, step-by-step explanations.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | जीव विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 3. वनस्पति जगत |
Chapter summary
Chapter 3, Plant Kingdom, NCERT Solutions for Class 11 Biology, delves into the diverse world of plants. This chapter's solutions focus on the basis of algal classification, the stages of reduction division in different plant groups like bryophytes, pteridophytes, gymnosperms, and angiosperms, and the detailed life cycle of mosses. It also clarifies the ploidy of various plant parts and highlights the economic significance of algae and gymnosperms. These solutions offer a structured approach to understanding plant diversity and life cycles.
Learning outcomes
- Understand the basis for classifying algae.
- Identify where and when reduction division occurs in plant life cycles.
- Describe the life cycle of mosses, including gametophyte and sporophyte stages.
- Determine the ploidy level (haploid, diploid, triploid) of different plant cells and structures.
- Explain the economic importance of algae and gymnosperms.
Topics covered
Paper topics
- Classification of Algae
- Reduction Division in Plants
- Life Cycle of Mosses
- Gametophyte and Sporophyte
- Ploidy Levels in Plant Cells
- Archegonia in Plants
- Economic Importance of Algae
- Economic Importance of Gymnosperms
- Bryophytes
- Pteridophytes
- Gymnosperms
- Angiosperms
Important topics
- Basis of Algal Classification
- Reduction Division Timing
- Moss Life Cycle
- Ploidy of Plant Structures
- Economic Importance of Algae
- Archegonia
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
- वर्णक (Pigments): शैवाल में पाए जाने वाले विशिष्ट वर्णक, जैसे क्लोरोफिल a, b, c, d, कैरोटीनॉयड और फाइकोबिलिन, उनके वर्गीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- फ्लेजिला (Flagella): फ्लेजिला की संख्या, स्थिति और प्रकार (जैसे, 2 या अधिक, पार्श्व या अग्र) वर्गीकरण का एक आधार हैं।
- संगृहीत खाद्य पदार्थ (Storage Food Product): शैवाल द्वारा संश्लेषित भोजन का भंडारण किस रूप में होता है (जैसे, स्टार्च, लैमिनेरिन, मैनीटोल) यह भी वर्गीकरण में सहायक है।
- कोशिका भित्ति की रासायनिक संरचना (Chemical Structure of Cell Wall): कोशिका भित्ति के निर्माण में प्रयुक्त पदार्थ (जैसे, सेल्युलोज, पेक्टिन, एल्गिन, कैराजीन) भी वर्गीकरण के महत्वपूर्ण बिंदु हैं।
प्रश्न 2
- लिवरवर्ट (Liverworts) और मॉस (Mosses) (ब्रायोफाइटा): इन पौधों में, निम्नीकरण विभाजन कैप्सूल (capsule) के अंदर स्थित बीजाणु मातृ कोशिकाओं (spore mother cells) में होता है। यह विभाजन अगुणित (haploid) बीजाणुओं का निर्माण करता है।
- फर्न (Ferns) (टेरिडोफाइटा): फर्न में, निम्नीकरण विभाजन स्पोरेन्जिया (sporangia) के अंदर स्थित बीजाणु मातृ कोशिकाओं (spore mother cells) में होता है, जिससे अगुणित बीजाणु उत्पन्न होते हैं।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms): जिम्नोस्पर्म में, निम्नीकरण विभाजन दो मुख्य स्थानों पर होता है:
