CBSE Class 11 Hindi A NCERT Solutions Chapter 2: Meera
This resource provides detailed NCERT Solutions for Class 11 Hindi A, Chapter 2, focusing on the renowned poetess Meera. It covers her devotional poetry, exploring the various facets of her relationship with Lord Krishna. The solutions delve into the meaning and interpretation of her verses, explaining the emotional (भाव सौंदर्य) and stylistic (शिल्प सौंदर्य) elements present in her poems. Students will find clear explanations for complex themes like her form of worship, the symbolism in her verses, her societal standing, and the challenges she faced. These solutions are designed to help students grasp the nuances of Meera's poetry, understand her profound devotion, and prepare effectively for their examinations by offering clear, step-by-step analyses.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 2. मीरा |
Chapter summary
This chapter's NCERT Solutions for Class 11 Hindi A focus on the devotional poetry of Meera. It includes detailed explanations of her verses, covering the emotional and artistic aspects (भाव सौंदर्य and शिल्प सौंदर्य). The solutions address key questions about Meera's unique form of worship, her symbolic language, the reasons behind societal criticism, and her philosophical outlook on worldly attachments. Students will gain a deeper understanding of her unwavering devotion to Krishna and the challenges she overcame, aiding in their comprehension and analysis of her significant contribution to Hindi literature.
Learning outcomes
- Understand Meera's devotional relationship with Krishna.
- Analyze the भाव सौंदर्य (emotional appeal) of Meera's poems.
- Identify and explain the शिल्प सौंदर्य (stylistic elements) in her verses.
- Interpret the symbolism used in Meera's poetry.
- Explain the societal context and challenges faced by Meera.
- Grasp the philosophical underpinnings of Meera's devotion.
Topics covered
Paper topics
- मीरा का कृष्ण प्रेम
- भक्ति की उपासना विधि
- भाव सौंदर्य
- शिल्प सौंदर्य
- प्रेम-बेलि का रूपक
- सार तत्व ग्रहण करना
- कृष्ण भक्ति में विरक्ति
- सामाजिक विरोध और मीरा
- विष का प्याला
- मोह-माया की निरर्थकता
- लोक-लाज का परित्याग
- सहज भक्ति का महत्व
Important topics
- मीरा की कृष्ण भक्ति का स्वरूप
- भाव और शिल्प सौंदर्य का विश्लेषण
- सांगरूपक अलंकार का प्रयोग
- सांसारिक मोह-माया का खंडन
- लोक-लाज और सामाजिक मर्यादा
- विष के प्याले का प्रतीकात्मक अर्थ
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
प्रश्न 2.1
भाव-सौंदर्य: ये पंक्तियाँ कृष्णभक्त कवयित्री मीराबाई की गहरी भक्ति को दर्शाती हैं। मीरा ने अपने आँसुओं के जल से सींच-सींचकर कृष्ण प्रेम की बेल बोई है। अब यह प्रेम-बेल फैल गई है और आनंद रूपी फल देने लगी है, जिसका अर्थ है कि मीरा को अब भक्ति से परम आनंद की अनुभूति हो रही है। यह उनकी भक्ति की परिपक्व अवस्था को दर्शाता है।
शिल्प-सौंदर्य: इस पद की भाषा अत्यंत मधुर, संगीतमय और राजस्थानी मिश्रित है। 'सींचि-सींचि' में पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार का प्रयोग हुआ है, जो क्रिया की अधिकता को दर्शाता है। 'प्रेम-बेलि', 'आणंद-फल', और 'अंसुवन जल' जैसे प्रयोगों में सांगरूपक अलंकार का सुंदर निर्वाह किया गया है, जहाँ प्रेम को बेल, आनंद को फल और आँसुओं को जल के रूप में अभिन्न रूप से प्रस्तुत किया गया है।
प्रश्न 2.2
भाव-सौंदर्य: इस पद में मीरा ने भक्ति की महत्ता को समझाया है। उन्होंने दूध की मथनी से प्रेमपूर्वक मथकर घी (सार तत्व) निकाल लिया है और छाछ (व्यर्थ वस्तु) को छोड़ दिया है। इसका प्रतीकात्मक अर्थ यह है कि मीरा संसार के सार तत्व को ग्रहण करने और व्यर्थ की बातों को त्यागने का संदेश देती हैं। भक्ति को सार (घी) और सांसारिक सुखों को व्यर्थ (छाछ) माना गया है।
शिल्प-सौंदर्य: इस पद की भाषा भी मधुर, संगीतमय और राजस्थानी मिश्रित है। पद भक्ति रस से परिपूर्ण है। यहाँ 'घी' को सार तत्व (ईश्वर भक्ति) और 'छाछ' को व्यर्थ (सांसारिक मोह-माया) के प्रतीक के रूप में प्रयोग किया गया है। 'दूध की मथनियाँ...छोयी' में अन्योक्ति अलंकार का सुंदर प्रयोग है, जहाँ अप्रत्यक्ष रूप से गूढ़ अर्थ व्यक्त किया गया है।
प्रश्न 3
प्रश्न 4
प्रश्न 5
प्रश्न 6
प्रश्न 7
प्रश्न 8
Common mistakes
- Confusing literal meaning with symbolic meaning in verses.
