CBSE Class 10 Hindi NCERT Solutions: स्पर्श पाठ-6 निदा फ़ाज़ली

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This section provides detailed NCERT Solutions for Class 10 Hindi (Course B), Chapter 15, focusing on the works of Nida Fazli. The solutions address questions related to the delicate balance of nature, the impact of human activities like urbanization and population growth on the environment, and the ethical considerations that arise from our interactions with the natural world. It delves into themes of compassion towards animals, the consequences of disrupting ecological harmony, and the transient nature of human existence. These solutions aim to help students grasp the deeper meanings within the chapter, understand the author's perspective on environmental issues, and prepare effectively for their examinations by offering clear, step-by-step explanations.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter15. निदा फ़ाज़ली

Chapter summary

This chapter's NCERT Solutions for Class 10 Hindi (Course B) explore the themes presented in Nida Fazli's writing. It covers the importance of maintaining ecological balance, the adverse effects of human encroachment on nature, and the ethical responsibilities towards all living beings. The solutions clarify concepts like the consequences of environmental imbalance, the need for compassion towards animals, and the philosophical idea of human equality and impermanence.

Learning outcomes

  • Understand the reasons behind historical references like 'Lashkar ko Nuh'.
  • Explain the significance of respecting nature and its inhabitants.
  • Analyze the impact of human actions on environmental balance.
  • Discuss the ethical dilemmas presented in the text.
  • Interpret the philosophical messages conveyed through poetry.
  • Relate personal experiences to the themes of compassion and nature.

Topics covered

Paper topics

  • Environmental Imbalance
  • Human Impact on Nature
  • Compassion towards Animals
  • Urbanization Effects
  • Population Growth Consequences
  • Ethical Responsibilities
  • Nature's Cycles
  • Literary Interpretation
  • Philosophical Reflections on Life
  • Author's Personal Experiences

Important topics

  • Causes and consequences of environmental imbalance
  • Human responsibility towards nature and animals
  • Impact of population growth on ecosystems
  • Interpreting literary and poetic expressions
  • The transient nature of life

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

अरब में लश्कर को नूह के नाम से क्यों याद करते हैं?
Solution: अरब में लश्कर को नूह के नाम से इसलिए याद किया जाता है क्योंकि एक बार उन्होंने एक जख्मी कुत्ते को दुत्कार दिया था। इस कृत्य से उन्हें इतना अधिक पश्चाताप हुआ कि वे जीवन भर उस घटना पर रोते रहे। उनकी यह करुणा और पश्चाताप की भावना इतनी गहरी थी कि उन्हें इसी कारण से नूह के रूप में याद किया जाता है।

प्रश्न 2

लेखक की माँ किस समय पेड़ों के पत्ते तोड़ने के लिए मना करती थीं और क्यों?
Solution: लेखक की माँ शाम के समय पेड़ों से पत्ते तोड़ने के लिए मना करती थीं। उनका मानना था कि शाम के समय पत्ते तोड़ने से पेड़ रोते हैं और वे बददुआ देते हैं। यह मान्यता प्रकृति के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता और सम्मान को दर्शाती है।

प्रश्न 3

प्रकृति में आए असंतुलन का क्या परिणाम हुआ?
Solution: प्रकृति में आए असंतुलन के कारण मौसम अनिश्चित हो गया है। इसके दुष्परिणाम स्वरूप, गर्मी के मौसम में अत्यधिक गर्मी पड़ना, बेवक्त की बारिश होना, तथा जलजले, सैलाब, तूफान और नित नए रोगों का उत्पन्न होना जैसी समस्याएँ बढ़ गई हैं। ये सभी प्रकृति के संतुलन बिगड़ने के स्पष्ट संकेत हैं।

प्रश्न 4

लेखक की माँ ने पूरे दिन का रोज़ा क्यों रखा?
Solution: लेखक के घर में कबूतरों ने दो अंडे दिए थे। एक अंडा बिल्ली ने तोड़ दिया था और दूसरा अंडा लेखक की माँ द्वारा उसे बचाने के प्रयास में टूट गया था। इस घटना से वे बहुत दुखी हुईं और अपने द्वारा अनजाने में किए गए इस नुकसान का प्रायश्चित करने के लिए उन्होंने पूरे दिन का रोज़ा रखा।

