CBSE Class 10 Hindi Sanchayan Chapter 1: हरिहर काका NCERT Solutions

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CBSE कक्षा 10 हिंदी संचयन के अध्याय 1 'हरिहर काका' के लिए ये समाधान कहानी के पात्रों के बीच जटिल संबंधों पर प्रकाश डालते हैं, विशेष रूप से कथावाचक और हरिहर काका के बीच दोस्ती और पारिवारिक स्नेह के बंधन को दर्शाते हैं। समाधान महंत और हरिहर काका के भाइयों के लालच के पीछे की प्रेरणाओं का विश्लेषण करते हैं, यह उजागर करते हैं कि कैसे उनकी जमीन की इच्छा वास्तविक चिंता पर हावी हो जाती है। यह ठाकुरद्वारे से जुड़ी अंधश्रद्धा और अंधविश्वासों के साथ-साथ समाज की जटिल गतिशीलता की भी पड़ताल करते हैं। हरिहर काका की अनपढ़ता के बावजूद उनकी सांसारिक बुद्धिमत्ता का विश्लेषण करके, ये समाधान मानव स्वभाव, धन के आकर्षण और मृत्यु के भय बनाम उसकी स्वीकृति की गहरी समझ प्रदान करते हैं। ये समाधान छात्रों को कहानी की बारीकियों को समझने, परीक्षाओं की तैयारी करने और प्रस्तुत विषयों के संबंध में आलोचनात्मक सोच कौशल विकसित करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 18

Chapter summary

NCERT Solutions for Class 10 Hindi Sanchayan Chapter 1, 'हरिहर काका', provides detailed answers to the chapter's questions. It explores the relationship between the narrator and Harihar Kaka, the manipulative tactics of the mahant and the brothers for Harihar Kaka's land, and the villagers' blind faith. The solutions also analyze Harihar Kaka's practical wisdom and his evolving perspective on life and death, offering insights into the story's core themes of greed, family, and faith.

Learning outcomes

  • Understand the complex relationship between the narrator and Harihar Kaka.
  • Analyze the motivations of greed presented by the mahant and Harihar Kaka's brothers.
  • Explain the role of blind faith and superstition in the villagers' attitudes towards the Thakurdwara.
  • Evaluate Harihar Kaka's worldly wisdom despite his lack of formal education.
  • Discuss the theme of fear of death versus acceptance of it as presented in the story.
  • Identify the societal pressures and expectations faced by individuals regarding their property.

Topics covered

Paper topics

  • Relationship between narrator and Harihar Kaka
  • Greed and exploitation
  • Blind faith and superstition
  • Worldly wisdom vs. illiteracy
  • Fear of death and acceptance
  • Family relationships and property disputes
  • Societal attitudes towards elders
  • The role of religious institutions

Important topics

  • Analysis of Harihar Kaka's character and his dilemma
  • The contrasting motivations of the brothers and the mahant
  • The significance of the villagers' reactions
  • The philosophical aspect of life, death, and knowledge
  • Themes of greed, betrayal, and self-preservation

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

कथावाचक और हरिहर काका के बीच क्या संबंध है और इसके क्या कारण हैं?
Solution: कथावाचक और हरिहर काका के बीच एक गहरा और स्नेहपूर्ण संबंध था। जब कथावाचक छोटा था, तब से ही हरिहर काका उसे बहुत प्यार करते थे। जैसे-जैसे कथावाचक बड़ा हुआ, उनका यह स्नेह मित्रता में बदल गया। गाँव में हरिहर काका की ऐसी गहरी दोस्ती किसी और से नहीं थी। वे कथावाचक से अपनी सारी बातें खुलकर साझा करते थे, जिसके कारण कथावाचक को उनके जीवन के हर पल की जानकारी रहती थी। ऐसा प्रतीत होता है कि हरिहर काका ने स्वयं ही कथावाचक को अपने मित्र के रूप में चुना और उसे बड़े प्यार से बड़ा किया, शायद वे एक ऐसे मित्र की तलाश में थे जिससे वे अपने मन की बातें कह सकें।

प्रश्न 2

हरिहर काका को महंत और भाई एक ही श्रेणी के क्यों लगने लगे?
Solution: हरिहर काका को महंत और अपने भाइयों में कोई अंतर महसूस नहीं हुआ, दोनों ही उन्हें एक ही श्रेणी के लगे। इसका कारण यह था कि उनके भाइयों की पत्नियों ने शुरू में तो हरिहर काका का ध्यान रखा, लेकिन बाद में वे केवल बची-खुची रोटियाँ ही देते थे और नाश्ता आदि नहीं देते थे। बीमारी के समय उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था। उन्हें यह एहसास हुआ कि जितना भी ध्यान रखा जा रहा है, वह केवल उनकी ज़मीन के लिए है। इसी प्रकार, महंत ने भी एक दिन बड़े प्यार से उनकी खातिरदारी की, लेकिन जब हरिहर काका ने अपनी ज़मीन ठाकुर बाड़ी के नाम करने से मना कर दिया, तो महंत ने उन्हें अनेक यातनाएँ दीं। उन्होंने हरिहर काका का अपहरण करवाया, मुँह में कपड़ा ठूँस कर एक कोठरी में बंद कर दिया, जबरदस्ती अंगूठे के निशान लिए और उन्हें मारा-पीटा भी। इस प्रकार, महंत और भाइयों, दोनों का व्यवहार केवल ज़मीन-जायदाद के लालच पर आधारित था, इसलिए हरिहर काका को वे दोनों एक ही श्रेणी के लगे।

