कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान: अध्याय 3 अपवाह - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 9 के सामाजिक विज्ञान के लिए 'अपवाह' अध्याय पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें अपवाह तंत्र, अपवाह द्रोणी और जल विभाजक जैसी प्रमुख अवधारणाओं को शामिल किया गया है। समाधान भारतीय नदियों को हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों में वर्गीकृत करते हैं, जिसमें सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र जैसी प्रमुख हिमालयी नदियों के साथ-साथ महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी जैसी प्रायद्वीपीय नदियों का विस्तृत विवरण दिया गया है। इसमें नर्मदा और तापी जैसी पश्चिम की ओर बहने वाली नदियों पर भी प्रकाश डाला गया है। इसके अतिरिक्त, यह पृष्ठ भारत की प्रमुख झीलों, जैसे सांभर झील और मीठे पानी की झीलों, और बांधों के निर्माण से बनी झीलों पर भी चर्चा करता है। एल नीनो और मानसून के प्रभाव जैसे जलवायु संबंधी कारकों को भी समझाया गया है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और संक्षिप्त समझ प्रदान करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | सामाजिक विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 3. अपवाह |
Chapter summary
कक्षा 9 के सामाजिक विज्ञान के लिए 'अपवाह' अध्याय के ये NCERT समाधान छात्रों को भारत के नदी तंत्र और जल निकासी प्रणालियों की एक व्यापक समझ प्रदान करते हैं। इसमें अपवाह द्रोणी, जल विभाजक, हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों के बीच अंतर, प्रमुख नदियों की उत्पत्ति और विशेषताएँ, और झीलों के महत्व जैसे विषयों को शामिल किया गया है। समाधान छात्रों को इन भौगोलिक अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Learning outcomes
- अपवाह तंत्र, अपवाह द्रोणी और जल विभाजक की अवधारणाओं को समझें।
- भारतीय नदियों को हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों में वर्गीकृत करें।
- प्रमुख नदियों जैसे सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी की उत्पत्ति और विशेषताओं का वर्णन करें।
- पश्चिम की ओर बहने वाली नदियों जैसे नर्मदा और तापी के महत्व को पहचानें।
- भारत की विभिन्न प्रकार की झीलों और उनके महत्व को समझें।
- मानसून और एल नीनो जैसे जलवायु कारकों के अपवाह पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण करें।
Topics covered
Paper topics
- अपवाह तंत्र
- अपवाह द्रोणी
- जल विभाजक
- हिमालयी नदियाँ
- प्रायद्वीपीय नदियाँ
- सिंधु नदी तंत्र
- गंगा नदी तंत्र
- ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र
- नर्मदा और तापी नदियाँ
- प्रमुख प्रायद्वीपीय नदियाँ (महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी)
- भारत की झीलें
- मानसून और एल नीनो का प्रभाव
Important topics
- हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों के बीच अंतर
- प्रमुख नदियों की उत्पत्ति और विशेषताएँ
- अपवाह द्रोणी और जल विभाजक की परिभाषाएँ
- भारत की प्रमुख झीलें और उनका महत्व
- मानसून का भारतीय अपवाह पर प्रभाव
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Questions and Solutions
प्रश्न 1: अपवाह तंत्र किन्हें कहते है ?
प्रश्न 2: अपवाह द्रोणी किसे कहते है ?
प्रश्न 3: जल विभाजक किसे कहते है ?
Common mistakes
- नदियों की उत्पत्ति और उनके मुहानों के बीच भ्रमित होना।
- हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं को गलत तरीके से प्रस्तुत करना।
- अपवाह द्रोणी और जल विभाजक के बीच अंतर को समझने में कठिनाई।
- झीलों के प्रकारों और उनके निर्माण के कारणों को गलत समझना।
Revision tips
- भारत के मानचित्र पर प्रमुख नदियों और उनकी सहायक नदियों को चिह्नित करें।
- हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों के बीच मुख्य अंतरों की एक तालिका बनाएं।
- झीलों के निर्माण के विभिन्न तरीकों को समझें और उदाहरण याद रखें।
- अपवाह तंत्र और जल विभाजक की परिभाषाओं को स्पष्ट रूप से याद करें।
Practice MCQs
Q1. एक क्षेत्र के नदी तंत्र को क्या परिभाषित करता है?
Explanation: अपवाह तंत्र एक क्षेत्र में बहने वाली नदियों की पूरी व्यवस्था और उससे जुड़ी विशेषताओं को संदर्भित करता है।
Q2. दो पड़ोसी अपवाह द्रोणियों को अलग करने वाली ऊँची भूमि को क्या कहा जाता है?
Explanation: जल विभाजक एक ऐसी ऊँची स्थलाकृति होती है जो दो अपवाह द्रोणियों के बीच सीमा का काम करती है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सी एक प्रमुख हिमालयी नदी नहीं है?
Explanation: गोदावरी एक प्रमुख प्रायद्वीपीय नदी है, जबकि सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र हिमालय से निकलने वाली प्रमुख नदियाँ हैं।
Q4. पश्चिम की ओर बहने वाली और ज्वारनदमुख का निर्माण करने वाली दो प्रमुख प्रायद्वीपीय नदियाँ कौन सी हैं?
Explanation: नर्मदा और तापी दो मुख्य प्रायद्वीपीय नदियाँ हैं जो पश्चिम की ओर बहती हैं और अरब सागर में ज्वारनदमुख बनाती हैं।
Q5. भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की प्राकृतिक झील कौन सी है?
Explanation: डल झील भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की प्राकृतिक झीलों में से एक है, जो हिमालय क्षेत्र में स्थित है।
Frequently asked questions
कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान के 'अपवाह' अध्याय में मुख्य रूप से किन विषयों को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में अपवाह तंत्र, अपवाह द्रोणी, जल विभाजक, हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताएँ, प्रमुख नदियों का विवरण, भारत की झीलें और मानसून के प्रभाव जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
अपवाह तंत्र और अपवाह द्रोणी में क्या अंतर है?
अपवाह तंत्र एक क्षेत्र में नदियों के पूरे नेटवर्क को संदर्भित करता है, जबकि अपवाह द्रोणी वह क्षेत्र है जहाँ से एक नदी तंत्र अपना पानी एकत्र करता है।
क्या ये समाधान कक्षा 9 की बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी हैं?
हाँ, ये समाधान NCERT पाठ्यक्रम पर आधारित हैं और इनमें प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दिए गए हैं, जो कक्षा 9 की बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
प्रायद्वीपीय भारत की कौन सी नदियाँ पश्चिम की ओर बहती हैं?
प्रायद्वीपीय भारत की दो प्रमुख नदियाँ जो पश्चिम की ओर बहती हैं, वे नर्मदा और तापी हैं। ये नदियाँ अरब सागर में ज्वारनदमुख का निर्माण करती हैं।
भारत की झीलों का क्या महत्व है?
भारत की झीलें विभिन्न उद्देश्यों को पूरा करती हैं, जैसे कि जलविद्युत उत्पादन, पीने के पानी की आपूर्ति, सिंचाई, और पर्यटन। कुछ झीलें प्राकृतिक रूप से बनी हैं, जबकि अन्य मानव निर्मित हैं।
एल नीनो का भारतीय अपवाह पर क्या प्रभाव पड़ता है?
एल नीनो, जो प्रशांत महासागर में एक गर्म जलधारा है, भारतीय मानसून को कमजोर कर सकता है, जिससे देश के कुछ हिस्सों में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
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