- माइक्रोस्पोरेन्जियम (microsporangium) में, जहाँ माइक्रोस्पोर (परागकण) के निर्माण के समय होता है।
- मेगास्पोरेन्जियम (megasporangium) में, जहाँ मेगास्पोर (megaspore) के निर्माण के समय होता है।
- एन्जियोस्पर्म (Angiosperms): एन्जियोस्पर्म में, निम्नीकरण विभाजन निम्नलिखित स्थानों पर होता है:
- परागकोश (anther) के अंदर माइक्रोस्पोरेन्जियम में, जहाँ माइक्रोस्पोर (परागकण) बनते हैं।
- अण्डाशय (ovule) के अंदर मेगास्पोरेन्जियम में, जहाँ मेगास्पोर (भ्रूणकोष) का निर्माण होता है।
प्रश्न 3
- ब्रायोफाइटा (Bryophyta)
- टेरिडोफाइटा (Pteridophyta)
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms)
1. युग्मकोद्भिद् अवस्था (Gametophyte Stage):
- प्रोटोनीमा (Protonema): अगुणित बीजाणुओं के अंकुरण से एक हरे, तन्तुरूपी, शाखामय प्रोटोनीमा का निर्माण होता है। यह अवस्था स्वपोषी होती है।
- पत्तीमय अवस्था (Leafy Stage): प्रोटोनीमा पर अनेक कलिकाएँ विकसित होती हैं, जो वृद्धि करके एक पत्तीदार, उर्ध्वगामी तना और पत्तियाँ बनाती हैं। यह मॉस का मुख्य पौधा है।
- जननांगों का विकास: पत्तीमय अवस्था पर नर और मादा जननांग समूह में विकसित होते हैं। नर जननांग को पुंधानी (antheridium) कहते हैं, जिसमें द्विकशाभिक पुंपणु (antherozoids) बनते हैं। मादा जननांग को स्त्रीधानी (archegonium) कहते हैं, जिसमें एक अण्डाणु (ovum) बनता है।
2. निषेचन (Fertilization):
- निषेचन के लिए जल की आवश्यकता होती है। पुंधानी से पुंपणु निकलकर स्त्रीधानी तक पहुँचते हैं और अण्डाणु के साथ संलयित होकर द्विगुणित (diploid) युग्मनज (oospore) बनाते हैं।
3. बीजाणुउद्भिद् अवस्था (Sporophyte Stage):
- युग्मनज (oospore) से वृद्धि और विभाजन द्वारा द्विगुणित (diploid) बीजाणुउद्भिद् (sporophyte) का निर्माण होता है। यह बीजाणुउद्भिद् युग्मकोद्भिद् पर आश्रित (अपर्ण परजीवी) होता है।
- बीजाणुउद्भिद् के तीन मुख्य भाग होते हैं: पाद (foot), सीटा (seta), और सम्पुट (capsule)।
4. बीजाणु निर्माण (Spore Formation):
- सम्पुट (capsule) के अंदर बीजाणुकोष्ठ (sporangium) में द्विगुणित बीजाणु मातृ कोशिकाएँ (spore mother cells) होती हैं। इन कोशिकाओं में निम्नीकरण विभाजन (अर्द्धसूत्री विभाजन) होता है, जिससे अगुणित (haploid) बीजाणु बनते हैं।
- सम्पुट के स्फुटन (dehiscence) से बीजाणु मुक्त हो जाते हैं।
5. बीजाणु का प्रकीर्णन और अंकुरण:
- बीजाणुओं का प्रकीर्णन (dispersal) वायु द्वारा होता है। अनुकूल परिस्थितियाँ मिलने पर, बीजाणु अंकुरित होकर पुनः प्रोटोनीमा बनाते हैं और जीवन चक्र जारी रहता है।
प्रश्न 4
- मॉस की प्रथम तन्तुक कोशिका (Protonema cell of Moss): अगुणित (Haploid - X)
- द्विबीजपत्री के प्राथमिक भ्रूणपोष का केन्द्रक (Primary endosperm nucleus of a dicot): त्रिगुणित (Triploid - 3X)
- मॉस की पत्तियों की कोशिका (Leaf cell of Moss): अगुणित (Haploid - X)
- फर्न के प्रोथैलस की कोशिकाएँ (Cells of prothallus of Fern): अगुणित (Haploid - X)
- मारकेंशिया की जेमा कोशिका (Gemma cell of Marchantia): अगुणित (Haploid - X)
