CBSE Class 8 Sanskrit Ruchira Chapter 5: धर्मे धमनं पापे प्ण्यम NCERT Solutions
This section provides detailed NCERT Solutions for Chapter 5 of the CBSE Class 8 Sanskrit Ruchira textbook, titled 'धर्मे धमनं पापे प्ण्यम'. The chapter focuses on the story of a hunter (व्याध) and a tiger (व्याघ्र), exploring themes of dharma and karma. The solutions cover various grammatical aspects, including one-word answers, full sentence answers, identifying speakers in dialogues, sandhi (word joining), and verb conjugations. Students will find explanations for filling in blanks based on grammatical rules and completing a story using provided vocabulary. These solutions are designed to help students understand the chapter's content thoroughly and prepare effectively for their exams by clarifying complex grammatical concepts and narrative elements.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | Sanskrit Ruchira |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 5 |
Chapter summary
Chapter 5 of Sanskrit Ruchira for Class 8, 'धर्मे धमनं पापे प्ण्यम', presents a narrative that highlights moral and ethical principles. The NCERT Solutions for this chapter offer a step-by-step breakdown of exercises covering vocabulary, sentence construction, and grammatical forms like sandhi and verb conjugations. They aim to enhance students' comprehension of the story and their ability to apply Sanskrit grammar rules accurately.
Learning outcomes
- Understand the story of the hunter and the tiger.
- Identify and use correct Sanskrit vocabulary.
- Practice forming one-word and full-sentence answers.
- Analyze dialogues to identify speakers and listeners.
- Apply rules of Sandhi (word joining) in Sanskrit.
- Recognize and use different verb forms and noun declensions.
Topics covered
Paper topics
- Story comprehension
- Vocabulary building
- One-word answers
- Full sentence answers
- Identifying speakers in dialogues
- Sandhi (word joining)
- Noun declensions (Matri, Swasri)
- Verb conjugations
- Story completion
- Grammatical analysis of words
Important topics
- Story narrative and moral
- Sandhi rules
- Matri and Swasri noun declensions
- Verb forms
- Dialogue analysis
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Questions and Solutions
प्रश्न 1. एकपदेन उत्तरं लिखत-(एक पद में उत्तर लिखिए-)
- (क) व्याध का नाम चंचल था।
- (ख) चंचल ने व्याघ्र को जंगल में (फैलते हुए जाल में) देखा था।
- (ग) फैले हुए जाल में व्याघ्र (बाघ) बद्ध था।
- (घ) बेर की झाड़ियों के पीछे लोमशिका (लोमड़ी) छिपी हुई थी।
- (ङ) लगातार कूदने से व्याघ्र (बाघ) थक गया था।
प्रश्न 2. संस्कृतेन उत्तरत-(संस्कृत में उत्तर दीजिए-)
- (क) चंचल ने जंगल में जाल फैलाया था।
- (ख) व्याघ्र की प्यास जल पीकर शांत हुई थी।
- (ग) जल पीकर व्याघ्र ने कहा - 'अब मैं भूखा हूँ, अब मैं तुम्हें खा जाऊँगा।'
- (घ) चंचल ने लोमशिका को 'मातृस्वसा!' (मौसी!) कहकर संबोधित किया था।
- (ङ) जाल में पुनः बंधे हुए व्याघ्र को देखकर व्याध (शिकारी) प्रसन्न होकर घर लौट गया।
प्रश्न 3. अधोलिखितानि वाक्यानि कः /का कं /कां प्रति कथयति – (निम्नलिखित वाक्यों को किसने, किसको कहे/किसके लिए कहे-)
- (क) 'कल्याणं भवतु ते।' (तुम्हारा कल्याण हो।) - यह वाक्य व्याघ्र ने व्याध से कहा था।
- (ख) 'जना: मिय स्नानं कुर्वन्ति।' (लोग यहाँ स्नान करते हैं।) - यह वाक्य नदी के जल ने चंचल (व्याध) से कहा था।
- (ग) 'अरे मूर्ख! धर्मे धमनं पापे पुण्यं भवति एव।' (अरे मूर्ख! धर्म के अनुसार कार्य करना ही पुण्य है।) - यह वाक्य व्याघ्र ने व्याध से कहा था।
- (घ) 'यत्र कुत्रापि छेदनं कुर्वन्ति।' (जहाँ-तहाँ काटते हैं।) - यह वाक्य वृक्ष ने चंचल (व्याध) से कहा था।
- (ङ) 'सम्प्रति पुन: पुन: कूर्दनं कृत्वा दर्शय।' (अब बार-बार कूदकर दिखाओ।) - यह वाक्य लोमशिका ने व्याघ्र से कहा था।
प्रश्न 4. सन्धिं कृत्वा लिखत-(सन्धि करके लिखिए-)
- मृग + आदीनाम् = मृगादीनाम् (दीर्घ संधि)
- तथा + एव = तथैव (वृद्धि संधि)
- कुत्र + अपि = कुत्रापि (दीर्घ संधि)
- बुभुक्षित: + अस्मि = बुभुक्षितोऽस्मि (विसर्ग संधि)
- प्रति + आ + अवर्तत = प्रत्यावर्तत (यण्धि)