प्रश्न 5

लेखक ने ग्वालियर से बंबई तक किन बदलावों को महसूस किया? पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Solution: लेखक ने ग्वालियर से बम्बई तक यात्रा करते हुए कई महत्वपूर्ण बदलाव महसूस किए। ग्वालियर जैसे स्थानों पर जहाँ बड़े-बड़े घर, आँगन और दालान होते थे, वहीं बम्बई में उन्हें डिब्बे जैसे छोटे घरों में लोगों को गुज़ारा करते हुए देखना पड़ा। चारों ओर केवल ऊँची-ऊँची इमारतें ही दिखाई देती थीं, जिससे खुले स्थानों और पशु-पक्षियों के रहने के स्थानों का अभाव हो गया था। पहले जहाँ पशु-पक्षियों को घरों में स्थान मिलता था, वहीं अब उनके आने के रास्ते भी बंद कर दिए गए हैं। इन बदलावों से यह स्पष्ट होता है कि मानव स्वार्थी हो गया है और उसकी भावनाएँ समाप्त होती जा रही हैं, जिससे प्रकृति और अन्य जीवों के प्रति उसका लगाव कम हो गया है।

प्रश्न 6

'डेरा डालने' से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए।
Solution: 'डेरा डालने' का आशय किसी स्थान पर अस्थायी रूप से निवास करना या बस जाना है। आजकल पक्षियों को अपने घोंसले बनाने के लिए उपयुक्त प्राकृतिक स्थान नहीं मिल पा रहे हैं। शहरीकरण और इमारतों के निर्माण के कारण उनके प्राकृतिक आवास नष्ट हो गए हैं। इसी कारण वे इमारतों में ही अपना डेरा जमा लेते हैं, यानी अस्थायी रूप से रहने लगते हैं।

प्रश्न 7

शेख अयाज़ के पिता अपने बाजू पर काला च्योंटा रेंगता देख भोजन छोड़ कर क्यों उठ खड़े हुए?
Solution: शेख अयाज़ के पिता ने अपने बाजू पर एक काला चींटा रेंगता हुआ देखा तो वे तुरंत भोजन छोड़कर उठ खड़े हुए। इसका कारण यह था कि उनके अनुसार उन्होंने उस चींटे को उसके घर से बेघर कर दिया था। वे इस भूल का तुरंत प्रायश्चित करना चाहते थे, इसलिए बिना समय गँवाए वे उस चींटे को उसके घर, यानी कुएँ पर छोड़ने के लिए चल पड़े। यह घटना उनकी जीवों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को दर्शाती है।

प्रश्न 8

बढ़ती हुई आबादी का पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ा?
Solution: बढ़ती हुई आबादी पर्यावरण के असंतुलन का एक प्रमुख कारण है। आवास की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए मानव ने प्रकृति के साथ खिलवाड़ किया है। उसने समुद्र की लहरों को भी सीमित कर दिया है और समुद्र के रेतीले तटों पर भी बस्तियाँ बसा ली हैं। आसपास के जंगलों को काटकर नष्ट कर दिया गया है और पेड़ों को रास्तों से हटा दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, पशु-पक्षियों के लिए आवास ही नहीं बचे हैं। प्राकृतिक आपदाएँ जैसे भूकंप, बाढ़, तूफान, अत्यधिक गर्मी और तेज़ वर्षा दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं, और इनके कारण कई नई बीमारियाँ भी उत्पन्न हो रही हैं। इस प्रकार, बढ़ती आबादी ने पर्यावरण के असंतुलन को गहरा किया है, जिसका जनजीवन और पूरे पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।

प्रश्न 9

लेखक की पत्नी को खिड़की में जाली क्यों लगवानी पड़ी?
Solution: लेखक के घर में कबूतरों ने एक घोंसला बना लिया था। कबूतर अपने बच्चों की रखवाली के लिए बार-बार घर के अंदर आ जाते थे, जिससे घर और पुस्तकालय गंदा हो जाता था। इन कबूतरों से अपने घर को बचाने और गंदगी को रोकने के लिए, लेखक की पत्नी को खिड़की में जाली लगवानी पड़ी।