- एकबीजपत्री की मेरिस्टेम कोशिका (Meristem cell of a monocot): द्विगुणित (Diploid - 2X)
- लिवरवर्ट का अण्डाशय (Archegonium of Liverwort): अगुणित (Haploid - X)
- फर्न का युग्मनज (Zygote of Fern): द्विगुणित (Diploid - 2X)
प्रश्न 5
शैवाल का आर्थिक महत्त्व:
- भोजन के रूप में (Algae as Food): पृथ्वी पर होने वाले कुल प्रकाश संश्लेषण का लगभग आधा भाग शैवालों द्वारा किया जाता है। कई शैवाल, जैसे पोरफाइरा (Porphyra), एलेरिया (Alaria), अल्वा (Ulva), सारगासम (Sargassum), और लेमिनेरिया (Laminaria), कार्बोहाइड्रेट, खनिज लवणों और विटामिनों से भरपूर होते हैं और इन्हें सीधे भोजन के रूप में उपयोग किया जाता है।
- अन्य उत्पाद:
- एल्गिन (Algin): भूरे शैवाल (जैसे लेमिनेरिया, मैक्रोसिस्टिस) से एल्गिन प्राप्त होता है, जिसका उपयोग आइसक्रीम, जेली और सौंदर्य प्रसाधनों में गाढ़ा करने वाले एजेंट के रूप में होता है।
- कैराजीन (Carrageenin): लाल शैवाल (जैसे डिप्लोसाइफॉन, जिलेडियम) से कैराजीन प्राप्त होता है, जिसका उपयोग खाद्य उद्योग और फार्मास्यूटिकल्स में होता है।
- अगर-अगर (Agar-Agar): लाल शैवाल (जैसे जिलेडियम, ग्रेसिलेरिया) से प्राप्त अगर का उपयोग सूक्ष्मजीव संवर्धन माध्यम (culture media) बनाने और जेली बनाने में होता है।
- चारा (Fodder): कुछ शैवाल, विशेष रूप से समुद्री शैवाल, पशुओं के चारे के रूप में उपयोग किए जाते हैं।
- ऑक्सीजन उत्पादन: शैवाल प्रकाश संश्लेषण द्वारा बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन उत्पन्न करते हैं, जो जलीय जीवन के लिए आवश्यक है।
जिम्नोस्पर्म का आर्थिक महत्त्व:
- लकड़ी (Timber): जिम्नोस्पर्म की लकड़ी, जैसे कि देवदार (Deodar), चीड़ (Pine), और स्प्रूस (Spruce), का उपयोग निर्माण कार्य, फर्नीचर, प्लाईवुड, कागज लुगदी (paper pulp) आदि बनाने में किया जाता है। ये लकड़ी हल्की, मजबूत और आसानी से काम में आने वाली होती है।
- खाद्य पदार्थ: कुछ जिम्नोस्पर्म के बीज खाने योग्य होते हैं। उदाहरण के लिए, चिलगोजा (Chilgoza pine) के बीज और पाइन नट (pine nuts) पौष्टिक होते हैं और सीधे खाए जाते हैं या विभिन्न व्यंजनों में उपयोग किए जाते हैं।
- राल (Resins): चीड़ (Pine) जैसे जिम्नोस्पर्म से तारपीन का तेल (turpentine oil) और रेजिन (resin) प्राप्त होते हैं, जिनका उपयोग वार्निश, पेंट, पॉलिश, और औषधियों के निर्माण में होता है।
- एफे़ड्रिन (Ephedrine): एफे़ड्रा (Ephedra) नामक जिम्नोस्पर्म से एफ़ेड्रिन नामक अल्कलॉइड प्राप्त होता है, जिसका उपयोग दमा (asthma) और श्वसन संबंधी बीमारियों के इलाज में किया जाता है।
- सजावटी पौधे: कई जिम्नोस्पर्म, जैसे साइकस (Cycads), कोनिफर (Conifers), और जुनिपर (Juniper), अपने आकर्षक स्वरूप के कारण उद्यानों और परिदृश्य डिजाइन में सजावटी पौधों के रूप में लगाए जाते हैं।
Common mistakes
- Confusing the ploidy levels of different plant structures.
- Misidentifying the exact stage of reduction division in complex life cycles.
- Incomplete understanding of the gametophyte-sporophyte alternation in bryophytes.
- Overlooking the role of water in fertilization for certain plant groups.
