कक्षा 10 गणित: अध्याय 1 वास्तविक संख्याएँ NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 10 गणित के अध्याय 1, वास्तविक संख्याएँ के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम का उपयोग करके संख्याओं के महत्तम समापवर्तक (HCF) की गणना करने के तरीके और यह प्रदर्शित करने के तरीके शामिल हैं कि कोई भी धनात्मक विषम पूर्णांक 6q + 1, 6q + 3, या 6q + 5 के रूप में कैसे व्यक्त किया जा सकता है। समाधानों को स्पष्टता के लिए चरण-दर-चरण समझाया गया है, जिससे छात्रों को इन महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझने और परीक्षा की तैयारी में मदद मिलती है। यह संसाधन छात्रों को अभ्यास प्रश्नों को हल करने और वास्तविक संख्याओं की अपनी समझ को मजबूत करने के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका प्रदान करता है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 10 |
| Subject | गणित |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 1. वास्तविक संख्याएँ |
Chapter summary
कक्षा 10 गणित के अध्याय 1, वास्तविक संख्याएँ के लिए NCERT समाधान, यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम पर केंद्रित हैं। यह अध्याय छात्रों को दो संख्याओं के महत्तम समापवर्तक (HCF) को खोजने के लिए इस एल्गोरिथम को लागू करने का तरीका सिखाता है। इसके अतिरिक्त, यह धनात्मक विषम पूर्णांकों के लिए एक विशिष्ट रूप (6q + 1, 6q + 3, या 6q + 5) को सिद्ध करने की प्रक्रिया को स्पष्ट करता है। ये समाधान छात्रों को इन मूलभूत अवधारणाओं में महारत हासिल करने में मदद करते हैं।
Learning outcomes
- यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम का उपयोग करके दो धनात्मक पूर्णांकों का HCF ज्ञात करना सीखें।
- यह समझें कि धनात्मक विषम पूर्णांकों को 6q + 1, 6q + 3, या 6q + 5 के रूप में कैसे दर्शाया जा सकता है।
- यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम के अनुप्रयोगों को समझें।
- गणितीय प्रमाणों को चरण-दर-चरण लिखने का अभ्यास करें।
Topics covered
Paper topics
- वास्तविक संख्याएँ
- यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम
- महत्तम समापवर्तक (HCF)
- धनात्मक पूर्णांक
- विषम पूर्णांक
- बीजगणितीय व्यंजक
- पूर्णांकों का विभाजन
- गणितीय प्रमाण
Important topics
- यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम का अनुप्रयोग
- HCF की गणना
- विषम पूर्णांकों के रूप का प्रमाण
- वास्तविक संख्याओं की मूल बातें
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
प्रश्न 1
- 135 और 225
- 196 और 38220
- 867 और 255
हम प्रत्येक भाग के लिए यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम का उपयोग करेंगे। यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम के अनुसार, किन्हीं दो धनात्मक पूर्णांकों a और b के लिए, जहाँ a > b, हम उन्हें इस प्रकार लिख सकते हैं: a = bq + r, जहाँ q भागफल है और r शेषफल है, और 0 ≤ r < b। HCF वह अंतिम गैर-शून्य शेषफल होता है जो हमें प्राप्त होता है।
1. 135 और 225
चूंकि 225 > 135, हम 225 को 135 से विभाजित करते हैं:
शेषफल 90 ≠ 0 है, इसलिए हम 135 को 90 से विभाजित करते हैं:
शेषफल 45 ≠ 0 है, इसलिए हम 90 को 45 से विभाजित करते हैं:
शेषफल 0 है। इसलिए, अंतिम गैर-शून्य भाजक 45 है।
अतः, 135 और 225 का HCF 45 है।
2. 196 और 38220
चूंकि 38220 > 196, हम 38220 को 196 से विभाजित करते हैं:
शेषफल 0 है। इसलिए, अंतिम गैर-शून्य भाजक 196 है।
अतः, 196 और 38220 का HCF 196 है।
3. 867 और 255
चूंकि 867 > 255, हम 867 को 255 से विभाजित करते हैं:
शेषफल 102 ≠ 0 है, इसलिए हम 255 को 102 से विभाजित करते हैं:
शेषफल 51 ≠ 0 है, इसलिए हम 102 को 51 से विभाजित करते हैं:
शेषफल 0 है। इसलिए, अंतिम गैर-शून्य भाजक 51 है।
अतः, 867 और 255 का HCF 51 है।
प्रश्न 2
माना कि 'a' कोई धनात्मक पूर्णांक है। यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम के अनुसार, हम 'a' को 6 से विभाजित करने पर इस प्रकार लिख सकते हैं:
जहाँ q एक पूर्णांक है (q ≥ 0) और r शेषफल है, जिसके लिए 0 ≤ r < 6। इसका मतलब है कि r के संभावित मान 0, 1, 2, 3, 4, या 5 हो सकते हैं।
इसलिए, 'a' निम्नलिखित रूपों में से एक हो सकता है:
- 6q + 0 = 6q
- 6q + 1
