कक्षा 9 क्षितिज पाठ 16: चंद्रकांत देवताले - यमराज की दिशा NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 9 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 9 के हिंदी क्षितिज पुस्तक के पाठ 16, 'यमराज की दिशा' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ चंद्रकांत देवताले द्वारा रचित है और जीवन में नैतिकता, भय और दिशाओं के प्रतीकात्मक अर्थ की पड़ताल करता है। समाधानों में कवि को दक्षिण दिशा की पहचान में आसानी, दक्षिण दिशा को लांघने की असंभवता, और आज के समय में हर दिशा का दक्षिण दिशा बन जाने के कारणों पर चर्चा की गई है। इसमें कविताओं की पंक्तियों के भावार्थ और रचना व अभिव्यक्ति से संबंधित प्रश्नों के उत्तर भी शामिल हैं, जो छात्रों को कविता के गहरे अर्थों को समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectक्षितिज
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter16. चंद्रकांत देवताले - यमराज की दिशा

Chapter summary

कक्षा 9 हिंदी क्षितिज के पाठ 16 'यमराज की दिशा' के ये NCERT समाधान छात्रों को कविता के केंद्रीय भावों को समझने में मदद करते हैं। इसमें दक्षिण दिशा के प्रतीकात्मक अर्थ, माँ की सीख का प्रभाव, और आधुनिक समाज में व्याप्त अनैतिकता व भय पर प्रकाश डाला गया है। समाधान छात्रों को कविता की पंक्तियों के भावार्थ को स्पष्ट करने और रचना व अभिव्यक्ति से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • कवि को दक्षिण दिशा पहचानने में आसानी के कारण को समझना।
  • दक्षिण दिशा को लांघने की असंभवता के पीछे के प्रतीकात्मक अर्थ को स्पष्ट करना।
  • आधुनिक समाज में हर दिशा के दक्षिण दिशा बन जाने के कारणों का विश्लेषण करना।
  • कविता की पंक्तियों के भावार्थ को समझना और अपने शब्दों में व्यक्त करना।
  • माँ द्वारा दी गई सीखों और ईश्वर के भय के प्रभाव पर विचार करना।

Topics covered

Paper topics

  • दक्षिण दिशा का प्रतीकात्मक अर्थ
  • माँ की सीख और उसका प्रभाव
  • अनीति, भ्रष्टाचार और शोषण
  • आधुनिक समाज में भय और हिंसा
  • सभ्यता का विकास और उसके दुष्परिणाम
  • यमराज का प्रतीक
  • ईश्वर का भय और नैतिकता
  • जीवन मूल्य
  • रचना और अभिव्यक्ति

Important topics

  • दक्षिण दिशा का प्रतीकात्मक अर्थ (अनीति, शोषण)
  • आधुनिक समाज में व्याप्त भय और हिंसा
  • माँ की सीख का महत्व
  • कविता की पंक्तियों का भावार्थ
  • सभ्यता के विकास के नकारात्मक पहलू

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्रश्न 1

कवि को दक्षिण दिशा पहचानने में कभी मुश्किल क्यों नहीं हुई?
Solution: कवि को बचपन से ही अपनी माँ से यह सीख मिली थी कि दक्षिण दिशा यमराज की दिशा होती है और उस ओर पैर करके कभी नहीं सोना चाहिए, क्योंकि ऐसा करना यमराज को नाराज करने जैसा है। माँ द्वारा दी गई इसी स्पष्ट सीख के कारण कवि को दक्षिण दिशा को पहचानने में कभी भी कोई कठिनाई नहीं हुई।

प्रश्न 2

कवि ने ऐसा क्यों कहा कि दक्षिण को लाँघ लेना संभव नहीं था?
Solution: कवि का यह कहना कि 'दक्षिण को लाँघ लेना संभव नहीं था', इस बात का प्रतीक है कि दिशाओं का कोई निश्चित अंत या छोर नहीं होता। यहाँ कवि दक्षिण दिशा को शोषण, भ्रष्टाचार और अनीति का प्रतीक मानते हैं। चूँकि आज का वातावरण इन्हीं बुराइयों से भरा हुआ है, इसलिए कवि का मानना है कि इन बुराइयों से बच निकलना या इन्हें पार करना लगभग असंभव है।

