कक्षा 9 कृतिका NCERT समाधान: पाठ 1 - इस जल प्रलय में
यह पृष्ठ कक्षा 9 की हिंदी पुस्तक 'कृतिका' के पहले अध्याय 'इस जल प्रलय में' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। फणीश्वरनाथ रेणु द्वारा लिखित यह पाठ बाढ़ की भयावहता और उससे निपटने के मानवीय प्रयासों का मार्मिक चित्रण करता है। समाधानों में बाढ़ की सूचना मिलने पर लोगों द्वारा की गई तैयारियों, जैसे आवश्यक सामग्री जुटाना और सुरक्षा उपाय करना, का वर्णन है। लेखक की बाढ़ के अनुभव को प्रत्यक्ष देखने की उत्सुकता और बाढ़ के पानी को 'मृत्यु का तरल दूत' कहने के पीछे के कारणों को भी समझाया गया है। इसके अतिरिक्त, आपदाओं से बचाव के सुझाव, क्षेत्रीयता की भावना पर व्यंग्य, और संकट के समय मानवीय व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी प्रकाश डाला गया है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | कृतिका |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 1. इस जल प्रलय में - फणीश्वरनाथ रेणु |
Chapter summary
कक्षा 9 की कृतिका पुस्तक के पाठ 'इस जल प्रलय में' के NCERT समाधान बाढ़ की विभीषिका और उससे उत्पन्न होने वाली स्थितियों पर केंद्रित हैं। ये समाधान छात्रों को बाढ़ की सूचना मिलने पर लोगों की प्रतिक्रियाओं, लेखक की जिज्ञासा, और आपदा के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों को समझने में मदद करते हैं। पाठ में 'मृत्यु का तरल दूत' जैसे प्रतीकों के माध्यम से बाढ़ की गंभीरता को दर्शाया गया है। समाधान आपदा प्रबंधन के महत्व और संकट के समय मानवीय व्यवहार की विभिन्नताओं पर भी प्रकाश डालते हैं।
Learning outcomes
- बाढ़ की सूचना मिलने पर लोगों द्वारा की जाने वाली तैयारियों को समझना।
- बाढ़ के अनुभव को प्रत्यक्ष देखने की लेखक की उत्सुकता के कारणों का विश्लेषण करना।
- 'मृत्यु का तरल दूत' जैसे प्रतीकात्मक प्रयोगों के अर्थ को समझना।
- आपदाओं से निपटने के लिए आवश्यक सुझावों की पहचान करना।
- संकट के समय मानवीय व्यवहार और सामाजिक मानसिकता का मूल्यांकन करना।
- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फैलने वाली बीमारियों के बारे में जानना।
Topics covered
Paper topics
- बाढ़ की सूचना और तैयारी
- लेखक की जिज्ञासा और अनुभव
- बाढ़ का वर्णन ('मृत्यु का तरल दूत')
- आपदा प्रबंधन के सुझाव
- मानवीय मानसिकता (क्षेत्रीयता, स्वार्थ)
- बाढ़ के समय सामाजिक व्यवहार
- बाढ़ से उत्पन्न बीमारियाँ
- मानव-पशु संबंध (नौजवान और कुत्ता)
- कलाकार की भूमिका और अनुभव
Important topics
- बाढ़ की सूचना मिलने पर लोगों की प्रतिक्रियाएँ और तैयारी
- लेखक की बाढ़ को प्रत्यक्ष अनुभव करने की उत्सुकता
- 'मृत्यु का तरल दूत' का प्रतीकात्मक अर्थ
- आपदाओं से निपटने के लिए सुझाव
- संकट के समय मानवीय व्यवहार और मानसिकता का चित्रण
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
प्रश्न 2
प्रश्न 3
प्रश्न 4
प्रश्न 5
- सरकारी स्तर पर तैयारी: सरकार को सभी प्रकार की संभावित आपदाओं से निपटने के लिए पहले से ही पुख्ता इंतजाम करने चाहिए, जैसे कि आपातकालीन आश्रय स्थलों का निर्माण और आवश्यक संसाधनों का भंडारण।
- उपकरणों का रखरखाव: आपदा राहत कार्यों में उपयोग होने वाले उपकरणों, जैसे नाव, बचाव सामग्री, संचार उपकरण आदि का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि वे जरूरत के समय पूरी तरह काम कर सकें।
- प्रशिक्षण और जागरूकता: आम जनता और स्वयंसेवकों को आपदाओं से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। आपदा प्रबंधन दलों का गठन किया जाना चाहिए और लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए कि संकट के समय क्या करें और क्या न करें।
- सामुदायिक सहयोग: आपदा के समय जनता और सरकार को मिलकर, सूझ-बूझ, धैर्य और विवेक से काम लेना चाहिए। आपसी सहयोग और समन्वय से किसी भी आपदा का सामना बेहतर तरीके से किया जा सकता है।