प्रश्न 5. उदाहरणानुसारं रिक्तस्थानानि पूरयत-(उदाहरण के अनुसार रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-)
स्वसृ (प्रथमा): स्वसा (एकवचन), स्वसारौ (द्विवचन), स्वसारः (बहुवचन)
स्वसृ (तृतीया): स्वस्रा (एकवचन), स्वसृभ्याम् (द्विवचन), स्वसृभिः (बहुवचन)
मातृ (सप्तमी): मातरि (एकवचन), मात्रोः (द्विवचन), मातृषु (बहुवचन)
मातृ (षष्ठी): मातुः (एकवचन), मात्रोः (द्विवचन), मातृणाम् (बहुवचन)
प्रश्न 6. मञ्जूषातः पदानि चित्वा कथां पूरयत-(मञ्जूषा से पदों का चयन करके कथा को पूरा कीजिए-)
एकस्मिन् वने एक: वृद्धः व्याघ्र: आसीत्। स: एकदा व्याधेन विस्तारिते जाले बद्ध: अभवत्। सः बहुप्रयासं कृतवान् किन्तु जालात् मुक्तः नाभवत्। अकस्मात् मूषक: समागच्छत्। बद्धं व्याघ्रं दृष्ट्वा स: तम् अवदत् अहो! भवान् जाले बद्धः। अहं त्वां मोचियतुम् अवदत् अरे! त्वं क्षुद्रः जीव: मम सहाय्यं करिष्यिसि। यदि त्वं मां मोचियष्यिसि तर्हि अहं त्वां न हिनष्यामि। मूषक: साट्टहासम् अवदत्। स्वकीयैः दन्तैः कर्तनम् कृतवान्।
प्रश्न 7. धातुं प्रत्ययं च लिखत-(धातु और प्रत्यय लिखिए-)
- द्रष्टुम् = दृश् + तुमुन्
- करणीय = कृ + अनीयर्
- पातुम् = पा + तुमुन्
- खादितुम् = खाद् + तुमुन्
- कृत्वा = कृ + क्त्वा
अतिरिक्तः अभ्यासः
प्रश्न 1. पाठांशम् पठित्वा तदाधारितान् प्रश्नान् उत्तरत-(पाठांश पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-)
यह पाठांश चंचल नामक एक शिकारी के बारे में है जो पक्षियों और जानवरों को पकड़कर अपनी आजीविका चलाता था। एक दिन उसने जंगल में जाल फैलाया और घर आ गया। अगले दिन सुबह जब वह जंगल गया, तो उसने देखा कि उसके फैलाए हुए जाल में दुर्भाग्य से एक बाघ फँस गया था। यह देखकर शिकारी ने सोचा कि बाघ उसे खा जाएगा, इसलिए उसे भाग जाना चाहिए।
Common mistakes
- Incorrectly identifying the speaker or listener in dialogues.
- Errors in applying Sandhi rules, especially with vowel combinations.
- Mistakes in conjugating verbs or declining nouns, particularly in different cases and numbers.
- Misinterpreting the meaning of words in the context of the story.
Revision tips
- Read the story carefully to grasp the plot and moral.
- Practice all grammar exercises, focusing on Sandhi and verb/noun forms.
- Attempt to rewrite the story completion exercise without looking at the answers first.
- Review the 'who said what to whom' section to reinforce understanding of character interactions.
Practice MCQs
Q1. व्याध का नाम क्या था?
Explanation: पाठ के अनुसार, व्याध का नाम चंचल था।
Q2. चंचल ने जंगल में क्या फैलाया था?
Explanation: चंचल ने अपनी आजीविका के लिए जंगल में जाल फैलाया था।
Q3. जाल में कौन फँस गया था?
Explanation: चंचल द्वारा फैलाए गए जाल में दुर्भाग्यवश एक व्याघ्र (बाघ) फँस गया था।
Q4. व्याघ्र ने चंचल से क्या कहा जब वह प्यासा था?
Explanation: जब व्याघ्र को जाल से मुक्त किया गया, तो उसने कहा कि वह प्यासा है और पानी पीना चाहता है।
Q5. लोमशिका ने व्याघ्र से क्या कहा?
Explanation: लोमशिका ने व्याघ्र को समझाया कि धर्म के अनुसार, किसी की मदद करना पुण्य का कार्य है।
Q6. किसने व्याघ्र के जाल को काटा?
Explanation: मूषक (चूहा) ने अपने तेज दाँतों से जाल को काटा और व्याघ्र को मुक्त किया।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह समाधान कक्षा 8 के संस्कृत रुचिरा पाठ्यपुस्तक के अध्याय 5 के लिए हैं।
अध्याय 5 का शीर्षक क्या है और इसका मुख्य विषय क्या है?
अध्याय 5 का शीर्षक 'धर्मे धमनं पापे प्ण्यम' है, जिसका अर्थ है कि धर्म के मार्ग पर चलना पुण्य है और पाप के मार्ग पर चलना भी पुण्य है (यह एक कहावत है जिसका अर्थ है कि धर्म के अनुसार कार्य करना ही पुण्य है)। यह कहानी एक व्याध और एक व्याघ्र के इर्द-गिर्द घूमती है।
इन समाधानों में कौन से व्याकरणिक बिंदु शामिल हैं?
समाधानों में एक-पद उत्तर, पूर्ण वाक्य उत्तर, संवाद में वक्ता की पहचान, संधि, और मातृ व स्वसृ जैसे संज्ञाओं के विभिन्न विभक्तियों और वचनों के रूप शामिल हैं।
क्या इन समाधानों में कहानी को पूरा करने का अभ्यास शामिल है?
हाँ, इसमें दिए गए शब्दों का प्रयोग करके एक अपूर्ण कहानी को पूरा करने का अभ्यास भी शामिल है।
ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?
ये समाधान छात्रों को पाठ की कहानी को समझने, व्याकरण के नियमों को लागू करने और विभिन्न प्रकार के प्रश्नों का उत्तर देने का अभ्यास करने में मदद करके परीक्षा की तैयारी में सहायता करते हैं।
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