प्रश्न 10

समुद्र के गुस्से की क्या वजह थी? उसने अपना गुस्सा कैसे निकाला?
Solution: समुद्र के गुस्से का मुख्य कारण उसका लगातार सिकुड़ता जाना था। कई वर्षों से बड़े-बड़े बिल्डर समुद्र की जमीन पर कब्जा करके उसे पीछे धकेल रहे थे, जिससे समुद्र का स्वरूप छोटा होता जा रहा था। पहले उसने अपनी टाँगें समेटीं, फिर उकड़ूँ बैठा और फिर खड़ा हो गया, यह प्रक्रिया निरंतर चलती रही। जब समुद्र को गुस्सा आया, तो उसने अपनी लहरों पर दौड़ रहे तीन जहाजों को उठाकर तीन अलग-अलग दिशाओं में फेंक दिया। एक जहाज वर्ली के समुद्र किनारे, दूसरा बांद्रा में कार्टर रोड के सामने और तीसरा गेटवे ऑफ इंडिया पर गिरा, जिससे जहाजों में सवार लोग बुरी तरह घायल हो गए। यह समुद्र के क्रोध का एक भयानक प्रदर्शन था।

प्रश्न 11

'मट्टी से मट्टी मिले, खो के सभी निशान, किसमें कितना कौन है, कैसे हो पहचान' इन पंक्तियों के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है? स्पष्ट कीजिए।
Solution: इन पंक्तियों के माध्यम से लेखक यह कहना चाहता है कि सभी प्राणियों का निर्माण मिट्टी से हुआ है और अंततः सभी को इसी मिट्टी में विलीन हो जाना है। इसका अर्थ है कि सभी मनुष्य मूल रूप से समान हैं और उनके बीच किसी भी प्रकार का भेदभाव करना उचित नहीं है। जीवन की यह क्षणभंगुरता और समानता का बोध हमें सिखाता है कि हमें आपसी सौहार्द और प्रेम से मिलजुलकर रहना चाहिए, क्योंकि अंत में सभी के निशान मिट जाते हैं और किसी की पहचान बाकी नहीं रहती। यह पंक्तियाँ जीवन की नश्वरता और मानवीय समानता पर गहरा दार्शनिक विचार प्रस्तुत करती हैं।

Common mistakes

  • Confusing historical/literary references with literal events.
  • Underestimating the impact of small actions on nature.
  • Failing to connect the poet's personal anecdotes to broader themes.
  • Not understanding the metaphorical meaning of 'sea's anger'.

Revision tips

  • Focus on understanding the underlying message of each question and answer.
  • Pay attention to the examples used by the author to illustrate points about nature and humanity.
  • Practice explaining the ethical dilemmas in your own words.
  • Connect the poetic lines to the prose explanations for a deeper understanding.

Practice MCQs

Q1. अरब में लश्कर को नूह के नाम से क्यों याद किया जाता है?

Q2. लेखक की माँ शाम को पत्ते तोड़ने से क्यों मना करती थीं?

Q3. प्रकृति में असंतुलन का एक परिणाम क्या है?

Q4. शेख अयाज़ के पिता ने भोजन क्यों छोड़ दिया जब उन्होंने बाजू पर चींटी देखी?

Q5. बढ़ती आबादी के कारण मानव ने क्या किया है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 10 हिंदी (कोर्स बी) के लिए हैं, विशेष रूप से पाठ 15: निदा फ़ाज़ली पर केंद्रित हैं।

इन समाधानों में किन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है?

इन समाधानों में प्रकृति का संतुलन, मानव गतिविधियों का पर्यावरण पर प्रभाव, पशु-पक्षियों के प्रति करुणा, और जीवन की क्षणभंगुरता जैसे विषयों को शामिल किया गया है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान पाठ की गहरी समझ प्रदान करते हैं, महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में छात्रों की सहायता करते हैं।

लेखक की माँ पेड़ों के पत्ते तोड़ने से क्यों मना करती थीं?

लेखक की माँ का मानना था कि शाम को पत्ते तोड़ने से पेड़ रोते हैं और वे बददुआ देते हैं, इसलिए वह मना करती थीं।

समुद्र के गुस्से का क्या कारण था?

समुद्र के गुस्से का कारण यह था कि बिल्डरों द्वारा लगातार उसकी जमीन पर कब्जा किया जा रहा था, जिससे वह सिकुड़ता जा रहा था।

शेख अयाज़ के पिता का कार्य हमें क्या सिखाता है?

शेख अयाज़ के पिता का कार्य हमें सिखाता है कि हमें अपनी गलतियों का तुरंत प्रायश्चित करना चाहिए और सभी जीवों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।

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