प्रश्न 6
प्रश्न 7
प्रश्न 8
प्रश्न 9
प्रश्न 10
प्रश्न 11
Common mistakes
- बाढ़ के पानी को केवल एक प्राकृतिक घटना मानना, उसकी भयावहता को कम आंकना।
- आपदा के समय केवल सरकारी सहायता पर निर्भर रहना, व्यक्तिगत तैयारियों को नजरअंदाज करना।
- क्षेत्रीयता या स्वार्थ की भावना के कारण दूसरों की मदद न करने की मानसिकता को न समझना।
- लेखक की जिज्ञासा को केवल एक दर्शक की भूमिका तक सीमित समझना।
Revision tips
- पाठ में वर्णित बाढ़ की तैयारियों की सूची बनाएं और उन्हें अपने शब्दों में समझाएं।
- लेखक की उत्सुकता और 'मृत्यु का तरल दूत' जैसे वाक्यांशों के पीछे के भावों पर विचार करें।
- आपदा प्रबंधन से संबंधित सुझावों को नोट करें और उन पर चर्चा करें।
- पाठ में दर्शाई गई विभिन्न मानवीय प्रतिक्रियाओं (जैसे कौतूहल, स्वार्थ, सहयोग) का विश्लेषण करें।
- बाढ़ से उत्पन्न होने वाली बीमारियों और उनसे बचाव के तरीकों को याद करें।
Practice MCQs
Q1. बाढ़ की खबर सुनकर लोग सबसे पहले क्या तैयारी करने लगे?
Explanation: बाढ़ की सूचना मिलने पर लोगों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और कुछ दिनों तक गुजारा करने के लिए आवश्यक ईंधन, भोजन, पानी और दवाइयाँ जैसी अत्यावश्यक सामग्री जुटानी शुरू कर दी।
Q2. लेखक बाढ़ के पानी को 'मृत्यु का तरल दूत' क्यों कहता है?
Explanation: बाढ़ के बढ़ते जल-स्तर ने अपने विनाशकारी प्रवाह से अनेक जानें लीं और लोगों को बेघर कर दिया, इसलिए इसे 'मृत्यु का तरल दूत' कहा गया है।
Q3. 'पानी कहाँ तक आ गया है?' - इस प्रश्न से जनसमूह की कौन सी भावना व्यक्त होती है?
Explanation: यह प्रश्न लोगों की उस समय की स्थिति के प्रति जिज्ञासा, बाढ़ के फैलाव को जानने की उत्सुकता और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता को दर्शाता है।
Q4. आपदाओं से निपटने के लिए क्या सुझाव दिया गया है?
Explanation: समाधानों में आपदाओं से निपटने के लिए सरकारी स्तर पर पूर्व-प्रबंधन, उपकरणों के उचित रख-रखाव और जनता को प्रशिक्षण देने जैसे सुझाव दिए गए हैं।
Q5. खरीद-बिक्री बंद होने पर भी पान की बिक्री क्यों बढ़ गई?
Explanation: बाढ़ देखने आए उत्सुक लोग, जो भयभीत नहीं थे, पान को बातचीत करते हुए समय बिताने का एक साधन मान रहे थे, इसलिए पान की बिक्री बढ़ गई।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?
यह NCERT समाधान कक्षा 9 के लिए हिंदी (कृतिका) विषय के पाठ 'इस जल प्रलय में' के लिए हैं।
पाठ 'इस जल प्रलय में' किस बारे में है?
यह पाठ फणीश्वरनाथ रेणु द्वारा लिखित है और बाढ़ की भयावहता, लोगों की तैयारियों, लेखक की उत्सुकता और आपदा के समय मानवीय व्यवहार का वर्णन करता है।
समाधानों में बाढ़ की तैयारी के बारे में क्या बताया गया है?
समाधानों में बताया गया है कि बाढ़ की खबर सुनकर लोग अपनी सुरक्षा के प्रबंध और अत्यावश्यक सामान जैसे ईंधन, आलू, मोमबत्ती, पीने का पानी आदि जुटाने लगे।
लेखक बाढ़ के पानी को 'मृत्यु का तरल दूत' क्यों कहता है?
लेखक इसे 'मृत्यु का तरल दूत' इसलिए कहता है क्योंकि बढ़ते हुए जल-स्तर ने अपने तीव्र प्रवाह से भयानकता का संकेत दिया और न जाने कितने लोगों की जान ले ली।
आपदाओं से निपटने के लिए क्या सुझाव दिए गए हैं?
सुझावों में सरकार द्वारा पूर्व-प्रबंधन, आपदा उपकरणों का उचित रख-रखाव, जनता को प्रशिक्षण देना और संकट के समय सूझ-बूझ से काम लेना शामिल है।
ये समाधान छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद करेंगे?
ये समाधान पाठ की गहरी समझ प्रदान करते हैं, महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं और परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्नों के उत्तर देने में छात्रों की सहायता करते हैं।
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