कक्षा 8 संस्कृत रुचिरा: अध्याय 6 NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 8 के छात्रों के लिए संस्कृत रुचिरा पाठ्यपुस्तक के अध्याय 6 के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। अध्याय 'गजधर' की भूमिका और महत्व पर प्रकाश डालता है, जो प्राचीन भारत में जल संरक्षण संरचनाओं, विशेष रूप से तालाबों के निर्माण और रखरखाव के लिए जिम्मेदार थे। समाधान में गजधरों द्वारा निभाई गई विभिन्न जिम्मेदारियों, उनके सामाजिक महत्व और उनके काम से जुड़ी निर्माण तकनीकों की व्याख्या की गई है। इसमें एक-शब्द उत्तर, विस्तृत प्रश्नोत्तर, प्रश्न निर्माण, संधि-विच्छेद, रिक्त स्थान भरना, पद निर्माण और विभक्ति प्रयोग जैसे अभ्यासों को शामिल किया गया है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | Sanskrit Ruchira |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 6 |
Chapter summary
अध्याय 6 के ये NCERT समाधान 'गजधर' की अवधारणा पर केंद्रित हैं, जो प्राचीन भारत में जल निकायों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। समाधान छात्रों को गजधरों के कार्यों, उनके सामाजिक दर्जे और उनके द्वारा उपयोग की जाने वाली निर्माण विधियों को समझने में मदद करते हैं। इसमें विभिन्न अभ्यास शामिल हैं जो शब्दावली, व्याकरण और पाठ की समझ का परीक्षण करते हैं, जिससे छात्रों को इस अध्याय की मुख्य अवधारणाओं में महारत हासिल करने में सहायता मिलती है।
Learning outcomes
- गजधर की भूमिका और महत्व को समझना।
- प्राचीन भारत में जल संरक्षण तकनीकों का ज्ञान प्राप्त करना।
- संस्कृत व्याकरण के विभिन्न पहलुओं का अभ्यास करना, जैसे संधि, विभक्ति और पद निर्माण।
- पाठ के आधार पर प्रश्नों के उत्तर देने की क्षमता विकसित करना।
- रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्न बनाने का कौशल सीखना।
Topics covered
Paper topics
- गजधर का परिचय
- प्राचीन जल संरक्षण संरचनाएं
- निर्माण योजना और व्यय
- सामाजिक महत्व
- संस्कृत व्याकरण: संधि
- संस्कृत व्याकरण: पद निर्माण
- संस्कृत व्याकरण: विभक्ति प्रयोग
- एक-शब्द उत्तर
- लघु उत्तरीय प्रश्न
- प्रश्न निर्माण
- रिक्त स्थान पूर्ति
- मञ्जूषा से शब्द चयन
Important topics
- गजधर की भूमिका और कार्य
- जल संरक्षण का महत्व
- संधि और संधि-विच्छेद
- विभक्तियों का प्रयोग
- पद निर्माण (धातु, प्रत्यय, उपसर्ग)
- पाठ आधारित प्रश्नोत्तर
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Questions and Solutions
प्रश्न 1. एक पद में उत्तर दीजिए।
एकपदेन उत्तरत—(एक पद में उत्तर दीजिए—)
- (क) कस्य राज्यस्य भागेषु गजधरः शब्दः प्रयुज्यते?
- (ख) गजपरिमाणं क: धारयति?
- (ग) कार्यसमाप्तौ वेतनानि अतिरिच्य गजधरेभ्य: कि प्रदीयते स्म?
- (घ) के शिल्पिरूपेण न समादृता: भवन्ति?
- (क) राजस्थानस्य राज्यस्य भागेषु 'गजधरः' शब्दः प्रयुज्यते।
- (ख) गजपरिमाणं गजधरः धारयति।
- (ग) कार्यसमाप्तौ वेतनानि अतिरिच्य गजधरेभ्यः सम्मानं प्रदीयते स्म।
- (घ) गजधराः शिल्पिरूपेण न समादृताः भवन्ति।
प्रश्न 2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
अधोलिखितानां प्रश्नानामुत्तराणि लिखत—(निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए—)
- (क) तडागाः कुत्र निर्मीयन्ते स्म?
- (ख) गजधराः कस्मिन् रूपे परिचिताः?
- (ग) गजधरा: किं कुर्वन्ति स्म?
- (घ) के सम्माननीयाः?
- (क) तडागाः (तालाब) देश के लगभग सभी हिस्सों में निर्मित किए जाते थे।
- (ख) गजधर समाज की गहराई और स्थिरता के मापक के रूप में जाने जाते थे।
- (ग) गजधर नए निर्माण की योजना बनाते थे, संभावित व्यय का अनुमान लगाते थे, और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था करते थे।
- (घ) गजधर समाज में सम्मान के पात्र थे।
प्रश्न 3. रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्न-निर्माण कीजिए।
रेखाङ्कितानि पदानि आधृत्य प्रश्न-निर्माणं कुरुत-(रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्न-निर्माण कीजिए-)
- (क) सुरक्षाप्रबन्धनस्य दायित्वं गजधराः निभालयन्ति स्म।
- (ख) तेषां स्वामिन: असमर्था: सन्ति।
- (ग) कार्यसमाप्तौ वेतनानि अतिरिच्य सम्मानमि प्राप्नुविन्ति।
- (घ) गजधर: सुन्दर: शब्द: अस्ति।
- (ङ) तडागाः संसारसागराः कथ्यन्ते।
- (क) सुरक्षाप्रबन्धनस्य दायित्वं गजधराः निभालयन्ति स्म। → कस्य दायित्वं गजधराः निभालयन्ति स्म?
