कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 8: जीव जनन कैसे करते हैं - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 8, 'जीव जनन कैसे करते हैं' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें डी.एन.ए. प्रतिकृति के महत्व, जीवों में विभिन्नता के लाभ और हानियों, द्विखंडन और बहुखंडन जैसी अलैंगिक जनन विधियों के बीच अंतर, बीजाणु द्वारा जनन के फायदे, और कायिक प्रवर्धन के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। ये समाधान छात्रों को जनन की विभिन्न प्रक्रियाओं को गहराई से समझने में मदद करते हैं, जिससे वे परीक्षा की तैयारी प्रभावी ढंग से कर सकें। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से समझाया गया है, जो जटिल अवधारणाओं को सरल बनाता है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 10 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 8. जीव जनन कैसे करते हैं |
Chapter summary
कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 8, 'जीव जनन कैसे करते हैं' के लिए ये NCERT समाधान, जनन की विभिन्न विधियों और उनके महत्व पर केंद्रित हैं। इसमें डी.एन.ए. प्रतिकृति की भूमिका, विभिन्नता का विकासवादी महत्व, अलैंगिक जनन की विधियाँ जैसे द्विखंडन, बहुखंडन और बीजाणु निर्माण, तथा लैंगिक जनन की प्रक्रिया को समझाया गया है। कायिक प्रवर्धन के लाभों पर भी प्रकाश डाला गया है। ये समाधान छात्रों को इन अवधारणाओं को स्पष्ट करने और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में सहायता करते हैं।
Learning outcomes
- डी.एन.ए. प्रतिकृति के प्रजनन में महत्व को समझना।
- जीवों में विभिन्नता के लाभ और व्यष्टि के लिए इसकी आवश्यकता न होने के कारण को स्पष्ट करना।
- द्विखंडन और बहुखंडन के बीच मुख्य अंतरों की पहचान करना।
- बीजाणु द्वारा जनन से जीवों को होने वाले लाभों का वर्णन करना।
- कायिक प्रवर्धन के उपयोग के कारणों को समझाना।
- जनन की विभिन्न विधियों और उनकी प्रासंगिकता का विश्लेषण करना।
Topics covered
Paper topics
- डी.एन.ए. प्रतिकृति का महत्व
- जीवों में विभिन्नता
- अलैंगिक जनन
- द्विखंडन
- बहुखंडन
- बीजाणु द्वारा जनन
- पुनरूदभवन
- कायिक प्रवर्धन
- लैंगिक जनन की आवश्यकता
Important topics
- डी.एन.ए. प्रतिकृति का प्रजनन में महत्व
- जीवों में विभिन्नता का स्पीशीज के लिए लाभ
- द्विखंडन और बहुखंडन में अंतर
- कायिक प्रवर्धन के लाभ
- बीजाणु द्वारा जनन की प्रक्रिया
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
डी.एन.ए. (डिऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड) प्रतिकृति, अर्थात डी.एन.ए. की अपनी प्रतिलिपि बनाने की प्रक्रिया, प्रजनन की एक मौलिक घटना है। कोशिकाएँ विभिन्न रासायनिक अभिक्रियाओं का उपयोग करके डी.एन.ए. की प्रतिकृति बनाती हैं। इस प्रक्रिया के माध्यम से, जनन कोशिका में डी.एन.ए. की दो प्रतियाँ तैयार होती हैं। डी.एन.ए. प्रतिकृति का महत्व इस तथ्य में निहित है कि यह जीव की शारीरिक संरचना और उसके विशिष्ट वातावरण में रहने के लिए आवश्यक डिज़ाइन को अगली पीढ़ी तक पहुँचाती है। यह सुनिश्चित करता है कि संतति में वे सभी आनुवंशिक गुणधर्म हों जो उसे जीवित रहने और विकसित होने के लिए आवश्यक हैं।
प्रश्न 2
जीवों में विभिन्नताएँ स्पीशीज (प्रजाति) के अस्तित्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जबकि किसी एक व्यष्टि (व्यक्ति) के लिए यह हमेशा आवश्यक नहीं होती। इसका कारण यह है कि कोई भी समष्टि (population) अपने विशिष्ट पर्यावरण के प्रति अनुकूलित होती है। यदि पर्यावरण में अचानक कोई बड़ा परिवर्तन आता है, जैसे कि तापमान में वृद्धि, भोजन की कमी, या नई बीमारी का प्रकोप, तो समष्टि के सभी जीव एक साथ प्रभावित हो सकते हैं और उनका विनाश हो सकता है।