प्रश्न 3

कवि के अनुसार आज हर दिशा दक्षिण दिशा क्यों हो गई है?
Solution: कवि के अनुसार, आज मनुष्य का जीवन कहीं भी सुरक्षित नहीं रह गया है। चारों ओर असंतोष, हिंसा और विध्वंसक ताकतें फैली हुई हैं। सभ्यता के विकास के साथ-साथ आधुनिक आविष्कार विनाशकारी हथियारों के निर्माण में भी लगे हैं। हिंसा और आतंकवाद इतना बढ़ गया है कि मृत्यु का भय किसी एक दिशा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संसार के हर कोने में व्याप्त हो गया है। इसी कारण कवि का मानना है कि सभ्यता के अंधाधुंध विकास का परिणाम है कि आज हर दिशा दक्षिण दिशा बन गई है, जो मृत्यु और अनिष्ट का प्रतीक है।

प्रश्न 4

भाव स्पष्ट कीजिए - सभी दिशाओं में यमराज के आलीशान महल हैं और वे सभी में एक साथ अपनी दहकती आँखों सहित विराजते हैं।
Solution: प्रस्तुत पंक्तियों का भाव यह है कि आज के समय में सामान्य जनमानस कहीं भी सुरक्षित नहीं है। चारों ओर शोषणकर्ताओं ने अपना जाल बिछा रखा है, जो विभिन्न सफेदपोश रूपों में हमारा अंत करने के लिए तत्पर हैं। आज यमराज का चेहरा भी बदल गया है; वे केवल मृत्यु के देवता नहीं रह गए, बल्कि हर जगह मौजूद होकर अपनी स्वार्थ-पूर्ति के लिए नित्य नए हथकंडे अपनाते रहते हैं। यह दर्शाता है कि अनैतिकता और शोषण हर दिशा में व्याप्त है।

प्रश्न 5

कवि की माँ ईश्वर से प्रेरणा पाकर उसे कुछ मार्ग-निर्देश देती है। आपकी माँ भी समय-समय पर आपको सीख देती होंगी - वह आपको क्या सीख देती हैं?
Solution: माँ अपने जीवन के अनुभवों के आधार पर हमें अनेक महत्वपूर्ण सीख देती हैं। मेरी माँ भी समय-समय पर मुझे जीवन के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन देती रहती हैं। उनकी कुछ प्रमुख सीखों में शामिल हैं: प्रत्येक कार्य को नियत समय पर पूरा करना, बड़ों का आदर करना और छोटों से स्नेह रखना, सत्य बोलना, ईमानदारी से कार्य करना, और जीवन मूल्यों को अपने व्यवहार में उतारना। ये सीखें मुझे एक बेहतर इंसान बनने में मदद करती हैं।

प्रश्न 6

कवि की माँ ईश्वर से प्रेरणा पाकर उसे कुछ मार्ग-निर्देश देती है। आपकी माँ भी समय-समय पर आपको सीख देती होंगी - क्या उनकी हर सीख आपको उचित जान पड़ती है? यदि हाँ तो क्यों और नहीं तो क्यों नहीं?
Solution: मुझे अपनी माँ द्वारा दी गई लगभग हर सीख उचित जान पड़ती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि माँ ने अपने जीवन के अनुभवों से बहुत कुछ सीखा है और वे उन्हीं अनुभवों के आधार पर हमें जीवन की सही राह पर चलना सिखाती हैं। वे चाहती हैं कि हम उनकी गलतियों से सबक लें और अपने जीवन को बेहतर बनाएं। उनकी सीखें हमेशा हमारे भले के लिए होती हैं और जीवन की व्यावहारिक सच्चाइयों पर आधारित होती हैं।

