Class 9 Hindi Kshitij Chapter 17: Rajesh Joshi NCERT Solutions

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CBSE Class 9 Hindi Kshitij, Chapter 17, by Rajesh Joshi, delves into the critical issue of child labor. The solutions explore the poem's evocative imagery, particularly its opening lines, and highlight the societal neglect of children's rights. It examines the reasons why children are denied education and playtime, and the detrimental effects of child labor on their growth and future prospects. The chapter encourages students to contemplate child labor as a serious societal problem and to recognize the fundamental rights and opportunities every child deserves. These solutions aim to deepen students' understanding of the poem's underlying messages and provide comprehensive preparation for examinations.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectक्षितिज
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter17. राजेश जोशी

Chapter summary

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij, Chapter 17, by Rajesh Joshi, focuses on the critical issue of child labor. The solutions analyze the poem's depiction of children forced to work, the societal apathy towards this problem, and the underlying causes. They explain why children's work is a grave concern and what opportunities they should be provided with instead. This chapter's exercises encourage critical thinking about social justice and children's rights.

Learning outcomes

  • Understand the imagery of child labor presented in the poem.
  • Analyze the societal reasons for child labor and indifference.
  • Explain why children should not be made to work.
  • Reflect on the importance of education and childhood for children.
  • Develop empathy towards the plight of working children.

Topics covered

Paper topics

  • Child Labor
  • Societal Indifference
  • Children's Rights
  • Imagery in Poetry
  • Social Justice
  • Economic Hardship
  • Importance of Education
  • Childhood Development
  • Rajesh Joshi's Poetry

Important topics

  • The depiction and impact of child labor
  • Societal responsibility and apathy
  • The right to education and a proper childhood
  • Interpreting poetic imagery and themes

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

कविता की पहली दो पंक्तियों को पढ़ने तथा विचार करने से आपके मन-मस्तिष्क में जो चित्र उभरता है उसे लिखकर व्यक्त कीजिए।
Solution: कविता की पहली दो पंक्तियों को पढ़ने पर हमारे मन-मस्तिष्क में बाल मजदूरी का एक मार्मिक चित्र उभरता है। यह चित्र उन बच्चों का है जिनके नाजुक कंधों पर कम उम्र में ही जिम्मेदारियों का बोझ आ गया है। मन में यह विचार आता है कि कब तक इन बच्चों का बचपन शोषित होता रहेगा और कब हमारा देश वास्तव में एक संपन्न राष्ट्र कहलाएगा जहाँ हर बच्चा काम पर जाने के बजाय पाठशाला जाकर अपने सपनों को साकार कर सके।

प्रश्न 2

कवि का मानना है कि बच्चों के काम पर जाने की भयानक बात को विवरण की तरह न लिखकर सवाल के रूप में पूछा जाना चाहिए कि 'काम पर क्यों जा रहे हैं बच्चे?' कवि की दृष्टि में उसे प्रश्न के रूप में क्यों पूछा जाना चाहिए ?
Solution: कवि का मानना है कि बच्चों के काम पर जाने की समस्या को एक विवरण की तरह प्रस्तुत करने के बजाय प्रश्न के रूप में उठाना अधिक प्रभावी है। इसका कारण यह है कि जब हम इसे एक प्रश्न के रूप में पूछते हैं, तो यह समाज को समस्या की गंभीरता पर विचार करने और उसके समाधान खोजने के लिए प्रेरित करता है। विवरण के रूप में प्रस्तुत करने पर लोग इसे पढ़कर भूल सकते हैं, लेकिन प्रश्न के रूप में पूछने पर यह लोगों को सोचने और कार्रवाई करने के लिए उकसाता है, क्योंकि समाज भी इस स्थिति के लिए कहीं न कहीं जिम्मेदार है।

प्रश्न 3

सुविधा और मनोरंजन के उपकरणों से बच्चे वंचित क्यों हैं ?
Solution: सुविधा और मनोरंजन के उपकरणों से बच्चों के वंचित रहने का मुख्य कारण सामाजिक व्यवस्था और आर्थिक मजबूरी है। समाज के गरीब तबके के बच्चों को अक्सर अपने माता-पिता का हाथ बँटाने के लिए काम करना पड़ता है। जब जीवनयापन के लिए ही इतनी कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, तो सुख-सुविधाओं और मनोरंजन की कल्पना करना उनके लिए असंभव सा हो जाता है।

प्रश्न 4

दिन-प्रतिदिन के जीवन में हर कोई बच्चों को काम पर जाते देख रहा/रही है, फिर भी किसी को कुछ अटपटा नहीं लगता। इस उदासीनता के क्या कारण हो सकते हैं ?
Solution: बच्चों को काम पर जाते हुए देखकर भी लोगों के उदासीन रहने के कई कारण हो सकते हैं:
  1. आत्म-केंद्रितता: आज का मनुष्य अत्यधिक आत्म-केंद्रित होता जा रहा है और केवल अपने तथा अपने परिवार के बारे में सोचता है।
  2. जागरूकता और जिम्मेदारी की कमी: सामाजिक जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना की कमी के कारण लोग सोचते हैं कि यह सरकार का काम है, और वे केवल अपने काम से मतलब रखते हैं।
  3. व्यस्तता: अत्यधिक व्यस्तता के कारण लोग अपनी ही परेशानियों में इतने खोए रहते हैं कि उन्हें दूसरों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं रहता।
  4. आर्थिक लाभ: कुछ लोग कम कीमत पर बाल श्रमिक उपलब्ध होने के कारण इस व्यवस्था के विरुद्ध कोई कदम नहीं उठाना चाहते, क्योंकि इससे उनके आर्थिक हितों पर असर पड़ सकता है।