प्रश्न 3

ठाकुर बाड़ी के प्रति गाँव वालों के मन में अपार श्रद्धा के जो भाव हैं उससे उनकी किस मनोवृत्ति का पता चलता है?
Solution: गाँव वालों के मन में ठाकुर बाड़ी के प्रति अपार श्रद्धा का भाव उनकी अंधविश्वासी और धर्मभीरु मनोवृत्ति को दर्शाता है। वे मंदिर जैसी पवित्र जगहों को ज्ञान का प्रतीक मानते हैं और पुजारी, महंत जैसे धर्म के ठेकेदारों पर अगाध विश्वास रखते हैं। भले ही ये धर्म के ठेकेदार कितने भी स्वार्थी या पतित क्यों न हों, गाँव वाले उनका विरोध करने से डरते हैं। इसी कारण ठाकुर बाड़ी के प्रति उनकी असीम श्रद्धा थी और उनका हर सुख-दुख उस स्थान से जुड़ा हुआ था। यह मनोवृत्ति उनकी भोली-भाली, लेकिन अंधविश्वासी सोच को उजागर करती है।

प्रश्न 4

अनपढ़ होते हुए भी हरिहर काका दुनिया की बेहतर समझ रखते हैं। कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Solution: हरिहर काका भले ही अनपढ़ थे, लेकिन उन्हें दुनियादारी और इंसानी फितरत की गहरी समझ थी। जब उनके भाई उन्हें डरा-धमका कर ज़मीन अपने नाम कराने की कोशिश कर रहे थे, तो उन्हें उन लोगों की याद आई जिन्होंने अपने परिवार के मोह में पड़कर अपनी ज़मीन दूसरों को दे दी और बाद में दुखी रहे। उन्होंने यह भी देखा कि महंत उन्हें ज़मीन ठाकुर बाड़ी के नाम करने के लिए उकसा रहा है। काका ने यह ठान लिया था कि वे किसी भी बहकावे में आकर अपनी ज़मीन किसी को नहीं देंगे। जब महंत के उकसाने पर भाइयों ने उन्हें धोखा दिया, तब काका को पूरी तरह समझ आ गया कि उनके भाइयों का प्यार केवल उनकी ज़मीन के लिए था, न कि उनके प्रति वास्तविक स्नेह के कारण। इस प्रकार, अपने अनुभवों और अवलोकन से, अनपढ़ होते हुए भी काका ने दुनिया की बेहतर समझ विकसित कर ली थी।

प्रश्न 5

हरिहर काका को जबरन उठा ले जाने वाले कौन थे। उन्होंने उनके साथ कैसा व्यवहार किया?
Solution: हरिहर काका को जबरन उठा ले जाने वाले महंत के आदमी थे। महंत कई बार हरिहर काका से अपनी ज़मीन ठाकुर बाड़ी के नाम करने के लिए कह चुका था, लेकिन काका नहीं मान रहे थे। महंत ने अपने कुछ चेले-चपाटों और साधु-संतों के साथ मिलकर हरिहर काका के हाथ-पैर बांध दिए, उनके मुँह में कपड़ा ठूँस दिया और ज़बरदस्ती उनके अंगूठे के निशान ले लिए। उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया गया। जब पुलिस के आने की खबर हुई, तो महंत और उसके साथी गुप्त दरवाज़े से भाग गए। इस प्रकार, उन्होंने हरिहर काका के साथ अत्यंत क्रूर और अमानवीय व्यवहार किया।

प्रश्न 6

हरिहर काका के मामले में गाँव वालों की क्या राय थी और उसके क्या कारण थे?
Solution: हरिहर काका के मामले में गाँव वालों की राय दो पक्षों में बँट गई थी। एक पक्ष महंत का समर्थन कर रहा था। उनका मानना था कि काका को अपनी ज़मीन धर्म के नाम पर ठाकुर बाड़ी को दे देनी चाहिए, जिससे उन्हें सुख-शांति मिले और मृत्यु के बाद मोक्ष प्राप्त हो। वे महंत को ज्ञानी मानते थे और उसकी बातों पर विश्वास करते थे। दूसरा पक्ष यह मानता था कि काका को अपनी ज़मीन अपने भाइयों को देनी चाहिए, ताकि उनके परिवार का भरण-पोषण हो सके। उनका मानना था कि मंदिर को ज़मीन देना अन्याय होगा। इन दोनों पक्षों के अपने-अपने तर्क थे, लेकिन कोई भी हरिहर काका की व्यक्तिगत इच्छा या भावनाओं पर ध्यान नहीं दे रहा था। इस स्थिति का एक कारण यह भी था कि हरिहर काका विधुर थे और उनकी कोई संतान नहीं थी, और उनकी पंद्रह बीघे ज़मीन के लालच में यह सब हो रहा था।