प्रश्न 7

कभी-कभी उचित-अनुचित निर्णय के पीछे ईश्वर का भय दिखाना आवश्यक हो जाता है, इसके क्या कारण हो सकते हैं?
Solution: कभी-कभी उचित-अनुचित निर्णय के पीछे ईश्वर का भय दिखाना आवश्यक हो जाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं: पहला, यह ईश्वर में हमारी आस्था को बनाए रखने में मदद करता है। दूसरा, ईश्वर के भय से व्यक्ति अनैतिक और बुरे कार्यों से दूर रहता है, क्योंकि उसे लगता है कि उसके कर्मों का हिसाब होगा। तीसरा, यह हमें एक मर्यादित और अनुशासित जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है, जिससे समाज में व्यवस्था बनी रहती है। यह भय एक आंतरिक नियंत्रक के रूप में कार्य करता है।

Common mistakes

  • दक्षिण दिशा के प्रतीकात्मक अर्थ को केवल भौगोलिक दिशा तक सीमित समझना।
  • कविता की पंक्तियों के भावार्थ को सतही तौर पर लेना।
  • रचना और अभिव्यक्ति के प्रश्नों के उत्तर में व्यक्तिगत अनुभवों को स्पष्ट रूप से न जोड़ पाना।

Revision tips

  • कविता के मुख्य भावों को समझने के लिए समाधानों को ध्यान से पढ़ें।
  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर में दिए गए कारणों और स्पष्टीकरणों पर विशेष ध्यान दें।
  • रचना और अभिव्यक्ति वाले प्रश्नों के उत्तर देते समय अपने व्यक्तिगत अनुभवों को जोड़ें।
  • कविता की पंक्तियों के भावार्थ को याद करने का प्रयास करें।

Practice MCQs

Q1. कवि को दक्षिण दिशा पहचानने में कभी मुश्किल क्यों नहीं हुई?

Q2. कवि के अनुसार, 'दक्षिण को लाँघ लेना संभव नहीं था' का क्या अर्थ है?

Q3. आज हर दिशा दक्षिण दिशा क्यों हो गई है?

Q4. कविता की पंक्तियों 'सभी दिशाओं में यमराज के आलीशान महल हैं' का भाव क्या है?

Q5. कवि की माँ की सीख का मुख्य उद्देश्य क्या था?

Frequently asked questions

कक्षा 9 क्षितिज पाठ 16 'यमराज की दिशा' में मुख्य रूप से क्या समझाया गया है?

इस पाठ में दक्षिण दिशा को अनीति, भ्रष्टाचार और शोषण के प्रतीक के रूप में समझाया गया है। यह बताता है कि कैसे आधुनिक समाज में ये बुराइयाँ इतनी फैल गई हैं कि हर दिशा इन्हीं से युक्त हो गई है, जिससे मनुष्य कहीं भी सुरक्षित महसूस नहीं करता।

कवि को दक्षिण दिशा पहचानने में कठिनाई क्यों नहीं होती?

कवि को बचपन में माँ ने सिखाया था कि दक्षिण दिशा यमराज की दिशा होती है और उस ओर पैर करके नहीं सोना चाहिए। इसी सीख के कारण कवि को यह दिशा हमेशा आसानी से पहचान में आ जाती थी।

पाठ के अनुसार, आज हर दिशा दक्षिण दिशा क्यों बन गई है?

पाठ के अनुसार, आधुनिक सभ्यता के अंधाधुंध विकास के कारण हिंसा, असंतोष और विध्वंसक ताकतें बढ़ गई हैं। मृत्यु और अनिष्ट का भय हर जगह व्याप्त हो गया है, इसलिए हर दिशा दक्षिण दिशा (मृत्यु और अनिष्ट की दिशा) बन गई है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान कविता के गहन अर्थों को समझने, महत्वपूर्ण पंक्तियों के भावार्थ को जानने और रचना व अभिव्यक्ति से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देने में आपकी मदद करेंगे, जो परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक हैं।

कवि की माँ की सीख का क्या महत्व है?

माँ की सीख कवि को अनैतिक कार्यों और शोषण से दूर रहने का मार्गदर्शन करती है। यह सिखाती है कि जीवन में सही मार्ग पर चलना महत्वपूर्ण है और ईश्वर का भय हमें बुराइयों से बचाता है।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.