प्रश्न 5

आपने अपने शहर में बच्चों को कब-कब और कहाँ-कहाँ काम करते हुए देखा है?
Solution: मैंने अपने शहर में बच्चों को विभिन्न स्थानों पर काम करते हुए देखा है, जैसे:
  • चाय की दुकानों, होटलों और ढाबों में बर्तन साफ करते हुए।
  • सड़क किनारे लगे ठेलों पर सहायता करते हुए।
  • घरों में घरेलू नौकरों के रूप में काम करते हुए।
  • छोटे निजी कार्यालयों में विभिन्न छोटे-मोटे काम करते हुए।
यह सब मैंने हर मौसम में और कई बार तो रातों में देर तक काम करते हुए देखा है।

प्रश्न 6

बच्चों का काम पर जाना धरती के एक बड़े हादसे के समान क्यों है?
Solution: बच्चे किसी भी देश और समाज के भविष्य का आईना होते हैं और उसकी प्रगति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। यदि समाज इस महत्वपूर्ण अंग को उचित देखभाल और अवसर प्रदान नहीं करेगा, तो समाज कैसे प्रगति करेगा। सभी बच्चे एक समान होते हैं और उन्हें उनके बचपन से वंचित रखना अपने आप में एक घोर अपराध और अमानवीय कार्य है। इसलिए, बच्चों का काम पर जाना उनके भविष्य और समाज की प्रगति के लिए एक बड़े हादसे के समान है।

प्रश्न 7

काम पर जाते किसी बच्चे के स्थान पर अपने-आप को रखकर देखिए। आपको जो महसूस होता है उसे लिखिए।
Solution: यदि मुझे बाल मजदूरी करनी पड़े, तो मैं स्वयं को बहुत हीन महसूस करने लगूँगा। जिस घर में मैं काम कर रहा हूँगा, वहाँ अपनी ही उम्र के उन बच्चों को देखकर जो मजे और आराम का जीवन जी रहे हैं, मुझे अत्यंत खेद होगा। माता-पिता की आर्थिक परेशानियों के प्रति सहानुभूति की जगह मुझमें रोष उत्पन्न होने लगेगा। मेरा आत्मविश्वास कमजोर पड़ने लगेगा और मन में तरह-तरह के प्रश्न उभरने लगेंगे। मेरा मन हमेशा अशांत और दुखी रहने लगेगा।

प्रश्न 8

आपके विचार से बच्चों को काम पर क्यों नहीं भेजा जाना चाहिए ? उन्हें क्या करने के मौके मिलने चाहिए ?
Solution: मेरे विचार से बच्चों को काम पर इसलिए नहीं भेजा जाना चाहिए क्योंकि बचपन का समय उनके शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए होता है। यह समय खेल-कूद, नई चीजें सीखने, ज्ञान प्राप्त करने और जीवन का भरपूर आनंद लेने का होता है, न कि रोजी-रोटी की चिंता में घुल-घुल कर जीने का। बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने, खेलने-कूदने, अपनी प्रतिभा निखारने और एक स्वस्थ व खुशहाल बचपन जीने के भरपूर मौके मिलने चाहिए।

Common mistakes

  • Confusing descriptive statements with rhetorical questions about child labor.
  • Underestimating the societal impact of widespread child labor.
  • Failing to connect economic hardship directly to the denial of childhood.

Revision tips

  • Read the poem carefully to grasp the emotions and imagery.
  • Focus on understanding the societal reasons behind child labor discussed in the solutions.
  • Reflect on the questions posed in the exercises, especially those asking for personal perspective.
  • Consider the poem's message about children's rights and the future.

Practice MCQs

Q1. कविता की पहली दो पंक्तियों से कैसा चित्र उभरता है?

Q2. कवि बच्चों के काम पर जाने की बात को विवरण की तरह न कहकर प्रश्न के रूप में क्यों पूछना चाहते हैं?

Q3. बच्चों के सुविधा और मनोरंजन के उपकरणों से वंचित रहने का मुख्य कारण क्या है?

Q4. बच्चों का काम पर जाना किस बड़े हादसे के समान है?

Q5. लेखक के अनुसार, बच्चों को काम पर क्यों नहीं भेजा जाना चाहिए?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान कक्षा 9 की हिंदी क्षितिज पुस्तक के पाठ 17 'राजेश जोशी' के लिए हैं।

इस पाठ में मुख्य रूप से किन मुद्दों पर चर्चा की गई है?

इस पाठ में मुख्य रूप से बाल मजदूरी की समस्या, समाज की उदासीनता और बच्चों के अधिकारों पर चर्चा की गई है।

बच्चों को काम पर क्यों नहीं भेजा जाना चाहिए?

बच्चों को काम पर इसलिए नहीं भेजा जाना चाहिए क्योंकि उनका बचपन शारीरिक, मानसिक विकास, खेल-कूद और सीखने का समय होता है, न कि रोजी-रोटी की चिंता का।

कवि बच्चों के काम पर जाने की बात को प्रश्न के रूप में क्यों पूछना चाहते हैं?

कवि चाहते हैं कि यह प्रश्न समाज को समस्या के प्रति जागरूक करे और समाधान खोजने के लिए प्रेरित करे, न कि इसे एक सामान्य विवरण मानकर भुला दिया जाए।

ये समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान पाठ की गहरी समझ प्रदान करते हैं, महत्वपूर्ण विषयों को स्पष्ट करते हैं और अभ्यास प्रश्नों के विस्तृत उत्तर देकर छात्रों को परीक्षा के लिए बेहतर ढंग से तैयार करते हैं।

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