प्रश्न 7

कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि लेखक ने यह क्यों कहा, "अज्ञान की स्थिति में ही मनुष्य मृत्यु से डरते हैं। ज्ञान होने के बाद तो आदमी आवश्यकता पड़ने पर मृत्यु को वरण करने के लिए तैयार हो जाता है।"
Solution: लेखक का यह कथन हरिहर काका के अनुभवों पर आधारित है। जब काका को यह एहसास हुआ कि उनके भाई और महंत, दोनों ही केवल उनकी ज़मीन-जायदाद के लालच में उनसे जुड़े हैं, तो उन्हें जीवन की कड़वी सच्चाई का ज्ञान हुआ। उन्हें उन लोगों की याद आई जिन्होंने मोह-माया में पड़कर अपनी संपत्ति दूसरों को दे दी और बाद में दुखी जीवन जिया। इस ज्ञान के प्रकाश में, काका को यह समझ आया कि केवल संपत्ति और सांसारिक मोह ही जीवन नहीं है। जब व्यक्ति को जीवन की नश्वरता और वास्तविकता का बोध हो जाता है, तो वह मृत्यु से उतना नहीं डरता। आवश्यकता पड़ने पर, वह मृत्यु को भी स्वीकार करने के लिए तैयार हो सकता है, क्योंकि वह समझ जाता है कि जीवन का अंत निश्चित है और उससे भागने का कोई अर्थ नहीं है। यह ज्ञान व्यक्ति को मृत्यु के भय से मुक्ति दिलाता है।

Common mistakes

  • Confusing the narrator's relationship with Harihar Kaka as purely familial instead of also friendly.
  • Underestimating Harihar Kaka's intelligence and understanding of human nature.
  • Attributing the villagers' actions solely to piety rather than superstition and self-interest.
  • Failing to recognize the parallel between the mahant's and the brothers' exploitative behavior.

Revision tips

  • Focus on the character motivations: Why do the brothers and the mahant act the way they do?
  • Analyze the symbolism of the Thakurdwara and its influence on the villagers.
  • Consider Harihar Kaka's internal conflict and his eventual realization about life and death.
  • Discuss the story's message about greed and the true meaning of relationships.
  • Re-read the questions and ensure your understanding aligns with the detailed answers provided.

Practice MCQs

Q1. कथावाचक और हरिहर काका के बीच किस प्रकार का संबंध विकसित हुआ?

Q2. हरिहर काका को अपने भाइयों और महंत में क्या समानता लगी?

Q3. ठाकुर बाड़ी के प्रति गाँव वालों की अपार श्रद्धा क्या दर्शाती है?

Q4. अनपढ़ होते हुए भी हरिहर काका दुनिया की बेहतर समझ कैसे रखते थे?

Q5. महंत ने हरिहर काका को ठाकुर बाड़ी के नाम ज़मीन करने के लिए क्या किया?

Frequently asked questions

कक्षा 10 हिंदी संचयन के अध्याय 1 'हरिहर काका' में मुख्य विषय क्या हैं?

इस अध्याय के मुख्य विषय हैं - रिश्तों में लालच, अंधविश्वास, दुनियादारी की समझ, और मृत्यु का भय व स्वीकृति। यह कहानी संपत्ति के लिए रिश्तों के बिगड़ने को दर्शाती है।

कथावाचक और हरिहर काका के बीच संबंध को कैसे समझा जा सकता है?

कथावाचक और हरिहर काका के बीच बचपन से ही गहरा स्नेह और मित्रता का संबंध था। कथावाचक काका के बहुत करीब था और उनकी हर बात जानता था।

हरिहर काका को महंत और अपने भाइयों से क्या खतरा महसूस हुआ?

हरिहर काका को महंत और अपने भाइयों, दोनों से खतरा महसूस हुआ क्योंकि दोनों ही उनकी ज़मीन जायदाद हड़पना चाहते थे और इसके लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार थे।

गाँव वालों की ठाकुर बाड़ी के प्रति श्रद्धा का क्या कारण था?

गाँव वालों की ठाकुर बाड़ी के प्रति श्रद्धा का मुख्य कारण उनका अंधविश्वास और धर्मभीरुता था। वे मंदिर को पवित्र मानते थे और महंत जैसे धर्म के ठेकेदारों पर आँख बंद करके विश्वास करते थे।

कहानी में 'अज्ञान की स्थिति में ही मनुष्य मृत्यु से डरते हैं' इस कथन का क्या अर्थ है?

इसका अर्थ है कि जब व्यक्ति को जीवन की वास्तविकता और अपने आसपास के लोगों के असली इरादों का ज्ञान नहीं होता, तब वह मृत्यु से डरता है। ज्ञान होने पर, यदि आवश्यक हो तो वह मृत्यु को भी स्वीकार कर सकता है।

ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान छात्रों को कहानी के पात्रों, कथानक, और मुख्य विषयों की गहरी समझ प्रदान करते हैं, जिससे वे परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का सटीक उत्तर दे पाते हैं।

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