ऐसे विषम परिस्थितियों में, विभिन्नताओं के कारण समष्टि के कुछ जीव ऐसे होते हैं जिनमें इन परिवर्तनों का प्रतिरोध करने की क्षमता होती है। ये जीव जीवित बच जाते हैं और अपनी प्रजाति को विलुप्त होने से बचाते हैं। यद्यपि इस प्रक्रिया में समष्टि के कुछ व्यष्टि मर जाते हैं, लेकिन विभिन्नताएँ समष्टि की समग्र उत्तरजीविता सुनिश्चित करती हैं। इसलिए, विभिन्नताएँ स्पीशीज के दीर्घकालिक अस्तित्व के लिए लाभदायक हैं, भले ही वे किसी एक व्यष्टि के तत्काल जीवन के लिए आवश्यक न हों।
प्रश्न 1
द्विखंडन और बहुखंडन, दोनों ही अलैंगिक जनन की विधियाँ हैं, लेकिन उनमें कुछ मुख्य अंतर हैं:
| द्विखंडन | बहुखंडन |
|---|---|
| 1. इसमें जनक कोशिका दो संतति कोशिकाओं में विभाजित होती है। | 1. इसमें जनक कोशिका अनेक संतति कोशिकाओं में विभाजित होती है। |
| 2. द्विखंडन में कोशिका विभाजन किसी भी तल से हो सकता है (जैसे अमीबा में)। कुछ जीवों जैसे लेस्मानिया में, कोशिका विभाजन एक निश्चित तल से होता है। | 2. बहुखंडन में, जीव एक साथ अनेक संतति कोशिकाओं में विभाजित हो जाता है (जैसे प्लाज्मोडियम में)। |
प्रश्न 2
बीजाणु द्वारा जनन से जीवों को कई प्रकार से लाभ होता है। बीजाणु जनन की एक विशेष संरचना है जो बहुत हल्के होते हैं और आसानी से हवा, पानी या अन्य माध्यमों से फैल जाते हैं। इनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये विषम परिस्थितियों में भी अपनी मोटी भित्ति के कारण सुरक्षित रहते हैं। जब बीजाणु किसी नम और अनुकूल सतह के संपर्क में आते हैं, तो वे अंकुरित होकर नए जीव को जन्म देते हैं। इस प्रकार, बीजाणु निर्माण जीव को प्रतिकूल परिस्थितियों से बचने और अनुकूल वातावरण मिलने पर अपनी संख्या बढ़ाने का एक प्रभावी तरीका प्रदान करता है।
प्रश्न 3
जटिल संरचना वाले जीव पुनरूदभवन (Regeneration) द्वारा आसानी से नई संतति उत्पन्न नहीं कर पाते क्योंकि उनकी शारीरिक संरचना अत्यधिक विशिष्ट और संगठित होती है। पुनरूदभवन में, जीव के शरीर का कोई कटा हुआ या क्षतिग्रस्त भाग विकसित होकर एक पूर्ण जीव का निर्माण करता है। यह प्रक्रिया सरल जीवों जैसे हाइड्रा या प्लेनेरिया में अधिक प्रभावी होती है, जहाँ कोशिकाएँ अत्यधिक विभेदित नहीं होतीं और उनमें विभिन्न प्रकार की कोशिकाएँ बनाने की क्षमता अधिक होती है।
जटिल जीवों में, विभिन्न अंग और ऊतक विशेष कार्यों के लिए अत्यधिक विशिष्ट हो जाते हैं। यदि शरीर का एक छोटा सा टुकड़ा अलग हो भी जाए, तो उसमें एक पूर्ण जीव को विकसित करने के लिए आवश्यक सभी प्रकार की कोशिकाओं और ऊतकों का निर्माण करने की क्षमता सीमित होती है। इसके अतिरिक्त, जटिल जीवों में जनन के लिए लैंगिक जनन जैसी अधिक विकसित विधियाँ होती हैं, जो आनुवंशिक विविधता सुनिश्चित करती हैं।
प्रश्न 4
कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation) का उपयोग कुछ पौधों को उगाने के लिए कई महत्वपूर्ण कारणों से किया जाता है:
- बीज रहित पौधों का प्रजनन: कुछ पौधों में बीज उत्पन्न करने की क्षमता नहीं होती है या उनके बीज व्यवहार्य नहीं होते हैं। ऐसे पौधों का प्रजनन केवल कायिक प्रवर्धन द्वारा ही संभव है।
- तीव्र वृद्धि और फलन: कायिक प्रवर्धन द्वारा उगाए गए पौधों में बीज द्वारा उगाए गए पौधों की तुलना में फल और फूल बहुत कम समय में लगने लगते हैं।
- जनक के समान गुण: इस विधि से उगाए गए पौधों में फल और फूल बिल्कुल जनक पौधों के समान होते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि वांछित गुणों वाली किस्मों को बनाए रखा जा सके।
प्रश्न 5
डी.एन.ए. की प्रतिकृति बनाना जनन के लिए अत्यंत आवश्यक है क्योंकि:
- आनुवंशिक सूचना का हस्तांतरण: डी.एन.ए. में जीव के विकास, संरचना और कार्य के लिए आवश्यक सभी आनुवंशिक सूचनाएँ निहित होती हैं। जनन के दौरान डी.एन.ए. की प्रतिकृति बनने से यह सुनिश्चित होता है कि यह सूचना सटीक रूप से संतति जीव में स्थानांतरित हो जाए। यह जैव विकास की नींव भी रखता है।