- (ख) तेषां स्वामिन: असमर्था: सन्ति। → केषाम् स्वामिनः असमर्थाः सन्ति?
- (ग) कार्यसमाप्तौ वेतनानि अतिरिच्य सम्मानमि प्राप्नुविन्ति। → कार्यसमाप्तौ वेतनानि अतिरिच्य किं प्राप्नुवन्ति?
- (घ) गजधरः सुन्दर: शब्द: अस्ति। → कः सुन्दरः शब्दः अस्ति?
- (ङ) तडागाः संसारसागराः कथ्यन्ते। → के संसारसागराः कथ्यन्ते?
प्रश्न 4. निम्नलिखित में यथापेक्षित संधि या संधि-विच्छेद कीजिए।
अधोलिखितेषु यथापेक्षितं सन्धिं/विच्छेदं कुरुत-(निम्नलिखित में यथापेक्षित संधि या संधि -विच्छेद कीजिए-)
- (क) अद्य + अपि = .....
- (ख) ----- + ---- = स्मरणार्थम्
- (ग) इति + ॢअस्मिन् = .....
- (घ) ********* + ********* = एतेष्वेव
- (ङ) सहसा + एव ***************************************
- (क) अद्य + अपि = अद्यापि (अयादि संधि)
- (ख) स्मरण + अर्थम् = स्मरणार्थम् (दीर्घ संधि)
- (ग) इति + अस्मिन् = इत्यस्मिन् (यण् संधि)
- (घ) एतेषु + एव = एतेष्वेव (वृद्धि संधि)
- (ङ) सहसा + एव = सहसैव (वृद्धि संधि)
प्रश्न 5. मञ्जूषा से उचित पदों को चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
मञ्जूषात: समुचितानि पदानि चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत-(मञ्जूषा से उचित पदों को चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-)
मञ्जूषा: रचयन्ति, गृहीत्वा, सहसा, जिज्ञासा, सह
- (क) छात्रा: पुस्तकानि ..... विद्यालयं गच्छन्ति।
- (ख) मालाकाराः पुष्पैः मालाः .....।
- (ग) मम मनसि एका ..... वर्तते।
- (घ) रमेश: मित्रै: ..... विद्यालयं गच्छति।
- (ङ) ..... बालिका तत्र अहसत्।
- (क) छात्राः पुस्तकानि गृहीत्वा विद्यालयं गच्छन्ति। (छात्र पुस्तकें लेकर विद्यालय जाते हैं।)
- (ख) मालाकाराः पुष्पैः मालाः रचयन्ति। (माली फूलों से मालाएँ बनाते हैं।)
- (ग) मम मनसि एका जिज्ञासा वर्तते। (मेरे मन में एक जिज्ञासा है।)
- (घ) रमेशः मित्रैः सह विद्यालयं गच्छति। (रमेश मित्रों के साथ विद्यालय जाता है।)
- (ङ) सहसा बालिका तत्र अहसत्। (अचानक बालिका वहाँ हँस पड़ी।)
प्रश्न 6. पदों का निर्माण कीजिए।
पदनिर्माणं कुरुत-(पदों का निर्माण कीजिए-)
(i) ह + तुमुन् = .....
(ii) यथा — नम् + क्त्वा = नत्वा
गम् + क्त्वा ********************
त्यज् + क्त्वा *******************
भुज् + क्त्वा .................