- 6q + 2
- 6q + 3
- 6q + 4
- 6q + 5
हमें यह दिखाना है कि कोई भी धनात्मक विषम पूर्णांक 6q + 1, 6q + 3, या 6q + 5 के रूप का होता है। एक विषम पूर्णांक वह होता है जो 2 से विभाज्य नहीं होता है। आइए उपरोक्त रूपों की जाँच करें:
- 6q = 2(3q)। यह 2 का गुणज है, इसलिए यह एक सम पूर्णांक है।
- 6q + 1 = 2(3q) + 1। यह 2 से विभाजित नहीं होता है, इसलिए यह एक विषम पूर्णांक है।
- 6q + 2 = 2(3q + 1)। यह 2 का गुणज है, इसलिए यह एक सम पूर्णांक है।
- 6q + 3 = 2(3q + 1) + 1। यह 2 से विभाजित नहीं होता है, इसलिए यह एक विषम पूर्णांक है। (इसे (6q + 2) + 1 के रूप में भी सोचा जा सकता है)
- 6q + 4 = 2(3q + 2)। यह 2 का गुणज है, इसलिए यह एक सम पूर्णांक है।
- 6q + 5 = 2(3q + 2) + 1। यह 2 से विभाजित नहीं होता है, इसलिए यह एक विषम पूर्णांक है। (इसे (6q + 4) + 1 के रूप में भी सोचा जा सकता है)
इस प्रकार, हम देखते हैं कि केवल 6q + 1, 6q + 3, और 6q + 5 ही वे रूप हैं जो विषम पूर्णांकों को दर्शाते हैं।
अतः, यह सिद्ध होता है कि कोई भी धनात्मक विषम पूर्णांक 6q + 1, 6q + 3, या 6q + 5 के रूप का होता है।
Common mistakes
- यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम में शेषफल को सही ढंग से न पहचानना।
- विषम पूर्णांकों के रूप को सिद्ध करते समय चरणों को छोड़ देना या गलतियाँ करना।
- शेषफल की शर्तों (0 ≤ r < b) को लागू करने में त्रुटियाँ।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के लिए यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम के चरणों को स्वयं लिखकर अभ्यास करें।
- विषम पूर्णांकों के रूप को सिद्ध करने के लिए तर्क को समझें, न कि केवल याद करें।
- विभिन्न संख्याओं के जोड़ों के साथ HCF ज्ञात करने का अभ्यास करें।
Practice MCQs
Q1. 135 और 225 का HCF यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम का उपयोग करके क्या है?
Explanation: यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम के चरणों का पालन करने पर, अंतिम गैर-शून्य भाजक 45 है, जो HCF है।
Q2. 196 और 38220 का HCF क्या है?
Explanation: यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम के पहले चरण में ही शेषफल शून्य हो जाता है, जिससे भाजक 196 HCF बन जाता है।
Q3. 867 और 255 का HCF क्या है?
Explanation: यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम के क्रमिक चरणों के बाद, अंतिम गैर-शून्य भाजक 51 है, जो HCF है।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सा रूप किसी भी धनात्मक विषम पूर्णांक का हो सकता है?
Explanation: धनात्मक विषम पूर्णांकों को 6q + 1, 6q + 3, या 6q + 5 के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, क्योंकि ये 2 से विभाज्य नहीं हैं।
Q5. यदि a = 6q + r, जहाँ 0 ≤ r < 6, तो a एक विषम पूर्णांक होगा यदि r का मान क्या है?
Explanation: जब r = 1, 3, या 5 होता है, तो 6q + r एक विषम संख्या होती है क्योंकि 6q हमेशा सम होता है।
Frequently asked questions
यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम क्या है?
यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम दो धनात्मक पूर्णांकों का महत्तम समापवर्तक (HCF) ज्ञात करने की एक विधि है। यह इस सिद्धांत पर आधारित है कि किसी भी पूर्णांक को भाजक से विभाजित करने पर एक भागफल और एक शेषफल प्राप्त होता है।
कक्षा 10 के लिए वास्तविक संख्याएँ अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है?
यह अध्याय संख्या सिद्धांत की नींव रखता है, जिसमें यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाएँ शामिल हैं, जो आगे की गणितीय समस्याओं को हल करने के लिए आवश्यक हैं।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करते हैं?
हाँ, ये समाधान विस्तृत स्पष्टीकरण और चरण-दर-चरण प्रक्रियाएँ प्रदान करते हैं, जो छात्रों को अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों को हल करने में मदद करते हैं।
धनात्मक विषम पूर्णांकों को 6q + 1, 6q + 3, या 6q + 5 के रूप में क्यों दर्शाया जाता है?
यह दर्शाता है कि किसी भी धनात्मक विषम पूर्णांक को 6 से विभाजित करने पर शेषफल 1, 3, या 5 ही बचता है, क्योंकि 6q, 6q+2, और 6q+4 सम संख्याएँ होती हैं।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.