- प्रोटीन संश्लेषण का आधार: कोशिका के केंद्रक में स्थित डी.एन.ए. में प्रोटीन संश्लेषण के लिए आवश्यक सूचनाएँ होती हैं। डी.एन.ए. की प्रतिकृति बनते समय, यह सुनिश्चित होता है कि नई बनी कोशिकाओं को भी प्रोटीन बनाने के लिए सही आनुवंशिक निर्देश मिलें। प्रतिकृति के दौरान शामिल सूचनाओं के आधार पर ही बनने वाले प्रोटीन का प्रकार निर्धारित होता है।
Common mistakes
- डी.एन.ए. प्रतिकृति के महत्व को केवल कोशिका विभाजन तक सीमित समझना।
- विभिन्नता को केवल व्यष्टि के लिए हानिकारक मानना।
- द्विखंडन और बहुखंडन के बीच सूक्ष्म अंतरों को अनदेखा करना।
- कायिक प्रवर्धन के लाभों को पूरी तरह से न समझना।
Revision tips
- डी.एन.ए. प्रतिकृति और विभिन्नता के बीच संबंध को समझें।
- अलैंगिक जनन की विभिन्न विधियों (द्विखंडन, बहुखंडन, बीजाणु) के उदाहरणों को याद करें।
- कायिक प्रवर्धन के लाभों को सूचीबद्ध करें और उनके कारणों पर विचार करें।
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को अपने शब्दों में समझाने का अभ्यास करें।
Practice MCQs
Q1. डी.एन.ए. प्रतिकृति का प्रजनन में मुख्य महत्व क्या है?
Explanation: डी.एन.ए. प्रतिकृति यह सुनिश्चित करती है कि जनन के बाद बनने वाली संतति कोशिकाओं में आनुवंशिक जानकारी की सटीक प्रतिलिपि हो, जो वंशानुगत लक्षणों के हस्तांतरण के लिए आवश्यक है।
Q2. जीवों में विभिन्नता स्पीशीज के लिए क्यों लाभदायक है?
Explanation: विभिन्नताएँ समष्टि को बदलते पर्यावरण के प्रति अनुकूलन क्षमता प्रदान करती हैं, जिससे विषम परिस्थितियों में भी कुछ जीव जीवित रह पाते हैं और समष्टि का विनाश रुक जाता है।
Q3. द्विखंडन और बहुखंडन में मुख्य अंतर क्या है?
Explanation: द्विखंडन में एक कोशिका दो संतति कोशिकाओं में विभाजित होती है, जबकि बहुखंडन में एक कोशिका अनेक संतति कोशिकाओं में विभाजित होती है।
Q4. बीजाणु द्वारा जनन का एक प्रमुख लाभ क्या है?
Explanation: बीजाणु की मोटी भित्ति उन्हें प्रतिकूल परिस्थितियों से बचाती है, जिससे वे अनुकूल वातावरण मिलने पर वृद्धि कर पाते हैं और जीव का अस्तित्व बना रहता है।
Q5. कायिक प्रवर्धन का उपयोग क्यों किया जाता है?
Explanation: कायिक प्रवर्धन उन पौधों के लिए उपयोगी है जो बीज उत्पन्न नहीं करते, यह तेजी से फल-फूल देता है, और इससे प्राप्त पौधे आनुवंशिक रूप से जनक के समान होते हैं।
Frequently asked questions
कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 8 में कौन से मुख्य जनन विधियों का वर्णन किया गया है?
इस अध्याय में मुख्य रूप से अलैंगिक जनन की विधियों जैसे द्विखंडन, बहुखंडन, बीजाणु द्वारा जनन और कायिक प्रवर्धन का वर्णन किया गया है। लैंगिक जनन की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई है।
डी.एन.ए. प्रतिकृति जनन के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
डी.एन.ए. प्रतिकृति जनन की मूल घटना है क्योंकि यह सुनिश्चित करती है कि आनुवंशिक जानकारी की एक प्रतिलिपि अगली पीढ़ी तक पहुंचे, जिससे जीवों की शारीरिक संरचना और लक्षण बने रहते हैं।
क्या विभिन्नता हमेशा जीवों के लिए फायदेमंद होती है?
विभिन्नता स्पीशीज के लिए फायदेमंद होती है क्योंकि यह विषम परिस्थितियों में समष्टि के अस्तित्व को बनाए रखने में मदद करती है। हालांकि, यह व्यष्टि के लिए आवश्यक नहीं है और कभी-कभी हानिकारक भी हो सकती है।
कायिक प्रवर्धन का उपयोग किन पौधों के लिए किया जाता है?
कायिक प्रवर्धन का उपयोग उन पौधों के लिए किया जाता है जिनमें बीज उत्पन्न करने की क्षमता नहीं होती है, या जब जनक पौधों के समान गुण वाले पौधे जल्दी प्राप्त करने हों।
ये NCERT समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को स्पष्ट और विस्तृत तरीके से समझाते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का उत्तर देने में मदद मिलती है।
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