(iii) उपसर्गः + धातुः + प्रत्ययः = पदम्
यथा- उप + गम् + ल्यप् = उपगम्य
सम् + पूज् + ल्यप्
आ + नी + ल्यप्
प्र + दा + ल्यप्
(i) ह + तुमुन् = हर्तुम्
(ii) गम् + क्त्वा = गत्वा, त्यज् + क्त्वा = त्यक्त्वा, भुज् + क्त्वा = भुक्त्वा।
(iii) सम् + पूज् + ल्यप् = संपूज्य, आ + नी + ल्यप् = आनीय, प्र + दा + ल्यप् = प्रदाय।
प्रश्न 7. कोष्ठकों में दिए गए शब्दों में सुमुचित विभक्ति का योग करके रिक्तस्थानों की पूर्ति कीजिए।
कोष्ठकेषु दत्तेषु शब्देषु समुचितां विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत-(कोष्ठकों में दिए गए शब्दों में सुमुचित विभक्ति का योग करके रिक्तस्थानों की पूर्ति कीजिए-)
(i) यथा-विद्यालयं परित: वृक्षा: सन्ति। (विद्यालय)
- (क) ..... उभयतः ग्रामाः सन्ति। (ग्राम)
- (ख) ..... सर्वतः अट्टालिकाः सन्ति। (नगर)
- (ग) धिक् ....। (कापुरुष)
(ii) यथा-मृगा: मृगै: सह धावन्ति। (मृग)
- (क) बालका: "" सह पठन्ति। (बालिका)
- (ख) पुत्र: ..... सह आपणं गच्छति। (पितृ)
- (ग) शिशु: ..... सह क्रीडित। (मातृ)
(i) (क) ग्रामम् उभयतः ग्रामाः सन्ति। ('उभयतः' के योग में द्वितीया विभक्ति लगती है।)
(ख) नगरम् सर्वतः अट्टालिकाः सन्ति। ('सर्वतः' के योग में द्वितीया विभक्ति लगती है।)
(ग) धिक् कापुरुषम्! ('धिक्' के योग में द्वितीया विभक्ति लगती है।)
(ii)
(क) बालकाः बालिकाभिः सह पठन्ति। ('सह' के योग में तृतीया विभक्ति लगती है।)
(ख) पुत्रः पित्रा सह आपणं गच्छति। ('सह' के योग में तृतीया विभक्ति लगती है।)
(ग) शिशुः मात्रा सह क्रीडित। ('सह' के योग में तृतीया विभक्ति लगती है।)
Common mistakes
- संधि विच्छेद या संयोजन में त्रुटियाँ करना।
- विभक्तियों का सही प्रयोग न कर पाना।
- पद निर्माण में धातु, प्रत्यय और उपसर्गों को गलत मिलाना।
- पाठ के अर्थ को पूरी तरह समझे बिना उत्तर देना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को पाठ के संदर्भ में समझने का प्रयास करें।
- व्याकरण अभ्यासों (संधि, विभक्ति, पद निर्माण) का विशेष रूप से अभ्यास करें।
- गजधरों से संबंधित मुख्य बिंदुओं को नोट करें।
- पाठ को जोर से पढ़ें ताकि उच्चारण और प्रवाह में सुधार हो।
Practice MCQs
Q1. राजस्थान राज्य के किन भागों में 'गजधर' शब्द का प्रयोग होता है?
Explanation: पाठ के अनुसार, गजधर शब्द राजस्थान राज्य के भागों में प्रयुक्त होता है, जिसका अर्थ है कि यह पूरे राज्य में प्रचलित है।
Q2. गजधर शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है?
Explanation: पाठ में स्पष्ट किया गया है कि गजधर निर्माण के मापक होते हैं, जो निर्माण कार्य की योजना बनाते थे।
Q3. कार्य समाप्ति पर गजधरों को वेतन के अतिरिक्त क्या मिलता था?
Explanation: समाधान बताते हैं कि कार्य पूरा होने पर गजधरों को उनके वेतन के अतिरिक्त सम्मान भी प्रदान किया जाता था।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सा संधि-विच्छेद सही है?
Explanation: इति और अस्मिन् के मेल से इत्यस्मिन् बनता है, जो एक सही संधि-विच्छेद है।
Q5. मञ्जूषा से सही शब्द चुनकर रिक्त स्थान भरें: मालाकाराः पुष्पैः मालाः.....।
Explanation: मालाकार (माली) फूलों से मालाएँ बनाते हैं, इसलिए 'रचयन्ति' (बनाते हैं) सही क्रिया है।
Q6. कोष्ठक में दिए गए शब्द की सही विभक्ति चुनकर रिक्त स्थान भरें:..... सर्वतः अट्टालिकाः सन्ति। (नगर)
Explanation: 'सर्वतः' (सब ओर) शब्द के साथ द्वितीया विभक्ति का प्रयोग होता है, इसलिए 'नगरम्' सही है।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह NCERT समाधान कक्षा 8 के छात्रों के लिए संस्कृत रुचिरा पुस्तक के अध्याय 6 के लिए हैं।
अध्याय 6 में मुख्य रूप से किस विषय पर चर्चा की गई है?
अध्याय 6 में 'गजधर' की भूमिका पर चर्चा की गई है, जो प्राचीन भारत में जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण और रखरखाव के लिए जिम्मेदार थे।
क्या इन समाधानों में व्याकरण के अभ्यास शामिल हैं?
हाँ, इन समाधानों में संधि, पद निर्माण और विभक्ति प्रयोग जैसे महत्वपूर्ण संस्कृत व्याकरण अभ्यासों को शामिल किया गया है।
ये समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान पाठ की गहरी समझ प्रदान करते हैं और व्याकरण अभ्यासों के माध्यम से छात्रों को परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए तैयार करते हैं।
क्या प्रश्न निर्माण का अभ्यास भी शामिल है?
हाँ, छात्रों को रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्न बनाने का अभ्यास करने के लिए प्रश्न निर्माण का एक खंड भी शामिल है।
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