Revision tips
- Focus on the specific criteria used for classifying algae.
- Draw and label the life cycle of mosses to visualize the stages.
- Create a table to compare the ploidy of various plant cells mentioned.
- Review the economic uses of algae and gymnosperms for quick recall.
Practice MCQs
Q1. शैवालों के वर्गीकरण का मुख्य आधार क्या है?
Explanation: शैवालों का वर्गीकरण मुख्य रूप से उनमें पाए जाने वाले वर्णक, फ्लेजिला की उपस्थिति और संख्या, संगृहीत खाद्य पदार्थ के प्रकार और कोशिका भित्ति की रासायनिक संरचना के आधार पर किया जाता है।
Q2. मॉस के जीवन चक्र में निम्नीकरण विभाजन (reduction division) कहाँ होता है?
Explanation: लिवरवर्ट और मॉस में, निम्नीकरण विभाजन कैप्सूल के अंदर बीजाणु मातृ कोशिका में होता है, जिससे अगुणित बीजाणु बनते हैं।
Q3. निम्नलिखित में से किस वर्ग में स्त्रीधानी (archegonia) पाई जाती है?
Explanation: ब्रायोफाइटा, टेरिडोफाइटा और जिम्नोस्पर्म तीनों वर्गों के पौधों में स्त्रीधानी (archegonia) नामक मादा जननांग पाया जाता है।
Q4. द्विबीजपत्री के प्राथमिक भ्रूणपोष के केन्द्रक की सूत्रगुणता (ploidy) क्या होती है?
Explanation: द्विबीजपत्री पौधों में, प्राथमिक भ्रूणपोष का केन्द्रक निषेचन के बाद त्रिगुणित (3X) होता है, जो दो ध्रुवीय नाभिकों (अगुणित) और एक नर युग्मक (अगुणित) के संलयन से बनता है।
Q5. फर्न के प्रोथैलस (prothallus) की कोशिकाओं की सूत्रगुणता क्या होती है?
Explanation: फर्न का प्रोथैलस युग्मकोद्भिद् (gametophyte) अवस्था का प्रतिनिधित्व करता है, जो कि अगुणित (haploid, X) होता है।
Frequently asked questions
शैवालों के वर्गीकरण के मुख्य आधार क्या हैं?
शैवालों का वर्गीकरण मुख्य रूप से उनमें उपस्थित वर्णक (pigments), फ्लेजिला (flagella), संगृहीत खाद्य पदार्थ (storage food product) और कोशिका भित्ति की रासायनिक संरचना (chemical structure of cell wall) के आधार पर किया जाता है।
किन पौधों के जीवन चक्र में स्त्रीधानी (archegonia) पाई जाती है?
ब्रायोफाइटा, टेरिडोफाइटा और जिम्नोस्पर्म वर्ग के पौधों में स्त्रीधानी पाई जाती है।
मॉस के जीवन चक्र में निम्नीकरण विभाजन कब और कहाँ होता है?
मॉस में निम्नीकरण विभाजन कैप्सूल (capsule) की बीजाणु मातृ कोशा (spore mother cell) में होता है, जिससे अगुणित बीजाणु बनते हैं।
फर्न के प्रोथैलस की कोशिकाओं की सूत्रगुणता क्या होती है?
फर्न के प्रोथैलस की कोशिकाएँ अगुणित (Haploid-X) होती हैं, क्योंकि प्रोथैलस युग्मकोद्भिद् अवस्था का प्रतिनिधित्व करता है।
क्या शैवाल का आर्थिक महत्व है? यदि हाँ, तो कैसे?
हाँ, शैवाल का आर्थिक महत्व है। कई शैवाल जैसे पोरफाइरा, लेमिनेरिया आदि भोजन के रूप में उपयोग किए जाते हैं और प्रकाश संश्लेषण द्वारा पृथ्वी के 50% ऑक्सीजन उत्पादन में योगदान करते हैं।
यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?
यह समाधान CBSE कक्षा 11 जीव विज्ञान के 'वनस्पति जगत' (Plant Kingdom) अध्याय के लिए हैं।
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