- Underestimating the significance of 'भाव सौंदर्य' and 'शिल्प सौंदर्य'.
- Not fully appreciating the context of societal norms against which Meera rebelled.
- Overlooking the depth of devotion and its expression in her language.
Revision tips
- Read each verse carefully and then refer to the solution for deeper meaning.
- Pay close attention to the explanations of 'भाव सौंदर्य' and 'शिल्प सौंदर्य' for each poem.
- Understand the context of societal criticism and Meera's response.
- Summarize the key themes of Meera's devotion in your own words.
- Practice explaining the symbolism used in the poems.
Practice MCQs
Q1. मीरा कृष्ण की उपासना किस रूप में करती हैं?
Explanation: मीरा श्रीकृष्ण को अपना सर्वस्व मानती हैं और उनकी उपासना एक समर्पिता पत्नी के रूप में करती हैं, साथ ही स्वयं को उनकी दासी भी मानती हैं।
Q2. मीरा के प्रभु के सिर पर क्या सुशोभित है?
Explanation: मीरा के प्रभु सिर पर मोर-मुकुट धारण करने वाले हैं, जो उनके मन को मोहने वाले रूपवान हैं।
Q3. 'प्रेम-बेलि बोयी' में किस अलंकार का प्रयोग हुआ है?
Explanation: पंक्तियों में 'प्रेम-बेलि बोयी', 'आणंद-फल', 'अंसुवन जल' में सांगरूपक अलंकार का प्रयोग किया गया है, जहाँ प्रेम को बेल और आनंद को फल के रूप में दर्शाया गया है।
Q4. मीरा ने दूध की मथनियाँ क्यों विलोयी?
Explanation: मीरा ने दूध की मथनियों को प्रेम से मथकर घी (सार तत्व) निकाल लिया और छाछ (व्यर्थ की बातें) को छोड़ दिया, जो संसार के सार को ग्रहण करने का प्रतीक है।
Q5. लोग मीरा को 'बावरी' क्यों कहते थे?
Explanation: लोग मीरा को बावरी इसलिए कहते थे क्योंकि वे कृष्ण भक्ति में इतनी लीन थीं कि उन्होंने अपनी सुध-बुध खो दी थी और सांसारिकता का त्याग कर दिया था।
Q6. राणा द्वारा भेजे गए विष के प्याले को मीरा ने कैसे पिया?
Explanation: मीरा ने राणा द्वारा भेजे गए विष के प्याले को भी हँसते-हँसते पी लिया, जो उनकी कृष्ण भक्ति की अटूट शक्ति को दर्शाता है।
Q7. मीरा जगत को देखकर क्यों रोती हैं?
Explanation: मीरा संसार में लोगों को मिथ्या मोह-माया में जकड़े हुए और जीवन को व्यर्थ गँवाते हुए देखकर रोती हैं।
Q8. 'लोक-लाज खोना' का क्या अभिप्राय है?
Explanation: 'लोक-लाज खोना' का अर्थ है परिवार और समाज की स्थापित मर्यादाओं का उल्लंघन करना।
Frequently asked questions
यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?
यह समाधान CBSE कक्षा 11 के हिंदी (कोर ए) विषय के लिए हैं, विशेष रूप से अध्याय 2 'मीरा' पर केंद्रित हैं।
मीरा कृष्ण की उपासना किस रूप में करती हैं?
मीरा श्रीकृष्ण को अपना सर्वस्व मानती हैं और उनकी उपासना एक समर्पित पत्नी के रूप में करती हैं, साथ ही स्वयं को उनकी दासी भी मानती हैं।
'भाव सौंदर्य' और 'शिल्प सौंदर्य' से क्या तात्पर्य है?
'भाव सौंदर्य' कविता के भावनात्मक और आध्यात्मिक पक्ष को दर्शाता है, जबकि 'शिल्प सौंदर्य' भाषा, अलंकार, छंद और शैली जैसे कलात्मक तत्वों को संदर्भित करता है।
मीरा ने विष का प्याला हँसते हुए क्यों पिया?
मीरा ने विष का प्याला हँसते हुए इसलिए पिया क्योंकि उनकी कृष्ण भक्ति इतनी अटूट थी कि उन्हें विश्वास था कि विष उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा, और यह उनके विरोधियों पर एक व्यंग्य भी था।
मीरा को 'बावरी' क्यों कहा जाता था?
मीरा को 'बावरी' इसलिए कहा जाता था क्योंकि वे कृष्ण भक्ति में इतनी तल्लीन थीं कि उन्होंने अपनी सुध-बुध खो दी थी और सांसारिक बंधनों को त्याग दिया था।
ये समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?
ये समाधान मीरा के पदों की गहन व्याख्या, भाव और शिल्प सौंदर्य के स्पष्टीकरण, और महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर प्रदान करके परीक्षा की तैयारी में मदद करते हैं।
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